फ्यूरियस देखने के बाद ज़रूर देखें 1987 की ब्लैक विडो और बदले की आग से भरी ये पांच बेहतरीन फिल्में अगर आपको शो फ्यूरियस का भावनात्मक ताना-बाना और बदले की दास्तान पसंद आई है, तो उस 1987 की थ्रिलर फिल्म सहित ये पांच सिनेमाई कृतियां आपकी वॉचलिस्ट में ज़रूर होनी चाहिए। अगर किसी दर्शक को हाल के दौर में अपराध, शोषण और महिलाओं के अंदर सुलगते गुस्से को पर्दे पर गहराई से तलाशने वाली किसी कहानी ने झकझोर कर रख दिया है, तो वह निश्चित रूप से एलिजाबेथ मेरीवेदर द्वारा तैयार किया गया शो फ्यूरियस है। इस शो की दमदार पटकथा और कलाकारों के दिल दहला देने वाले अभिनय ने इसे इस साल कई लोगों की पसंदीदा सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया। खासकर एमी रॉसम, लोला पेटीक्रू, स्कूट मैकनेरी और उभरती हुई अदाकारा क्विंसी टायलर बर्नस्टीन के किरदारों ने व्यवस्थागत हिंसा और बदले की अंतहीन श्रृंखला को जिस बेरहमी से सामने रखा, उसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। इस शो के केंद्र में मौजूद तीन मुख्य महिला पात्रों का गुस्सा पूरी तरह वाजिब नजर आता है, लेकिन जिस कठोर और संवेदनहीन समाज में वे सांस ले रही हैं, वहां उनके पास विकल्प बेहद सीमित हैं। उस बेरहम दुनिया में अपनी गरिमा का एक छोटा सा टुकड़ा बचाए रखना ही उनके जीने का एकमात्र सहारा बन जाता है। यदि आप भी इस तरह की तीखी भावनात्मक कशमकश और न्याय की तलाश से प्रभावित हुए हैं, तो एक ऐसी पुरानी क्लासिक थ्रिलर मौजूद है जिसने वास्तव में इस पूरी कहानी को जन्म देने की प्रेरणा दी थी, और वह है 1987 में आई फिल्म ब्लैक विडो। फ्यूरियस की बुनियाद रचने वाली 1987 की थ्रिलर ब्लैक विडो यह बात किसी से छिपी नहीं है कि निर्देशक और निर्माता एलिजाबेथ मेरीवेदर को फ्यूरियस की रूपरेखा तैयार करने की प्रेरणा सीधे तौर पर 1987 की क्लासिक थ्रिलर ब्लैक विडो से ही हासिल हुई थी। इन दोनों रचनाओं के बीच का कथात्मक संबंध बेहद स्पष्ट और गहरा है। वर्ष 1987 में पर्दे पर आई इस फिल्म में डेब्रा विंगर ने अमेरिकी न्याय विभाग की एक तीक्ष्ण डेटा विश्लेषक अलेक्जेंड्रा बार्न्स की भूमिका निभाई थी। अपने काम के दौरान अलेक्जेंड्रा को एक अजीबोगरीब पैटर्न दिखाई देता है, जहां कई बेहद अमीर पुरुषों की अचानक और रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो जाती है। गहराई से छानबीन करने पर उसे अहसास होता है कि इन दौलतमंद पुरुषों ने जिन कम उम्र महिलाओं से हाल ही में शादियां रचाई थीं, वे कोई अलग-अलग औरतें नहीं बल्कि भेष बदल-बदल कर आने वाली एक ही शातिर महिला है। इस रहस्यमयी कातिल का किरदार थेरेसा रसेल ने निभाया था, जो अमीर पुरुषों को अपने हुस्न के जाल में फंसाती है, शादी करती है और फिर उनकी दौलत की इकलौती वारिस बनने के लिए उनकी हत्या कर देती है। हालांकि शिल्प और विषयवस्तु के स्तर पर ब्लैक विडो आधुनिक दौर के शो फ्यूरियस जितनी जटिल नहीं दिखती। 1987 की यह फिल्म संरचना के लिहाज से काफी हद तक पारंपरिक मर्डर थ्रिलर के खांचे में फिट बैठती है, जहां थेरेसा रसेल का किरदार किसी गहरे भावनात्मक बदले के बजाय विशुद्ध लालच और संपत्ति हड़पने की दुर्भावना से संचालित होता है। फिर भी, कहानी का ढांचा दर्शकों को उसी तरह का सिहरन भरा रोमांच परोसता है। फिल्म में अलेक्जेंड्रा और रसेल के कातिल किरदार के बीच एक बेहद अजीब, अवचेतन और जटिल मनोवैज्ञानिक खिंचाव विकसित होता है। यह रिश्ता काफी हद तक रॉसम द्वारा निभाई गई टूटी हुई नौसिखिया एफबीआई एजेंट और पेटीक्रू द्वारा निभाई गई मानसिक रूप से आहत सीरियल किलर कैथरीन के बीच के पेचीदा तालमेल की याद दिलाता है। इसके अलावा, अलेक्जेंड्रा को उस हत्यारी तक पहुंचने के लिए अपने दफ्तर के संकीर्ण सोच वाले, अहंकारी और संदेह करने वाले ताकतवर पुरुषों की फौज से अकेले दो-दो हाथ करने पड़ते हैं ताकि वह साबित कर सके कि उसकी समझ उन सब से कहीं आगे है। इस फिल्म को देखते हुए कोई भी आसानी से उन कड़ियों को पहचान सकता है जिन्होंने मेरीवेदर को इस पुराने कथानक को समकालीन और कहीं अधिक संजीदा नजरिए से दोबारा गढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह तथ्य भी बेहद काबिले-तारीफ है कि चार दशक पहले 1987 में एक ऐसी मुख्यधारा की बड़ी हॉलीवुड फिल्म रिलीज हुई थी, जिसमें न सिर्फ दो मजबूत महिला मुख्य किरदार थीं, बल्कि वे अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए पुरुषों की दया या मदद पर बिल्कुल निर्भर नहीं थीं। उनमें से एक किरदार तो पुरुषों को अपने रास्ते का पत्थर समझकर केवल इस्तेमाल कर रहा था और बेरहमी से उन्हें रास्ते से हटा रहा था। लैंगिक रूढ़िवादिता को इस तरह उलट देना उस दौर में जितना चौंकाने वाला था, आज भी उसका असर उतना ही ताजा महसूस होता है। हुपला पर इसकी स्ट्रीमिंग उपलब्ध है या इसे प्राइम वीडियो पर किराए पर देखा जा सकता है। बदले की ज्वाला और प्रॉमिसिंग यंग वुमन यदि फ्यूरियस में कैथरीन द्वारा उन मर्दों के खिलाफ छेड़ा गया खौफनाक अभियान आपके दिल को छू गया जिन्होंने उसकी जिंदगी शुरू होने से पहले ही उसे तबाह कर दिया था, तो वर्ष 2020 की फिल्म प्रॉमिसिंग यंग वुमन आपको उसी अंधेरे और दर्दनाक अहसास से रूबरू कराएगी। इस फिल्म में कैरी मुलिगन ने कैसी नाम की एक ऐसी युवती का किरदार निभाया है, जिसे अपनी सबसे अच्छी दोस्त नीना की दर्दनाक मौत के बाद मेडिकल कॉलेज की अपनी होनहार पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ गई थी। नीना के साथ दरिंदगी हुई थी और जिम्मेदार रसूखदार मर्दों को कानून से कोई सजा न मिलने के कारण उसने टूटकर खुदकुशी कर ली थी। इस गहरे सदमे के बाद कैसी हर रात शराबखानों में जाती है और पूरी तरह नशे में होने का नाटक करती है, ताकि वह उन शिकारी मर्दों को अपने जाल में फंसाकर बेनकाब कर सके जो लाचार महिलाओं का फायदा उठाने की ताक में रहते हैं। इसके बाद वह नीना के गुनहगारों और उस व्यवस्था को सजा देने के लिए एक आत्मघाती, बदले की आग से भरा मिशन शुरू करती है। यह फिल्म तीखी, चुभने वाले हास्य से भरी और भावनात्मक रूप से झकझोरने वाली है। कैरी मुलिगन का बेजोड़ अभिनय आपको फ्यूरियस की कैथरीन के भीतर सुलगते दर्द और प्रतिशोध की शिद्दत का भरपूर अहसास कराएगा। यह फिल्म पीकॉक पर उपलब्ध है और इसे प्राइम वीडियो पर भी रेंट किया जा सकता है। द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू और न्याय की निजी लड़ाई फ्यूरियस की कैथरीन एक ऐसी पीड़िता है जो अपने साथ हुए अन्याय के गुस्से को खुद पर हावी होने देती है और हिंसक प्रतिशोध के रास्ते पर निकल पड़ती है। यदि आपको ऐसी कहानियां पसंद हैं जहां कोई महिला उस पर हावी होने की कोशिश करने वाले हिंसक मर्दों के खिलाफ पासा पलट देती है, तो 2011 में आई फिल्म द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू आपके लिए एक सटीक विकल्प साबित होगी। गौरतलब है कि जिस स्वीडिश उपन्यास पर यह फिल्म आधारित है, उसका मूल स्वीडिश शीर्षक वास्तव में मेन हू हेट विमेन था। यह कहानी लिस्बेथ सालेंडर नाम के एक बेहद चर्चित किरदार को सामने लाती है, जो काफी हद तक कैथरीन जैसी ही है लेकिन तकनीकी रूप से कहीं अधिक निपुण और शांत संयम वाली है। लिस्बेथ के साथ जब एक भ्रष्ट संरक्षक द्वारा घिनौना अत्याचार किया जाता है, तो वह जिस शातिराना और कड़े अंदाज में उससे बदला लेती है, वह इस फिल्म का एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाला हिस्सा है। इसके साथ ही कई दशकों पुराने एक अनसुलझे मर्डर केस की छानबीन दर्शकों को उसी खौफनाक, हिंसक और पितृसत्तात्मक अपराध की अंधेरी दुनिया में ले जाती है जैसा माहौल फ्यूरियस में रचा गया था। इसे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा सकता है या फिर प्राइम वीडियो से किराए पर लिया जा सकता है। मास्टरपीस मॉन्स्टर में निरंतर शोषण का खौफनाक अंत फ्यूरियस दर्शकों को इसलिए भी भीतर तक हिला देता है क्योंकि वह महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और उस हिंसा के पलटवार से पैदा होने वाले खूनी चक्र को बिना किसी बनावट के बिल्कुल नग्न रूप में दिखाता है। सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्म मॉन्स्टर भी इसी कड़वे सच की एक बेहद दर्दनाक पड़ताल करती है। इस फिल्म में चार्लीज थेरॉन ने एलीन ली वुओर्नोस नाम की एक देह व्यापार करने वाली महिला का किरदार निभाया है, जो जिंदगी से हार मानकर आत्महत्या करने की कगार पर खड़ी थी। तभी उसकी मुलाकात सेल्बी वॉल से होती है, जिसका किरदार क्रिस्टीना रिक्की ने निभाया है, और दोनों के बीच एक गहरा भावनात्मक रिश्ता बन जाता है। सेल्बी के साथ एक नई जिंदगी शुरू करने और पेट पालने के लिए ली दोबारा उसी दलदल में उतरती है। लेकिन एक ग्राहक द्वारा किए गए जानलेवा हमले और भयावह हिंसा के बाद, ली अपनी जान बचाने और जिंदा रहने के लिए अपने ग्राहकों की हत्याएं करना शुरू कर देती है और उनकी गाड़ियां तथा पैसे लूटने लगती है। यह फिल्म इस भयानक हकीकत का आईना है कि जब कोई समाज किसी औरत को सिर्फ एक जिस्म समझकर ताउम्र उसका शोषण करता रहता है, तो उसके भीतर का इंसान किस हद तक बिखर सकता है। चार्लीज थेरॉन के इस ऐतिहासिक अभिनय वाली फिल्म को प्राइम वीडियो पर किराए पर देखा जा सकता है। द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स और पितृसत्तात्मक तंत्र में संघर्ष यदि फ्यूरियस देखते हुए आपको नौसिखिया एफबीआई एजेंट एलिस ब्लैक के रूप में एमी रॉसम की लाचारी और जुझारूपन सबसे ज्यादा प्रभावी लगा था, तो थॉमस हैरिस के उपन्यास पर आधारित निर्देशक जोनाथन डेमी और पटकथा लेखक टेड टैली की 1991 की कालजयी थ्रिलर द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। इस फिल्म में जोडी फोस्टर ने क्लारिस स्टार्लिंग की यादगार भूमिका निभाई थी, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का ऑस्कर पुरस्कार मिला था। क्लारिस को क्वांटिको में अपनी ट्रेनिंग के दौरान ही एक बेहद तेजतर्रार लेकिन नरभक्षी सीरियल किलर डॉ. हैनिबल लेक्टर से मिलने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। डॉ. लेक्टर की भूमिका में एंथनी हॉपकिंस ने स्क्रीन पर सिर्फ 16 मिनट की मौजूदगी में ऐसा खौफनाक जादू बिखेरा कि उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर अपने नाम कर लिया। क्लारिस को लेक्टर से इसलिए मदद चाहिए ताकि वह बफेलो बिल नामक एक अन्य सक्रिय सीरियल किलर की विकृत मानसिकता को समझ सके, जो केवल बेगुनाह महिलाओं को अपना शिकार बना रहा था। पुरुषों के वर्चस्व वाली जांच एजेंसी में एक युवा महिला अधिकारी के मानसिक संघर्ष और महिलाओं के प्रति रोजमर्रा की क्रूरता का सामना करने की यह दास्तान भावनात्मक रूप से बेहद समृद्ध और रोंगटे खड़े कर देने वाली है। इसे भी प्राइम वीडियो पर किराए पर लिया जा सकता है। डिस्ट्रॉयर और अंतरात्मा पर लगे गहरे घाव फिल्म डिस्ट्रॉयर में निकोल किडमैन द्वारा निभाया गया डिटेक्टिव एरिन बेल का किरदार वास्तव में फ्यूरियस की कैथरीन और एलिस दोनों के व्यक्तित्व का एक मिला-जुला रूप नजर आता है। एरिन एक ऐसी भ्रष्ट और मानसिक रूप से टूट चुकी पुलिस अधिकारी है, जिसने अपने अतीत में एक बहुत भयानक गलती की थी और वह तब से लगातार आत्म-ग्लानि और आत्म-विनाश की आग में खुद को जला रही है। यह कहानी आघात, अपराधबोध और अंतहीन दर्द का एक ऐसा भयानक चेहरा पेश करती है जो कैथरीन और एलिस के संघर्षों से सीधे तौर पर मेल खाता है। फिल्म में एरिन शुरुआत में अपने किए हुए गुनाहों को छिपाने की जद्दोजहद करती है, लेकिन बाद में वह किसी भी तरह अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए निकल पड़ती है। इस प्रायश्चित के रास्ते में वह लाशों का ढेर और गलत फैसलों का एक लंबा सिलसिला पीछे छोड़ती जाती है। एरिन पूरी तरह से कोई बेकसूर पीड़िता नहीं है, बल्कि वह अपनी बर्बादी की खुद जिम्मेदार रही है। इसके बावजूद, उसके भीतर का असहनीय दर्द, खोखलापन और जलता हुआ गुस्सा फ्यूरियस के किरदारों की गूंज पैदा करता है। इस फिल्म को कैनोपी, हुपला, प्लेक्स या टुबी पर आसानी से स्ट्रीम किया जा सकता है। इसका आप पर असर यह सिनेमाई सूची उन दर्शकों के लिए बेहद मददगार है जो गंभीर और विचारोत्तेजक थ्रिलर कंटेंट तलाश रहे हैं। • सिनेमा प्रेमियों के लिए: फ्यूरियस देखने के बाद अगर आप उसी तरह की गहरी और रोमांचक कहानियां ढूंढ रहे हैं, तो यह गाइड आपको सही फिल्में चुनने में मदद करेगी। इससे आपको अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर समय गंवाए बिना सीधे बेहतरीन थ्रिलर फिल्में देखने को मिलेंगी। • स्ट्रीमिंग विकल्पों की जानकारी: इन सभी फिल्मों के आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे प्राइम वीडियो, नेटफ्लिक्स, हुपला और पीकॉक की स्पष्ट जानकारी दी गई है। दर्शक अपनी सुविधानुसार इन्हें किराए पर ले सकते हैं या अपनी मौजूदा सब्सक्रिप्शन के जरिए स्ट्रीम कर सकते हैं। • क्लासिक सिनेमा की समझ: दर्शक 1987 की ब्लैक विडो और 1991 की द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स जैसी पुरानी क्लासिक फिल्मों के जरिए सिनेमाई इतिहास के बड़े बदलावों को समझ पाएंगे। यह तुलना दर्शकों को यह देखने का मौका देती है कि पिछले चालीस वर्षों में महिलाओं के किरदारों को पर्दे पर कैसे दिखाया गया है। • कंटेंट चयन में आसानी: हर फिल्म के कथानक और उसकी भावनात्मक गहराई की तुलना पहले ही स्पष्ट कर दी गई है। इससे संवेदनशील या हिंसक विषयों पर आधारित फिल्में देखने से पहले दर्शक अपनी पसंद के अनुसार सही निर्णय ले सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ शो फ्यूरियस की जबर्दस्त लोकप्रियता और इसकी अनूठी विषयवस्तु के चलते दर्शकों के बीच समान मिजाज वाली क्लासिक और आधुनिक फिल्मों को लेकर उत्सुकता पैदा हुई है। • सीधी प्रेरणा का खुलासा: निर्माता एलिजाबेथ मेरीवेदर ने स्वयं इस बात को स्पष्ट किया कि 1987 की फिल्म ब्लैक विडो उनके नए शो की मुख्य वैचारिक प्रेरणा रही है। इसी ऐतिहासिक संबंध के कारण इस विंटेज थ्रिलर की प्रासंगिकता आज के दर्शकों के बीच फिर से बढ़ गई। • महिला केंद्रित बदले की कथाएं: दशकों से अपराध सिनेमा में महिलाओं को केवल लाचार पीड़ितों के रूप में दिखाया जाता रहा था, जिससे दर्शक ऊब चुके हैं। फ्यूरियस और सुझाई गई ये फिल्में उस रूढ़ि को तोड़ती हैं, जहां महिलाएं अपनी पीड़ा के खिलाफ खुद संघर्ष का रास्ता चुनती हैं। • जटिल किरदारों की मांग: आज का दर्शक पारंपरिक अच्छाई और बुराई के सीधे विभाजन के बजाय नैतिक रूप से उलझे हुए इंसानी किरदारों को देखना अधिक पसंद करता है। इस सूची की सभी फिल्में मानसिक आघात, अपराधबोध और बदले की आग को बेहद संजीदगी से पर्दे पर उतारती हैं। सवाल-जवाब 1. शो फ्यूरियस को बनाने की मुख्य प्रेरणा कौन सी फिल्म थी? फ्यूरियस को बनाने की मुख्य प्रेरणा 1987 में रिलीज हुई थ्रिलर फिल्म ब्लैक विडो थी, जिसे एलिजाबेथ मेरीवेदर ने एक नए दृष्टिकोण से ढाला। 2. 1987 की फिल्म ब्लैक विडो की मुख्य कहानी क्या है? इस फिल्म में न्याय विभाग की एक विश्लेषक एक ऐसी शातिर महिला की खोज करती है, जो अमीर पुरुषों से शादी करके उनकी संपत्ति के लिए उनकी हत्या कर देती है। 3. फिल्म प्रॉमिसिंग यंग वुमन में मुख्य किरदार कैसी क्या करती है? कैसी अपनी सहेली की खुदकुशी का बदला लेने के लिए बार में नशे का नाटक करती है और महिलाओं का शोषण करने वाले पुरुषों को बेनकाब करती है। 4. द साइलेंस ऑफ द लैम्ब्स में एंथनी हॉपकिंस ने कितनी देर स्क्रीन पर अभिनय किया था? एंथनी हॉपकिंस ने इस फिल्म में केवल 16 मिनट के स्क्रीन टाइम में इतना प्रभावशाली काम किया था कि उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का ऑस्कर जीता। 5. फिल्म डिस्ट्रॉयर में निकोल किडमैन किस तरह का किरदार निभाती हैं? निकोल किडमैन डिटेक्टिव एरिन बेल की भूमिका में हैं, जो अपने अतीत के एक भयानक अपराध के बोझ तले दबी है और प्रायश्चित की तलाश में भटकती है। 6. फिल्म मॉन्स्टर किस वास्तविक किरदार की कहानी पर आधारित है? मॉन्स्टर देह व्यापार करने वाली एलीन ली वुओर्नोस की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिसका किरदार चार्लीज थेरॉन ने निभाया था। https://trendkia.com/guides/furious-dekhane-ke-bada-zarura-dekhen-1987-ki-black-widow-aura-badale-ki-aga-se-bhari-ye-pancha-behatarina-philmen-40635 TrendKia — Har trend, sabse pehle.