# गांधीनगर में नकली देसी घी बनाने वाली यूनिट पकड़ी गई, भारी मात्रा में वनस्पति फैट और नामी कंपनियों के फर्जी रैपर जब्त

> गुजरात पुलिस और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सांतज जीआईडीसी में गजानन फूड प्रोडक्ट्स पर छापा मारकर 6500 किलो वनस्पति तेल और नामी ब्रांड्स के लाखों नकली लेबल जब्त किए हैं।

**Type:** article · **Category:** गुजरात · **Published:** 2026-10-07 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/gujarat/gandhinagar-men-nakali-desi-ghi-banane-vali-yunita-pakari-gai-bhari-matra-men-vanaspati-phaita-aura-nami-knpaniyon-ke-pharji-raipa-44581 · **Language:** Hindi
**Tags:** गांधीनगर पुलिस, नकली देसी घी, खाद्य सुरक्षा, सांतज जीआईडीसी, एफएसएसएआई, गुजरात समाचार

गुजरात के गांधीनगर जिले में बड़े पैमाने पर नकली देसी घी बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मंगलवार रात पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने सांतज जीआईडीसी स्थित रकनपुर गांव में एक विनिर्माण इकाई पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान गजानन फूड प्रोडक्ट्स नामक फैक्ट्री के भीतर वनस्पति फैट, संदिग्ध रासायनिक तत्व और कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नकली लेबलों का विशाल जखीरा बरामद हुआ। अधिकारियों ने तुरंत पूरी सामग्री को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

## छापेमारी में 6500 किलोग्राम वनस्पति फैट और केमिकल बरामद
जांच अधिकारियों ने जब फैक्ट्री परिसर की तलाशी ली, तो वहां भारी मात्रा में वनस्पति फैट का भंडारण मिला। तौल और गिनती के बाद कुल 6500 किलोग्राम वनस्पति फैट को सील कर दिया गया। इसके साथ ही मौके पर आरएम वैल्यू एन्हांसर भी पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस रासायनिक पदार्थ का प्रयोग फैट की संरचना और गुणों को बदलकर उसे असली देसी घी जैसा रूप, महक और बनावट देने के लिए किया जाता है। टीम ने परीक्षण के लिए इन सभी सामग्रियों के नमूने एकत्र किए हैं।

## पास के गोदाम में छिपाकर रखे गए थे लाखों फर्जी लेबल
फैक्ट्री परिसर के बाद जांच टीम ने पास में ही बने एक अन्य गोदाम की गहन तलाशी ली। वहां जांचकर्ताओं को नामी और लोकप्रिय देसी घी ब्रांड्स के लाखों की संख्या में मुद्रित नकली लेबल मिले। ये रैपर और लेबल विभिन्न आकारों और वजन वाले पैकेटों के लिए तैयार किए गए थे। आश्चर्यजनक तथ्य यह सामने आया कि मुख्य इकाई में वनस्पति फैट से जुड़े नाममात्र के लेबल थे, जबकि अलग गोदाम में बाजार के जाने-माने ब्रांड्स के रैपरों का अंबार लगा था। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि मिलावटी उत्पाद को नामी ब्रांड्स के पैकेटों में भरकर खुले बाजार में बेचने की तैयारी थी।

## लाइसेंस केवल वनस्पति फैट का, मौके पर मिले नामी घी कंपनियों के रैपर
शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य सामने आया कि फैक्ट्री संचालकों के पास भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई का वैध लाइसेंस केवल वनस्पति फैट तैयार करने का था। इसके बावजूद परिसर से उन ब्रांड्स के लेबल बरामद हुए, जिनसे फैक्ट्री प्रबंधन ने किसी भी प्रकार के व्यावसायिक संबंध से साफ इनकार कर दिया था। अब पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियां इस दिशा में जांच कर रही हैं कि इन नकली रैपरों की छपाई कहां से कराई गई थी और तैयार माल किन-किन शहरों या खुदरा दुकानों तक पहुंचाया जाता था।

## एफडीसीए और फोरेंसिक टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
मामले के गंभीर स्वास्थ्य प्रभावों को देखते हुए खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन तथा फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीमों को फौरन मौके पर बुलाया गया। वैज्ञानिक विशेषज्ञों ने वनस्पति फैट, मिले रसायनों और तैयार उत्पादों के अधिकृत नमूने लिए हैं, जिन्हें विस्तृत रासायनिक विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इससे पहले भी गुजरात के सूरत स्थित कामरेज और बनासकांठा के डीसा इलाके में 6,000 लीटर नकली और मिलावटी घी पकड़े जाने की कार्रवाई सामने आ चुकी है।

## पूरा स्टॉक जब्त, वितरण नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
अधिकारियों ने फैक्ट्री में मौजूद कच्चे माल, मशीनरी के हिस्से और लाखों नकली लेबल्स को जब्त कर सीलिंग की औपचारिकता पूरी कर ली है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी मात्रा में नकली घी तैयार कर बाजार में खपाया है और इस रैकेट के तार किन थोक व्यापारियों से जुड़े हैं। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट प्राप्त होते ही मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

## इसका आप पर असर
खाद्य पदार्थों में मिलावट सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं की सेहत और उनकी जेब पर असर डालती है।

- **भारत में:** बाजार में उपलब्ध पैकेज्ड खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं की चिंताएं बढ़ जाती हैं। खरीदारों को विश्वसनीय स्रोतों, प्रमाणित बिल और पैकेट पर मुद्रित बैच नंबर व सील की जांच करने के बाद ही खरीदारी करनी चाहिए।
- **गांधीनगर और गुजरात में:** स्थानीय खुदरा और थोक बाजारों में मिलावटी देसी घी की खेप पहुंचने की आशंका से सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय निवासियों को खुले या असामान्य रूप से सस्ते दामों पर बिकने वाले ब्रांडेड घी के पैकेटों से सावधान रहना चाहिए।
- **व्यापारियों के लिए:** थोक और खुदरा विक्रेताओं को अपने स्टॉक के आपूर्ति स्रोतों और बिलों की दोबारा पुष्टि करनी होगी। संदिग्ध नेटवर्क से माल खरीदने पर व्यापारियों के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
- **स्वास्थ्य पर प्रभाव:** रासायनिक रूप से बदले गए वनस्पति फैट का सेवन पाचन तंत्र और हृदय स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे उत्पादों की पहचान के लिए घरेलू परीक्षण या अधिकृत खाद्य प्रयोगशालाओं की मदद ली जा सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अनधिकृत तरीकों से मिलावटी सामग्री तैयार करने की सूचना मिलने के बाद हुई है।

- **सीधा कारण:** गजानन फूड प्रोडक्ट्स परिसर में अनुमति के विपरीत भारी मात्रा में वनस्पति फैट के साथ आरएम वैल्यू एन्हांसर और नामी ब्रांड्स के फर्जी लेबल पाए गए। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने ठोस सूचना के आधार पर मंगलवार रात यह संयुक्त छापेमारी की।
- **मुनाफे की मंशा:** वनस्पति तेल को रासायनिक तत्वों के जरिए देसी घी जैसा बनाकर महंगे ब्रांडों के रैपर में पैक करने से भारी अवैध मुनाफा कमाया जाता है। कम लागत में नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में सामान्य कीमत पर बेचने के लिए यह सेटअप तैयार किया गया था।
- **पूर्व घटनाएं:** गुजरात में इस प्रकार का मिलावटी नेटवर्क पहले भी सामने आ चुका है। इससे पूर्व सूरत के कामरेज और बनासकांठा के डीसा में 6,000 लीटर नकली घी जब्त किया जा चुका है।
- **आगे की कार्रवाई:** खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन तथा फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ औपचारिक कानूनी धाराएं तय की जाएंगी।

## सवाल-जवाब

### 1. गांधीनगर में किस फैक्ट्री पर छापा मारा गया?
गांधीनगर के सांतज जीआईडीसी स्थित रकनपुर गांव में गजानन फूड प्रोडक्ट्स नामक फैक्ट्री पर छापा मारा गया।

### 2. छापेमारी के दौरान कितनी मात्रा में वनस्पति फैट बरामद हुआ?
फैक्ट्री परिसर से करीब 6500 किलोग्राम वनस्पति फैट और आरएम वैल्यू एन्हांसर बरामद किया गया।

### 3. फैक्ट्री संचालक के पास किस चीज का लाइसेंस था?
फैक्ट्री संचालकों के पास एफएसएसएआई का लाइसेंस केवल वनस्पति फैट निर्माण के लिए था।

### 4. गोदाम से किस तरह की सामग्री मिली?
पास के गोदाम से विभिन्न प्रतिष्ठित ब्रांड्स के लाखों की संख्या में नकली लेबल बरामद किए गए।

### 5. गुजरात में इससे पहले कहां नकली घी पकड़ा गया था?
इससे पहले सूरत के कामरेज और बनासकांठा के डीसा में 6,000 लीटर नकली और मिलावटी घी जब्त किया गया था।

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