एंड्रॉयड फोन पर विज्ञापनों से छुटकारा पाने के 5 प्रभावी उपाय: बिना सब्सक्रिप्शन ऐसे बंद करें एड्स एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर बार-बार आने वाले विज्ञापनों और ट्रैकर्स को ब्लॉक करने के लिए ओपन-सोर्स ऐप्स, प्राइवेट डीएनएस और प्राइवेसी वाले ब्राउज़र्स का उपयोग किया जा सकता है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन का उपयोग करते समय ऐप्स और वेबसाइटों पर लगातार आने वाले विज्ञापन न केवल यूजर एक्सपीरियंस को खराब करते हैं, बल्कि मोबाइल डेटा और बैटरी की खपत भी बढ़ाते हैं। आमतौर पर यूजर्स के पास या तो इन विज्ञापनों को झेलने का विकल्प होता है या फिर हर सेवा के लिए प्रीमियम प्लान खरीदने का रास्ता बचता है। हालांकि यूट्यूब प्रीमियम जैसी सेवाएं कुछ लोगों के लिए काम की हो सकती हैं, लेकिन हर ऐप के लिए अलग से भुगतान करना व्यावहारिक नहीं है। अच्छी खबर यह है कि कई ऐसे मुफ्त टूल, ओपन-सोर्स ऐप्स और सेटिंग्स उपलब्ध हैं जिनकी मदद से पूरे एंड्रॉयड फोन पर विज्ञापन पूरी तरह बंद किए जा सकते हैं। लोकल वीपीएन और ब्लॉकएड्स ऐप का इस्तेमाल करें पूरे स्मार्टफोन पर एक साथ सभी विज्ञापनों को रोकने के लिए ओपन-सोर्स ऐप ब्लॉकएड्स (BlockAds) एक बेहतरीन साधन है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद नहीं है, इसलिए इसे गिटहब या एफ-ड्रॉइड स्टोर से डाउनलोड करना पड़ता है। नए नियमों के तहत अगर साइडलोडिंग सुरक्षा नियम लागू हैं, तो ऐप इंस्टॉल करने से पहले 24 घंटे की प्रतीक्षा अवधि पूरी करनी पड़ सकती है। इंस्टॉल होने के बाद जब ब्लॉकएड्स को सक्रिय किया जाता है, तो यह फोन में एक लोकल वीपीएन प्रोफाइल तैयार करता है। यह प्रोटॉन वीपीएन जैसी पारंपरिक सेवाओं की तरह इंटरनेट ट्रैफिक को किसी दूसरे सर्वर पर नहीं भेजता, बल्कि डिवाइस के भीतर ही काम करता है। यह डीएनएस फ़िल्टरिंग के जरिए विज्ञापन देने वाले सर्वरों और ट्रैकर्स के कनेक्शन को बैकग्राउंड में ही ब्लॉक कर देता है। इसके लिए फोन को रूट करने की भी जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, इसका एक नकारात्मक पहलू यह है कि एंड्रॉयड में एक समय में केवल एक ही वीपीएन प्रोफाइल सक्रिय रह सकती है। यदि ब्लॉकएड्स का उपयोग किया जा रहा है, तो आईपी एड्रेस बदलने या प्राइवेसी के लिए किसी अन्य वीपीएन का उपयोग नहीं किया जा सकता। प्राइवेट डीएनएस सेटिंग्स से ब्लॉक करें विज्ञापन अगर आप किसी थर्ड-पार्टी ऐप या वीपीएन प्रोफाइल का उपयोग नहीं करना चाहते, तो एंड्रॉयड की इन-बिल्ट प्राइवेट डीएनएस विशेषता सबसे आसान तरीका है। यह तरीका वेब ब्राउज़िंग और ऐप्स के दौरान विज्ञापन देने वाले डोमेन को सीधे ब्लॉक कर देता है। इसके लिए एंड्रॉयड की सेटिंग्स में जाकर आसानी से बदलाव किया जा सकता है। फोन की सेटिंग्स खोलकर नेटवर्क एंड इंटरनेट में जाएं और प्राइवेट डीएनएस विकल्प को चुनें। वहां प्राइवेट डीएनएस प्रोवाइडर होस्टनेम का विकल्प चुनकर एडगार्ड (AdGuard) का मुफ्त होस्टनेम dns.adguard-dns.co दर्ज करें और सेव कर दें। इससे फोन पर अधिकांश विज्ञापन तुरंत बंद हो जाते हैं। हालांकि, कभी-कभी सख्त डीएनएस फ़िल्टरिंग के कारण कुछ वेबसाइट्स या फुल-स्क्रीन विज्ञापनों पर निर्भर रहने वाले ऐप्स काम करना बंद कर सकते हैं। इस स्थिति में नेक्स्टडीएनएस (NextDNS) का उपयोग करना अधिक सुविधाजनक होता है। नेक्स्टडीएनएस पर मुफ्त खाता बनाकर अपना व्यक्तिगत डीएनएस URL प्राप्त किया जा सकता है, जहाँ यह चुनने की आजादी मिलती है कि कौन से फ़िल्टर लागू करने हैं और किन वेबसाइटों को अनुमति देनी है। नेक्स्टडीएनएस हर महीने 300,000 क्वेरी मुफ्त प्रदान करता है, जबकि असीमित उपयोग वाले प्रो प्लान की कीमत $1.99 प्रति माह या $19.99 प्रति वर्ष है। फायरफॉक्स और यूब्लॉक ओरिजिन एक्सटेंशन का संयोजन वेब ब्राउज़िंग के दौरान विज्ञापनों से बचने के लिए कंप्यूटर जैसा अनुभव मोबाइल पर भी प्राप्त किया जा सकता है। गूगल द्वारा मेनिफेस्ट वी3 नियमों को लागू करने के बाद कई ब्राउज़र्स पर रियल-टाइम एड ब्लॉकर का काम करना कठिन हो गया है। ऐसे में मोज़िला का फायरफॉक्स सबसे मजबूत विकल्प बनकर सामने आता है। एंड्रॉयड पर फायरफॉक्स (Firefox) ऐप डाउनलोड करके उसके मेनू में जाएं और एक्सटेंशंस सेक्शन खोलें। वहां यूब्लॉक ओरिजिन एक्सटेंशन खोजकर इंस्टॉल करें। यह एक्सटेंशन वेबसाइटों पर आने वाले बैनर, पॉप-अप और ट्रैकिंग स्क्रिप्ट को पूरी तरह से रोक देता है। इसके सेटिंग्स पेज में जाकर अपनी पसंद के अनुसार नए फ़िल्टर भी जोड़े जा सकते हैं। बिना विज्ञापन यूट्यूब देखने के विकल्प यूट्यूब पर विज्ञापनों को रोकने के लिए गूगल लगातार नए कदम उठाता रहता है। लेकिन बिना प्रीमियम खरीदे यूट्यूब देखने के दो आसान तरीके मौजूद हैं। पहला तरीका ओपन-सोर्स ऐप न्यूपाइप (NewPipe) का उपयोग करना है, जो एफ-ड्रॉइड ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। यह ऐप बिना किसी विज्ञापन के वीडियो प्ले करता है और साथ ही बैकग्राउंड ऑडियो प्लेबैक तथा ऑफलाइन डाउनलोड जैसी प्रीमियम सुविधाएं भी बिल्कुल मुफ्त प्रदान करता है। दूसरा तरीका डकडकगो ब्राउज़र का उपयोग करना है। इस ब्राउज़र में यूट्यूब विज्ञापनों को रोकने के लिए इन-बिल्ट फ़िल्टर दिए गए हैं। ब्राउज़र के भीतर यूट्यूब चलाने पर विज्ञापन खुद-ब-खुद हट जाते हैं। यदि विज्ञापन दिखाई दें, तो मेनू में जाकर एड ब्लॉकिंग के तहत ब्लॉक एड्स ऑन यूट्यूब विकल्प को ऑन किया जा सकता है। ब्रेव ब्राउज़र से बिना किसी सेटअप के पाएं क्लीन ब्राउज़िंग यदि आप बिना किसी तकनीकी सेटिंग्स या एक्सटेंशन डाउनलोड किए बिना विज्ञापन मुक्त ब्राउज़िंग चाहते हैं, तो ब्रेव ब्राउज़र सबसे सरल उपाय है। यह प्राइवेसी-केंद्रित ब्राउज़र गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त उपलब्ध है। ब्रेव ब्राउज़र डिफ़ॉल्ट रूप से ट्रैकर्स, विज्ञापनों और पॉप-अप्स को रोक देता है। इसमें यूजर्स को कोई अतिरिक्त एक्सटेंशन या सेटिंग्स चालू करने की आवश्यकता नहीं होती। यहाँ तक कि यूट्यूब वेब पर वीडियो चलाते समय भी यह विज्ञापनों को स्वचालित रूप से ब्लॉक कर देता है। इसका आप पर असर स्मार्टफोन पर अवांछित विज्ञापनों और ट्रैकर्स को बंद करने से यूजर्स को सीधे वित्तीय और प्राइवेसी संबंधी लाभ मिलते हैं। • डेटा और बैटरी बचत: बैकग्राउंड में चलने वाले विज्ञापनों और ट्रैकर्स के ब्लॉक होने से मोबाइल डेटा की खपत कम होती है और फोन की बैटरी लाइफ बढ़ती है। • वित्तीय बचत: हर ऐप और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के अलग-अलग प्रीमियम प्लान खरीदे बिना यूजर्स विज्ञापन मुक्त अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। • प्राइवेसी सुरक्षा: डीएनएस फ़िल्टरिंग और प्राइवेसी ब्राउज़र्स का उपयोग करने से यूजर की ऑनलाइन गतिविधियों की ट्रैकिंग रुकती है। • यूजर एक्सपीरियंस में सुधार: वेब पेज तेजी से लोड होते हैं और ऐप्स का उपयोग करते समय अचानक आने वाले फुल-स्क्रीन विज्ञापनों से मुक्ति मिलती है। ऐसा क्यों हुआ मोबाइल ऐप्स और वेबसाइटों पर विज्ञापनों और डेटा ट्रैकिंग के बढ़ते प्रभाव के कारण फ्री एड-ब्लॉकिंग टूल की मांग तेजी से बढ़ी है। • प्रीमियम सब्सक्रिप्शन का बढ़ता बोझ: लगभग हर सेवा द्वारा विज्ञापन हटाने के लिए मासिक शुल्क मांगे जाने के कारण यूजर्स मुफ्त और ओपन-सोर्स विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। • मेनिफेस्ट वी3 के बदलाव: गूगल द्वारा मुख्यधारा ब्राउज़र्स में एक्सटेंशन के नियमों को सख्त करने से यूजर्स फायरफॉक्स जैसे स्वतंत्र प्लेटफॉर्म की तरफ बढ़ रहे हैं। • प्राइवेसी के प्रति जागरूकता: ऑनलाइन डेटा ट्रैकिंग और लक्षित विज्ञापनों को रोकने के लिए यूजर्स अब प्राइवेट डीएनएस और वीपीएन आधारित टूल का अधिक उपयोग कर रहे हैं। सवाल-जवाब 1. क्या एंड्रॉयड फोन पर विज्ञापन ब्लॉक करने के लिए फोन को रूट करना जरूरी है? नहीं, ब्लॉकएड्स ऐप, प्राइवेट डीएनएस सेटिंग्स या प्राइवेसी ब्राउज़र्स का उपयोग करने के लिए फोन को रूट करने की कोई आवश्यकता नहीं है। 2. एडगार्ड के फ्री प्राइवेट डीएनएस का होस्टनेम क्या है? एडगार्ड का फ्री प्राइवेट डीएनएस होस्टनेम dns.adguard-dns.co है जिसे सेटिंग्स में जाकर दर्ज किया जा सकता है। 3. क्या ब्लॉकएड्स ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है? नहीं, ब्लॉकएड्स एक ओपन-सोर्स ऐप है जो गिटहब और एफ-ड्रॉइड ऐप स्टोर पर उपलब्ध है। 4. नेक्स्टडीएनएस का उपयोग करने की सीमा क्या है? नेक्स्टडीएनएस हर महीने 300,000 क्वेरी मुफ्त प्रदान करता है, जिसके बाद अनलिमिटेड उपयोग के लिए प्रो प्लान की आवश्यकता होती है। 5. क्या डकडकगो ब्राउज़र में यूट्यूब विज्ञापन बंद किए जा सकते हैं? हाँ, डकडकगो में इन-बिल्ट एड ब्लॉकर मौजूद है जो यूट्यूब वीडियो पर आने वाले विज्ञापनों को रोक देता है। https://trendkia.com/guides/android-phona-para-vijnapanon-se-chhutakara-pane-ke-5-prabhavi-upaya-bina-sabsakripshana-aise-bnda-karen-edsa-39210 TrendKia — Har trend, sabse pehle.