ऑर्जेन का नया 1080p प्रोजेक्टर घर और बेडरूम स्ट्रीमिंग के लिए कितना दमदार साबित होता है गूगल टीवी और ऑटो सेटअप टूल्स से लैस इस किफायती एलईडी प्रोजेक्टर में सुविधा तो है, मगर कंट्रास्ट और गेमिंग परफॉर्मेंस के मामले में कई कमियां देखने को मिलती हैं। बजट होम एंटरटेनमेंट सेगमेंट में पोर्टेबल प्रोजेक्टर हमेशा से ही एक आकर्षक विकल्प रहे हैं, और इसी श्रेणी में Aurzen EAZZE D1 MAX अपनी दावेदारी पेश करता है। यह एक एंट्री-लेवल स्टैंडर्ड थ्रो प्रोजेक्टर है जो 1080p नेटिव रेजोल्यूशन और एलईडी लाइट सोर्स के साथ एलसीडी इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करता है। अपने पुराने मॉडल Aurzen EAZZE D1 के मुकाबले इसे एक अपग्रेडेड और हाई-एंड विकल्प के तौर पर तैयार किया गया है, जिसका सीधा मुकाबला समान स्पेसिफिकेशंस वाले अन्य किफायती मॉडल्स जैसे NexiGo PJ40 Pro से रहता है। रोजमर्रा की स्ट्रीमिंग को आसान बनाने के उद्देश्य से इसमें गूगल टीवी का सीधा सपोर्ट दिया गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं को अलग से कोई अतिरिक्त स्ट्रीमिंग स्टिक न लगानी पड़े। हालांकि कागजी फीचर्स के अलावा वास्तविक उपयोग में इसका प्रदर्शन कैसा रहता है, इसे अलग-अलग पैमानों पर परखना जरूरी है। डिजाइन और सेटअप के लिहाज से यह डिवाइस शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए काफी सरल बनाया गया है। इसमें ऑटोफोकस, ऑटो कीस्टोन करेक्शन और ऑब्स्टैकल अवॉयडेंस यानी बाधाओं से बचने जैसी सेटिंग्स शामिल की गई हैं, जो स्क्रीन के सामने दीवार पर तस्वीर को जल्दी सेट करने में मदद करती हैं। यह प्रोजेक्टर 80 से लेकर 200 इंच तक के साइज वाले स्क्रीन पर काम करने में सक्षम है। कनेक्टिविटी के मोर्चे पर फोन से कंटेंट मिरर करने के लिए इन-बिल्ट वाई-फाई और एक्सटर्नल स्पीकर जोड़ने के लिए ब्लूटूथ 5.1 मौजूद है। इसके अलावा इसमें 10 वॉट के बिल्ट-इन स्पीकर्स दिए गए हैं जो डॉल्बी ऑडियो को सपोर्ट करते हैं। इसके बावजूद हाई-बैंडविड्थ एचडीएमआई 2.1 का अभाव और 60Hz रिफ्रेश रेट तक सीमित होना उन उपयोगकर्ताओं को निराश कर सकता है जो आधुनिक गेमिंग कंसोल से पूरी रफ्तार चाहते हैं। होम थिएटर के माहौल में विजुअल परफॉर्मेंस होम थिएटर सेटअप के नजरिए से देखा जाए तो Aurzen EAZZE D1 MAX बहुत प्रभावी साबित नहीं होता। हालांकि अंधेरे दृश्यों में यह संतोषजनक गहरे काले स्तर प्रदर्शित कर लेता है, लेकिन इसमें इतनी ब्राइटनेस नहीं है कि तस्वीरों में जरूरी गहराई और बारीकियां उभर सकें। लो कंट्रास्ट रेशियो की वजह से दृश्यों में डेप्थ गायब रहती है, और ब्राइट कंटेंट के दौरान काले हिस्से हल्के या वॉश आउट नजर आते हैं। इसके अलावा यह रंगों की एक विस्तृत और जीवंत रेंज पेश करने में असमर्थ है, जिससे विजुअल्स में वह चमक या पंच नहीं दिखता जो सिनेमाई अनुभव के लिए जरूरी होता है। डिवाइस में फैक्ट्री सेटिंग्स यानी आउट ऑफ द बॉक्स ही एक स्पष्ट नीला रंग का टिंट दिखाई देता है, जिसे बाद में कैलिब्रेशन के जरिए भी ठीक करना काफी मुश्किल साबित होता है। वीडियो प्लेबैक में मोशन हैंडलिंग की बात करें तो यह किसी भी सोर्स से जडर को हटाने में नाकाम रहता है, जिसके चलते तेजी से चलने वाले दृश्यों में मूवमेंट झटकेदार यानी जिटरी दिखाई देता है। हालांकि इसमें सिंगल-चिप डीएलपी में दिखने वाला रेनबो इफेक्ट बिल्कुल मौजूद नहीं है, लेकिन पैनिंग शॉट्स के दौरान इमेज रिफ्लेक्शन की समस्या सामने आती है। साथ ही जब इसे अधिकतम ब्राइटनेस पर चलाया जाता है, तो इसका कूलिंग फैन काफी तेज आवाज करता है, जो शांत दृश्यों के दौरान देखने वालों का ध्यान भटका सकता है। आउटडोर और दिन के समय इस्तेमाल की चुनौतियां अगर आप इसे खुले आंगन या आउटडोर माहौल में इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं, तो वहां भी यह काफी सीमित साबित होता है। हालांकि आम एंट्री-लेवल मॉडल्स की तुलना में यह थोड़ा अधिक ब्राइट है, लेकिन यह बाहरी एम्बिएंट लाइट या चकाचौंध से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा इसकी ब्राइटनेस यूनिफॉर्मिटी काफी खराब है, जिसका मतलब है कि स्क्रीन के किनारों पर रोशनी काफी कम हो जाती है और किनारे बीच के मुकाबले साफ तौर पर डार्क दिखाई देते हैं। स्क्रीन का आकार जितना बड़ा होगा, यह असमानता उतनी ही ज्यादा खलेगी। हल्का और कॉम्पैक्ट होने की वजह से इसे घर से बाहर ले जाना निश्चित रूप से आसान है, और इसके लेंस कैप से सुरक्षा भी मिलती है। साथ ही ऑटो कीस्टोन, ऑटोफोकस और स्क्रीन फिट जैसी सेटिंग्स खुले स्थान में त्वरित इंस्टॉलेशन देती हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी तकनीकी सीमा यह है कि इसमें कोई ऑप्टिकल ज़ूम या लेंस शिफ्ट नहीं दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि आपको दीवार या स्क्रीन के बिल्कुल सेंटर में सही दूरी तय करके ही प्रोजेक्टर को रखना होगा, अन्यथा तस्वीर की शार्पनेस प्रभावित होगी और बिना लेंस शिफ्ट के ऑफ-सेंटर इमेज धुंधली दिखेगी। इसके अतिरिक्त इसमें कोई इन-बिल्ट बैटरी नहीं दी गई है, इसलिए बाहर ले जाने पर भी आपको हमेशा पास में किसी पावर सॉकेट का इंतजाम रखना पड़ेगा। बेडरूम स्ट्रीमिंग और गेमिंग की सीमाएं बेडरूम के सामान्य उपयोग के लिए Aurzen D1 MAX एक कामचलाऊ और औसत विकल्प साबित होता है। इसका हल्का ढांचा इसे एक कमरे से दूसरे कमरे में ले जाना बेहद सुविधाजनक बनाता है। बेडरूम की दीवार पर इसे सेट करते समय स्क्रीन फिट और ऑब्स्टैकल अवॉयडेंस जैसे टूल्स काफी मदद करते हैं। इन-बिल्ट गूगल टीवी की वजह से बिस्तर पर बैठकर सीधे अपने पसंदीदा शो स्ट्रीम किए जा सकते हैं। लेकिन अगर प्रोजेक्टर कमरे में ठीक सेंटर में न रखा जाए, तो लेंस शिफ्ट न होने की वजह से किनारे थोड़े धुंधले दिखते हैं। साथ ही कमरा छोटा होने पर इसका तेज फैन नॉइज अधिकतम ब्राइटनेस पर परेशान कर सकता है, इसलिए शांति से देखने के लिए ब्राइटनेस को कम करना एक व्यावहारिक मजबूरी बन जाती है। गेमिंग के दृष्टिकोण से Aurzen EAZZE D1 MAX बिल्कुल भी अनुशंसित नहीं है। इसका इनपुट लैग बहुत अधिक है, जिसके कारण कंट्रोलर के बटन दबाने और स्क्रीन पर एक्शन होने के बीच साफ देरी महसूस होती है। प्रतिक्रिया आधारित या तेज गति वाले एक्शन गेम्स में यह देरी गेमप्ले को पूरी तरह धीमा और सुस्त बना देती है। इसके साथ ही यह मात्र 60Hz रिफ्रेश रेट तक सीमित है और एलसीडी इमेजिंग तकनीक के चलते इसमें मोशन ब्लर साफ दिखाई देता है। कमजोर कंट्रास्ट और फीके रंगों के साथ मिलकर यह अनुभव गेमर्स के लिए बेहद निराशाजनक साबित होता है। इसका आप पर असर बजट में बड़ी स्क्रीन का मनोरंजन चाहने वाले आम उपभोक्ताओं के लिए यह उत्पाद कुछ व्यावहारिक सुविधाएं और कई सीमाएं लेकर आता है। • स्ट्रीमिंग देखने वालों के लिए: इन-बिल्ट गूगल टीवी की बदौलत आपको अलग से कोई स्ट्रीमिंग स्टिक नहीं खरीदनी पड़ेगी। आप बिना अतिरिक्त तारों के सीधे ओटीटी ऐप्स चला सकते हैं, हालांकि बेहतरीन पिक्चर के लिए कमरा पूरी तरह अंधेरा रखना होगा। • गेमर्स के लिए: यदि आप प्लेस्टेशन या एक्सबॉक्स जैसे कंसोल पर गेम्स खेलते हैं, तो यह डिवाइस आपके काम की नहीं है। अत्यधिक इनपुट लैग और 60Hz मोशन ब्लर की वजह से प्रतिक्रिया देने में देरी होगी और गेमिंग अनुभव धीमा लगेगा। • आउटडोर उपयोग करने वालों के लिए: इसे खुले में इस्तेमाल करने पर हमेशा एक्सटेंशन कॉर्ड और पावर प्लग की जरूरत होगी। इन-बिल्ट बैटरी न होने और एम्बिएंट लाइट में स्क्रीन फीकी पड़ने से बाहर का अनुभव बहुत सीमित रहेगा। • कमरे में प्लेसमेंट के लिए: कमरे में इसे रखने के लिए आपको दीवार के ठीक सामने सीधी मेज या स्टैंड की जरूरत पड़ेगी। ऑप्टिकल ज़ूम और लेंस शिफ्ट न होने के कारण साइड टेबल से स्क्रीन का आकार सही सेट करना बेहद मुश्किल होगा। ऐसा क्यों हुआ इस प्रोजेक्टर में दिखने वाली खूबियां और कमियां इसके बजट-केंद्रित आर्किटेक्चर और हार्डवेयर लागत नियंत्रण का सीधा नतीजा हैं। • हार्डवेयर डिजाइन और कंपोनेंट्स: लागत कम रखने के लिए इसमें किफायती सिंगल एलसीडी पैनल और बेसिक एलईडी लाइट इंजन का इस्तेमाल किया गया है। इसके चलते डिवाइस में ब्राइटनेस यूनिफॉर्मिटी कमजोर रहती है और किनारों पर अंधेरा दिखता है। • इमेज प्रोसेसिंग की सीमाएं: बजट प्रोसेसर के कारण यह मोशन जडर को पूरी तरह रिमूव नहीं कर पाता और इनपुट लैग अत्यधिक बढ़ जाता है। महंगे इमेज चिपसेट का न होना गेमिंग और वीडियो स्मूथनेस को सीधे प्रभावित करता है। • ऑप्टिकल मैकेनिज्म में कटौती: कॉम्पैक्ट फॉर्म फैक्टर और कम कीमत बनाए रखने के लिए लेंस शिफ्ट और ऑप्टिकल ज़ूम जैसे महंगे ग्लास कंपोनेंट्स शामिल नहीं किए गए। सारा फोकस डिजिटल कीस्टोन और ऑटोफोकस जैसे सॉफ्टवेयर फीचर्स पर रखा गया है। • थर्मल और फैन नॉइज: छोटे कैबिनेट से अधिकतम ब्राइटनेस वाली एलईडी गर्मी को बाहर फेंकने के लिए फैन को तेज गति पर चलना पड़ता है। यही कारण है कि फुल ब्राइटनेस पर पंखे का शोर काफी तेज हो जाता है। सवाल-जवाब 1. क्या Aurzen EAZZE D1 MAX में इन-बिल्ट बैटरी दी गई है? नहीं, इस प्रोजेक्टर में कोई इन-बिल्ट बैटरी नहीं है, इसलिए इसे चलाने के लिए हमेशा पावर आउटलेट में प्लग करना पड़ता है। 2. क्या यह प्रोजेक्टर 4K वीडियो चला सकता है? यह 1080p नेटिव रेजोल्यूशन का प्रोजेक्टर है और यह केवल 60Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। 3. क्या यह प्रोजेक्टर गेमिंग के लिए अच्छा है? नहीं, बहुत अधिक इनपुट लैग और 60Hz रिफ्रेश रेट के साथ मोशन ब्लर होने के कारण यह गेमिंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं है। 4. क्या इसमें अलग से स्ट्रीमिंग डिवाइस जोड़ने की जरूरत है? नहीं, इसमें पहले से ही गूगल टीवी पूरी तरह इंटीग्रेटेड है, जिससे आप सीधे कंटेंट स्ट्रीम कर सकते हैं। 5. क्या इसमें ऑप्टिकल ज़ूम या लेंस शिफ्ट मिलता है? नहीं, इसमें न तो ऑप्टिकल ज़ूम है और न ही लेंस शिफ्ट, इसलिए स्क्रीन साइज बदलने के लिए इसे फिजिकली आगे या पीछे करना पड़ता है। रिव्यू सारांश प्रोडक्ट: Aurzen EAZZE D1 MAX स्पेसिफिकेशन्स • प्रोजेक्टर का प्रकार: Standard Throw • नेटिव रेजोल्यूशन: 1080p • लाइट सोर्स: LED • इमेजिंग तकनीक: LCD • प्रोजेक्शन साइज: 80 to 200 inches • स्पीकर्स: 10W (Dolby Audio) • वायरलेस कनेक्टिविटी: Wi-Fi, Bluetooth 5.1 • रिफ्रेश रेट: 60Hz • स्मार्ट ओएस: Google TV खूबियां • कोई दृश्यमान आरबीई (रेनबो इफेक्ट) नहीं। • ऑटो कीस्टोन और स्क्रीन फिट जैसी ऑटो एडजस्टमेंट सेटिंग्स। • हल्का और कॉम्पैक्ट डिजाइन जिसे ले जाना आसान है। • अंधेरे दृश्यों में काफी गहरा काला रंग प्रदर्शित करता है। खामियां • कम कंट्रास्ट रेशियो के कारण तस्वीरों में गहराई की कमी। • किसी भी सोर्स से जडर को हटाने में असमर्थ। • मूविंग कंटेंट में इमेज रिफ्लेक्शन की समस्या। • अधिकतम ब्राइटनेस पर तेज आवाज करने वाला फैन। • आउट ऑफ द बॉक्स नीला टिंट मौजूद। • रंगों में पंच की कमी। • कोई ऑप्टिकल ज़ूम या लेंस शिफ्ट नहीं। • इन-बिल्ट बैटरी का अभाव। • एम्बिएंट चकाचौंध से ठीक से नहीं लड़ पाता। • मोशन ब्लर के साथ 60Hz रिफ्रेश रेट तक सीमित। • बहुत अधिक इनपुट लैग। • बेहद खराब ब्राइटनेस यूनिफॉर्मिटी; किनारे साफ तौर पर डार्क दिखते हैं। [Amazon पर खरीदें](https://www.amazon.in/s?k=Aurzen%20EAZZE%20D1%20MAX&tag=199102c-20) https://trendkia.com/gear/aurzen-ka-naya-1080p-projektara-ghara-aura-bedaruma-striminga-ke-lie-kitana-damadara-sabita-hota-hai-37258 TrendKia — Har trend, sabse pehle.