# गुजरात के अहमदाबाद में खुले नाले में बही दृष्टिबाधित बच्ची, साबरमती नदी तक पहुंची दमकल टीमों की तलाश

> अहमदाबाद के पीराणा क्षेत्र में ऑटो से उतरने के बाद एक दृष्टिबाधित बच्ची गहरे और खुले नाले में गिर गई। 12 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद राहत दल साबरमती नदी तक तलाशी अभियान चला रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** गुजरात · **Published:** 2026-10-11 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/gujarat/gujarat-ke-ahmedabad-men-khule-nale-men-bahi-drishtibadhita-bachchi-sabarmati-river-taka-pahunchi-damakala-timon-ki-talasha-46487 · **Language:** Hindi
**Tags:** अहमदाबाद, खुला नाला, साबरमती नदी, नारोल पुलिस, फायर ब्रिगेड, पीराणा, गुजरात

गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है, जहाँ करीब 10 वर्ष की एक दृष्टिबाधित नाबालिग लड़की खुले और तेज बहाव वाले नाले में गिरकर बह गई। 10 अक्टूबर की शाम घटी इस घटना के बाद 11 अक्टूबर को भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है। मौके पर तैनात फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट की टीमें पिछले 12 घंटे से भी अधिक समय से लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, जिसका दायरा अब साबरमती नदी तक विस्तृत कर दिया गया है।

## ऑटो से उतरते ही गहरे नाले में समाई मासूम
नारोल पुलिस थाने के निरीक्षक जे. बी. अग्रावत के अनुसार, यह हादसा 10 अक्टूबर की शाम को पीराणा कचरा भराव स्थल के समीप स्थित देव होटल के पास हुआ। उस दौरान बच्ची अपनी मां के साथ यात्रा कर रही थी। गंतव्य पर पहुंचने के बाद जब उसकी मां ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने में व्यस्त थी, तभी बच्ची वाहन से बाहर निकल गई। दृष्टिबाधित होने और नाला पूरी तरह खुला होने की वजह से वह संतुलन खोकर कई फुट गहरे गंदे पानी के नाले में जा गिरी।

## तेज बहाव के बीच साबरमती नदी तक खोज अभियान
फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाला ढका हुआ नहीं था और उसमें पानी का बहाव बेहद तीव्र था। दानपीठ स्टेशन के फायर ब्रिगेड ऑफिसर एम. डी. पांडे ने बताया कि 10 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर आपातकालीन सूचना मिलने के बाद से ही दमकलकर्मी बच्ची की तलाश कर रहे हैं। नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के चलते गोताखोरों और बचाव दलों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों को आशंका है कि नाले के उफनते पानी का तेज बहाव बच्ची को आगे खींच ले गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए दमकलकर्मियों ने अपनी खोज का दायरा नाले के अंतिम छोर से आगे बढ़ाकर साबरमती नदी के तटीय और बहाव वाले क्षेत्रों तक केंद्रित कर दिया है।

## इसका आप पर असर
शहरी क्षेत्रों में खुले नालों की लापरवाही नागरिकों, खासकर बच्चों और दिव्यांगों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बनी हुई है।

- **अहमदाबाद में:** पीराणा और नारोल मार्ग से गुजरने वाले नागरिक जलभराव और खुले सीवरेज चैनलों के पास विशेष सावधानी बरतें। अभिभावकों को भीड़भाड़ या सड़क किनारे वाहन से उतरते समय बच्चों का हाथ थामे रखने की जरूरत है।
- **भारत में:** देश भर के नगर निगमों और स्थानीय प्राधिकरणों पर खुले नालों को तुरंत ढकने का दबाव बढ़ सकता है। नागरिक अपने मोहल्ले में खुले मैनहोल और नालों की शिकायत संबंधित निकाय के हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराएं।
- **दिव्यांग सुरक्षा:** सार्वजनिक परिवहन से उतरते समय दृष्टिबाधित और विशेष आवश्यकता वाले लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऑटो या कैब से उतरते समय सुरक्षित फुटपाथ सुनिश्चित करना जरूरी है।
- **नागरिक सतर्कता:** वर्षा या जल निकासी वाले खुले नालों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग तेज हो सकती है। आम लोग ऐसे असुरक्षित स्थलों के पास बच्चों को अकेले न जाने दें।

## ऐसा क्यों हुआ
यह हादसा खुले नाले पर सुरक्षा आवरण की अनुपस्थिति और तेज जलप्रवाह के कारण हुआ। जब मां ऑटो का किराया चुका रही थी, दृष्टिबाधित बच्ची अनजाने में नाले के किनारे चली गई।

- **खुला और असुरक्षित नाला:** पीराणा कचरा भराव स्थल के पास देव होटल के निकट स्थित कई फुट गहरा नाला ढका हुआ नहीं था। कोई सुरक्षा दीवार या जाली न होने से वहां से गुजरने वालों के लिए निरंतर खतरा बना हुआ था।
- **दृष्टिबाध और अप्रत्याशित कदम:** बच्ची दृष्टिबाधित थी और ऑटो से बाहर निकलते ही वह खुले गड्ढे को देख नहीं सकी। मां का ध्यान किराया देने में बंटा होने के दौरान वह पलक झपकते ही उसमें गिर गई।
- **तेज जलप्रवाह:** नाले में पानी का बहाव अत्यंत तीव्र था, जिसके कारण बच्ची तुरंत बह गई। इसी तेज धारा ने राहत दलों के प्रयासों को बाधित करते हुए बच्ची को साबरमती नदी की तरफ धकेलने की आशंका पैदा की है।

## सवाल-जवाब

### 1. अहमदाबाद में यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 10 अक्टूबर की शाम को अहमदाबाद के पीराणा कचरा भराव स्थल के समीप देव होटल के पास स्थित खुले नाले में हुआ।

### 2. बच्ची नाले में कैसे गिरी?
बच्ची दृष्टिबाधित थी और जब उसकी मां ऑटो-रिक्शा का किराया चुका रही थी, तब वह ऑटो से बाहर निकली और सीधे खुले नाले में गिर गई।

### 3. राहत अभियान कब शुरू हुआ और कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
10 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट और नारोल पुलिस ने राहत अभियान शुरू किया।

### 4. बचाव दल साबरमती नदी में क्यों तलाश कर रहे हैं?
नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण आशंका है कि बच्ची आगे बह गई होगी, इसलिए खोज का दायरा साबरमती नदी तक बढ़ाया गया है।

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