# एंड्रॉयड फोन पर गूगल ने चुपचाप जोड़े सभी अकाउंट्स के नंबर, जानिए इसे रोकने का तरीका

> गूगल ने एंड्रॉयड डिवाइस पर साइन-इन सभी खातों को बिना अनुमति के फोन नंबर से ऑटोमैटिक रूप से लिंक करना शुरू कर दिया है। यूजर चाहें तो सेटिंग्स में जाकर इस ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन को बंद कर सकते हैं और पहले से जुड़े नंबरों को हटा सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** गाइड · **Published:** 2026-10-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/guides/android-phona-para-google-ne-chupachapa-jore-sabhi-accounts-ke-nnbara-janie-ise-rokane-ka-tarika-50665 · **Language:** Hindi
**Tags:** गूगल, एंड्रॉयड, प्राइवेसी, फोन नंबर, सेटिंग्स, अकाउंट

हाल के हफ्तों में गूगल ने एंड्रॉयड इस्तेमाल करने वाले लोगों के फोन नंबर को उनके डिवाइस पर लॉगिन सभी गूगल अकाउंट्स के साथ अपने आप जोड़ना शुरू कर दिया है। यह प्रक्रिया बिना किसी यूजर की अनुमति या सहमति के चल रही है। यदि आपके फोन में पर्सनल, ऑफिस या अन्य कोई दूसरा अकाउंट भी लॉगिन है, तो गूगल ने आपकी इच्छा के विरुद्ध उन सभी खातों को एक ही फोन नंबर से जोड़ दिया होगा। हालांकि, इस ऑटोमैटिक लिंकिंग को रोका जा सकता है और इसके लिए डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर बदलाव करने की सुविधा उपलब्ध है।

 

## ऑटोमैटिक फोन नंबर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया
 कई एंड्रॉयड यूजर्स को हाल ही में गूगल के आधिकारिक पते से कंफर्मेशन ईमेल मिले हैं, जिनमें उनके फोन नंबर के वेरीफाई होने की जानकारी दी गई है। गूगल पहले भी कभी-कभार नंबर का री-वेरिफिकेशन मांगता था, लेकिन पिछले साल लगभग एक साल पहले उसने अपनी सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन में बदलाव किया था। इस नए अपडेट के बाद से यह फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से ऑप्ट-आउट की बजाय ऑटोमैटिक हो गया है। इस प्रक्रिया के तहत गूगल डिवाइस पर मौजूद वर्तमान खातों के साथ-साथ भविष्य में जोड़े जाने वाले या अपडेट होने वाले सभी अकाउंट्स पर भी वही फोन नंबर जोड़ देता है।

 

## एंड्रॉयड फोन में वेरिफिकेशन सेटिंग्स कैसे बदलें
 यदि आपके पास एंड्रॉयड फोन है, तो आप इस ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन को बंद कर सकते हैं ताकि गूगल आपके अलग-अलग खातों को आपस में जोड़ न सके। इस टॉगल को ढूंढने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स ऐप में जाना होगा, जहां गूगल या गूगल सर्विसेज एंड प्रेफरेंसेस के भीतर ऑल सर्विसेज विकल्प चुनना होगा। इसके बाद प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी सेक्शन में जाकर फोन नंबर वेरिफिकेशन का विकल्प मिल जाएगा। ध्यान रखें कि अलग-अलग ब्रांड के फोन में यह रास्ता थोड़ा अलग हो सकता है। यूजर्स को समय-समय पर यह जांचते रहना चाहिए कि यह टॉगल बंद स्थिति में ही है या नहीं।

 

## जुड़े हुए नंबरों को खातों से कैसे हटाएं
 केवल यह सेटिंग बदलने से पहले से लिंक हो चुके फोन नंबर और गूगल अकाउंट्स अलग नहीं होंगे। पहले से जुड़े खातों को अलग करने के लिए आपको अपने गूगल अकाउंट के पर्सनल इंफो पेज पर जाना होगा। इसके लिए ऊपरी दाएं कोने पर अपनी प्रोफाइल तस्वीर पर क्लिक करें और प्रत्येक लॉगिन अकाउंट की जांच करें। फोन सेक्शन में जाकर उन सभी नंबरों को चुनकर डिलीट किया जा सकता है जिन्हें आप किसी खास अकाउंट के साथ नहीं रखना चाहते हैं।

 

## सुरक्षा और साइन-इन सेटिंग्स की जांच
 सिक्योरिटी फर्म मालवेयरबाइट्स की सलाह के अनुसार, फोन पेज पर नीचे दिए गए यूसेज सेक्शन को स्क्रॉल करके यह देखा जा सकता है कि कौन सी सेवाएं सूचीबद्ध हैं। इसके साथ ही अपने सिक्योरिटी एंड साइन-इन विकल्पों की भी समीक्षा करनी चाहिए। यदि आपने टू-स्टेप वेरिफिकेशन या गूगल पे जैसे किसी अलग ऐप के लिए अपना फोन नंबर जोड़ा था, तो उसे केवल फोन पेज से हटाने से वह पूरी तरह से समाप्त नहीं होगा। ऐसे मामलों में आपको उन विशेष ऐप्स और सेटिंग्स में जाकर उन्हें अलग से अपडेट करना होगा। ऑटोमैटिक वेरिफिकेशन इस सबका मुख्य कारण नहीं हो सकता है, लेकिन यह जांच करना बेहद उपयोगी है कि आपका नंबर किन सेवाओं और अकाउंट्स पर इस्तेमाल हो रहा है ताकि आपकी गोपनीयता बनी रहे।

## इसका आप पर असर
यह बदलाव सभी एंड्रॉयड यूजर्स की डिजिटल प्राइवेसी और अकाउंट सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करता है।

- **डेटा प्राइवेसी:** भारत में और दुनियाभर के एंड्रॉयड यूजर्स के अलग-अलग पर्सनल और प्रोफेशनल अकाउंट्स बिना जानकारी के आपस में जुड़ जाते हैं।

- **खाता प्रबंधन:** यूजर्स को अपनी सेटिंग्स में जाकर खुद यह जांच करनी होगी कि उनके कौन-से नंबर किस अकाउंट से लिंक हो चुके हैं।

- **टू-स्टेप वेरिफिकेशन:** गूगल पे या अन्य सुरक्षा फीचर्स के लिए उपयोग किए जाने वाले नंबरों को अलग से अपडेट करना जरूरी हो जाता है।

- **मैनुअल नियंत्रण:** इस ऑटोमैटिक प्रक्रिया को रोकने के लिए यूजर्स को अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर टॉगल को खुद बंद करना होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
गूगल ने इस फीचर को अपनी सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन में बदलाव करके डिफ़ॉल्ट रूप से लागू किया है, जिससे डिवाइस पर साइन-इन सभी खातों को सुव्यवस्थित किया जा सके।

- **डॉक्यूमेंटेशन अपडेट:** गूगल ने लगभग एक साल पहले अपनी सपोर्ट नीतियों में बदलाव किया था जिसके तहत इस वेरिफिकेशन को ऑप्ट-आउट की बजाय डिफ़ॉल्ट बनाया गया।

- **ऑटोमैटिक लिंकिंग:** डिवाइस पर लॉगिन मौजूदा और भविष्य के सभी अकाउंट्स को एक ही नंबर से जोड़ने के लिए इस प्रक्रिया को स्वचालित किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. गूगल एंड्रॉयड यूजर्स के फोन नंबर क्यों जोड़ रहा है?
गूगल ने लगभग एक साल पहले अपनी सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन को अपडेट किया था जिसके तहत यह फीचर डिफ़ॉल्ट रूप से एक्टिव हो गया है।

### 2. क्या इस ऑटोमैटिक लिंकिंग को बंद किया जा सकता है?
हाँ, एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में जाकर गूगल सर्विसेज के भीतर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी सेक्शन से इस वेरिफिकेशन टॉगल को बंद किया जा सकता है।

### 3. क्या सेटिंग बंद करने से पहले से जुड़े नंबर हट जाएंगे?
नहीं, केवल सेटिंग बदलने से पहले से लिंक हुए नंबर नहीं हटेंगे, इसके लिए गूगल अकाउंट के पर्सनल इंफो पेज पर जाकर नंबर हटाने होंगे।

### 4. टू-स्टेप वेरिफिकेशन वाले नंबर कैसे हटाए जाएं?
टू-स्टेप वेरिफिकेशन या गूगल पे से जुड़े नंबरों को हटाने के लिए उन खास ऐप्स और सुरक्षा सेटिंग्स को अलग से अपडेट करना पड़ता है।

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