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  "type": "article",
  "title": "फ्रांसीसी फुटबॉल संघ का बड़ा ऐलान, 1998 के विश्व विजेता जिनेदिन जिदान बने फ्रांस टीम के नए हेड कोच",
  "summary": "फ्रांस के महान फुटबॉलर और तीन बार के चैंपियंस लीग विजेता मैनेजर जिनेदिन जिदान को फ्रांसीसी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है। वह 2030 विश्व कप क्वालीफायर तक टीम की कमान संभालेंगे।",
  "content": "विश्व कप विजेता और रियल मैड्रिड के पूर्व प्रबंधक जिनेदिन जिदान को आधिकारिक तौर पर फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का नया हेड कोच घोषित किया गया है। 54 वर्ष के जिदान को व्यापक रूप से फ्रांस के फुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी माना जाता है। वर्ष 2021 में रियल मैड्रिड के मुख्य कोच के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल समाप्त करने के बाद से वह किसी भी प्रबंधन भूमिका से बाहर थे। अब फ्रांसीसी फुटबॉल संघ के साथ हुआ उनका नया अनुबंध उन्हें 2030 विश्व कप क्वालीफायर के माध्यम से राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करते हुए देखेगा, जबकि टीम 2028 यूरोपीय चैंपियनशिप क्वालीफायर में भी उनके मार्गदर्शन में मैदान पर उतरेगी। हालिया विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद फ्रांसीसी टीम की जिम्मेदारी संभालना उनके लिए एक नया अध्याय है।\n\nराष्ट्रीय टीम की कमान संभालने पर जिदान का बयान\nफ्रांस की राष्ट्रीय टीम के प्रबंधक पद पर अपनी नियुक्ति के बाद जिनेदिन जिदान ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करना उनके लिए बहुत बड़े गर्व का स्रोत है। अपनी भावनाएं साझा करते हुए उन्होंने कहा, \"मैंने हमेशा कहा है कि फ्रांसीसी राष्ट्रीय टीम से बढ़कर कुछ नहीं है। इसलिए इस टीम का मैनेजर बनना मेरे लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है।\" इसके साथ ही उन्होंने इस पद से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने फ्रांसीसी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष फिलिप दियालो, कार्यकारी समिति और पूरे महासंघ को अपने ऊपर भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। जिदान ने अपने पूर्ववर्ती डिडिएर देशैम्प्स और उनके कोचिंग स्टाफ के 14 वर्षों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक स्वीकार किया और अपने सभी पूर्व कोचों को याद करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय टीम के लिए उनके इरादे और महत्वाकांक्षाएं बेहद ऊंची हैं।\n\nमहासंघ का भरोसा और डिडिएर देशैम्प्स की विरासत\nफ्रांसीसी फुटबॉल संघ के अध्यक्ष फिलिप दियालो ने नए हेड कोच की नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिदान को फ्रांसीसी खेल इतिहास की एक अमर किंवदंती बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में जिनेदिन जिदान का आगमन फ्रांसीसी फुटबॉल संघ के लिए अत्यधिक गर्व का विषय है। दियालो के अनुसार, यह फैसला लेस ब्ल्यूस के इतिहास के एक महान दिग्गज और असीम प्रतिभा से भरी एक ऐसी टीम का मिलन है, जो उच्चतम खेल लक्ष्यों से प्रेरित है। जिदान से पहले डिडिएर देशैम्प्स ने 14 वर्षों तक फ्रांस टीम के मुख्य कोच के रूप में सेवाएं दीं। अपने इस लंबे कार्यकाल के दौरान देशैम्प्स ने फ्रांस को तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के फाइनल तक पहुंचाया, जिसमें 2018 में रूस में मिली विश्व कप जीत भी शामिल थी। जिदान के कार्यकाल की पहली आधिकारिक और प्रतिस्पर्धी चुनौती 25 सितंबर को तुर्की के खिलाफ होने वाला नेशंस लीग मुकाबला होगी।\n\nरियल मैड्रिड में प्रबंधन का ऐतिहासिक दौर\nवर्ष 2006 के विश्व कप के बाद एक खिलाड़ी के रूप में संन्यास लेने वाले जिदान ने तुरंत कोचिंग के क्षेत्र में कदम नहीं रखा था। उन्होंने 2014 में रियल मैड्रिड कास्टिला, जो कि स्पेनिश क्लब की बी टीम थी, के कोच के रूप में अपने प्रबंधकीय करियर की शुरुआत की। जनवरी 2016 में उन्हें रियल मैड्रिड की पहली टीम का मुख्य कोच बनाया गया। अपने पहले ही सत्र के अंत में उन्होंने अपने शहर के प्रतिद्वंद्वी एटलेटिको मैड्रिड को पेनल्टी शूटआउट में हराकर रियल मैड्रिड को चैंपियंस लीग का खिताब दिलाया। यह ऐतिहासिक सफलता की एक ऐसी श्रृंखला की शुरुआत थी जिसने यूरोपीय फुटबॉल का इतिहास बदल दिया। जिदान के मार्गदर्शन में रियल मैड्रिड ने 2016, 2017 और 2018 में लगातार तीन बार चैंपियंस लीग ट्रॉफी जीतकर आधुनिक चैंपियंस लीग युग में लगातार खिताब रक्षा करने वाला पहला क्लब बनने का गौरव हासिल किया। 1976 में बायर्न म्यूनिख के बाद लगातार तीन यूरोपीय कप जीतने वाली यह पहली टीम बनी। उन्होंने 2016-17 में ला लीगा का खिताब भी जीता, जिसके बाद उन्होंने सैंटियागो बर्नब्यू में बदलाव की आवश्यकता बताते हुए पद छोड़ दिया था।\n\nमैड्रिड वापसी और कोचिंग से ब्रेक\nमार्च 2019 में जब रियल मैड्रिड खराब दौर से गुजर रहा था, तब जिदान ने एक बार फिर क्लब के मैनेजर के रूप में वापसी की। अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने 2019-20 सत्र में क्लब को एक और ला लीगा खिताब जिताया। इस दौरान उन्होंने टीम के पुनर्गठन के लिए बड़े पैमाने पर खिलाड़ियों पर निवेश की देखरेख की, जिसमें एडेन हजार्ड और रोड्रिगो जैसे वैश्विक सितारों का अनुबंध शामिल था। हालांकि, 2020-21 के बिना किसी ट्रॉफी वाले सत्र के समापन पर उन्होंने पद छोड़ दिया और तब से वे किसी भी टीम के प्रबंधन से दूर रहे। फ्रांसीसी राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच पद के लिए जिदान का नाम पिछले 16 वर्षों से चर्चा में था। पहली बार उनका नाम 2010 विश्व कप के समूह चरण में फ्रांस के बाहर होने के बाद इस पद से जोड़ा गया था। 16 साल के लंबे इंतजार के बाद अब वह आखिरकार इस भूमिका में आए हैं।\n\nमैदान पर खिलाड़ी के रूप में अविस्मरणीय करियर\nजिनेदिन जिदान का एक खिलाड़ी के रूप में करियर भी बेहद शानदार रहा। उन्होंने 1989 में कान क्लब से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वे बोर्डो गए और 1996 में इटली के दिग्गज क्लब युवेंटस में शामिल हुए। एक आक्रामक मिडफील्डर के रूप में उन्होंने युवेंटस को लगातार दो बार सीरी ए का खिताब जिताया और लगातार दो बार चैंपियंस लीग के फाइनल तक पहुंचाया। वर्ष 2001 में जिदान 66 मिलियन पाउंड की तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड स्थानांतरण फीस पर रियल मैड्रिड में शामिल हुए, जो क्लब के प्रसिद्ध गैलेक्टिकोस युग का हिस्सा बना। इस दौर में उनके साथ रोनाल्डो, लुईस फिगो और डेविड बेकहम जैसे महान खिलाड़ी शामिल थे। जिदान ने 2002 के चैंपियंस लीग फाइनल में बेयर लेवरकुसेन के खिलाफ हैम्पडेन पार्क में अपने बाएं पैर से शानदार वॉली गोल करके मैड्रिड को 2-1 से जीत दिलाई थी।\n\nफ्रांस की जर्सी में विश्व कप का इतिहास\nअंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ्रांस की जर्सी में जिदान का सबसे बड़ा योगदान 1998 के विश्व कप में आया। पेरिस में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने ब्राजील के खिलाफ दो शानदार हेडर गोल दागे, जिससे फ्रांस ने ब्राजील को 3-0 से हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता। इस प्रदर्शन के बल पर उन्हें उसी वर्ष प्रतिष्ठित बैलन डी ओर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह उस फ्रांसीसी टीम के भी मुख्य सदस्य थे जिसने यूरो 2000 का खिताब जीता था, हालांकि 2002 विश्व कप और यूरो 2004 में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। उन्होंने 2004 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी थी, लेकिन 2006 विश्व कप क्वालीफायर के दौरान उन्हें वापस लौटने के लिए राजी किया गया। 2006 के विश्व कप में उन्होंने फ्रांस को फाइनल तक पहुंचाया, जो उनके पेशेवर करियर का अंतिम मैच साबित हुआ। इटली के खिलाफ फाइनल में उन्होंने सातवें मिनट में पानेन्का पेनल्टी से गोल किया, लेकिन मैच के अतिरिक्त समय में इटली के डिफेंडर मार्को माटेराज़ी को हेडबट करने के कारण उन्हें लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया, और अंततः इटली ने पेनल्टी शूटआउट में वह विश्व कप जीता।\n\nइसका आप पर असर\n• अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए: जिनेदिन जिदान के मुख्य कोच बनने से फ्रांस टीम की नई रणनीति और 2028 यूरो कप व 2030 विश्व कप के लिए बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।\n• वैश्विक खेल जगत में: यूरोप के दो सबसे सफल कोचों में शामिल जिदान का अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन में पदार्पण वैश्विक फुटबॉल प्रतियोगिताओं में नए प्रतिस्पर्धात्मक समीकरण बनाएगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. जिनेदिन जिदान को किस पद पर नियुक्त किया गया है?\nजिनेदिन जिदान को फ्रांस की राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल टीम का नया हेड कोच नियुक्त किया गया है।\n\n2. जिदान का अनुबंध कब तक रहेगा और उनका पहला मैच कब है?\nजिदान का अनुबंध 2030 विश्व कप क्वालीफायर तक चलेगा, और उनका पहला प्रतिस्पर्धी मैच 25 सितंबर को तुर्की के खिलाफ नेशंस लीग मुकाबला होगा।\n\n3. जिदान से पहले फ्रांस टीम के हेड कोच कौन थे?\nडिडिएर देशैम्प्स जिदान के पूर्ववर्ती थे, जिन्होंने 14 वर्षों तक फ्रांस टीम का प्रबंधन किया और 2018 में विश्व कप जिताया।\n\n4. जिदान ने रियल मैड्रिड के कोच के रूप में कौन सी बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं?\nरियल मैड्रिड के मैनेजर के रूप में जिदान ने लगातार तीन बार (2016, 2017, 2018) चैंपियंस लीग का खिताब जीता और दो बार ला लीगा ट्रॉफी उठाई।",
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  "category": "फुटबॉल",
  "publishedAt": "2026-07-28",
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