{
  "type": "article",
  "title": "चैटजीपीटी एटलस और परप्लेक्सिटी कॉमेट जैसे एआई ब्राउज़र्स को बिना हैक हुए इस्तेमाल करने का पूरा गाइड",
  "summary": "एआई-संचालित वेब ब्राउज़र्स प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहे हैं; जानें कि सेटिंग्स में बदलाव करके आप अपने डेटा और खातों को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं।",
  "content": "तकनीकी दुनिया में इस समय एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है, जहां पारंपरिक वेब ब्राउज़िंग की जगह अब एआई-संचालित ब्राउज़र्स ले रहे हैं। इंटरनेट पर काम करने के तरीकों को आसान बनाने के लिए परप्लेक्सिटी कॉमेट (Perplexity Comet), चैटजीपीटी एटलस (ChatGPT Atlas) और आर्क (Arc) के डेवलपर्स द्वारा तैयार किए गए नए डिया (Dia) जैसे ब्राउज़र्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ये ब्राउज़र्स केवल वेब पेज खोलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये आपके लिए पूरी रिसर्च कर सकते हैं, अमेज़न जैसी शॉपिंग वेबसाइट्स पर चेकआउट की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और आपके इशारे पर कई जटिल काम संभाल सकते हैं। लेकिन इस बेजोड़ सुविधा के साथ सुरक्षा के ऐसे गंभीर खतरे भी आ रहे हैं जिनसे अधिकांश यूज़र्स पूरी तरह अनजान हैं। यदि आप इन एआई ब्राउज़र्स का उपयोग कर रहे हैं, तो प्राइवेसी को दांव पर लगाए बिना खुद को सुरक्षित रखने के लिए इनके जोखिमों और सुरक्षा सेटिंग्स को समझना बेहद जरूरी है।\n\n \n\nएआई ब्राउज़र्स किस तरह आपकी सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं?\n\nपारंपरिक वेब ब्राउज़र जैसे गूगल क्रोम या मोज़िला फायरफॉक्स केवल यूजर के निर्देशों का पालन करते हैं। जब आप किसी लिंक पर क्लिक करते हैं या कोई यूआरएल टाइप करते हैं, तभी ब्राउज़र उस पेज को लोड करता है। वहां क्या करना है, यह पूरी तरह आपके नियंत्रण में होता है। इसके विपरीत, चैटजीपीटी एटलस या परप्लेक्सिटी कॉमेट जैसे एआई ब्राउज़र्स खुद सक्रिय होकर काम करते हैं। वे आपके अनुरोध पर पूरे वेब पेज को स्कैन करते हैं, उसका विश्लेषण करते हैं, जानकारी का सारांश तैयार करते हैं और एजेंट मोड में स्वायत्त रूप से कार्यों को अंजाम देते हैं। यह स्वायत्तता ही सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है, क्योंकि हैकर्स अब सीधे आपके ब्राउज़र को बहकाकर आपके निजी खातों और संवेदनशील डेटा तक पहुंच हासिल कर सकते हैं।\n\n इसमें सबसे बड़ा खतरा प्रॉम्प्ट इंजेक्शन (Prompt Injection) का है। इस हमले में हैकर्स को किसी वेबसाइट या ब्राउज़र एक्सटेंशन के एचटीएमएल (HTML) सोर्स कोड के भीतर दुर्भावनापूर्ण निर्देश छिपाने होते हैं। ओपनएआई के आधिकारिक दस्तावेजों में भी सुरक्षा कारणों से चैटजीपीटी एटलस को संवेदनशील या प्रोडक्शन डेटा के साथ उपयोग न करने की चेतावनी दी गई है। प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमलों की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लिए यूजर को किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने की आवश्यकता नहीं होती। केवल एक ऐसी वेबसाइट पर जाने मात्र से, जिसके बैकएंड कोड में ये निर्देश छिपे हैं, आपका एआई ब्राउज़र उन अदृश्य निर्देशों को पढ़ लेगा और आपकी अनुमति या पुष्टि के बिना उनके अनुसार काम करने लगेगा।\n\n \n\nकॉमेटजैकिंग और एटलस की सुरक्षा में सेंध के उदाहरण\n\nसुरक्षा विशेषज्ञों ने परप्लेक्सिटी कॉमेट में कई सुरक्षा खामियों को उजागर किया है, जिसे अब कॉमेटजैकिंग (CometJacking) का नाम दिया गया है। एक परीक्षण के दौरान, जब कॉमेट ब्राउज़र को एक ऐसे रेडिट थ्रेड का सारांश तैयार करने के लिए कहा गया जिसमें हैकर्स के छिपे हुए निर्देश थे, तो ब्राउज़र ने यूजर का ईमेल पता खोज निकाला, उसके इनबॉक्स से एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) हासिल किया और यूजर को भनक लगे बिना उसे हमलावर के पास भेज दिया। यह दिखाता है कि एआई ब्राउज़र किस तरह संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी को आसानी से लीक कर सकते हैं।\n\n चैटजीपीटी एटलस में भी इसी तरह की कमजोरियां पाई गई हैं। सुरक्षा शोधकर्ता जोहान रेहबर्गर ने प्रदर्शन किया कि कैसे केवल एक वर्ड डॉक्यूमेंट के भीतर छिपे एक साधारण कमांड के जरिए उन्होंने एटलस ब्राउज़र को लाइट मोड से डार्क मोड में स्विच करने पर मजबूर कर दिया। इसके अतिरिक्त, एटलस पर क्रॉस-साइट रिक्वेस्ट फॉर्जरी (CSRF) का भी खतरा मंडराता है, जहां कोई दुर्भावनापूर्ण वेबसाइट आपके ब्राउज़र को ऐसे निर्देश भेज सकती है जैसे कि वे निर्देश आपने खुद टाइप किए हों। साइबर सुरक्षा फर्म लेयरएक्स के अनुसार, एआई ब्राउज़र्स पारंपरिक ब्राउज़र्स की तरह फिशिंग वेबसाइटों को ब्लॉक करने के लिए मजबूत ब्लॉकलिस्ट और सुरक्षा प्रणालियों का उपयोग नहीं करते हैं। यही कारण है कि एटलस यूजर क्रोम या एज की तुलना में फिशिंग हमलों के प्रति 90% अधिक संवेदनशील होते हैं। वित्तीय जोखिम भी इससे सीधे जुड़े हैं; अमेज़न ने अदालत से एक आदेश प्राप्त कर परप्लेक्सिटी कॉमेट को अपनी वेबसाइट पर ऑटोमेटेड चेकआउट करने से रोक दिया है क्योंकि यह वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाए गए सुरक्षा प्रोटोकॉल को बायपास कर देता है।\n\n \n\nमॉडल ट्रेनिंग के लिए डेटा शेयरिंग को तुरंत बंद करें\n\nज्यादातर एआई ब्राउज़र डिफ़ॉल्ट रूप से आपके ब्राउज़िंग पैटर्न, खोज इतिहास और दैनिक गतिविधियों का उपयोग अपने भविष्य के एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए करते हैं। इसका मतलब है कि जब तक आप खुद इस फीचर को बंद नहीं करते, आपका सारा व्यक्तिगत डेटा डेवलपर्स के सर्वर पर भेजा जाता रहता है। सौभाग्य से, यदि आप पेड प्लान पर हैं, तो आप इसे बंद कर सकते हैं। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए यह आपका पहला कदम होना चाहिए।\n\n \n• चैटजीपीटी एटलस: सबसे पहले ब्राउज़र के सेटिंग्स में जाएं, फिर डेटा कंट्रोल्स पर क्लिक करें और वहां इम्प्रूव मॉडल फॉर एवरीवन विकल्प को बंद कर दें। आप यहां अपनी चैट हिस्ट्री और ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी मॉडल ट्रेनिंग में शामिल होने से रोक सकते हैं।\n\n• परप्लेक्सिटी कॉमेट: इसके लिए न्यू टैब पेज खोलें, फिर अकाउंट के अंतर्गत प्रेफरेंसेस पर जाएं। यहां आपको एआई डेटा रिटेंशन का विकल्प दिखाई देगा, इसे बंद कर दें।\n\n• डिया: इस ब्राउज़र की विंडो में जाकर सेटिंग्स खोलें और फिर प्राइवेसी सेक्शन में जाएं। यहां मौजूद विकल्प शेयर कंटेंट डेटा टू इम्प्रूव डिया को डिफ़ॉल्ट रूप से बंद कर दें।\n\n \n\nसक्रिय सत्रों (Logged-In Sessions) तक ब्राउज़र की पहुंच को सीमित करें\n\nजैसा कि कॉमेटजैकिंग के मामले में देखा गया, एआई ब्राउज़र्स प्रॉम्प्ट इंजेक्शन के जरिए विभिन्न वेबसाइटों पर आपके पहले से लॉग-इन खातों तक पहुंच सकते हैं और ईमेल भेजने या फाइल डाउनलोड करने जैसे काम आपकी जानकारी के बिना कर सकते हैं। इस जोखिम को कम करने के लिए आपको ब्राउज़र की कुकीज़ और एक्टिव सेशन तक एआई एजेंट की पहुंच को सीमित करना होगा।\n\n \n• चैटजीपीटी एटलस: जब भी आप कोई नया चैट शुरू करें, तो + मेनू से एजेंट मोड का चयन करें। इस मेनू के ठीक बगल में आपको एक ड्रॉपडाउन दिखाई देगा जहां आप लॉग्ड इन और लॉग्ड आउट के बीच स्विच कर सकते हैं। यदि आप लॉग्ड आउट चुनते हैं, तो एआई एजेंट आपकी ब्राउज़र कुकीज़ का उपयोग नहीं कर पाएगा और किसी भी काम के लिए उसे आपसे मैन्युअल लॉगिन की अनुमति मांगनी होगी।\n\n• परप्लेक्सिटी कॉमेट: कॉमेट में ऐसा कोई सीधा टॉगल बटन नहीं है जो सक्रिय सत्रों को पूरी तरह ब्लॉक कर सके। हालांकि कॉमेट आपके मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम के वॉल्ट में सुरक्षित पासवर्ड तक नहीं पहुंच सकता, लेकिन यह एक्टिव कुकीज़ का उपयोग करके इनबॉक्स से डेटा निकाल सकता है। इसलिए, सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि किसी भी संवेदनशील वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए हमेशा इन्कॉग्निटो मोड का उपयोग करें ताकि ब्राउज़र बंद होते ही कुकीज़ डिलीट हो जाएं।\n\n• डिया: डिया भी कुकीज़ के जरिए होने वाले हमलों के प्रति संवेदनशील है। इसमें भी कोई समर्पित लॉग्ड आउट मोड नहीं है। सुरक्षित रहने के लिए इन्कॉग्निटो मोड का उपयोग करें या फिर dia://settings/ पर जाकर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी के तहत डिलीट ब्राउज़िंग डेटा विकल्प का उपयोग करके नियमित रूप से अपनी कुकीज़ और इतिहास साफ करें।\n\n \n\nमेमोरी पॉइज़निंग से बचने के लिए परसिस्टेंट मेमोरी बंद करें\n\nसाधारण प्रॉम्प्ट इंजेक्शन हमले केवल एक बार निष्पादित होते हैं, लेकिन मेमोरी पॉइज़निंग (Memory Poisoning) एक अधिक खतरनाक हमला है। इसमें हैकर्स आपके एआई ब्राउज़र की मेमोरी में ऐसे दुर्भावनापूर्ण निर्देश डाल देते हैं जो हमेशा के लिए सहेज लिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, एक बार इस हमले का शिकार होने पर आपका ब्राउज़र हर दिन आपके नए ईमेल हैकर्स को भेजता रह सकता है। चूंकि कॉमेट और डिया जैसे ब्राउज़र्स क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म हैं, इसलिए यह खतरा आपके सभी लिंक किए गए डिवाइसों पर फैल सकता है।\n\n \n• चैटजीपीटी एटलस: इस खतरे को बेअसर करने के लिए सेटिंग्स में जाकर पर्सनलाइजेशन पर क्लिक करें। इसके बाद रेफरेंस ब्राउज़र मेमोरीज विकल्प को बंद कर दें। हालांकि चैटजीपीटी में सरकारी आईडी या क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी को रोकने के लिए इन-बिल्ट सुरक्षा फिल्टर होते हैं, लेकिन मेमोरी को पूरी तरह बंद रखना सबसे सुरक्षित है। आप चाहें तो व्यू ब्राउज़र मेमोरीज में जाकर पुरानी यादों को मैन्युअल रूप से हटा भी सकते हैं।\n\n• परप्लेक्सिटी कॉमेट: कॉमेट की मेमोरी साफ़ करने के लिए comet://settings/ पर जाएं और प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी के तहत ब्राउज़िंग डेटा डिलीट करें। इसके अलावा, न्यू टैब पेज में जाकर अकाउंट &gt; प्रेफरेंसेस &gt; मेमोरी पर जाएं और वहां यूज़ सर्च हिस्ट्री तथा नोट्स को बंद कर दें। आप मैनेज मेमोरीज पर क्लिक करके विशिष्ट सहेजी गई यादों को डिलीट भी कर सकते हैं।\n\n• डिया: नए टैब में पर्सनलाइजेशन बटन पर क्लिक करें। यहां आपको पर्सनलाइज न्यू चैट्स का विकल्प मिलेगा, इसे बंद कर दें ताकि डिया पुराने डेटा का उपयोग न कर सके। पूरी मेमोरी को रिसेट करने के लिए सेटिंग्स &gt; मेमोरी में जाएं और रीसेट मेमोरी या डिसएबल मेमोरी पर क्लिक करें।\n\n \n\nसंवेदनशील वेबसाइटों पर एजेंट की पहुंच को प्रतिबंधित करें\n\nजहां चैटजीपीटी एटलस में फाइलों को डाउनलोड करने या सिस्टम फाइलों तक पहुंचने पर कुछ इन-बिल्ट पाबंदियां हैं, वहीं कॉमेट और डिया काफी खुले तौर पर काम करते हैं। वित्तीय और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए जरूरी है कि आप बैंकिंग, स्वास्थ्य और अन्य संवेदनशील वेबसाइटों पर इन एआई एजेंट्स की पहुंच को पूरी तरह ब्लॉक कर दें ताकि वे वहां का डेटा न पढ़ सकें।\n\n \n• चैटजीपीटी एटलस: ब्राउज़र की सेटिंग्स में जाकर पर्सनलाइजेशन पर क्लिक करें। यहां आपको चैटजीपीटी पेज विजिबिलिटी का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक करके आप उन सभी वेबसाइटों की सूची जोड़ सकते हैं जहां आप एआई एजेंट को डेटा एक्सेस करने से रोकना चाहते हैं। आप इन वेबसाइटों को मैन्युअल रूप से ब्राउज़ कर सकेंगे, लेकिन एआई बैकग्राउंड में सक्रिय नहीं होगा।\n\n• परप्लेक्सिटी कॉमेट: कॉमेट में इसके लिए अधिक बारीक नियंत्रण दिए गए हैं। सेटिंग्स के भीतर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी पर जाएं और कॉमेट असिस्टेंट के अंतर्गत ब्लॉक पर्सनल सर्च फॉर दीज वेबसाइट्स विकल्प का उपयोग करके बैंकों या अन्य निजी पोर्टल्स को ब्लॉक सूची में डाल दें।\n\n• डिया: डिया में व्यक्तिगत स्तर पर साइट अनुमतियों को नियंत्रित करने के लिए आप dia://settings/ पर जाकर प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी के तहत साइट सेटिंग्स बदल सकते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से एआई को डेटा देखने से नहीं रोकता, इसलिए सबसे सुरक्षित यही है कि ऐसी संवेदनशील साइटों पर बिना इन्कॉग्निटो मोड के लॉगिन न करें।\n\n \n\nसुरक्षित एआई ब्राउज़िंग के लिए कुछ अतिरिक्त नियम\n\nइंटरनेट सुरक्षा का मूल सिद्धांत यही है कि आपके एआई ब्राउज़र के पास जितना कम डेटा और अधिकार होंगे, हमला होने पर नुकसान भी उतना ही कम होगा। ऊपर दी गई सेटिंग्स के अलावा रोजाना इस्तेमाल के दौरान इन आदतों को अपनाएं\n\n \n• अपने दैनिक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए हमेशा गूगल क्रोम या फायरफॉक्स जैसे पारंपरिक सुरक्षित ब्राउज़र्स का उपयोग करें। एआई ब्राउज़र्स का उपयोग केवल विशिष्ट एआई-आधारित कार्यों के लिए एक अलग प्रोफाइल बनाकर करें, जिसमें कोई भी संवेदनशील खाता लॉग-इन न हो।\n\n• एआई ब्राउज़र्स या उनके एक्सटेंशन हमेशा आधिकारिक वेबसाइटों से ही डाउनलोड करें। थर्ड-पार्टी या अनधिकृत ऐप स्टोर से डाउनलोड करने पर आपके डिवाइस में मैलवेयर आने का खतरा बहुत अधिक होता है।\n\n• रेडिट या अन्य सोशल मीडिया फ़ोरम जैसी वेबसाइटों पर एआई ब्राउज़र का उपयोग करने से बचें, क्योंकि इन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट में प्रॉम्प्ट इंजेक्शन कोड छिपे होने की सबसे अधिक संभावना होती है।\n\n• किसी भी लंबे टेक्स्ट या यूआरएल को सीधे कॉपी करके अपने एआई ब्राउज़र में पेस्ट न करें। हैकर्स अक्सर बड़े यूआरएल के भीतर प्रॉम्प्ट इंजेक्शन छिपाते हैं, जो विशेष रूप से चैटजीपीटी एटलस के ओम्नीबॉक्स (सर्च और प्रॉम्प्ट बार) को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किए जाते हैं।\n\n• जब एआई एजेंट किसी जटिल या बहु-चरणीय कार्य को कर रहा हो, तो उसकी गतिविधियों पर पैनी नज़र रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि के दिखते ही तुरंत काम को रोकने या पॉज़ करने वाले बटन का उपयोग करें।\n\n• अपने सभी महत्वपूर्ण खातों, जैसे कि बैंक और ईमेल पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) हमेशा चालू रखें ताकि ब्राउज़र के जरिए भी कोई आपके खाते में सीधे प्रवेश न कर पाए।\n\nइसका आप पर असर\nयूज़र्स के लिए प्रभाव:\n\n• एआई ब्राउज़र्स का उपयोग करने वाले यूज़र्स को अपने बैंकिंग और ईमेल खातों को सुरक्षित रखने के लिए तुरंत अपनी डेटा-शेयरिंग और मेमोरी सेटिंग्स बदलनी चाहिए।\n• बिना प्राइवेसी सेटिंग्स बदले इन एआई ब्राउज़र्स का इस्तेमाल करने से हैकर्स आसानी से आपके वन-टाइम पासवर्ड (OTP) और निजी डेटा को हैक कर सकते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. प्रॉम्प्ट इंजेक्शन क्या होता है और यह एआई ब्राउज़र्स को कैसे प्रभावित करता है?\nप्रॉम्प्ट इंजेक्शन एक ऐसा हमला है जिसमें हैकर्स किसी वेबसाइट के कोड में अदृश्य निर्देश छिपा देते हैं। जब कोई एआई ब्राउज़र उस वेबसाइट को पढ़ता है, तो वह उन निर्देशों को मान लेता है और यूजर की अनुमति के बिना डेटा लीक कर सकता है।\n\n2. कॉमेटजैकिंग (CometJacking) क्या है?\nयह परप्लेक्सिटी कॉमेट ब्राउज़र में पाई गई एक कमजोरी है, जिसके तहत हैकर्स रेडिट जैसी साइटों पर छिपे हुए निर्देशों के जरिए ब्राउज़र से यूजर के इनबॉक्स से ओटीपी (OTP) निकलवाकर अपने पास मंगवा सकते हैं।\n\n3. क्या एआई ब्राउज़र्स को इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित है?\nनहीं, ये ब्राउज़र्स पारंपरिक ब्राउज़र्स की तुलना में सुरक्षा और प्राइवेसी के लिहाज से अधिक संवेदनशील हैं। हालांकि, मॉडल ट्रेनिंग बंद करके और इन्कॉग्निटो मोड का उपयोग करके इन्हें सुरक्षित बनाया जा सकता है।\n\n4. मैं चैटजीपीटी एटलस में मॉडल ट्रेनिंग को कैसे बंद कर सकता हूँ?\nआप चैटजीपीटी एटलस में सेटिंग्स के अंदर 'डेटा कंट्रोल्स' पर जाकर 'इम्प्रूव मॉडल फॉर एवरीवन' विकल्प को बंद कर सकते हैं।",
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  "category": "गाइड",
  "publishedAt": "2026-07-10",
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