न्यूयॉर्क में जगुआर ने पेश की अपनी इलेक्ट्रिक सेडान टाइप 01, क्या बदल पाएगी लग्जरी कार बाजार का गणित ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता जगुआर ने न्यूयॉर्क में अपनी नई चार दरवाजों वाली इलेक्ट्रिक जीटी टाइप 01 पेश की है, जो 1,030 पीएस की ताकत और 400 मील रेंज के साथ ब्रांड को पूरी तरह नए खरीदारों तक पहुंचाने का बड़ा दांव है। ब्रिटिश लग्जरी कार निर्माता कंपनी जगुआर ने महीनों की गहमागहमी, रीब्रांडिंग पर छिड़े विवाद और नए मॉडलों की बिक्री थमने के लंबे दौर के बाद अपनी नई इलेक्ट्रिक चार दरवाजों वाली जीटी कार टाइप 01 को आधिकारिक तौर पर दुनिया के सामने रख दिया है। न्यूयॉर्क शहर में मंगलवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस कार के उत्पादन मॉडल से पर्दा उठाया गया, जो पहले दिखाए गए टाइप 00 कॉन्सेप्ट का अंतिम रूप है। कंपनी इस वाहन को एक ऐसे नए दौर की शुरुआत के तौर पर पेश कर रही है, जहां वह न केवल पूरी तरह से बैटरी पर चलने वाली तकनीक अपना रही है, बल्कि पारंपरिक खरीदारों के दायरे से बाहर निकलकर एक नई पीढ़ी को अपनी ओर खींचना चाहती है। जगुआर की इस नई दिशा को लेकर पिछले कुछ समय से ऑटोमोबाइल जगत में लगातार बहस चल रही थी। कंपनी के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर जेरी मैकगवर्न, जिन्होंने इस पूरी तरह से इलेक्ट्रिक डिजाइन और बिना कार वाले विवादास्पद विज्ञापन अभियान को मंजूरी दी थी, उनके पद छोड़ने सहित नेतृत्व स्तर पर कई बड़े फेरबदल हुए। इसके बावजूद जगुआर के प्रबंध निदेशक रॉडन ग्लोवर ने ब्रांड की इस नई रणनीति पर पूरा भरोसा बनाए रखा। उनका मानना था कि जब ग्राहक इस तैयार लक्जरी चार दरवाजों वाली जीटी को असल रूप में देखेंगे, तो कंपनी का फैसला पूरी तरह समझ में आने लगेगा। डिजाइन में अनोखा संतुलन और एयरोडायनामिक्स टाइप 01 की बाहरी बनावट को देखते ही इसका खास अंदाज सामने आता है। कार की छत काफी नीची रखी गई है, आगे का ओवरहैंग छोटा है और पिछला हिस्सा लंबा खींचा गया है। इसके साथ ही इसमें लंबा हुड और 23 इंच के बड़े पहिये दिए गए हैं, जो पहले प्रोटोटाइप में दिखाए गए वादों को सच करते हैं। कार का कैब-रियर डिजाइन दोनों धुरों के बीच 50-50 के सटीक वजन संतुलन को छुपाए रखता है। इतने बड़े आकार और चौड़ी सतहों के बावजूद यह अब तक की सबसे एयरोडायनामिक जगुआर है। इसमें सक्रिय वेंस, बाहर निकलने वाला स्पॉइलर और हवा के बहाव को नियंत्रित करने वाली खास इंजीनियरिंग जोड़ी गई है, जिससे इसका ड्रैग गुणांक 0.23 सीडी हासिल हुआ है। प्रोटोटाइप की तुलना में उत्पादन मॉडल में जोड़े गए दो अतिरिक्त दरवाजे इस डिजाइन को अधिक स्वाभाविक और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए व्यावहारिक बनाते हैं। सामने के हिस्से को भी पहले के मुकाबले थोड़ा सौम्य बनाया गया है, जिससे इसका आगे का चेहरा बहुत ज्यादा सख्त नजर नहीं आता। कार के पिछले हिस्से में सबसे आकर्षक काम देखने को मिलता है, जहां क्षैतिज धारियों के भीतर पूरी चौड़ाई में फैली ऐसी लाइटें दी गई हैं जो जलने से पहले छिपी रहती हैं और ऑन होते ही सामने आती हैं। ताकत, रफ्तार और बैटरी के आंकड़े क्षमता के मामले में टाइप 01 को सड़क पर चलने वाली अब तक की सबसे ताकतवर जगुआर कार बनाया गया है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटरों का सेटअप मिलता है, जिसमें आगे की धुरी पर 260 किलोवाट (kW) की मोटर और पीछे 310-310 किलोवाट की दो अलग-अलग मोटरें लगी हैं। यह पूरा सिस्टम मिलकर 1,030 पीएस (Pferdestärke) तक की जबरदस्त ताकत और 1,365 न्यूटन-मीटर का टॉर्क पैदा करता है। शून्य से 62 मील प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ने में इसे केवल 3.2 सेकंड का समय लगता है। कंपनी का कहना है कि कार में हमेशा अतिरिक्त ताकत आरक्षित रहती है, और यही वजह है कि 62 मील प्रति घंटे से 112 मील प्रति घंटे की गति तक पहुंचने में इसे महज 4 सेकंड का समय और लगता है। कार की कुल लंबाई 5,235 मिलीमीटर और ऊंचाई 1,403 मिलीमीटर है। इतने लंबे-चौड़े आकार के बावजूद इसमें ऑल-व्हील स्टीयरिंग दी गई है, जिससे यह सड़क और मोड़ों पर चलाने में बेहद फुर्तीली महसूस होती है। जगुआर के अपने विशेष 850-वोल्ट आर्किटेक्चर पर तैयार इस गाड़ी में 118 किलोवाट-घंटे (kWh) की उपयोगी बैटरी दी गई है। यह सेटअप ईपीए मानकों के तहत 400 मील तक की ड्राइविंग रेंज (डब्ल्यूएलटीपी चक्र पर 450 मील) देने में सक्षम है। वहीं लगातार तेज गति से हाईवे पर चलाने पर भी यह 320 मील तक का सफर तय कर सकती है। फास्ट चार्जिंग के मामले में 350 किलोवाट के रैपिड डीसी चार्जर की मदद से मात्र 13 मिनट में 200 मील की रेंज जोड़ी जा सकती है। केबिन के भीतर लग्जरी और आधुनिक तकनीक गाड़ी के अंदर का वातावरण पारंपरिक लग्जरी से बिल्कुल अलग नजर आता है। केबिन के बीचों-बीच पूरी लंबाई में एक केंद्रीय स्पाइन फैली है, जो हर यात्री के लिए एक अलग निजी जगह तैयार करती है। इंटीरियर में पीतल से प्रेरित फिनिशिंग का इस्तेमाल किया गया है जो लक्जरी का अहसास कराती है। सिर के ऊपर एक पैनोरमिक ग्लास रूफ दी गई है जिसमें वर्चुअल ब्लाइंड्स लगे हैं, जिनकी मदद से रोशनी को जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस कार में पीछे का पारंपरिक शीशा (रियर विंडस्क्रीन) नहीं दिया गया है। इसकी जगह विंडस्क्रीन के निचले हिस्से में लगे पैनोरमिक साउंडबार के केंद्र में क्लियरसाइट डिजिटल रियरव्यू डिस्प्ले फिट किया गया है। पीछे लगे कैमरे की स्क्रीन को ठीक उसी ऊंचाई पर रखा गया है जहां साइड मिरर होते हैं, ताकि ड्राइवर को नजर इधर-उधर करने पर आंखों को बार-बार फोकस बदलने की परेशानी न झेलनी पड़े। ड्राइवर के सामने 24 इंच की बड़ी ओएलईडी स्क्रीन लगी है जो डैशबोर्ड के बीच तक जाती है। वहीं ड्राइवर और आगे बैठे सह-यात्री के बीच एक 7 इंच की स्मार्टफोन जैसी स्क्रीन दी गई है, जिससे एसी और ऑडियो जैसे रोजमर्रा के फीचर्स नियंत्रित होते हैं। केबिन में किसी भी तरह के भौतिक बटन या स्विच नहीं छोड़े गए हैं और सब कुछ टचस्क्रीन के जरिए संचालित होता है। सीटों में 12 तरह के इलेक्ट्रिक एडजस्टमेंट के साथ हॉट स्टोन मसाज इफेक्ट दिया गया है। केबिन में एलर्जी, जहरीले तत्वों और धूल के कणों को रोकने वाला एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम तथा खुशबू फैलाने वाला फ्रैग्रेंस डिफ्यूजर भी मौजूद है। ग्रैंड टूरर होने के नाते इसमें 450 लीटर का बूट स्पेस मिलता है, जिसे पीछे की सीटें मोड़कर 1,000 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इंजीनियरिंग की चुनौती और 'इम्पॉसिबल पैनल' टाइप 01 को तैयार करने के पीछे कंपनी ने व्यापक शोध और परीक्षण किया है। इसके विकास के दौरान 150 से अधिक प्रोटोटाइप बनाए गए, 7,00,000 मील की टेस्टिंग ड्राइव पूरी की गई और 360 से ज्यादा नए पेटेंट दर्ज कराए गए। इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी को जिस उपलब्धि पर सबसे ज्यादा गर्व है, वह है इसका इम्पॉसिबल पैनल। यह 3 मीटर से भी लंबा एक ही बिना जोड़ वाला पैनल है जो ए-पिलर से शुरू होकर कार के पिछले हिस्से तक फैला है। इस विशाल हिस्से को पांच अलग-अलग तीखे कोनों के साथ एक ही बार में प्रेस करना शुरुआत में कंपनी के कंप्यूटर मॉडलिंग सिस्टम के हिसाब से मुमकिन नहीं माना गया था। लगभग 22 हफ्तों और 1,500 घंटों के गहन इंजीनियरिंग काम के बाद, जिसमें एक रिटायर्ड विशेषज्ञ को वापस बुलाना भी शामिल था, जगुआर ने इस जटिल पैनल को सफलतापूर्वक तैयार करने में सफलता पाई। कीमत की रणनीति और बाजार की चुनौती जगुआर के इस नए दांव में सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसकी कीमत का निर्धारण है। कंपनी टाइप 01 की शुरुआती कीमत करीब 1,70,000 डॉलर (लगभग 1,30,000 पाउंड) के आसपास रखने पर विचार कर रही है, हालांकि अभी अंतिम कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस कीमत पर यह कार फेरारी लूस, मर्सिडीज की इलेक्ट्रिक जी-वैगन, लेम्बोर्गिनी और नई बेंटले तोरकाल की तुलना में काफी नीचे बैठती है। रॉडन ग्लोवर के मुताबिक जगुआर लक्जरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों में एक ऐसे सुनहरे दायरे को साधना चाहती है, जहां खरीदार ऐसी ईवी के लिए पैसे खर्च करने को तैयार हों जो बेहद महंगी न हों लेकिन प्रीमियम कारों से काफी ऊपर खड़ी दिखें। अब तक लक्जरी इलेक्ट्रिक बाजार में पोर्श, लेम्बोर्गिनी और मर्सिडीज जैसी बड़ी कंपनियों को भी खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, और अब बेंटले भी इसमें हाथ आजमा रही है। ग्लोवर का मानना है कि केवल इलेक्ट्रिक होना किसी कार को बेचने के लिए काफी नहीं है। उनके अनुसार कारों को किसी के गैरेज में अपनी जगह खुद साबित करनी होगी, चाहे वह पेट्रोल-डीजल से चलती हो या बैटरी से। इसके लिए कार का रूप, उसका अहसास और चलाने का अनुभव खास होना चाहिए। कंपनी मानती है कि टाइप 01 को एक पूरी तरह से नए, युवा, आर्थिक रूप से मजबूत, स्वतंत्र सोच वाले और रचनात्मक ग्राहकों का भरोसा जीतना होगा। चीनी कंपनियों द्वारा तकनीक और कम कीमत के दम पर दी जा रही चुनौती के बीच जगुआर अपने डिजाइन, परफॉर्मेंस और पहचान के बूते अगले दो वर्षों में खुद को इस नए मूल्य स्तर पर स्थापित करना चाहती है। इसका आप पर असर जगुआर की यह नई इलेक्ट्रिक कार वैश्विक लग्जरी ऑटोमोबाइल बाजार में कीमतों और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के नए मानक तय करने जा रही है। • लग्जरी खरीदारों पर असर: सुपरकार और सामान्य प्रीमियम गाड़ियों के बीच 1,70,000 डॉलर के दायरे में एक नया विकल्प तैयार हुआ है। ग्राहकों को फेरारी या बेंटले जैसी अति-महंगी कारों के मुकाबले कम कीमत में 1,030 पीएस की ताकत और 400 मील रेंज वाला विकल्प मिलेगा। • इलेक्ट्रिक तकनीक का विस्तार: 850-वोल्ट आर्किटेक्चर और 350 किलोवाट की अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग जैसी तकनीकें बड़े पैमाने पर परख में आ रही हैं। इससे मात्र 13 मिनट में 200 मील की रेंज मिलने जैसी सुविधाएं भविष्य में सामान्य लग्जरी कारों में भी तेजी से आम होंगी। • पारंपरिक डिजाइन में बदलाव: पीछे के शीशे की जगह डिजिटल कैमरा स्क्रीन और बिना फिजिकल बटन वाला केबिन बड़े बदलाव की शुरुआत है। जो खरीदार पारंपरिक एनालॉग कंट्रोल पसंद करते हैं, उन्हें पूरी तरह डिजिटल टचस्क्रीन इंटरफेस की आदत डालनी होगी। • ऑटो उद्योग में प्रतिस्पर्धा: चीनी इलेक्ट्रिक कार निर्माताओं की तकनीक और पश्चिमी हेरिटेज ब्रांड्स के बीच मुकाबला कड़ा होगा। स्थापित यूरोपीय और ब्रिटिश कंपनियों को अपनी साख बचाने के लिए अपनी डिजाइन और इंजीनियरिंग में भारी निवेश जारी रखना पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ जगुआर ने गिरती बिक्री, अनिश्चित भविष्य और इलेक्ट्रिक बदलाव के दबाव के चलते अपने पूरे ब्रांड को नए सिरे से स्थापित करने का फैसला किया है। • ब्रांड की रीब्रांडिंग का दबाव: कंपनी ने कई महीनों तक नए वाहन न बेचने का जोखिम उठाकर खुद को पूरी तरह इलेक्ट्रिक लग्जरी ब्रांड में बदलने की योजना बनाई थी। टाइप 01 को इसी बड़े बदलाव के पहले वास्तविक और व्यावहारिक उत्पाद के तौर पर पेश किया गया है। • अल्ट्रा-लग्जरी में खाली जगह: मर्सिडीज, लेम्बोर्गिनी और पोर्श जैसी कंपनियों को महंगे इलेक्ट्रिक सेगमेंट में खरीदार जुटाने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। जगुआर को लगता है कि 1,70,000 डॉलर के आसपास ऐसी जगह खाली है जहां समृद्ध युवा खरीदारों को आकर्षित किया जा सकता है। • चीनी कंपनियों की तकनीकी चुनौती: तेजी से उभरती चीनी इलेक्ट्रिक कारों ने आधुनिक सॉफ्टवेयर और कम कीमतों से वैश्विक बाजार में दबाव बनाया है। इससे मुकाबला करने के लिए जगुआर ने मास मार्केट छोड़कर अपने अनोखे डिजाइन और हेरिटेज इंजीनियरिंग पर दांव लगाया है। • नेतृत्व परिवर्तन और आंतरिक मतभेद: चीफ क्रिएटिव ऑफिसर जेरी मैकगवर्न के जाने के बाद प्रबंधन को यह साबित करना था कि उनकी नई डिजाइन भाषा केवल विज्ञापनों तक सीमित नहीं है। उत्पादन मॉडल में चार दरवाजे और व्यावहारिक बदलाव जोड़कर इसे वास्तविक बाजार के लिए तैयार किया गया। सवाल-जवाब 1. जगुआर टाइप 01 को कहां और कब पेश किया गया? जगुआर ने अपनी चार दरवाजों वाली इलेक्ट्रिक लग्जरी जीटी टाइप 01 को मंगलवार को न्यूयॉर्क शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में पेश किया। 2. जगुआर टाइप 01 की पावर और रफ्तार के आंकड़े क्या हैं? यह कार 1,030 पीएस की ताकत और 1,365 न्यूटन-मीटर का टॉर्क देती है। यह शून्य से 62 मील प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 3.2 सेकंड में पकड़ लेती है। 3. इस इलेक्ट्रिक कार की ड्राइविंग रेंज कितनी है? इसमें 118 किलोवाट-घंटे की बैटरी दी गई है, जो ईपीए चक्र पर 400 मील और डब्ल्यूएलटीपी पर 450 मील तक की रेंज दे सकती है। 4. टाइप 01 की अनुमानित कीमत क्या रखी गई है? इसकी शुरुआती कीमत करीब 1,70,000 डॉलर (लगभग 1,30,000 पाउंड) रहने का अनुमान है, हालांकि कंपनी ने अभी अंतिम कीमत की पुष्टि नहीं की है। 5. कार के अंदर रियरव्यू देखने के लिए क्या खास तकनीक है? इस कार में पीछे का शीशा नहीं है; इसकी जगह विंडस्क्रीन के पास लगे साउंडबार में क्लियरसाइट डिजिटल रियरव्यू डिस्प्ले दिया गया है जो कैमरे से पीछे का दृश्य दिखाता है। 6. टाइप 01 का 'इम्पॉसिबल पैनल' क्या है? यह 3 मीटर से अधिक लंबा बिना जोड़ का एक ही धातु पैनल है, जिसे पांच तीखे कोनों के साथ 22 हफ्तों और 1,500 घंटों के काम के बाद तैयार किया गया। https://trendkia.com/gear/new-york-men-jaguar-ne-pesha-ki-apani-ilektrika-sedana-type-01-kya-badala-paegi-lagjari-kara-bajara-ka-ganita-44213 TrendKia — Har trend, sabse pehle.