# बेंटले ने पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी टॉरकल पेश की, 888 हॉर्सपावर और 603 किमी रेंज के साथ लग्जरी ईवी बाजार में दी दस्तक

> ब्रिटिश लग्जरी ऑटोमेकर बेंटले ने अपनी पहली पूर्ण इलेक्ट्रिक एसयूवी टॉरकल पेश कर दी है, जो 16 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकती है और 2.9 सेकंड में 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

**Type:** article · **Category:** गैजेट्स · **Published:** 2026-09-23 · **Source:** TrendKia
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**Tags:** बेंटले टॉरकल, इलेक्ट्रिक एसयूवी, लग्जरी ईवी, बेंटले, ऑटोमोबाइल, रेंज रोवर इलेक्ट्रिक

ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता बेंटले ने अपनी पहली ऑल-इलेक्ट्रिक एसयूवी टॉरकल को आधिकारिक तौर पर दुनिया के सामने पेश कर दिया है। यह गाड़ी न केवल 375 मील (डब्ल्यूएलटीपी चक्र पर लगभग 603 किलोमीटर) तक की ड्राइविंग रेंज पेश करती है, बल्कि ईपीए मानकों पर भी इसकी रेंज 330 मील तक रहने का अनुमान है। चार्जिंग क्षमता के मामले में भी यह बेहद उन्नत है, जहां 400 किलोवाट क्षमता वाले फास्ट चार्जर से इसकी बैटरी केवल 16 मिनट में 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। आकार के हिसाब से यह बेंटेगा के मुकाबले थोड़ी छोटी और अधिक कॉम्पैक्ट बनाई गई है, जो इसे शहरी माहौल के लिए एक संतुलित विकल्प बनाती है।

## दमदार रफ्तार और दो पावरट्रेन विकल्प
पांच सीटों वाली यह लग्जरी एसयूवी ऑल-व्हील ड्राइव सेटअप के साथ आती है, जिसके दोनों एक्सल पर एक-एक ताकतवर इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है। इसके स्पोर्टिंग 'एस' मॉडल में कुल 888 मीट्रिक हॉर्सपावर (पीएस) की ताकत और 1,350 न्यूटन-मीटर (एनएम) का जबरदस्त टॉर्क मिलता है। इस जबरदस्त पावर के दम पर टॉरकल एस केवल 2.9 सेकंड में स्थिर अवस्था से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है, जबकि इसकी शीर्ष गति 162 मील प्रति घंटा दर्ज की गई है।

कंपनी ने इसके साथ एक 'कोर' वेरिएंट भी पेश किया है। इस मानक मॉडल में 821 पीएस की पावर और 1,194 एनएम का टॉर्क दिया गया है। कोर मॉडल 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार 3.4 सेकंड में हासिल कर लेता है और इसकी अधिकतम रफ्तार 155 मील प्रति घंटा सीमित रखी गई है।

## लग्जरी ईवी बाजार की सुस्ती के बीच बड़ा दांव
अल्ट्रा-लग्जरी कार कंपनियों के लिए पारंपरिक पेट्रोल इंजन छोड़कर बैटरी की तरफ बढ़ना आसान नहीं रहा है, जिसका सीधा असर उनके पारंपरिक खरीदारों की मांग पर दिख रहा है। फेरारी जैसी कंपनियां भी इस बदलाव को लेकर सतर्क हैं। बेंटले की यह पहली इलेक्ट्रिक गाड़ी ऐसे समय में आ रही है जब सुपर-लग्जरी इलेक्ट्रिक सेगमेंट भारी दबाव से गुजर रहा है। उदाहरण के लिए, लेम्बोर्गिनी ने अपनी इलेक्ट्रिक जीटी लांजाडोर के प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया, जिसके बारे में सीईओ स्टीफन विंकलमैन ने साफ कहा था कि खरीदारों की तरफ से मांग शून्य के करीब पहुंच चुकी थी।

इसी तरह, मर्सिडीज-बेंज अप्रैल 2025 तक पूरे यूरोप में अपनी इलेक्ट्रिक जी-वैगन की केवल 1,450 यूनिट्स ही बेच पाई। रोल्स-रॉयस की इलेक्ट्रिक कूपे स्पेक्टर की बिक्री भी करीब 50 प्रतिशत तक लुढ़क चुकी है, और कंपनी अब इसे उबारने के लिए मॉडल रिफ्रेश का सहारा ले रही है। बेंटले ने इस माहौल को भांपते हुए अपने पारंपरिक हेरिटेज और क्राफ्ट्समैनशिप को ही मुख्य हथियार बनाया है। कंपनी का कहना है कि चाहे भविष्य में पावरट्रेन कोई भी हो, डिजाइन, तकनीक और लग्जरी के मामले में टॉरकल आने वाली सभी बेंटले कारों के लिए एक बुनियादी ढांचा तैयार करती है।

## कीमत और रेंज रोवर इलेक्ट्रिक से मुकाबला
बेंटले टॉरकल सीधे तौर पर सुपर-लग्जरी खरीदारों को आकर्षित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके बेस मॉडल की कीमत 2,18,000 डॉलर (1,73,300 पाउंड) तय की गई है, जबकि इसका टॉप-स्पेक 'फर्स्ट एडिशन एस' 2,58,200 डॉलर (1,99,300 पाउंड) में उपलब्ध होगा। अमेरिकी बाजार में लगभग समान ड्राइविंग रेंज देने वाली रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की शुरुआती कीमत 1,38,000 डॉलर है। हालांकि, टॉरकल का वास्तविक मुकाबला रेंज रोवर इलेक्ट्रिक ऑटोबायोग्राफी वेरिएंट से है, जिसकी कीमत 2,08,000 डॉलर रखी गई है। बेंटले की रणनीति जेएलआर के उन संपन्न ग्राहकों को लुभाने की है, जो महज 10,000 डॉलर अतिरिक्त खर्च करके एक संपूर्ण बेंटले बैज वाली एसयूवी हासिल कर सकते हैं।

## डाइमेंशन और एक्सटीरियर डिजाइन
आकार के मामले में टॉरकल की कुल लंबाई 4,983 मिमी है, जो बेंटेगा से 161 मिमी कम है, जबकि इसकी चौड़ाई 2,016 मिमी मापी गई है। यह चौड़ाई और लंबाई में काफी हद तक रेंज रोवर इलेक्ट्रिक के समान है, लेकिन ऊंचाई के मामले में दोनों में बड़ा अंतर दिखता है। रेंज रोवर इलेक्ट्रिक की ऊंचाई टॉरकल से लगभग 20 सेंटीमीटर अधिक है, जो उसे एक ऊंचा स्टांस देती है। हालांकि बेंटले का दावा है कि टॉरकल में ऑफ-रोड क्षमताएं मौजूद हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से रेंज रोवर इलेक्ट्रिक ऑफ-रोडिंग में आगे रह सकती है।

बाहरी डिजाइन की बात करें तो टॉरकल की रूफलाइन पीछे की ओर झुकी हुई है, जिससे इसका एयरोडायनामिक ड्रैग कम होता है। पीछे की तरफ बिल्कुल नए लाइट क्लस्टर और छत पर स्विचेबल ग्लास सनरूफ दिया गया है। सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट फेसिया पर दिखता है। इलेक्ट्रिक पावरट्रेन होने के कारण पारंपरिक रेडिएटर ग्रिल की जरूरत खत्म हो गई थी, इसलिए बेंटले ने आगे एक ठोस पैनल लगाया है जो प्रदीप्त ऐक्रेलिक क्रिस्टल से सजा है। जैसे ही ड्राइवर गाड़ी के करीब पहुंचता है, ये क्रिस्टल जल उठते हैं, जो अंधेरे में या रियरव्यू मिरर में बेहद आक्रामक और स्पष्ट चमक पैदा करते हैं।

## इंटीरियर क्राफ्ट्समैनशिप और इको-फ्रेंडली मटेरियल
केबिन के अंदर कदम रखते ही लग्जरी की भव्यता नजर आती है। गाड़ी के चारों पावर डोर खुलते ही सामने मुड़ा हुआ ओएलईडी डिस्प्ले और फिजिकल कंट्रोल बटन दिखाई देते हैं। केंद्रीय स्क्रीन का झुकाव नीचे की तरफ है जो नई केयेन से मेल खाता है, लेकिन बेंटले ने इसमें को-पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन का विकल्प जानबूझकर नहीं दिया है।

इंटीरियर में सस्टेनेबल और नए मटेरियल का अनोखा प्रयोग देखने को मिलता है। बेंटले ने फॉक्स ब्रदर्स के साथ मिलकर एक खास ऊनी कपड़ा तैयार करवाया है, जो इतना मजबूत है कि उसका उपयोग डोर पैनल और केबिन के अंदर किया जा सके। इसके अलावा अखरोट की बची हुई लकड़ी और रीसायकल किए गए कागज की 1,000 परतों को आपस में दबाकर एक नया वुड फिनिश तैयार किया गया है, जिसे बाद में एक मिलीमीटर से भी कम मोटाई में काटकर डैशबोर्ड पर सजाया गया है। सीटों में पावर-फोल्डिंग और मसाज की सुविधा मिलती है। ऑडियो सिस्टम के लिए 1,780 वॉट का ऑप्शनल नेम ऑडियो सेटअप है, जिसमें 28 स्पीकर, सीट शेकर्स, हेडरेस्ट स्पीकर और डॉल्बी एटमॉस 7.1 सपोर्ट शामिल है।

## ऑडियो-विजुअल में असली क्रिस्टल और रियल म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स
बेंटले ने केबिन के डिजिटल डिस्प्ले और साउंडस्केप में अत्यधिक बारीकी से काम किया है। स्क्रीन पर दिखने वाले ग्लास एनिमेशन को जब कंप्यूटर से तैयार किया गया, तो वे बहुत कृत्रिम लगे क्योंकि कंप्यूटर मॉडल असली कांच की सूक्ष्म खामियों और प्रकाश के अपवर्तन को पूरी तरह से नहीं पकड़ पा रहा था। इसके बाद बेंटले ने असली क्रिस्टल से गुजरती रोशनी को कैमरे में रिकॉर्ड करके स्क्रीन एनिमेशन तैयार किया।

इसी तरह इलेक्ट्रिक कारों में इंजन साउंड के मुद्दे पर बेंटले ने सिंथेटिक डिजिटल टोन के बजाय असली वाद्ययंत्रों का सहारा लिया। कंपनी ने ड्रम, वायोला और बास गिटार जैसे वाद्ययंत्रों की मदद से बेंटले वी8 इंजन की ताल और आवाज को रीक्रिएट किया, ताकि ड्राइविंग के दौरान ड्राइवर को वास्तविक आवाज का अहसास हो। जो खरीदार पूर्ण शांति चाहते हैं, वे इस साउंड को पूरी तरह बंद भी कर सकते हैं। इतना ही नहीं, टर्न इंडिकेटर की आवाज चमड़े पर हथौड़े के हल्के वार से और डिजिटल असिस्टेंट की वेक-अप टोन क्रिस्टल ग्लास के किनारे पर उंगली घुमाने से तैयार की गई है।

## असिस्टेड ड्राइविंग और संकरी गलियों में ऑटो-रिवर्सल
तकनीक के मोर्चे पर टॉरकल में ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले, चेहरे की पहचान (फेशियल रिकॉग्निशन) के जरिए ऑटो ड्राइवर प्रोफाइल सेटिंग, मोबाइल फोन डिजिटल की, और 'रिफ्रेश' मोड दिया गया है जो केबिन के माहौल को जीवंत बनाने के लिए रोशनी और एयर फ्लो का उपयोग करता है। सुरक्षा और ड्राइविंग सहायता के लिए गाड़ी में 25 राडार, सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं।

एक बेहद व्यावहारिक फीचर इसका स्पेस डिटेक्शन सिस्टम है। अगर किसी संकरी सड़क पर सामने से कोई दूसरी गाड़ी आ जाती है, तो टॉरकल अपने पहले से पहचाने गए पिछले सुरक्षित बिंदु तक अपने आप रिवर्स होकर पहुंच जाती है, जिससे सामने वाली गाड़ी आसानी से निकल सके।

## चीनी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा और बेंटले की विरासत
हालांकि ये सभी फीचर्स आधुनिक ऑटोमोबाइल की दुनिया में अब पूरी तरह अभूतपूर्व नहीं रह गए हैं। चीनी वाहन निर्माता लग्जरी एसयूवी सेगमेंट में तेजी से पांव पसार रहे हैं और काफी कम कीमत पर आधुनिक तकनीक पेश कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर शाओमी की नई स्काईनोमैड्स अगले साल यूरोपीय बाजार में उतरने वाली हैं। ये गाड़ियां बेंटले और रेंज रोवर दोनों के मुकाबले काफी सस्ती होंगी। इनमें अधिक ड्राइविंग रेंज, केबिन में इन-बिल्ट प्रोजेक्टर, रीकॉन्फिगरेबल सीटिंग सिस्टम और यहां तक कि हीटेड फ्लोर की सुविधा भी दी जा रही है।

एशियाई कंपनियों से मिल रही इस कड़ी चुनौती के बीच बेंटले की पैरेंट कंपनी वोक्सवैगन ग्रुप 50,000 नौकरियों की कटौती करने जा रही है, हालांकि बेंटले वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति में है। वॉलिसर के अनुसार इस चुनौती का एकमात्र और सबसे मजबूत जवाब कंपनी की 1919 से चली आ रही 100 से अधिक वर्षों की अनूठी विरासत है। बेंटले को भरोसा है कि हाथ से तराशी गई लग्जरी और इतिहास का यह मेल खरीदारों को इलेक्ट्रिक युग में भी आकर्षित करता रहेगा।

## इसका आप पर असर
बेंटले टॉरकल का आगमन यह दर्शाता है कि अल्ट्रा-लग्जरी कार बाजार अब पूरी तरह से सुपरफास्ट चार्जिंग और टिकाऊ मैटेरियल वाली इलेक्ट्रिक तकनीक की ओर झुक रहा है।

- **लग्जरी खरीदारों के लिए:** जो ग्राहक 2 लाख डॉलर से अधिक की रेंज में इलेक्ट्रिक एसयूवी खरीदना चाहते हैं, उनके पास अब रेंज रोवर के मुकाबले एक नया अल्ट्रा-लग्जरी ब्रिटिश विकल्प उपलब्ध होगा। खरीदार केवल 10,000 डॉलर अतिरिक्त खर्च करके रेंज रोवर के शीर्ष मॉडल से बेंटले के अधिक प्रतिष्ठित बैज पर अपग्रेड कर सकते हैं।
- **चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में:** यह एसयूवी 400 किलोवाट की अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग का समर्थन करती है, जो महज 16 मिनट में लंबी दूरी तय करने लायक चार्ज दे देती है। हालांकि, इस गति का पूरा लाभ उठाने के लिए हाइवे पर अत्यधिक उच्च क्षमता वाले डीसी फास्ट चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता अनिवार्य होगी।
- **पारंपरिक ऑटोमोबाइल उद्योग पर प्रभाव:** इस मॉडल से स्पष्ट होता है कि यूरोपीय कार निर्माता चीनी इलेक्ट्रिक प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए अपनी 100 साल पुरानी विरासत और हैंडक्राफ्टेड फिनिशिंग पर जोर दे रहे हैं। आने वाले समय में अन्य लग्जरी ब्रांड्स भी डिजिटल साउंड और स्क्रीन एनिमेशन के बजाय प्राकृतिक कला और हाथ से बनी सामग्रियों को प्राथमिकता दे सकते हैं।
- **सेकेंड हैंड और रीसेल मार्केट में:** लेम्बोर्गिनी, मर्सिडीज और रोल्स-रॉयस जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक कारों की घटती मांग के बीच टॉरकल का बाजार प्रदर्शन यह तय करेगा कि महंगी लग्जरी ईवी अपनी रीसेल वैल्यू बनाए रख पाती हैं या नहीं। खरीदारों को इन अति-महंगी इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रीसेल वैल्यू और बैटरी लाइफ पर करीबी नजर रखनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
बेंटले ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी टॉरकल को वैश्विक नियमों और भविष्य के मोबिलिटी रुझानों को देखते हुए विकसित किया है, भले ही इस समय सुपर-लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों की मांग में भारी गिरावट देखी जा रही है। कंपनी का लक्ष्य पारंपरिक पेट्रोल इंजन वाले वफादार ग्राहकों को खोए बिना आधुनिक इलेक्ट्रिक तकनीक में अपनी जगह बनाना है।

- **लग्जरी ईवी बाजार में मंदी का दबाव:** अमीर खरीदार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में हिचकिचा रहे हैं, जिसके कारण लेम्बोर्गिनी ने अपनी लांजाडोर परियोजना को रोक दिया और रोल्स-रॉयस स्पेक्टर की बिक्री में 50 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। बेंटले ने इस सुस्ती का मुकाबला करने के लिए टॉरकल में रोबोटिक या कृत्रिम फीचर्स के बजाय असली वाद्ययंत्रों की आवाज और हैंडक्राफ्टेड वुड फिनिशिंग का इस्तेमाल किया है।
- **रेंज रोवर इलेक्ट्रिक से सीधी प्रतिस्पर्धा:** जेएलआर की रेंज रोवर इलेक्ट्रिक के बाजार में आने से लग्जरी एसयूवी वर्ग में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। बेंटले ने टॉरकल को 2,18,000 डॉलर की कीमत पर पेश किया है ताकि वह रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी मॉडल के ग्राहकों को अपनी ओर खींच सके।
- **चीनी कंपनियों की बढ़ती तकनीकी चुनौती:** शाओमी जैसी चीनी कंपनियां स्काईनोमैड्स जैसी आधुनिक और कम कीमत वाली एसयूवी लेकर यूरोपीय बाजार में उतर रही हैं। इन टेक-लोडेड एशियाई वाहनों के मुकाबले खड़े होने के लिए बेंटले अपनी 1919 से चली आ रही ऐतिहासिक विरासत, ब्रांड प्रतिष्ठा और बेजोड़ कारीगरी को अपनी मुख्य ताकत बना रही है।

## सवाल-जवाब

### 1. बेंटले टॉरकल की ड्राइविंग रेंज कितनी है?
बेंटले टॉरकल डब्ल्यूएलटीपी चक्र पर 375 मील (लगभग 603 किमी) तक की रेंज देती है, जबकि ईपीए मानक पर इसकी रेंज लगभग 330 मील रहने का अनुमान है।

### 2. बेंटले टॉरकल को 10 से 80 प्रतिशत चार्ज होने में कितना समय लगता है?
400 किलोवाट क्षमता वाले फास्ट चार्जर से टॉरकल की बैटरी मात्र 16 मिनट में 10 से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है।

### 3. टॉरकल एस मॉडल की पावर और टॉप स्पीड क्या है?
टॉरकल एस में 888 हॉर्सपावर और 1,350 एनएम का टॉर्क मिलता है, जिससे यह 2.9 सेकंड में 0 से 60 मील प्रति घंटा की रफ्तार और 162 मील प्रति घंटा की टॉप स्पीड पकड़ लेती है।

### 4. बेंटले टॉरकल की शुरुआती कीमत कितनी रखी गई है?
इसके बेस कोर मॉडल की कीमत 2,18,000 डॉलर (1,73,300 पाउंड) और फर्स्ट एडिशन एस मॉडल की कीमत 2,58,200 डॉलर (1,99,300 पाउंड) है।

### 5. बेंटले टॉरकल का इंटीरियर किन अनोखी सामग्रियों से बना है?
इसके केबिन में फॉक्स ब्रदर्स द्वारा तैयार खास मजबूत ऊनी कपड़ा, रीसायकल किए गए कागज और अखरोट की 1,000 परतों से बना वुड फिनिश और असली क्रिस्टल का उपयोग किया गया है।

### 6. टॉरकल का स्पेस डिटेक्शन फीचर संकरी सड़कों पर कैसे काम करता है?
अगर किसी संकरी सड़क पर सामने से दूसरी गाड़ी आ जाती है, तो टॉरकल अपने सेंसर की मदद से पहले से तय सुरक्षित स्थान तक अपने आप रिवर्स होकर रास्ता दे देती है।

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