गांधीनगर की निर्माणाधीन साइट पर बड़ा हादसा, क्रेन गिरने से मलबे में दबे दर्जनों मजदूर गांधीनगर के कुडासन इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया है। मलबे में दबे 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका है। गांधीनगर के कुडासन इलाके में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान एक भयंकर हादसा सामने आया है, जहां एक निर्माणाधीन इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। इस दुर्घटना के बाद से वहां अफरातफरी मच गई और कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। प्रशासनिक अमला और राहत दल तुरंत हरकत में आ गए और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। मलबे से निकाले गए घायल मजदूर हादसे के तुरंत बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुल 12 मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाहर निकाले गए इन श्रमिकों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, शुरुआती अनुमानों के मुताबिक अभी भी 10 से 15 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका बनी हुई है, जिनकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। क्रेन टूटने और स्लैब गिरने से हुआ हादसा प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दुर्घटना उस वक्त घटी जब इमारत की ऊपरी मंजिल पर स्लैब ढालने का काम चल रहा था। इसी निर्माण कार्य के दौरान अचानक एक भारी क्रेन अपना संतुलन खो बैठी और सीधे नीचे आ गिरी, जिससे ढांचे का एक बड़ा हिस्सा ढह गया। घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सीएम हर्ष संघवी व्यक्तिगत रूप से हालात का जायजा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए। फायर डिपार्टमेंट और प्रशासन की मुस्तैदी गांधीनगर के फायर ऑफिसर राजेश पटेल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कुडासन क्षेत्र में स्थित इस निर्माणाधीन इमारत का ढांचा ढहने के बाद दमकल विभाग की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई थीं। वर्तमान में मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का कार्य अत्यंत तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है। दिल्ली हादसे की यादें ताजा यह ताजा दुर्घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश की राजधानी दिल्ली में हुए एक अन्य दर्दनाक इमारत हादसे के घाव अभी भरे भी नहीं थे। कुछ दिन पहले ही दिल्ली में एक पांच मंजिला पुरानी इमारत अचानक ढह गई थी, जिसके मलबे में दबने से सात लोगों की जान चली गई थी। उस जर्जर इमारत के भीतर एक पीजी का संचालन किया जा रहा था, जिसने शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसका आप पर असर गांधीनगर के कुडासन इलाके में हुए इस हादसे का सीधा असर स्थानीय निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और सुरक्षा मानकों की सख्ती पर पड़ेगा। • भारत में: देश भर के शहरी इलाकों में चल रहे अनियंत्रित निर्माण कार्यों और पुरानी या जर्जर इमारतों की सुरक्षा जांच तेज होने की उम्मीद है। • गांधीनगर में: स्थानीय प्रशासन और नगर निगम द्वारा सभी निर्माणाधीन साइटों पर क्रेन तथा स्लैब निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों की अचानक जांच बढ़ाई जा सकती है। ऐसा क्यों हुआ इस भीषण हादसे के पीछे शुरुआती तौर पर निर्माण कार्य के दौरान बरती गई तकनीकी चूक और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को मुख्य कारण माना जा रहा है। • क्रेन का गिरना: निर्माण स्थल पर भारी स्लैब डालने के दौरान क्रेन के अचानक असंतुलित होकर गिरने से इमारत का कमजोर हिस्सा भरभराकर ढह गया। • सुरक्षा उपायों की कमी: साइट पर भारी उपकरणों के इस्तेमाल के दौरान पर्याप्त एहतियात न बरते जाने के कारण अचानक हुआ यह ढांचागत नुकसान टल नहीं सका। • जांच जारी: दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस बात की विस्तृत जांच कर रहे हैं कि क्या निर्माण कार्य के दौरान भार क्षमता या दिशा-निर्देशों की अनदेखी की गई थी। सवाल-जवाब 1. गांधीनगर में हादसा किस इलाके में हुआ? यह हादसा गांधीनगर के कुडासन इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत पर हुआ। 2. हादसे के वक्त इमारत में क्या काम चल रहा था? घटना के समय इमारत में स्लैब डालने का निर्माण कार्य चल रहा था। 3. मलबे से कितने मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है? अब तक 12 मजदूरों को मलबे से जिंदा बाहर निकाला जा चुका है जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। 4. मलबे में अभी कितने लोगों के दबे होने की आशंका है? प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 10 से 15 मजदूरों के अभी भी मलबे में दबे होने की खबर है। 5. घटनास्थल पर राहत कार्य के लिए कौन पहुंचे? डिप्टी सीएम हर्ष संघवी और दमकल विभाग की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। https://trendkia.com/gujarat/gandhinagara-ki-nirmanadhina-saita-para-bara-hadasa-crane-girane-se-malabe-men-dabe-darjanon-majadura-30516 TrendKia — Har trend, sabse pehle.