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  "type": "article",
  "title": "नथिंग के पूर्व अधिकारियों ने पेश किया रिले: जेमिनी AI संचालित वॉइस डिक्टेशन टूल",
  "summary": "लंदन स्थित नए स्टार्टअप रिले ने मैकओएस के लिए जेमिनी मॉडल से लैस वॉइस डिक्टेशन ऐप पेश किया है। इसके साथ ही कंपनी $150 का विशेष माइक्रोफोन रिले Q विकसित कर रही है जो 2027 में लॉन्च होगा।",
  "content": "तकनीकी दुनिया में कीबोर्ड के इस्तेमाल को कम करने की दिशा में एक नया स्टार्टअप मैदान में उतरा है। लंदन आधारित स्टार्टअप रिले ने एक ऐसा वॉइस टू टेक्स्ट इकोसिस्टम तैयार किया है, जो उपयोगकर्ताओं को बोलकर टाइप करने की सुविधा प्रदान करता है। इस कंपनी की स्थापना नथिंग के दो पूर्व कर्मचारियों कुकी सू और रेमंड जू ने की है। कुकी सू नथिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्विसेज प्रमुख थीं, जबकि रेमंड जू वहां हार्डवेयर प्रॉडक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। रिले ने मैकओएस के लिए अपना सॉफ्टवेयर आधिकारिक रूप से जारी कर दिया है, जबकि इसका विशेष हार्डवेयर माइक्रोफोन रिले Q वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक बाजार में आएगा।\n\nदफ्तर की माहौल संबंधी चुनौतियों से मिला विचार\nनथिंग में काम करने के दौरान कुकी सू और रेमंड जू अपने दैनिक संवाद और संदेशों को ड्राफ्ट करने के लिए विस्पर फ्लो नामक ट्रांसक्रिप्शन सॉफ्टवेयर का सहारा लेते थे। हालांकि, विचार प्रक्रिया को तेज करने में यह मददगार साबित हुआ, लेकिन ओपन ऑफिस के माहौल में जोर से बोलने की मजबूरी एक बड़ी बाधा बनकर सामने आई।\n\nकार्यालय के भीतर सही आवाज के स्तर पर इनपुट देना काफी कठिन होता था। रेमंड जू के अनुसार, \"यदि मैं बहुत धीरे फुसफुसाता तो मैक उसे रिकॉर्ड नहीं कर पाता था, और यदि तेज बोलता तो बगल में बैठा सहकर्मी सब सुन सकता था।\" कई बार इनपुट सही तरीके से देने के लिए ईयरबड को निकालकर मुंह के पास रखना पड़ता था। इस व्यावहारिक समस्या ने एक समर्पित हार्डवेयर माइक्रोफोन बनाने के विचार को जन्म दिया।\n\nकंपनी ने अपने इस टूल को सबसे पहले मैकओएस डेस्कटॉप के लिए तैयार किया है। हालांकि भविष्य में इसे विंडोज, iOS और एंड्रॉइड पर भी लाने की योजना है। डेस्कटॉप को प्राथमिकता देने की मुख्य वजह यह है कि दफ्तर में कंप्यूटर के सामने होने वाली बातचीत अधिक जटिल होती है। मोबाइल फोन पर दोस्तों या परिवार से सामान्य चैट की तुलना में डेस्कटॉप पर काम करते समय विचार-विमर्श, योजना निर्माण और औपचारिक भाषा का प्रयोग अधिक होता है।\n\nमैकओएस पर रिले सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली और जेमिनी AI\nरिले का मैकओएस सॉफ्टवेयर किसी भी बाहरी हार्डवेयर के बिना भी स्वतंत्र रूप से काम कर सकता है। सॉफ्टवेयर सेटअप के दौरान यूजर को एक हॉट-की चुननी होती है, जिसमें डिफॉल्ट रूप से Fn की तय की गई है। जब भी स्क्रीन पर किसी टेक्स्ट फील्ड में कर्सर हो, तब इस हॉट-की को दबाकर रखने से रिले तुरंत सक्रिय हो जाता है और यूजर की आवाज को टेक्स्ट में बदलना शुरू कर देता है। इस वॉइस टू टेक्स्ट इंजन की मुख्य ताकत गूगल के जेमिनी AI मॉडल्स हैं।\n\nइसके अलावा यह सॉफ्टवेयर स्किल्स नामक संदर्भ-आधारित कार्य करने में सक्षम है। उदाहरण के लिए, स्लैक पर किसी सहकर्मी को संदेश भेजने का निर्देश देने पर यह सॉफ्टवेयर संबंधित ऐप को खोलकर, प्राप्तकर्ता को ढूंढकर मैसेज का ड्राफ्ट तैयार कर सकता है। प्रारंभिक परीक्षण में गूगल कैलेंडर में इवेंट जोड़ने का काम इसने सहजता से किया, जबकि स्लैक कौशल में कुछ मामूली दिक्कतें देखी गईं। इसमें व्हाट्सएप और जीमेल जैसे लोकप्रिय ऐप्स के लिए प्रीसेट स्किल्स मौजूद हैं, और यूजर्स अपने अनुसार नए स्किल्स भी जोड़ सकते हैं।\n\nप्राइवेसी, सिस्टम परमिशन और डेटा सुरक्षा का ढांचा\nइन स्वचालित कार्यों को निष्पादित करने के लिए रिले को सिस्टम स्तर पर व्यापक अनुमतियों की आवश्यकता होती है। यह ऐप केवल माइक्रोफोन एक्सेस तक सीमित नहीं है, बल्कि सक्रिय होने पर स्क्रीन का एक स्नैपशॉट रिकॉर्ड करने की अनुमति भी मांगता है। इसी विजुअल एक्सेस के आधार पर यह विभिन्न ऐप्स के भीतर काम करने में सक्षम होता है।\n\nसुरक्षा के संदर्भ में कंपनी का कहना है कि यूजर्स का डेटा मुख्य रूप से उनकी अपनी डिवाइस पर लोकल स्तर पर स्टोर होता है, जहां वे इसे जब चाहे एडिट या डिलीट कर सकते हैं। जब डेटा प्रोसेसिंग के लिए आगे भेजा जाता है, तो यह रिले के सर्वर से होते हुए गूगल के सर्वर तक पहुंचता है, लेकिन रिले स्वयं अपने सर्वर पर इसे रिटेन नहीं करता है। इसके बावजूद, ऑपरेटिंग सिस्टम पर AI मॉडल को स्क्रीन देखने की अनुमति देना माइक्रोसॉफ्ट रिकॉल की तरह कुछ प्राइवेसी और सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।\n\nसटीकता, संदर्भ की समझ और पर्सनल कस्टमाइजेशन\nरिले का ट्रांसक्रिप्शन प्रदर्शन पिक्सल 11 सीरीज में मिलने वाले गूगल के रैम्बलर फीचर जितना सटीक नहीं है। यह हर शब्द को पूरी तरह से सटीकता से नहीं पकड़ता और कभी-कभी पंक्चुएशन में गलती कर देता है। हालांकि, बोलते समय यूजर द्वारा की गई गलती को सुधारने और गैर-ज़रूरी हिस्सों को हटाने की क्षमता इसमें मौजूद है। इमोजी जोड़ने के मामले में इसका व्यवहार मिला-जुला रहा है, जहां सीधे तौर पर मांगने पर इसने हार्ट इमोजी जोड़ दिया, लेकिन वाक्य के अंत में निर्देश देने पर 'हार्ट इमोजी' शब्द ही टाइप कर दिया।\n\nसंदर्भ को समझने के मामले में यह वाक्य से अलग दिए गए निर्देशों को पहचान सकता है। उदाहरण के लिए, किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने की इच्छा जताने वाले संदेश के साथ ही अगर रिले से उस जगह का गूगल मैप्स लिंक जोड़ने को कहा जाए, तो यह उस कार्य को पूरा कर देता है। मैक मिनी और एप्पल स्टूडियो डिस्प्ले के माइक्रोफोन का उपयोग करते समय हॉट-की दबाने और ऐप के सक्रिय होने के बीच एक छोटा डिले महसूस होता है, जो कंपनी के अनुसार समर्पित हार्डवेयर से दूर हो जाएगा।\n\nसॉफ्टवेयर में यूजर अपनी बोलने की शैली के अनुसार कस्टम नियम जोड़ सकते हैं। यदि कोई यूजर स्लैक संदेशों के अंत में फुल स्टॉप नहीं लगाना चाहता, तो वह इसके लिए नियम तय कर सकता है। इसके साथ ही यह उन संपर्कों को पहचान सकता है जिनसे अक्सर बातचीत होती है। इसके जरिए बॉस के लिए औपचारिक, दोस्तों के लिए अनौपचारिक भाषा शैली सेट की जा सकती है, अथवा विदेशी सहकर्मियों के लिए संदेश का उनकी भाषा में अनुवाद भी किया जा सकता है।\n\nरिले Q हार्डवेयर: डिजाइन, फीचर्स और इस्तेमाल का तरीका\nरिले का आगामी हार्डवेयर डिवाइस रिले Q एक बेलनाकार यानी सिलेंड्रिकल गैजेट है जिसके सिरे पर माइक्रोफोन लगा है। ऊपर से देखने पर इसका माइक्रोफोन अंग्रेजी के 'Q' अक्षर जैसा दिखाई देता है, जिसके आधार पर इसका नाम रखा गया है। यूजर कंप्यूटर या स्मार्टफोन पर रिले को ट्रिगर करने के लिए इसके ऊपरी बटन को दबाकर रख सकते हैं या बटन को बेलन से अलग करके अपनी शर्ट पर क्लिप की तरह लगा सकते हैं। संदेश भेजने के लिए इस पर डबल-टैप किया जा सकता है।\n\nइसकी मुख्य विशेषता यह है कि मुंह के पास रखकर बहुत धीमी आवाज में फुसफुसाने पर भी यह आवाज को सटीकता से पकड़ सकता है। रेमंड जू के अनुसार उत्पाद निर्माण के दौरान मुख्य सवाल यही था कि \"बिना कीबोर्ड को छुए आप अपने काम का कितना समय बिता सकते हैं?\"\n\nबाजार का मुकाबला, विकल्प और कीमत\nआवाज के जरिए सटीक टाइपिंग के लिए पोर्टेबल माइक्रोफोन बनाने का विचार पूरी तरह नया नहीं है। पिछले साल सैंडबार नामक स्टार्टअप ने स्ट्रीम रिंग पेश की थी, और उसके बाद पेबल ने अपना इंडेक्स 01 स्मार्ट रिंग प्रदर्शित किया था। ये दोनों अंगूठी के आकार के उपकरण हैं जिनमें फुसफुसाकर इनपुट दिया जाता है। रिले ने स्मार्ट रिंग के बजाय बेलनाकार माइक्रोफोन चुनने का फैसला इसलिए किया क्योंकि स्मार्ट रिंग का बाजार पहले से ही काफी भरा हुआ है।\n\nरिले Q के साथ एक चार्जिंग डॉक मिलेगा जिसे डेस्क पर रखा जा सकता है। इसके अलावा कंपनी एक मैगसेफ ग्रिप भी विकसित कर रही है जो आईफोन या Qi2 उपकरणों के पीछे लग सकती है। रिले Q हार्डवेयर की कीमत $150 तय की गई है, जिसमें 1 साल का सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन शामिल है। इसके बाद सॉफ्टवेयर का मासिक शुल्क $15 होगा। यदि कोई यूजर केवल सॉफ्टवेयर का उपयोग करना चाहता है तो उसे हार्डवेयर खरीदना अनिवार्य नहीं है।\n\nइसका आप पर असर\nयह AI वॉइस डिक्टेशन टूल और समर्पित माइक्रोफोन पेशेवरों के दैनिक कामकाज और टाइपिंग की आदतों को महत्वपूर्ण रूप से बदल सकता है।\n\n• कंप्यूटर यूजर्स के लिए: लगातार कीबोर्ड टाइपिंग से राहत मिलेगी और विचार प्रक्रिया की गति से टेक्स्ट ड्राफ्ट करना संभव होगा। इसके लिए मैकओएस पर हॉट-की दबाकर डिक्टेशन शुरू की जा सकती है।\n• ओपन ऑफिस में काम करने वालों के लिए: 2027 में रिले Q हार्डवेयर आने के बाद कर्मचारी दफ्तर में बिना दूसरों को डिस्टर्ब किए बहुत धीमी आवाज में फुसफुसाकर भी सटीक टाइपिंग कर सकेंगे।\n• प्राइवेसी के प्रति जागरूक यूजर्स के लिए: स्क्रीन स्नैपशॉट रिकॉर्डिंग परमिशन के कारण डेटा सुरक्षा संबंधी जोखिमों का ध्यान रखना होगा, हालांकि लोकल स्टोरेज विकल्प कंट्रोल प्रदान करता है।\n• बजट और सब्सक्रिप्शन: सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मुफ्त या केवल $15 प्रति माह के आधार पर किया जा सकता है, जबकि $150 का हार्डवेयर खरीदना ऐच्छिक है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. रिले सॉफ्टवेयर किन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?\nरिले वर्तमान में केवल मैकओएस के लिए उपलब्ध है, हालांकि भविष्य में इसे विंडोज, iOS और एंड्रॉइड पर लाने की योजना है।\n\n2. रिले Q हार्डवेयर कब तक उपलब्ध होगा और इसकी कीमत क्या है?\nरिले Q माइक्रोफोन 2027 की पहली तिमाही में लॉन्च होगा और इसकी कीमत $150 रखी गई है, जिसमें 1 साल का सॉफ्टवेयर शामिल है।\n\n3. क्या रिले का इस्तेमाल करने के लिए रिले Q हार्डवेयर खरीदना जरूरी है?\nनहीं, आप केवल रिले मैकओएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बिना हार्डवेयर खरीदे $15 प्रति माह के सब्सक्रिप्शन पर कर सकते हैं।\n\n4. रिले डिक्टेशन टूल किस AI मॉडल पर काम करता है?\nरिले का वॉइस टू टेक्स्ट इंजन गूगल के जेमिनी AI मॉडल्स द्वारा संचालित होता है।\n\n5. रिले यूजर्स के डेटा और प्राइवेसी की सुरक्षा कैसे करता है?\nडेटा यूजर की डिवाइस पर लोकल स्तर पर स्टोर होता है जिसे एडिट या डिलीट किया जा सकता है। प्रोसेसिंग डेटा रिले सर्वर पर रिटेन नहीं किया जाता।\n\nप्रेरणा और सबक\nनथिंग के पूर्व कर्मचारियों की यह यात्रा दर्शाती है कि कार्यस्थल की दैनिक समस्याओं को तकनीकी नवाचार में कैसे बदला जा सकता है।\n\n• दैनिक समस्याओं से नवाचार: अपने काम के दौरान आई वास्तविक व्यावहारिक परेशानी (ईयरबड मुंह के पास रखना) को पहचानकर एक नए उत्पाद की नींव रखी।\n• फोकस्ड प्रोडक्ट डिजाइन: बाजार की भीड़भाड़ वाली स्मार्ट रिंग होड़ में शामिल होने के बजाय अधिक उपयोगी फॉर्म फैक्टर को प्राथमिकता दी।\n• सॉफ्टवेयर-फर्स्ट रणनीति: हार्डवेयर आने से पहले सॉफ्टवेयर जारी करके यूजर्स को पहले दिन से इकोसिस्टम से जोड़ा गया।",
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  "category": "गैजेट्स",
  "publishedAt": "2026-08-27",
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