बिना पहने नींद ट्रैक करेगी हैच स्लीप क्लॉक, सनराइज अलार्म के साथ मिलेंगे खास फीचर्स हैच स्लीप क्लॉक बिना किसी वियरेबल गैजेट के आपकी नींद पर नजर रखती है, लेकिन सही डेटा पाने के लिए इसे बिस्तर के पास सही ऊंचाई और दूरी पर रखना बेहद जरूरी है। रात में सोते समय स्मार्टवॉच या स्मार्ट रिंग पहनना हर किसी को पसंद नहीं आता। इसी समस्या को ध्यान में रखकर हैच स्लीप क्लॉक को एक कॉन्टैक्टलेस स्लीप ट्रैकर और सनराइज अलार्म के रूप में पेश किया गया है। यह डिवाइस सुबह प्राकृतिक रोशनी जैसा अहसास देकर जगाने का काम करती है और रात भर शरीर पर कुछ भी पहने बिना स्लीप ट्रैकिंग की सुविधा देती है। इसके बावजूद, ओरा जैसी लोकप्रिय स्मार्ट रिंग के मुकाबले इसका ट्रैकिंग अनुभव काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपने इसे कमरे में कहाँ रखा है। सटीक ट्रैकिंग के लिए सही जगह पर रखना जरूरी इस स्लीप क्लॉक के साथ सबसे बड़ी शर्त इसकी बनावट नहीं, बल्कि इसकी सही पोजीशनिंग है। हैच के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, इस डिवाइस को अपनी बेडसाइड टेबल पर गद्दे के बिल्कुल समानांतर स्तर पर रखना होता है। जब आप बिस्तर पर लेटें, तो इसका मुख सीधे आपकी छाती की तरफ होना चाहिए। इसके अलावा, डिवाइस और आपके शरीर के बीच की दूरी लगभग 2 से 4 फीट होनी चाहिए और इस बीच कोई भी रुकावट नहीं आनी चाहिए। यदि आपकी बेडसाइड टेबल जरूरत से ज्यादा नीची है, तो घड़ी को कुछ किताबों के ऊपर रखकर सही ऊंचाई देनी पड़ सकती है। वहीं अगर टेबल ज्यादा ऊंची है, तो या तो गद्दे की ऊंचाई बढ़ानी होगी या फिर दीवार पर सही स्तर पर एक अलग शेल्फ लगाना पड़ेगा। यदि टेबल पर चाबियां, पानी की बोतल या कोई अन्य सजावटी सामान रखा है, तो वे सेंसर के रास्ते में आ सकते हैं। ऐप में डेटा गैप दिखने की कोई खास चेतावनी नहीं मिलती और यह ट्रैकिंग केवल तभी रोकती है जब व्यक्ति फ्रेम से बाहर हो या प्लग निकाल दिया जाए। प्राइवेसी सुरक्षा और सीमित फीचर्स का संतुलन बेडरूम में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को लगाते समय सबसे बड़ा सवाल निजता का उठता है। इस मामले में यह डिवाइस काफी सुरक्षित महसूस होती है क्योंकि इसमें कोई भी कैमरा या माइक्रोफोन नहीं दिया गया है। इसका मतलब यह भी है कि यह आपके खर्राटों या कमरे में होने वाले अन्य व्यवधानों को रिकॉर्ड नहीं कर पाएगी, लेकिन बेडरूम की प्राइवेसी के लिहाज से यह एक व्यावहारिक फैसला माना जा सकता है। कंपनी के अनुसार, यह गैजेट आपके लोकल नेटवर्क पर संवाद करता है और होम नेटवर्क के अन्य डेटा तक अपनी पहुंच नहीं बनाता। साथ ही, यह किसी भी तरह के डेटा ट्रांसमिशन को रिकॉर्ड नहीं करता है। अगर आप बिना कुछ पहने नींद के बुनियादी पैटर्न पर नजर रखना चाहते हैं, तो यह एक साफ-सुथरा विकल्प साबित होता है। इसका आप पर असर यह डिवाइस उन लोगों के लिए एक आसान समाधान है जो बिना किसी स्मार्टवॉच या अंगूठी को पहने अपनी नींद ट्रैक करना चाहते हैं। • उपयोगकर्ताओं के लिए: रात को सोते समय भारी वियरेबल गैजेट्स पहनने से पूरी तरह छुटकारा मिल जाता है। आप बिना किसी असुविधा के केवल डिवाइस को टेबल पर रखकर अपनी नींद की निगरानी कर सकते हैं। • कमरे की व्यवस्था: बेडसाइड टेबल की ऊंचाई और स्थिति को बिल्कुल सटीक रखना अनिवार्य होगा। अगर टेबल सही ऊंचाई पर नहीं है तो आपको शेल्फ या अतिरिक्त स्टैंड का सहारा लेना पड़ सकता है। • निजता का भरोसा: कमरे में कैमरा या माइक्रोफोन न होने से आपकी निजी जिंदगी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। किसी भी बातचीत या निजी पलों के रिकॉर्ड होने का कोई डर नहीं रहता। • ट्रैकिंग की सीमाएं: खर्राटों या आवाज वाले व्यवधानों का विश्लेषण इस डिवाइस में उपलब्ध नहीं होगा। आवाज से जुड़ी नींद की समस्याओं के लिए आपको अन्य स्वास्थ्य उपकरणों की मदद लेनी होगी। ऐसा क्यों हुआ कॉन्टैक्टलेस स्लीप मॉनिटरिंग तकनीक को इसलिए विकसित किया गया ताकि लोगों को सोते समय हाथ या उंगलियों पर गैजेट्स पहनने की परेशानी न उठानी पड़े। • तकनीकी सीमाएं: चूंकि डिवाइस बिना छुए सेंसर तरंगों से शरीर की हलचल पकड़ती है, इसलिए इसे 2 से 4 फीट की दूरी और छाती के स्तर पर रखना अनिवार्य होता है। किसी भी अवरोध या गलत कोण के कारण सिग्नल कमजोर हो जाता है। • प्राइवेसी को प्राथमिकता: बेडरूम में कैमरे या माइक लगाने को लेकर उपभोक्ताओं में गहरा अविश्वास रहता है। इसी वजह से कंपनी ने हार्डवेयर में माइक्रोफोन और कैमरे को पूरी तरह से हटा दिया है। • डेटा रिपोर्टिंग का तरीका: उपकरण केवल तभी मॉनिटरिंग बंद करता है जब इंसान कमरे में न दिखे या बिजली कट जाए। वर्तमान सॉफ्टवेयर मामूली व्यवधानों या सिग्नलों के छूट जाने पर अलर्ट जारी नहीं करता। सवाल-जवाब 1. हैच स्लीप क्लॉक को बिस्तर से कितनी दूरी पर रखना चाहिए? इस डिवाइस को बिस्तर से 2 से 4 फीट की दूरी पर और सीधे अपनी छाती के स्तर पर रखना जरूरी है। 2. क्या हैच स्लीप क्लॉक में कैमरा या माइक लगा है? नहीं, बेडरूम की प्राइवेसी बनाए रखने के लिए इसमें कोई भी कैमरा या माइक्रोफोन नहीं दिया गया है। 3. क्या यह घड़ी खर्राटों की समस्या को रिकॉर्ड कर सकती है? माइक्रोफोन न होने की वजह से यह खर्राटों या आवाज से जुड़े व्यवधानों को ट्रैक नहीं कर सकती। 4. क्या बेडसाइड टेबल पर रखा सामान इसकी ट्रैकिंग को प्रभावित करता है? हां, घड़ी और आपके शरीर के बीच में आने वाली चीजें या टेबल पर बिखरा सामान सेंसर की सटीकता को प्रभावित कर सकता है। https://trendkia.com/gear/bina-pahane-ninda-traika-karegi-hatch-sleep-clock-sanaraija-alarma-ke-satha-milenge-kai-phicharsa-50011 TrendKia — Har trend, sabse pehle.