मियामी में इंग्लैंड से 6-4 की रोमांचक हार के साथ खत्म हुआ दिदिएर देशां का 14 साल का सफर मियामी में हुए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया, जहां बुकायो साका की हैट्रिक और काइलियन एम्बाप्पे के रिकॉर्ड तोड़ते गोल छाए रहे, और यही मैच दिदिएर देशां का फ्रांस कोच के तौर पर 14 साल बाद आखिरी मुकाबला भी साबित हुआ। फ्रांस के कोच के तौर पर दिदिएर देशां का शानदार 14 साल का सफर शनिवार (स्थानीय समय) को मियामी में भावुक अंदाज़ में खत्म हुआ, जहां इंग्लैंड ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराकर टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मैचों में से एक खेला। किसी भी वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीमों के बीच यह ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला खेला जाता है, और इस बार का यह मुकाबला टूर्नामेंट की दो सबसे आक्रामक टीमों के बीच गोलों की बरसात वाला असाधारण मैच साबित हुआ। मैच खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (एफएफएफ) ने एक बयान जारी कर विदा हो रहे कोच के प्रति आभार जताया और 2012 से चली आ रही उनकी असाधारण सेवा को सलाम किया। पहले हाफ में इंग्लैंड ने फ्रांस को चारों खाने चित किया सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीमों के बीच खेले जाने वाले इस ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले की शुरुआत फ्रांस के लिए बुरे सपने जैसी रही। इंग्लैंड ने मैच के तीसरे ही मिनट में डेक्लन राइस के गोल से बढ़त बना ली। इसके बाद 18वें मिनट में डिफेंडर एज्री कोंसा ने बढ़त दोगुनी कर दी। फिर बुकायो साका छा गए और उन्होंने 37वें और 45+1वें मिनट में लगातार दो गोल दागकर हाफ टाइम तक इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। यह पहला मौका था जब फ्रांस को फीफा वर्ल्ड कप के किसी एक हाफ में चार गोल खाने पड़े, और ब्रेक तक देशां की टीम पूरी तरह बिखरी नजर आई। एम्बाप्पे की वापसी और रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय फ्रांस की कमान संभालते हुए अपना 187वां और आखिरी मुकाबला खेल रहे दिदिएर देशां ने हाफ टाइम में किए गए बदलावों से टीम में जबरदस्त वापसी की जान फूंक दी। 48वें मिनट में काइलियन एम्बाप्पे ने एक गोल वापस निकाला, और महज छह मिनट बाद यानी 54वें मिनट में ब्रैडली बार्कोला ने स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और गोल दागकर फ्रांस को सिर्फ एक गोल से पीछे कर दिया, जिससे इंग्लैंड की टीम फ्रांस के लगातार हमलों के आगे बैकफुट पर नजर आई। एम्बाप्पे के इस दूसरे गोल की अहमियत सिर्फ स्कोरलाइन तक सीमित नहीं थी, इसके साथ ही फीफा वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 22 हो गई, जो लियोनेल मेस्सी के 21 गोल से एक ज्यादा है, यानी उस पल एम्बाप्पे फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन गए। साका की हैट्रिक और बेलिंगहम के आखिरी वार ने किया फैसला जब मैच थॉमस टुखेल की टीम के हाथ से फिसलता नजर आ रहा था, तभी 87वें मिनट में एक तेज़ पलटवार के बाद इंग्लैंड को पेनल्टी मिली। साका ने बिना किसी दबाव के इसे गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और स्कोर 5-3 कर दिया। लेकिन ड्रामा यहीं खत्म नहीं हुआ। इंजरी टाइम के 90+6वें मिनट में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए एक और गोल दागा, मगर आखिरी शब्द जूड बेलिंगहम के नाम रहा, जिन्होंने 90+8वें मिनट में गोल कर स्कोर 6-4 कर दिया और मैच को फ्रांस की पहुंच से पूरी तरह बाहर कर दिया। यह मुकाबला आधुनिक फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे ज्यादा गोल वाला तीसरे स्थान का मैच बन गया, और इंग्लैंड के लिए यह 1966 के बाद विदेशी धरती पर उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा। गोल दर गोल पूरा घटनाक्रम फ्रांस की शुरुआती बिखराव से लेकर वापसी और आखिर में इंग्लैंड की इंजरी टाइम में मिली जीत तक, यह पूरा मुकाबला मिनट दर मिनट कुछ ऐसे आगे बढ़ा • तीसरा मिनट: डेक्लन राइस (इंग्लैंड) • 18वां मिनट: एज्री कोंसा (इंग्लैंड) • 37वां मिनट: बुकायो साका (इंग्लैंड) • 45+1वां मिनट: बुकायो साका (इंग्लैंड) • 48वां मिनट: काइलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) • 54वां मिनट: ब्रैडली बार्कोला (फ्रांस) • 66वां मिनट: काइलियन एम्बाप्पे (फ्रांस) • 87वां मिनट: बुकायो साका, पेनल्टी (इंग्लैंड) • 90+6वां मिनट: उस्मान डेम्बेले (फ्रांस) • 90+8वां मिनट: जूड बेलिंगहम (इंग्लैंड) एफएफएफ का संदेश, अनुशासन और जज्बे को सलाम मैच के तुरंत बाद एफएफएफ ने एक्स पर पोस्ट डालकर देशां के 14 साल के कार्यकाल को सलाम किया और कहा कि उन्होंने फ्रांसीसी टीम की साख फिर से बहाल की और पूरे कार्यकाल में टीम को दुनिया के शीर्ष स्तर पर बनाए रखा। फेडरेशन ने कहा कि देशां अनुशासन, सामूहिकता की भावना और नीली जर्सी के प्रति गहरे प्रेम के प्रतीक रहे हैं, और उनके नेतृत्व में फ्रांस ने सम्मान और स्नेह फिर से हासिल किया, वहीं टीम ने 2018 का वर्ल्ड कप, 2021 की नेशंस लीग जीती और कई बड़े फाइनल तक शानदार निरंतरता के साथ पहुंची। फेडरेशन ने आगे बताया कि 185 मुकाबलों और 120 जीत के अलावा देशां ने प्रदर्शन और जिम्मेदारी की जो संस्कृति टीम को दी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनी रहेगी। उन्होंने कई नए खिलाड़ियों को तराशा, अलग-अलग टीमों को मजबूत मूल्यों के इर्द-गिर्द जोड़ा और फ्रांसीसी जनता व टीम के बीच के रिश्ते को और गहरा किया। फेडरेशन ने यह भी कहा कि उसके कर्मचारी भी देशां की हमेशा उपलब्ध रहने की आदत और प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। अपने संदेश के आखिर में फेडरेशन ने बस इतना लिखा, "शुक्रिया, दिदिएर।" फ्रेंच फुटबॉल में जिनका कोई सानी नहीं दिदिएर देशां का फ्रांसीसी फुटबॉल टीम के साथ सफर बेहद खास रहा है। वे 1998 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के कप्तान थे और 2000 की यूरोपियन चैंपियनशिप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे, और ठीक दो दशक बाद कोच के तौर पर वापसी करते हुए उन्होंने 2018 में फ्रांस को फिर से वर्ल्ड कप चैंपियन बनाया। उन्होंने 2012 में फ्रांस की सीनियर टीम की कमान संभाली थी, टीम को 2018 का फीफा वर्ल्ड कप खिताब दिलाया और 2022 में एक और वर्ल्ड कप फाइनल तक पहुंचाया। 2026 का यह टूर्नामेंट कोच के तौर पर उनका आखिरी साबित हुआ, फ्रांस का सफर सेमीफाइनल में स्पेन से हार के साथ थमा था, और अब मियामी में इंग्लैंड के हाथों इस हार के साथ उनका कार्यकाल पूरी तरह खत्म हो गया। फेडरेशन ने कहा कि उनकी छाप हमेशा क्लेयरफॉनटेन में और उन लाखों समर्थकों व स्वयंसेवकों के दिलों में बनी रहेगी, जिन्हें वे कभी नहीं भूले, और फेडरेशन ने लेस ब्लूज़ व फ्रेंच फुटबॉल की करीब एक चौथाई सदी लंबी सेवा के लिए उनके प्रति अपना अनंत आभार जताया। कोचिंग की गद्दी से आखिरी बार विदा लेते हुए फेडरेशन के इस संदेश ने साफ कर दिया कि 14 साल के कार्यकाल और खिलाड़ी व कोच दोनों भूमिकाओं में करीब एक चौथाई सदी लंबे इस जुड़ाव से बनी उनकी विरासत को कभी भुलाया नहीं जाएगा। इसका आप पर असर • फुटबॉल फैंस के लिए: काइलियन एम्बाप्पे के दूसरे गोल ने उन्हें फीफा वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे बड़ा गोल स्कोरर बना दिया, उनके नाम अब 22 गोल हो गए हैं जो लियोनेल मेस्सी के 21 गोल से एक ज्यादा है, और आने वाले टूर्नामेंट में यह रिकॉर्ड चर्चा का केंद्र बना रहेगा। • फ्रांस टीम के समर्थकों के लिए: दिदिएर देशां के 14 साल बाद विदा लेने के साथ फ्रांस अब एक नए कोचिंग दौर में कदम रखेगा, क्योंकि अब तक टीम की कमान उस कोच के हाथ में थी जिसने 2018 का वर्ल्ड कप और 2022 का फाइनल दिलाया था। सवाल-जवाब 1. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले का अंतिम स्कोर क्या रहा? मियामी में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराया। 2. मैच में हैट्रिक किसने लगाई? इंग्लैंड के बुकायो साका ने हैट्रिक लगाई, उन्होंने 37वें, 45+1वें और 87वें मिनट (पेनल्टी) पर गोल किए। 3. क्या काइलियन एम्बाप्पे ने इस मैच में कोई रिकॉर्ड बनाया? हां, 66वें मिनट में उनके दूसरे गोल ने फीफा वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 22 कर दी, जिससे वे लियोनेल मेस्सी के 21 गोल से आगे निकलकर टूर्नामेंट के सबसे बड़े गोल स्कोरर बन गए। 4. यह मैच दिदिएर देशां का फ्रांस कोच के तौर पर आखिरी मुकाबला क्यों था? यह उनका फ्रांस की कमान संभालते हुए 187वां और आखिरी मुकाबला था, क्योंकि वे 14 साल बाद फ्रांस के कोच पद से विदा ले रहे हैं। 5. दिदिएर देशां ने फ्रांस के कोच रहते हुए क्या-क्या हासिल किया? उन्होंने फ्रांस को 2018 का फीफा वर्ल्ड कप, 2021 की नेशंस लीग और 2022 का वर्ल्ड कप फाइनल दिलाया, और इस विदाई मुकाबले से पहले उनके नाम 185 मुकाबले और 120 जीत दर्ज थीं। 6. ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले से पहले फ्रांस का फीफा वर्ल्ड कप 2026 अभियान कैसे खत्म हुआ था? फ्रांस का अभियान सेमीफाइनल में स्पेन से हार के साथ खत्म हुआ था। 7. फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन ने देशां के बारे में क्या कहा? एफएफएफ ने उन्हें टीम की साख, अनुशासन और निरंतरता बहाल करने का श्रेय दिया और अपने संदेश के आखिर में सिर्फ इतना लिखा, "शुक्रिया, दिदिएर।" 8. इंग्लैंड के लिए इंजरी टाइम में जीत पक्की करने वाला गोल किसने किया? जूड बेलिंगहम ने 90+8वें मिनट में गोल कर स्कोर 6-4 किया और जीत पक्की की। https://trendkia.com/football/miami-men-england-se-6-4-ki-hara-ke-satha-khatma-hua-didier-deschamps-ka-14-sala-ka-saphara-8629 TrendKia — Har trend, sabse pehle.