ऐप्पल का नया लाइनअप: कौन सा आईफोन खरीदना समझदारी है और किन मॉडलों से दूरी बनाना बेहतर ऐप्पल के पोर्टफोलियो में कई बदलाव हुए हैं, जिनमें आईफोन 17 से लेकर अल्ट्राथिन आईफोन एयर और प्रो वेरिएंट शामिल हैं। जानिए आपकी प्राथमिकताओं और बजट के हिसाब से कौन सा मॉडल सबसे उपयुक्त है। ऐप्पल के स्मार्टफोन इकोसिस्टम में हर पीढ़ी के साथ नए फीचर्स और तकनीकी बदलाव देखने को मिलते हैं। हालिया समय में कीमतों में 100 डॉलर की बढ़ोतरी और नए विकल्पों जैसे आईफोन 18 प्रो, 18 प्रो मैक्स, और फोल्डिंग फॉर्म फैक्टर वाले आईफोन डुओ के जुड़ने से खरीदारों के सामने चयन थोड़ा जटिल हो गया है। साथ ही पुराना आईफोन अपग्रेड प्रोग्राम अब एप्पल अपग्रेड विकल्प से बदला जा चुका है। ऐसे दौर में यह समझना जरूरी हो जाता है कि कौन सा मॉडल रोजमर्रा के काम, गेमिंग और फोटोग्राफी के लिहाज से मूल्यवान है, और किन पुराने मॉडलों से अब बचकर रहना चाहिए। ज्यादातर यूजर्स के लिए सबसे संतुलित विकल्प: आईफोन 17 अगर एक ऐसा स्मार्टफोन तलाश रहे हैं जो परफॉर्मेंस, डिस्प्ले और बैटरी के बीच बेहतरीन संतुलन पेश करता हो, तो आईफोन 17 इस समय सबसे सटीक बैठता है। इस मॉडल में कंपनी ने आखिरकार 120 हर्ट्ज का रिफ्रेश रेट दिया है, जो 60 हर्ट्ज वाले पुराने फोन से अपग्रेड करने वाले उपयोगकर्ताओं को हर स्क्रॉल और टच रिस्पॉन्स में बहुत स्मूथ महसूस होता है। 6.3 इंच के इस ओएलईडी डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक जा सकती है, जिससे कड़ी धूप में भी स्क्रीन साफ नजर आती है। डिस्प्ले पर चकाचौंध घटाने वाली नई एंटी रिफ्लेक्टिव कोटिंग दी गई है और सुरक्षा के लिए सिरेमिक शील्ड 2 ग्लास मौजूद है, जो पहले की तुलना में तीन गुना अधिक स्क्रैच प्रतिरोधी है। कैमरा विभाग में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं। सेल्फी के लिए 24 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा जोड़ा गया है जो 18 मेगापिक्सल पर बिन्ड तस्वीरें देता है। इसमें पहली बार चौकोर सेंसर का उपयोग किया गया है, जिसकी खूबी यह है कि फोन को वर्टिकल पकड़कर भी सीधे लैंडस्केप या पोर्ट्रेट ओरिएंटेशन में सेल्फी ली जा सकती है। जब फ्रेम में अधिक लोग शामिल होते हैं, तो सेंटर स्टेज फीचर अपने आप जूम और ओरिएंटेशन को संतुलित कर लेता है। इसके अलावा डुअल कैप्चर की बदौलत आगे और पीछे दोनों कैमरों से एक साथ वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है। पीछे की तरफ 48 मेगापिक्सल का फ्यूजन कैमरा और 48 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस मिलता है, जो मैक्रो शॉट्स के साथ कम रोशनी में भी शार्प तस्वीरें निकालता है। इसमें कोई अलग टेलीफोटो लेंस नहीं है, हालांकि 2X ऑप्टिकल जैसा डिजिटल जूम काफी उपयोगी परिणाम दे देता है। फोन का बेस स्टोरेज 256 जीबी कर दिया गया है और इसमें 512 जीबी का विकल्प भी आता है। ए19 चिप (5-कोर जीपीयू), 8 जीबी रैम, एन1 नेटवर्किंग चिप, आईपी68 रेटिंग, 25 वॉट क्यूआई2 मैगसेफ वायरलेस चार्जिंग और पूरे दिन चलने वाली बैटरी इसे अधिकांश लोगों के लिए एक संपूर्ण डिवाइस बनाती है। किफायती बजट का मॉडल: आईफोन 17e कम खर्च में आईफोन का अनुभव चाहने वालों के लिए आईफोन 17e एक आसान जरिया बनता है, खासकर यदि कोई इस्तेमाल किए गए फोन के बाजार के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता। यह लाइनअप का सबसे छोटा फोन है, जिसमें 6.1 इंच का ओएलईडी डिस्प्ले दिया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इसका डिस्प्ले 60 हर्ट्ज पर टिका है, जिसके चलते यह महंगे मॉडलों जितना फ्लूइड महसूस नहीं होता। साथ ही सुरक्षा के लिए नॉच डिजाइन में फेस आईडी दी गई है। हार्डवेयर के मोर्चे पर इसमें ए19 चिप का 4-कोर जीपीयू वाला वर्जन है, जिसके साथ 8 जीबी रैम और 256 या 512 जीबी स्टोरेज का विकल्प मिलता है। हेवी गेम्स जैसे जेनशिन इम्पैक्ट को अधिकतम सेटिंग्स पर खेलने पर कभी-कभार फ्रेम ड्रॉप या मामूली रुकावट दिख सकती है, फिर भी सामान्य इस्तेमाल में गति काफी तेज रहती है। बैक पैनल पर केवल एक 48 मेगापिक्सल का फ्यूजन कैमरा दिया गया है, जो सामान्य रोशनी में ठीक काम करता है लेकिन कम रोशनी में अन्य मॉडल्स के मुकाबले संघर्ष करता है। फ्रंट में 12 मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है। इस मॉडल में अल्ट्रा वाइडबैंड चिप नहीं दी गई है, जिसका सीधा असर एयरटैग जैसे ट्रैकर्स की प्रिसिजन गाइडेड खोज पर पड़ता है (लोकेशन मिल जाएगी लेकिन सटीक तीर वाले निर्देश नहीं मिलेंगे)। हालांकि, पिछले 16e की तुलना में इसमें मैगसेफ सपोर्ट जोड़ा गया है, जिससे कार माउंट, ट्राइपॉड और तेज वायरलेस चार्जर जैसे चुंबकीय एक्सेसरीज का इस्तेमाल संभव हो जाता है। इसमें ऐप्पल का इन-हाउस सी1एक्स मॉडम दिया गया है जो पावर बचाने में मदद करता है, और सिरेमिक शील्ड 2 प्रोटेक्शन के साथ इसकी बैटरी सामान्य भारी इस्तेमाल में भी आराम से पूरा दिन निकाल देती है। अल्ट्राथिन और हल्का डिजाइन: आईफोन एयर अगर पतले और हल्के गैजेट्स आपकी पहली पसंद हैं, तो आईफोन एयर एक अनूठा विकल्प है। मैकबुक एयर और आईपैड एयर के विचार को फोन में ढालते हुए इसे महज 5.6 मिमी मोटा और 165 ग्राम वजनी बनाया गया है। 6.5 इंच के 120 हर्ट्ज ओएलईडी डिस्प्ले के बावजूद हाथ में लेने पर यह बेहद हल्का लगता है और इसके सामने भारी प्रो फोन काफी भारी महसूस हो सकते हैं। इसमें ए19 प्रो चिप (5-कोर जीपीयू), 12 जीबी रैम, और 256 जीबी, 512 जीबी या 1 टीबी तक के स्टोरेज विकल्प मिलते हैं। पतले डिजाइन को पाने के लिए कुछ अहम समझौते भी करने पड़े हैं। 1,100 डॉलर की कीमत के बावजूद इसमें पीछे केवल एक ही 48 मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा मिलता है, जिसमें न तो अल्ट्रावाइड लेंस है और न ही टेलीफोटो। पास जाकर छोटे फूलों या चीजों की तस्वीरें लेने के लिए मैक्रो मोड का अभाव साफ खलता है। फ्रंट में 18 मेगापिक्सल का सेंटर स्टेज सेल्फी कैमरा है। इसके अलावा 5 घंटे से कुछ अधिक स्क्रीन-ऑन टाइम की बैटरी सामान्य उपयोग में दिनभर चल सकती है, लेकिन नेविगेशन या गेमिंग जैसे भारी उपयोग वाले दिनों में दोपहर बाद चार्जर की जरूरत पड़ सकती है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ऐप्पल का पावर एफिशिएंट सी1एक्स मॉडम लगा है। यह सब-6 5जी को तो सपोर्ट करता है, लेकिन मिलीमीटर वेव (mmWave) 5जी को सपोर्ट नहीं करता। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग की गति 20 वॉट तक सीमित है। यह फोन उन लोगों के लिए है जो कैमरे के अत्यधिक उपयोग के बजाय स्टाइल और स्लिम प्रोफाइल को प्राथमिकता देते हैं। पावर और गेमिंग के लिए: आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स हालांकि कंपनी की मुख्य वेबसाइट पर आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स सीधे उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन अन्य रिटेलर्स से रियायती दरों पर इन्हें खरीदना एक बेहद समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है। बड़ी बैटरी के कारण ये हालिया दौर के सबसे मोटे आईफोनों में गिने जाते हैं, लेकिन इसी वजह से इनमें लगभग 7 घंटे का स्क्रीन-ऑन टाइम मिलता है और दिन के अंत में भी 30 से 40 प्रतिशत बैटरी बची रह सकती है। 17 प्रो में 6.3 इंच और प्रो मैक्स में 6.9 इंच का 120 हर्ट्ज डिस्प्ले मिलता है। इन प्रो मॉडल्स का दूसरा बड़ा तकनीकी सुधार हीट मैनेजमेंट है। ऐप्पल ने इसमें एल्यूमीनियम और वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम जोड़ा है, जो बैक पैनल पर गर्मी को समान रूप से फैलाता है। असासिन्स क्रीड मिराज जैसे भारी गेम्स को अधिकतम ग्राफिक्स पर एक घंटे से अधिक खेलने पर भी फोन में कोई हॉटस्पॉट नहीं बनता और परफॉर्मेंस बिना किसी लैग के स्थिर बनी रहती है। प्रोसेसिंग और ग्राफिक्स के लिए इसमें ए19 प्रो चिप (6-कोर जीपीयू) और 12 जीबी रैम दी गई है। स्टोरेज के लिए 256 जीबी, 512 जीबी, 1 टीबी और प्रो मैक्स में 2 टीबी का विकल्प मिलता है। कैमरा सिस्टम में पीछे के तीनों कैमरे 48 मेगापिक्सल के हैं: मुख्य फ्यूजन लेंस, मैक्रो वाला अल्ट्रावाइड और 4X ऑप्टिकल जूम वाला टेलीफोटो लेंस (जो 8X तक ऑप्टिकल जैसी गुणवत्ता देता है)। इसके सेंसर बड़े होने के कारण 16 प्रो के 5X जूम की तुलना में यह अधिक ब्राइट और शार्प आउटपुट देता है। साथ ही इसमें 4K 120 एफपीएस वीडियो कैप्चर की सुविधा मिलती है। अगर खास रंगों की बात करें, तो केवल 17 प्रो सीरीज में ही कॉस्मिक ऑरेंज रंग देखने को मिलता है। ऐप्पल इंटेलिजेंस और सिस्टम के नए फीचर्स आधुनिक आईफोन में लार्ज लैंग्वेज मॉडल पर आधारित कई सुविधाएं दी गई हैं जिन्हें ऐप्पल इंटेलिजेंस का नाम दिया गया है। वॉयस मेमो और नोट्स ऐप में अब रिकॉर्डिंग शुरू करते ही रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन उपलब्ध हो जाता है। कॉल रिकॉर्डिंग के दौरान भी ऑडियो का लिखित टेक्स्ट सीधे नोट्स में सेव किया जा सकता है। सिरी को दोबारा डिजाइन किया गया है ताकि बातचीत में हुई गलतियों को समझ सके, और खुले सवालों के जवाब के लिए चैटजीपीटी से जुड़ सके। ऑपरेटिंग सिस्टम में राइटिंग टूल्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से ईमेल की टोन बदली जा सकती है या टेक्स्ट को प्रूफरीड किया जा सकता है। हार्डवेयर बटन: एक्शन बटन और कैमरा कंट्रोल आईफोन 15 प्रो से शुरू हुआ एक्शन बटन अब पूरे लाइनअप में वॉल्यूम रॉकर के ठीक ऊपर बाईं तरफ मौजूद है। यह पुराने म्यूट स्विच की जगह लेता है और सेटिंग्स के जरिए इसे कस्टमाइज किया जा सकता है। यूजर चाहें तो इसे म्यूट स्विच की तरह रखें या टॉर्च, वॉयस मेमो, किसी ऐप या शॉर्टकट को तुरंत खोलने के लिए सेट कर लें। दूसरी ओर, पावर बटन के नीचे दाईं तरफ कैमरा कंट्रोल बटन दिया गया है। इसे दबाते ही कैमरा ऐप खुल जाता है और दोबारा दबाने पर फोटो खींची या वीडियो शुरू की जा सकती है। इस पर हल्का टैप और स्वाइप करके लेंस या शूटिंग मोड्स बदले जा सकते हैं। इसी बटन को दबाकर रखने पर विजुअल इंटेलिजेंस सक्रिय होता है, जो कैमरे के सामने मौजूद चीजों को पहचानकर गूगल या चैटजीपीटी के जरिए उनके बारे में जानकारी जुटाने में मदद करता है। यूएसबी-सी केबल, डेटा स्पीड और पुराने मॉडल आईफोन में अब लाइटनिंग की जगह यूएसबी-सी पोर्ट मिलता है, लेकिन सभी मॉडल्स की स्पीड एक जैसी नहीं है। आईफोन 15, 15 प्लस, 16, 16 प्लस, 16e, आईफोन 17, 17e और आईफोन एयर केवल यूएसबी 2.0 स्टैंडर्ड को सपोर्ट करते हैं, जिसकी अधिकतम डेटा ट्रांसफर स्पीड 480 मेगाबिट्स प्रति सेकंड तक सीमित रहती है। इसके विपरीत, प्रो मॉडल्स (15 प्रो, 16 प्रो, 17 प्रो, 18 प्रो सीरीज) और आईफोन डुओ यूएसबी 3.0 को सपोर्ट करते हैं, जिसमें 10 गीगाबिट्स प्रति सेकंड तक की तेज रफ्तार मिलती है। डिब्बे में मिलने वाली ऐप्पल की केबल केवल 60 वॉट पावर डिलीवरी संभालती है और डेटा ट्रांसफर के मामले में बुनियादी है। अगर वीडियो आउटपुट (डिस्प्लेपोर्ट), 100 वॉट तक की फास्ट चार्जिंग और 40 जीबीपीएस तक का हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर चाहिए, तो केबल मैटर्स जैसी थर्ड-पार्टी यूएसबी-सी केबल्स ज्यादा उपयोगी साबित होती हैं। जहां तक पुराने फोन का सवाल है, आईफोन एक्सएस, आईफोन एक्सएस मैक्स और आईफोन एक्सआर को आईओएस 27 अपडेट से बाहर कर दिया गया है। बिना सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट के ऐसे डिवाइस धीमे हो जाते हैं और सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं, इसलिए अब इन्हें खरीदने या इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। खरीदारी और कैरियर विकल्प डिवाइस खरीदते समय सबसे आसान तरीका अनलॉक मॉडल चुनना है, जिसमें ई-सिम या सिम कार्ड को बिना किसी ऑपरेटर पाबंदी के किसी भी नेटवर्क पर स्विच किया जा सकता है (अमेरिका में आईफोन 14 के बाद से फिजिकल सिम ट्रे नहीं दी जा रही है)। कैरियर के जरिए किस्तों पर फोन लेने पर बिल क्रेडिट के रूप में छूट तो मिल सकती है, लेकिन अक्सर नए प्लान या ट्रेड-इन की बाध्यता होती है। एटीएंडटी या बूस्ट मोबाइल जैसे ऑपरेटरों से किस्तों पर लिए गए फोन आमतौर पर लॉक होते हैं, जबकि टी-मोबाइल और वेरिज़ॉन के फाइनेंसिंग विकल्पों में अनलॉक डिवाइस मिलने की सुविधा रहती है। इसका आप पर असर आईफोन की कीमतों में बढ़ोतरी और नए मॉडल्स के आने से पुराने फोन अपग्रेड करने वाले ग्राहकों के बजट और इस्तेमाल पर सीधा असर पड़ेगा। • डिस्प्ले अनुभव: बेस आईफोन 17 में 120 हर्ट्ज प्रोमोशन स्क्रीन आने से रोजमर्रा का इस्तेमाल बेहद स्मूथ हो जाएगा। इससे सामान्य यूजर्स को अब महंगे प्रो मॉडल पर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। • बजट और पुराने फोन: आईफोन एक्सएस, एक्सएस मैक्स और एक्सआर पर सॉफ्टवेयर अपडेट बंद हो चुके हैं। यदि आप पुराना फोन इस्तेमाल कर रहे हैं तो सुरक्षा और बैंकिंग ऐप्स के लिए नए मॉडल पर अपग्रेड करना जरूरी होगा। • कैमरा और एक्सेसरीज: सस्ते 17e में मैगसेफ मिलने से वायरलेस चार्जर और कार माउंट लगाना आसान हो गया है। हालांकि पतले आईफोन एयर में केवल एक कैमरा होने से फोटोग्राफी के शौकीनों को समझौता करना पड़ेगा। • डेटा केबल का चयन: बॉक्स में आने वाली सामान्य केबल केवल चार्जिंग के लिए बेहतर है। लैपटॉप या मॉनिटर पर तेज स्पीड से डेटा ट्रांसफर करने के लिए अलग से हाई-स्पीड यूएसबी-सी केबल खरीदनी होगी। ऐसा क्यों हुआ ऐप्पल ने अपने स्मार्टफोन लाइनअप को नए डिस्प्ले स्टैंडर्ड, उन्नत कूलिंग तकनीक और खुद के मॉडम हार्डवेयर के साथ नए सिरे से व्यवस्थित किया है। यह बदलाव बाजार की प्रतिस्पर्धा और डिजाइन में नई विविधता लाने के उद्देश्य से किया गया है। • डिस्प्ले अपग्रेड का दबाव: एंड्रॉइड प्रतिस्पर्धियों द्वारा बजट सेगमेंट में भी हाई-रिफ्रेश स्क्रीन देने के बाद मानक आईफोन 17 में 120 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट शामिल करना जरूरी हो गया था। इससे बेस मॉडल की उपयोगिता काफी बढ़ गई है। • थर्मल और गेमिंग जरूरतें: स्मार्टफोन पर कंसोल-ग्रेड गेम्स चलने से होने वाली हीटिंग को रोकने के लिए 17 प्रो में वेपर चैंबर कूलिंग जोड़ी गई। इससे लंबे समय तक गेमिंग के दौरान डिवाइस बिना गर्म हुए पूरी क्षमता से काम करता है। • इन-हाउस चिपसेट रणनीति: ऊर्जा खपत घटाने और पतले डिजाइन को संभव बनाने के लिए आईफोन एयर और 17e में कंपनी ने अपना सी1एक्स मॉडम पेश किया। हालांकि इसी वजह से इन डिवाइसेज में एमएमवेव 5जी कनेक्टिविटी छोड़नी पड़ी। • सॉफ्टवेयर चक्र का अंत: नई सुरक्षा जरूरतों और लार्ज लैंग्वेज मॉडल आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर्स के कारण ए12 बायोनिक वाले पुराने मॉडलों को अपडेट देना बंद कर दिया गया। सवाल-जवाब 1. ज्यादातर लोगों के लिए कौन सा आईफोन सबसे बेहतर है? आईफोन 17 सबसे संतुलित विकल्प है क्योंकि इसमें 120 हर्ट्ज का स्मूथ डिस्प्ले, 48 मेगापिक्सल का बेहतर कैमरा और 256 जीबी का बेस स्टोरेज मिलता है। 2. आईफोन एयर में मुख्य समझौता क्या है? बेहद पतला और 165 ग्राम हल्का होने के बावजूद इसमें केवल एक रियर कैमरा मिलता है और इसकी बैटरी भारी इस्तेमाल में पूरे दिन नहीं टिक पाती। 3. किन पुराने आईफोन मॉडलों को अब बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए? आईफोन एक्सएस, एक्सएस मैक्स और आईफोन एक्सआर को नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि इन्हें नया आईओएस 27 सॉफ्टवेयर और सुरक्षा अपडेट नहीं मिलेगा। 4. आईफोन 17 प्रो में वेपर चैंबर कूलिंग का क्या फायदा है? वेपर चैंबर कूलिंग फोन की गर्मी को पीछे समान रूप से फैलाती है, जिससे भारी गेमिंग के दौरान फोन बिना अटके या अत्यधिक गर्म हुए चलता रहता है। 5. आईफोन 17e और सामान्य आईफोन 17 में क्या बड़ा अंतर है? आईफोन 17e में 60 हर्ट्ज स्क्रीन, केवल एक बैक कैमरा और पुराना नॉच डिजाइन है, जबकि आईफोन 17 में 120 हर्ट्ज डिस्प्ले, डुअल कैमरा और डायनामिक आइलैंड मिलता है। https://trendkia.com/gear/apple-ka-naya-lainaapa-kauna-sa-iphone-kharidana-samajhadari-hai-aura-kina-modalon-se-duri-banana-behatara-34141 TrendKia — Har trend, sabse pehle.