कर्नाटक में अब 17 जुलाई से बनेगा स्थायी निवासी प्रमाण पत्र, जानें पात्रता और तरीका कर्नाटक सरकार ने चुनावी सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बीच 17 जुलाई से स्थायी निवासी प्रमाण पत्र के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं, जो सेवा सिंधु पोर्टल या नागरिक सेवा केंद्रों पर लिए जा सकते हैं। चुनावी सूची में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बीच कर्नाटक के राजस्व विभाग ने 17 जुलाई से स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (PRC) के लिए आवेदन खिड़की खोल दी है। यह प्रमाण पत्र सेवा सिंधु पोर्टल के जरिए घर बैठे या राज्यभर के कुछ चुनिंदा नागरिक सेवा केंद्रों पर जाकर भी बनवाया जा सकता है। कौन कर सकता है आवेदन हर किसी के लिए यह प्रमाण पत्र बनवाना जरूरी नहीं, लेकिन आवेदन करने के लिए नीचे दी गई शर्तों में से कम से कम एक पूरी करनी होगी। • जो लोग लगातार 10 साल से कर्नाटक में रह रहे हैं, या जिनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक कम से कम 10 साल से राज्य में बसे हैं। • जिन्होंने कक्षा 12वीं तक की पूरी पढ़ाई कर्नाटक के भीतर से की हो। • जिनके पिता, माता, कानूनी अभिभावक या पति-पत्नी कर्नाटक के स्थायी निवासी हों। • जिनके पास राज्य में आवासीय संपत्ति है, चाहे वे उसके मालिक हों, कब्जेदार हों या कानूनी रूप से उसमें रह रहे हों। • जिनका नाम आधार, वोटर आईडी, राशन कार्ड या राजस्व रिकॉर्ड जैसे सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। • जिन्होंने खुद या जिनके माता-पिता ने कर्नाटक के किसी सरकारी विभाग या सार्वजनिक संस्थान में कम से कम सात साल तक सेवा दी हो। सेवा सिंधु पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें ऑनलाइन आवेदन के लिए पूरी प्रक्रिया कुछ आसान चरणों में पूरी की जा सकती है। • सबसे पहले सेवा सिंधु पोर्टल पर जाना होगा। • वहां अपने मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। • इसके बाद स्थायी निवासी प्रमाण पत्र सेवा को चुनना होगा। • आवेदन फॉर्म में जरूरी जानकारी भरनी होगी। • पात्रता के हिसाब से जो भी सहायक दस्तावेज मांगे जाएं, उन्हें अपलोड करना होगा। • फॉर्म भरने के बाद आवेदन को जमा करना होगा। • आखिर में आवेदन की स्थिति पोर्टल पर ट्रैक की जा सकती है। ऑफलाइन केंद्रों से भी मिलेगी सुविधा जो लोग इंटरनेट या पोर्टल के जरिए आवेदन करने में सहज नहीं हैं, उनके लिए राज्य ने ग्राम वन केंद्र, कर्नाटक वन केंद्र और बेंगलुरु वन केंद्र जैसे स्थानीय सेवा केंद्रों के जरिए भी आवेदन की सुविधा दी है। ये केंद्र गांव और शहर दोनों स्तर पर मौजूद हैं, जिससे दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी न हो। दस्तावेज सत्यापन और जरूरत क्यों पड़ी आवेदक की पात्रता किस शर्त पर आधारित है, उसी के अनुसार जरूरी सहायक दस्तावेज तय होते हैं। आवेदन जमा होने के बाद राजस्व विभाग के अधिकृत अधिकारी सभी दस्तावेजों की जांच करते हैं और तभी प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। यह स्पष्ट किया गया है कि PRC कर्नाटक के हर निवासी के लिए अनिवार्य नहीं है। इसे मुख्य रूप से इसलिए लाया गया है ताकि चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पात्र निवासी अपनी स्थायी निवास स्थिति आसानी से साबित कर सकें। यह भी बताया गया है कि PRC, कर्नाटक के सामान्य डोमिसाइल या निवास प्रमाण पत्र से अलग दस्तावेज है, इसलिए दोनों को एक न समझा जाए। इसका आप पर असर • भारत में: यह दिखाता है कि चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अलग-अलग राज्यों में स्थानीय निवास दस्तावेजों से किस तरह जोड़ा जा रहा है। • कर्नाटक में: जिन निवासियों के पास स्थायी पते का ठोस सबूत नहीं है, वे 17 जुलाई से सेवा सिंधु पोर्टल या ग्राम वन, कर्नाटक वन और बेंगलुरु वन जैसे केंद्रों के जरिए स्थायी निवासी प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं। सवाल-जवाब 1. कर्नाटक में PRC के लिए आवेदन कब से शुरू हुए? 17 जुलाई से कर्नाटक सरकार ने स्थायी निवासी प्रमाण पत्र के लिए आधिकारिक तौर पर आवेदन लेना शुरू किया है। 2. PRC के लिए आवेदन कहां-कहां किया जा सकता है? आवेदन सेवा सिंधु पोर्टल पर ऑनलाइन या ग्राम वन, कर्नाटक वन और बेंगलुरु वन जैसे नागरिक सेवा केंद्रों पर ऑफलाइन किया जा सकता है। 3. क्या PRC सभी कर्नाटक निवासियों के लिए अनिवार्य है? नहीं, यह अनिवार्य नहीं है, इसे मुख्य रूप से पात्र लोगों को विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान स्थायी निवास साबित करने में मदद के लिए लाया गया है। 4. PRC के लिए पात्रता की शर्तें क्या हैं? 10 साल से लगातार कर्नाटक में रहना, 12वीं तक पढ़ाई कर्नाटक से करना, माता-पिता या जीवनसाथी का स्थायी निवासी होना, राज्य में संपत्ति रखना, सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना या परिवार का सात साल से अधिक सरकारी सेवा में रहना, इनमें से कोई एक शर्त पूरी करनी होती है। 5. PRC और सामान्य निवास प्रमाण पत्र में क्या अंतर है? PRC कर्नाटक के सामान्य डोमिसाइल या निवास प्रमाण पत्र से अलग दस्तावेज है और इसे खासतौर पर एसआईआर प्रक्रिया के लिए पेश किया गया है। 6. आवेदन की जांच कौन करता है? राजस्व विभाग के अधिकृत अधिकारी दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करते हैं। https://trendkia.com/guides/karnataka-men-aba-17-julai-se-banega-permanent-resident-certificate-janen-patrata-aura-tarika-8408 TrendKia — Har trend, sabse pehle.