# पाकिस्तान का F-16 गिराने वाले वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्धमान अब फ्लाई91 में उड़ाएंगे कमर्शियल प्लेन

> 2019 की हवाई जंग में पाकिस्तान के फाइटर जेट को ढेर करने वाले पूर्व ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट के बाद गोवा की क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 जॉइन की है.

**Type:** article · **Category:** गोवा · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/goa/pakistana-ka-f-16-girane-vale-purva-iaf-grupa-kaiptana-abhinandan-varthaman-aba-fly91-men-uraenge-kamarshiyala-plena-26922 · **Language:** Hindi
**Tags:** अभिनंदन वर्धमान, भारतीय वायुसेना, फ्लाई91, कमर्शियल पायलट, वीर चक्र, मिग-21 बाइसन, F-16

फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई ऐतिहासिक हवाई भिड़ंत में अपनी जांबाजी से देश का सिर ऊंचा करने वाले भारतीय वायुसेना के पूर्व अधिकारी अभिनंदन वर्धमान अपने करियर का नया सफर शुरू कर रहे हैं. ग्रुप कैप्टन के पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने कमर्शियल एविएशन का रुख किया है. वह गोवा आधारित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 के साथ बतौर कमर्शियल पायलट जुड़ गए हैं. फाइटर जेट और मिसाइलों से लैस युद्ध अभियानों को अंजाम देने वाले यह जांबाज पायलट अब कमर्शियल विमानों में यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाएंगे. एयरलाइन प्रबंधन ने भी उनके टीम में शामिल होने की पुष्टि कर दी है. फिलहाल वह ATR 72-600 मॉडल के विमान को उड़ाने के लिए जरूरी तकनीकी और व्यावहारिक ट्रेनिंग हासिल कर रहे हैं.

## 27 फरवरी 2019 की वो ऐतिहासिक हवाई भिड़ंत
अभिनंदन वर्धमान के इस कदम ने 27 फरवरी 2019 को हुए उस रोमांचक और तनावपूर्ण घटनाक्रम की यादें ताजा कर दी हैं. 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयरस्ट्राइक के ठीक अगले दिन सुबह के समय पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय सीमा में सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की थी. पाकिस्तानी फाइटर जेट्स का एक बड़ा दस्ता लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) की तरफ तेजी से बढ़ा. सीमा पर खतरे को देखते हुए श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को तुरंत टेकऑफ करने का आदेश मिला. अभिनंदन वर्धमान उस समय ऑपरेशनल ड्यूटी पर तैनात थे. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सुबह लगभग 9:55 बजे पाकिस्तानी विमानों की घुसपैठ का रडार से पता चला, जिसके बाद सुबह 10:00 बजे अभिनंदन को दुश्मन को खदेड़ने का जिम्मा सौंपा गया.

## मिग-21 बाइसन और एफ़-16 का मुकाबला
उस दिन हवा में दो पूरी तरह से असमान तकनीकों के बीच मुकाबला था. पाकिस्तान की ओर से अमेरिका में निर्मित चौथी पीढ़ी के आधुनिक F-16 और JF-17 फाइटर जेट भेजे गए थे. ये विमान बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) मिसाइलों और लंबी दूरी तक मार करने वाले आधुनिक हथियारों से लैस थे. दूसरी ओर अभिनंदन वर्धमान सोवियत काल के मिग-21 बाइसन को उड़ा रहे थे. हालांकि मिग-21 एक पुराना प्लेटफॉर्म था, लेकिन बाइसन अपग्रेड के तहत इसमें आधुनिक रडार प्रणाली, बेहतर एवियोनिक्स और नए हथियार जोड़े गए थे. यह हल्का और क्लोज-रेंज एयर कॉम्बैट यानी नजदीकी हवाई जंग में बेहद फुर्तीला विमान माना जाता था.

तकनीकी रूप से F-16 के अधिक उन्नत होने के बावजूद अभिनंदन ने बिना हिचकिचाए दुश्मन के एयरक्राफ्ट पैकेज को इंटरसेप्ट किया. उन्होंने अपने रडार की मदद से एक पाकिस्तानी F-16 को लॉक किया और उस पर सटीक निशाना साधा. रक्षा मंत्रालय ने 6 मार्च 2019 को अपने आधिकारिक बयान में 28 फरवरी की प्रेस ब्रीफिंग का हवाला देते हुए पुष्टि की थी कि अभिनंदन के मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तान के F-16 को सफलतापूर्वक मार गिराया था.

## विमान क्रैश, पाकिस्तानी हिरासत और भारत वापसी
दुश्मन के विमान को ध्वस्त करने के तुरंत बाद अभिनंदन का मिग-21 बाइसन भी हमलावर मिसाइल की चपेट में आ गया. विमान क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें इमरजेंसी इजेक्शन करना पड़ा. उनका पैराशूट LoC के पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के इलाके में उतरा. वहां स्थानीय नागरिकों और बाद में पाकिस्तानी सेना के जवानों ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया. इस घटना से दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए थे. भारत के सख्त राजनयिक और सैन्य दबाव के आगे झुकते हुए पाकिस्तान को तीन दिनों के भीतर उन्हें रिहा करना पड़ा. 1 मार्च 2019 को अटारी-वाघा सीमा के जरिए उनकी भारत वापसी हुई. उनके अद्वितीय साहस, अदम्य नेतृत्व और उत्कृष्ट कॉम्बैट स्किल्स के लिए भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित वीर चक्र पुरस्कार से सम्मानित किया.

## फाइटर जेट से पैसेंजर एयरलाइन तक का सफर
हवाई जंग के करीब सात साल बाद अभिनंदन वर्धमान के करियर ने एक नया और शांत मोड़ लिया है. भारतीय वायुसेना में लंबी और समर्पित सेवा देने के बाद उन्होंने सिविल एविएशन को अपनी नई मंजिल चुना है. वह अगस्त 2026 में गोवा आधारित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 से जुड़े. यह एयरलाइन भारत के छोटे और मध्यम शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने का काम करती है. फिलहाल वह क्षेत्रीय रूटों पर चलने वाले ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमान को उड़ाने का अभ्यास कर रहे हैं. लड़ाकू विमान का कॉकपिट छोड़ने के बाद भी उनका आसमान से नाता अटूट बना हुआ है.

## इसका आप पर असर
पूर्व सैन्य पायलटों का कमर्शियल एविएशन में शामिल होना भारतीय एयरलाइंस की सुरक्षा और ऑपरेशनल दक्षता को और मजबूत करता है.

- **भारत भर में:** भारतीय वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों का सिविल एविएशन में आना देश के कमर्शियल एयरलाइंस सेक्टर में पायलट लीडरशिप और एयर सेफ्टी को बढ़ावा देता है. क्षेत्रीय मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को उच्च दबाव में काम करने का अनुभव रखने वाले क्रू मेंबर्स मिलते हैं.
- **गोवा और क्षेत्रीय शहरों में:** क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 के बेड़े में शीर्ष स्तर के फ्लाइंग टैलेंट के शामिल होने से छोटे शहरों के बीच कनेक्टिविटी और यात्रा का भरोसा बढ़ता है. ATR 72-600 विमान से यात्रा करने वाले यात्रियों को अनुशासित और सुरक्षित उड़ान सेवा का लाभ मिलता है.

## सवाल-जवाब

### 1. अभिनंदन वर्धमान भारतीय वायुसेना से रिटायरमेंट के बाद किस एयरलाइन से जुड़े हैं?
वह गोवा स्थित क्षेत्रीय एयरलाइन फ्लाई91 (FLY91) के साथ कमर्शियल पायलट के रूप में जुड़े हैं.

### 2. फ्लाई91 में अभिनंदन वर्धमान कौन सा विमान उड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं?
वह क्षेत्रीय उड़ानों के लिए उपयोग होने वाले ATR 72-600 मॉडल के विमान को उड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं.

### 3. 27 फरवरी 2019 की हवाई भिड़ंत में अभिनंदन वर्धमान ने क्या कारनामा किया था?
उन्होंने अपने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान के आधुनिक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया था.

### 4. अभिनंदन वर्धमान को उनकी वीरता के लिए कौन सा पुरस्कार मिला था?
असाधारण साहस और हवाई युद्ध कौशल के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा वीर चक्र से सम्मानित किया गया था.

## प्रेरणा और सबक
अभिनंदन वर्धमान की जीवन यात्रा से आत्मबल, परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता और कर्तव्य पर निष्ठा की प्रेरणा मिलती है.

- **नया सीखने का जज्बा:** सुपरसोनिक फाइटर जेट से क्षेत्रीय कमर्शियल प्लेन तक का सफर यह सिखाता है कि जीवन में किसी भी मोड़ पर नई भूमिका स्वीकार कर आगे बढ़ना चाहिए.
- **संकट में मानसिक संतुलन:** युद्ध के दौरान दुश्मन के विमान को गिराने, इजेक्ट होने और हिरासत में रहने के बावजूद शांत चित्त बनाए रखना विषम परिस्थितियों में धैर्य की शक्ति दर्शाता है.
- **आसमान से अटूट लगाव:** वर्दी से रिटायर होने के बाद भी नागरिक सेवा के रूप में उड़ान जारी रखना अपने पेशे के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._