# घर बैठे मुफ्त में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करा सकते हैं EPS-95 के पेंशनर्स, जानिए पूरी प्रक्रिया

> कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) की साझेदारी से EPS-95 पेंशनर्स अब बिना किसी शुल्क के घर बैठे अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** गाइड · **Published:** 2026-10-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/guides/eps-95-pensioners-can-now-submit-digital-life-certificate-at-home-for-free-check-process-and-rules-51358 · **Language:** Hindi
**Tags:** पेंशनर्स, ईपीएफओ, आईपीपीबी, डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, आधार

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की विशेष व्यवस्था के तहत अब पेंशनर्स को अपना वार्षिक डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक या दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1995 के दायरे में आने वाले सभी पात्र पेंशनर्स इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने घर बैठे ही जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार का सेवा शुल्क नहीं देना होगा। इस पूरी प्रक्रिया का खर्च खुद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा उठाया जा रहा है।

## समझौता और शुरुआत की तारीख
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने इस डोरस्टेप सेवा को शुरू करने के लिए 3 नवंबर 2025 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। यह विशेष सुविधा 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गई थी, जिसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने 9 जनवरी 2026 को इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़ा एक विस्तृत परिपत्र भी जारी कर दिया था।

## घर पर कैसे मिलती है सेवा
इस योजना के तहत डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक सीधे पात्र पेंशनर्स के घर जाते हैं। वे आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट करते हैं। सेवा सफल होने और मानक प्रक्रिया के तहत स्वीकृत होने पर पेंशनर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

## डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने की पूरी प्रक्रिया
घर बैठे इस सेवा का लाभ उठाने के लिए पेंशनर्स को तय किए गए चरणों का पालन करना होता है

- **पहला चरण:** पेंशनर्स 033-22029000 पर कॉल करके इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर सकते हैं और घर पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा के लिए अनुरोध दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा वे अपने स्थानीय डाकिए या ग्रामीण डाक सेवक से भी संपर्क कर सकते हैं या सहायता के लिए नजदीकी डाकघर जा सकते हैं।
- **दूसरा चरण:** वेरिफिकेशन के लिए पेंशनर्स को अपना आधार विवरण और पेंशन पेमेंट ऑर्डर यानी PPO से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी होगी। डाक विभाग का कर्मचारी संबंधित पेंशन विवरण की जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का समय आ गया है या नहीं।
- **तीसरा चरण:** डाकिया या ग्रामीण डाक सेवक अधिकृत डोरस्टेप बैंकिंग डिवाइस का उपयोग करते हैं और आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार करते हैं।
- **चौथा चरण:** सर्टिफिकेट जमा होने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और पेंशनभोगी के विवरण की जांच करता है। मानक संचालन प्रक्रिया में तय शर्तों को पूरा करने के बाद ही यह प्रमाण पत्र मुफ्त सेवा व्यवस्था के तहत सफल सबमिशन के रूप में मान्य होता है।
- **पाँचवा चरण:** प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलने वाली रसीद या रेफरेंस डिटेल्स को पेंशनर्स को सुरक्षित रखना चाहिए ताकि यह पुष्टि हो सके कि उनका प्रमाण पत्र सफलतापूर्वक जमा और स्वीकार हो गया है। केवल घर पर विजिट होना या प्रयास करना इस बात की गारंटी नहीं देता है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट मंजूर हो चुका है।

## जरूरी दस्तावेज और डिटेल्स
डोरस्टेप विजिट के दौरान डाकिया के आने से पहले पेंशनर्स को कुछ जरूरी दस्तावेज और जानकारियां अपने पास तैयार रखनी चाहिए। इसमें आधार नंबर और उससे जुड़ी ऑथेंटिकेशन डिटेल्स, पेंशन तथा पेंशन देने वाली एजेंसी का पूरा विवरण, और यदि लागू हो तो पेंशन या ऑथेंटिकेशन रिकॉर्ड से लिंक किया गया मोबाइल नंबर शामिल है।

## इसका आप पर असर
यह पहल देश भर के लाखों पेंशनर्स के लिए राहत भरी है जिन्हें अब जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कतारों में नहीं लगना होगा।

- **भारत में:** EPS-95 के सभी पात्र पेंशनर्स अब बिना किसी यात्रा के घर बैठे मुफ्त में अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करा सकते हैं। इससे बुजुर्गों को बैंकों और दफ्तरों के चक्कर काटने की परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिलती है।
- **सेवा शुल्क:** पेंशनर्स को इस डोरस्टेप सेवा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा क्योंकि इसका पूरा खर्च EPFO वहन कर रहा है। इससे उन लोगों को आर्थिक राहत मिलती है जो पहले एजेंटों या कैफे को पैसे देते थे।
- **दस्तावेज सत्यापन:** प्रक्रिया पूरी करते समय पेंशनर्स को अपना आधार और PPO नंबर तैयार रखना होगा ताकि डाकिया मौके पर ही बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कर सके। बिना सही दस्तावेजों के सत्यापन में देरी हो सकती है।
- **सफलता की पुष्टि:** केवल डाकिया के आने मात्र से सर्टिफिकेट मंजूर नहीं माना जाएगा, इसलिए पेंशनर्स को प्रक्रिया के बाद मिलने वाली रसीद या रेफरेंस नंबर जरूर संभाल कर रखना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
EPS-95 पेंशनर्स को घर बैठे मुफ्त डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा देने का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों की परेशानियों को कम करना है। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण बुजुर्गों के लिए बैंक या दफ्तर जाना कठिन हो जाता है।

- **डिजिटल समावेशन:** सरकार चाहती है कि आधुनिक तकनीकों और आधार-आधारित फेस या फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन का लाभ देश के हर कोने तक पहुंचे।
- **डाक विभाग की पहुंच:** इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक और ग्रामीण डाक सेवकों का नेटवर्क देश के हर गांव और मोहल्ले तक फैला हुआ है, जिससे डोरस्टेप सेवाएं देना आसान हो जाता है।
- **एमओयू समझौता:** कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के बीच 3 नवंबर 2025 को हुए समझौते ने इस व्यवस्था को औपचारिक रूप दिया।
- **लागत वहन:** पेंशनर्स पर वित्तीय बोझ न पड़े, इसलिए EPFO ने खुद इस सेवा का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. EPS-95 पेंशनर्स के लिए यह डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सेवा कौन दे रहा है?
यह सेवा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) के बीच समझौते के तहत दी जा रही है।

### 2. क्या इस घर बैठे मिलने वाली सेवा के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं, यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और इसका खर्च EPFO द्वारा उठाया जा रहा है।

### 3. डोरस्टेप सेवा के लिए पेंशनर्स कैसे अनुरोध कर सकते हैं?
पेंशनर्स 033-22029000 पर कॉल कर सकते हैं, अपने स्थानीय डाकिए से संपर्क कर सकते हैं या नजदीकी डाकघर जा सकते हैं।

### 4. इस सेवा के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
पेंशनर्स को अपना आधार नंबर, PPO विवरण और पेंशन रिकॉर्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर तैयार रखना होगा।

### 5. यह सुविधा कब से शुरू की गई थी?
यह सुविधा 1 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गई थी।

### 6. डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए कौन सी तकनीक का उपयोग होता है?
डाकिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का उपयोग करते हैं।

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