# भरूच के सायखा GIDC में बॉयलर फटने से पांच की मौत और दमन में भी जोरदार धमाका

> गुजरात के भरूच जिले में स्थित सायखा GIDC की एक फार्मा कंपनी के बॉयलर में भीषण विस्फोट होने से पांच कर्मचारियों की जान चली गई और कई अन्य झुलस गए। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश दमन में भी एक लोखंडी भट्टी फटने से पांच लोग घायल हो गए हैं।

**Type:** article · **Category:** गुजरात · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/gujarat/bharucha-ke-saykha-gidc-men-boyalara-phatane-se-pancha-ki-mauta-aura-daman-men-bhi-joradara-dhamaka-48581 · **Language:** Hindi
**Tags:** भरूच, सायखा GIDC, बॉयलर ब्लास्ट, गुजरात दुर्घटना, दमन ब्लास्ट, इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट

गुजरात के भरूच जिले के अंतर्गत आने वाले सायखा GIDC इलाके में एक बड़ा औद्योगिक हादसा पेश आया है। यहाँ स्थित एक केमिकल इकाई के बॉयलर में जोरदार धमाका होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस भयंकर दुर्घटना में दो लोगों की जान घटनास्थल पर ही चली गई थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल श्रमिकों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इस प्रकार इस हादसे में मरने वालों की कुल संख्या पाँच हो गई है। इसके अलावा तीन अन्य लोगों के घायल होने की शुरुआती सूचना मिली है, जिनका इलाज चल रहा है।

 

## श्यांजिल फार्मा कंपनी में हुआ हाइड्रोजन प्रक्रिया के दौरान विस्फोट
 मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, सायखा की श्यांजिल फार्मा नामक कंपनी के भीतर हाइड्रोजन रसायन से जुड़ी प्रक्रिया का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक बॉयलर फट गया और तेज धमाका हुआ। विस्फोट के तुरंत बाद पूरे परिसर में केमिकलयुक्त जहरीला धुआँ दूर-दूर तक फैल गया, जिससे आसपास के लोगों में भारी दहशत और चिंता का माहौल पैदा हो गया। जैसे ही इस घटना की खबर स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग को मिली, वैसे ही राहत और बचाव दलों की गाड़ियाँ तुरंत मौके पर रवाना हो गईं। दमकल कर्मियों ने फौरन मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाने और फँसे हुए लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू कर दिया। हालाँकि, इस बॉयलर ब्लास्ट के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा पूरी प्रशासनिक और तकनीकी जाँच संपन्न होने के बाद ही सामने आ पाएगा।

 

## पंद्रह किलोमीटर के दायरे में सुनी गई धमाके की गूँज
 इस विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी आवाज करीब 15 किलोमीटर के विस्तृत दायरे तक साफ सुनी गई। धमाका इतना भीषण था कि भारी-भरकम मशीनरी के हिस्से और धातु की चादरें उड़कर पूरे प्लांट परिसर में बिखर गईं। इस हादसे के बाद प्लांट के भीतर MDC गैस का भारी रिसाव शुरू हो गया, जिसके चलते पूरे कारखाने और आसपास के इलाके में घनी धुंध जैसी स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद कामगारों और अन्य लोगों ने अपनी आँखों में तेज जलन होने की गंभीर शिकायत की और इस जहरीली गैस के सीधे संपर्क में आने से कई मजदूर अस्वस्थ होकर बीमार पड़ गए। इस दुर्घटना के बाद पूरे सायखा इंडस्ट्रियल एस्टेट में कोहराम मच गया। देखते ही देखते कंपनी के मुख्य द्वार के बाहर स्थानीय लोगों और श्रमिकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जबकि दमकल वाहन और एंबुलेंस लगातार मौके पर पहुँचती रहीं। विशेष रूप से यह बात सामने आई है कि सायखा GIDC क्षेत्र में इस तरह के बॉयलर ब्लास्ट की यह दूसरी घटना है, जिसके कारण औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा के तय मानकों और पुख्ता इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

 

## दमन के पंचाल उद्योगनगर में भट्टी फटने से पाँच लोग झुलसे
 केवल भरूच ही नहीं, बल्कि केंद्र शासित प्रदेश दमन के पंचाल उद्योगनगर इलाके में स्थित साईं ट्रेडिंग कंपनी में भी एक अन्य बड़ी दुर्घटना सामने आई है। इस कारखाने की एक लोखंडी भट्टी के अंदर अचानक भयंकर धमाका हुआ। इस विस्फोट की तेज आवाज भी काफी दूर तक सुनी गई। इस हादसे में कुल पाँच कामदार गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ उनका इलाज जारी है। औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से बहस छिड़ गई है, जैसा कि खेड़ा की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के दौरान भी देखने को मिला था जब परिसर में भारी तबाही हुई थी।

## इसका आप पर असर
औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और बार-बार हो रहे इन हादसों का सीधा असर स्थानीय कामगारों की सुरक्षा और जीवन पर पड़ता है।

- **भारत में:** देश भर के औद्योगिक क्षेत्रों और केमिकल प्लांटों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जानी चाहिए। इस प्रकार की दुर्घटनाएँ नियमों की अनदेखी और सुरक्षा तंत्र की कमियों को उजागर करती हैं।

- **भरूच और दमन में:** सायखा GIDC और पंचाल उद्योगनगर के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों और कारखाने के कामगारों में औद्योगिक प्रदूषण और गैस रिसाव को लेकर भय का माहौल बन गया है। इन क्षेत्रों के श्रमिकों को अपने कार्यस्थलों पर कड़े सुरक्षा उपायों और त्वरित स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता है।

## ऐसा क्यों हुआ
प्राथमिक तौर पर यह दुर्घटनाएँ केमिकल प्रोसेसिंग के दौरान अत्यधिक दबाव या तकनीकी खामियों के कारण हुईं। प्रशासन इन मामलों की विस्तृत जाँच कर रहा है।

- **रासायनिक प्रक्रिया में गड़बड़ी:** श्यांजिल फार्मा की इकाई में हाइड्रोजन रसायन के साथ प्रक्रिया करते समय बॉयलर पर अचानक अत्यधिक दबाव बनने से यह हादसा हुआ।

- **गैस का रिसाव और धुंध:** विस्फोट के बाद प्लांट के भीतर से MDC गैस का तीव्र रिसाव हुआ जिससे आसपास के मजदूरों को साँस लेने में तकलीफ और आँखों में जलन हुई।

- **दमन में भट्टी का फटना:** दमन की साईं ट्रेडिंग कंपनी में लोखंडी भट्टी के भीतर अत्यधिक तापमान या तकनीकी विफलता के चलते भयंकर आंतरिक विस्फोट हुआ।

- **सुरक्षा नियमों की अनदेखी:** सायखा GIDC में इस प्रकार की दूसरी घटना होने के कारण स्थानीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. भरूच के किस इलाके में बॉयलर ब्लास्ट की घटना हुई है?
यह दुर्घटना गुजरात के भरूच जिले के सायखा GIDC स्थित श्यांजिल फार्मा कंपनी में हुई है।

### 2. सायखा GIDC हादसे में कुल कितने लोगों की मौत हुई है?
इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि तीन अन्य घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे कुल मृतकों की संख्या पाँच हो गई है।

### 3. धमाका कितनी दूर तक सुनाई दिया था?
सायखा GIDC में हुआ यह जोरदार धमाका लगभग 15 किलोमीटर के दायरे तक सुना गया था।

### 4. दमन में कौन सी कंपनी के अंदर ब्लास्ट हुआ है?
दमन के पंचाल उद्योगनगर स्थित साईं ट्रेडिंग कंपनी में लोखंडी भट्टी के अंदर यह भयंकर ब्लास्ट हुआ है।

### 5. दमन की दुर्घटना में कितने लोग घायल हुए हैं?
दमन के इस हादसे में कुल पाँच कामदार झुलस गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।

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