# 2026 में बच्चे का पासपोर्ट बनवाना है? कंसेंट के ये नियम जान लिए बिना अटक सकता है आवेदन

> 2026 में नाबालिग के पासपोर्ट के लिए उम्र के हिसाब से वैलिडिटी, बर्थ सर्टिफिकेट और एड्रेस प्रूफ के साथ सही एनेक्सर डी या एनेक्सर सी कंसेंट फॉर्म भरना जरूरी है, खासकर सिंगल पैरंट के मामलों में, वरना पासपोर्ट सेवा केंद्र पर आवेदन अटक सकता है।

**Type:** article · **Category:** गाइड · **Published:** 2026-07-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/guides/2026-men-bachche-ka-pasaporta-banavana-hai-knsenta-ke-ye-niyama-jana-lie-bina-ataka-sakata-hai-avedana-4707 · **Language:** Hindi
**Tags:** नाबालिग पासपोर्ट, एनेक्सर डी, एनेक्सर सी, पासपोर्ट सेवा केंद्र, पासपोर्ट वैलिडिटी, बर्थ सर्टिफिकेट, सिंगल पैरंट पासपोर्ट

2026 में अगर आप अपने बच्चे के साथ विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो नाबालिग के पासपोर्ट का कागजी काम बड़ों वाले पासपोर्ट से बिल्कुल अलग तरीके से चलता है। सही एज ग्रुप के हिसाब से वैलिडिटी, सही कंसेंट फॉर्म और सही एड्रेस प्रूफ न लगे तो पासपोर्ट सेवा केंद्र के काउंटर पर ही आवेदन अटक सकता है।

## बच्चे का पासपोर्ट कितने साल तक चलता है
पासपोर्ट की वैलिडिटी पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि आवेदन के वक्त बच्चे की उम्र क्या है। 15 साल से कम उम्र के बच्चे को पांच साल के लिए वैलिड पासपोर्ट मिलता है, या फिर जब तक वह 18 साल का नहीं हो जाता, इनमें से जो भी पहले आए। वहीं 15 से 18 साल के बीच के बच्चों के परिवार के पास एक विकल्प होता है, वे चाहें तो बड़ों की तरह पूरे 10 साल की वैलिडिटी चुन सकते हैं, या नाबालिग वाली कम अवधि की वैलिडिटी पर ही टिके रह सकते हैं। इससे बड़ी उम्र के टीनएजर्स 18 साल पूरे होने का इंतजार किए बिना ही एडल्ट ट्रैवल स्टेटस में आ जाते हैं।

## कौन से दस्तावेज देने ही होंगे
हर नाबालिग आवेदक के लिए जन्म का प्रमाण सबसे ऊपर आता है। नगर निकाय या किसी स्थानीय संस्था से जारी बर्थ सर्टिफिकेट को सबसे अहम दस्तावेज माना जाता है। इसके साथ माता-पिता को एड्रेस प्रूफ भी देना पड़ता है, इसके लिए आधार कार्ड या बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी बिल दोनों चल जाते हैं। साथ ही, पासपोर्ट सेवा केंद्र जाने पर वेरिफिकेशन के लिए हर दस्तावेज की फोटोकॉपी भी साथ रखनी होती है।

## 15 से 18 साल वालों के लिए 10 साल की वैलिडिटी का विकल्प
15 से 18 साल की उम्र के आवेदकों के सामने एक ऐसा फैसला होता है जिसकी कीमत भी चुकानी पड़ती है। वे चाहें तो पूरी 10 साल की वैलिडिटी चुनें, या फिर नाबालिग वाली छोटी अवधि पर ही रहें। बड़ों जैसी 10 साल की वैलिडिटी चुनने पर आवेदन जमा करते वक्त ज्यादा फीस देनी पड़ती है। यही फैसला यह भी तय करता है कि टीनएजर के एडल्ट होने के बाद अगली बार पासपोर्ट रिन्यू कब कराना पड़ेगा।

## दोनों माता-पिता की सहमति क्यों जरूरी है
सहमति के लिए दो खास फॉर्म तय हैं, एनेक्सर डी और एनेक्सर सी। ज्यादातर घरों में दोनों माता-पिता एनेक्सर डी पर हस्ताक्षर करके यह पुष्टि करते हैं कि वे पासपोर्ट जारी करने पर आपस में सहमत हैं। अगर एक पैरंट से संपर्क नहीं हो पा रहा या वह किसी वजह से मौजूद नहीं है, तो ऐसे में एनेक्सर सी काम आता है, जिसके जरिए आवेदन करने वाला पैरंट कानूनी घोषणापत्र दे सकता है। यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि विदेश यात्रा के दौरान या बाद में उठने वाले कस्टडी विवाद में कोई कानूनी अड़चन न आए।

## सिंगल पैरंट के मामलों में क्या देना होगा
जिन परिवारों में सिर्फ एक पैरंट के पास कानूनी कस्टडी है, उनके लिए अलग नियम हैं। जिस पैरंट के पास पूरी कानूनी कस्टडी है, उसे कोर्ट का आदेश दिखाना जरूरी है। अगर माता-पिता अलग रह रहे हैं लेकिन कोई औपचारिक डिक्री नहीं है, तो आवेदन करने वाले पैरंट को यह बताना होता है कि दूसरा पैरंट प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं है। यह जांच खासतौर पर इसलिए रखी गई है ताकि आवेदन की पूरी प्रक्रिया के दौरान बच्चे की सुरक्षा और उसके कानूनी अधिकार सुरक्षित रहें।

## एक नजर में, उम्र के हिसाब से वैलिडिटी और कंसेंट
- 15 साल से कम उम्र: पांच साल की वैलिडिटी, एनेक्सर डी जरूरी।
- 15 से 18 साल: पांच या दस साल की वैलिडिटी, एनेक्सर डी वैकल्पिक।
- सिंगल पैरंट के मामले: स्टैंडर्ड वैलिडिटी, एनेक्सर सी का सहारा।

## नाबालिग का पासपोर्ट दोबारा कब बनवाना पड़ता है
बुकलेट की वैलिडिटी खत्म होने या उसके पेज खत्म होने पर, इनमें से जो भी पहले हो, नाबालिग के पासपोर्ट को दोबारा बनवाना जरूरी हो जाता है। यह प्रोसेस लगभग नए आवेदन जैसा ही होता है, बस पुराना पासपोर्ट भी कैंसिलेशन के लिए जमा करना पड़ता है। 2026 में इन नियमों को सही तरीके से समझने से परिवार अचानक बनी किसी विदेश यात्रा के लिए भी पहले से तैयार रहते हैं, और बच्चे के नाम पर वैलिड पासपोर्ट होने से आगे चलकर विदेश में पढ़ाई और घूमने के कई रास्ते खुल जाते हैं।

## इसका आप पर असर
**आपके लिए इसका मतलब:**

- 15 साल से कम उम्र के बच्चे का पासपोर्ट बनवाने वाले पैरंट्स को नगर निकाय का बर्थ सर्टिफिकेट, एड्रेस प्रूफ और एनेक्सर डी कंसेंट फॉर्म पहले से तैयार रखना चाहिए, वरना आवेदन अटक सकता है।
- बिना कोर्ट डिक्री के अलग रह रहे पैरंट्स को यह वजह पहले से लिखकर तैयार रखनी चाहिए कि दूसरा पैरंट आवेदन में शामिल क्यों नहीं है, वरना पासपोर्ट सेवा केंद्र पर काम अटक सकता है।
- 15 से 18 साल के जो टीनएजर 10 साल की एडल्ट वैलिडिटी चुनते हैं, उन्हें अभी ज्यादा फीस देनी पड़ेगी, लेकिन 18 साल के बाद जल्दी रिन्यूअल की झंझट से बच जाएंगे।

## सवाल-जवाब

### 1. 15 साल से कम उम्र के बच्चे का पासपोर्ट कितने साल के लिए वैलिड होता है?
15 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट 5 साल के लिए या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैलिड रहता है।

### 2. 15 से 18 साल के बच्चों के पास क्या विकल्प होता है?
वे 10 साल की पूरी वैलिडिटी वाला पासपोर्ट चुन सकते हैं या फिर कम अवधि वाला नाबालिग पासपोर्ट ही रख सकते हैं।

### 3. नाबालिग के पासपोर्ट के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
नगर निकाय से जारी बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड या बिजली-पानी के बिल जैसा एड्रेस प्रूफ देना होता है, साथ ही इनकी फोटोकॉपी भी।

### 4. दोनों माता-पिता की सहमति कैसे दी जाती है?
दोनों माता-पिता आमतौर पर एनेक्सर डी फॉर्म पर हस्ताक्षर करके अपनी मुतफिक सहमति देते हैं।

### 5. अगर एक पैरंट मौजूद नहीं है तो क्या होगा?
ऐसी स्थिति में एनेक्सर सी के तहत कानूनी घोषणापत्र देकर आवेदन किया जा सकता है।

### 6. सिंगल पैरंट के मामले में क्या नियम है?
अकेले कानूनी कस्टडी वाले पैरंट को कोर्ट का आदेश देना होता है, और बिना डिक्री के अलग रह रहे पैरंट्स को दूसरे पैरंट की गैरमौजूदगी की वजह बतानी होती है।

### 7. नाबालिग का पासपोर्ट दोबारा कब बनवाना पड़ता है?
बुकलेट की वैलिडिटी खत्म होने या उसके पेज खत्म होने पर पासपोर्ट रीइश्यू कराना पड़ता है, इसके लिए पुराना पासपोर्ट भी कैंसिलेशन के लिए जमा करना होता है।

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