गुजरात के खेड़ा में गर्भवती पत्नी को नैनो यूरिया पिलाकर मारा, इंटरनेट पर खोजा था कानूनी दांवपेंच खेड़ा जिले के कपरापुर गांव में पति ने ससुराल वालों के साथ मिलकर गर्भवती पत्नी को यूरिया देकर मार डाला और खुदकुशी दिखाने की कोशिश की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल जांच से सारा षड्यंत्र उजागर हो गया। गुजरात राज्य अंतर्गत खेड़ा जिले के कपरापुर गांव में एक गर्भवती विवाहिता की संदेहास्पद मौत का सनसनीखेज सच सामने आया है। महुधा तालुका क्षेत्र में हुई इस घटना को शुरुआत में आत्महत्या का रूप देने का पूरा प्रयास किया गया था। चिकित्सा जांच और फोरेंसिक पड़ताल के बाद स्पष्ट हुआ कि यह खुदकुशी नहीं, बल्कि तेरह सप्ताह की गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की सुनियोजित हत्या थी। कानून से बचने के लिए आरोपी पति ने वारदात से ठीक पहले इंटरनेट पर कानूनी जिम्मेदारियों की खोजबीन भी की थी। पेट दर्द के इलाज के विवाद से भड़की थी कलह जांच में जुटी पुलिस टीम को मिली जानकारी के मुताबिक, अरुणाबेन सोढ़ा तेरह सप्ताह की गर्भवती थीं। वारदात वाली रात उनके पेट में असहनीय पीड़ा शुरू हुई थी। उन्होंने अपने जीवनसाथी मितुल सोढ़ा से चिकित्सालय ले चलने की गुहार लगाई। मितुल ने उनकी तकलीफ पर ध्यान देने की जगह स्मार्टफोन में समय बिताना जारी रखा। अरुणाबेन इस उपेक्षा से बेहद आहत थीं, क्योंकि कुछ ही दिन पूर्व मितुल अपनी भाभी को बैंक संबंधी कार्य के लिए बाहर लेकर गया था, मगर गंभीर रूप से अस्वस्थ पत्नी को अस्पताल पहुंचाने में लगातार टालमटोल कर रहा था। दोनों के वैवाहिक जीवन में अविश्वास की गहरी खाई पहले से मौजूद थी। पति को अपनी पत्नी के आचरण पर संदेह था, वहीं अरुणाबेन को मितुल के किसी अन्य महिला से गुप्त संबंध होने का शक था। सर्च इंजन पर ढूंढा कानूनी बचाव का रास्ता घरेलू तकरार चरम पर पहुंची तो अरुणाबेन ने हताश होकर जान दे देने की बात कही। इस बात को सुनते ही मितुल ने एक आपराधिक षड्यंत्र रच डाला। उसने मोबाइल पर गूगल सर्च इंजन खोलकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि क्या पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने पर पति कानूनी रूप से उत्तरदायी ठहराया जाता है। कानूनी धाराओं के भय से बचने की संभावना तलाशने के उपरांत उसने अपने सगे संबंधियों को भी इस खौफनाक योजना में सम्मिलित कर लिया। घर के भीतर रखी हुई पांच सौ मिलीलीटर नैनो यूरिया की थैली को हथियार की तरह प्रयोग में लाने की तैयारी की गई। जबरन रासायनिक खाद पिलाने का वीभत्स कृत्य अपराध को अंजाम देने के लिए सास और जेठानी ने असहाय अवस्था में पड़ी अरुणाबेन के हाथ और पैरों को मजबूती से दबोच लिया। इसके पश्चात मितुल ने पीड़िता को सोफे पर गिराकर तरल यूरिया की पूरी मात्रा उसके गले में जबरन डाल दी। पीड़िता सहायता के लिए चीख-पुकार न कर सके, इसके लिए आरोपियों ने उसके मुख के भीतर कपड़ा भर दिया। जहरीले रसायन के असर से महज पंद्रह से बीस मिनट की अवधि में अरुणाबेन और उनके अजन्मे बच्चे की तड़पकर सांसें थम गईं। फंदे पर लटकाकर खुदकुशी का रूप देने का षड्यंत्र हत्या की वारदात पूरी होने के उपरांत साक्ष्यों को नष्ट करने तथा घटना को आत्महत्या साबित करने के लिए रातभर रणनीति बनाई गई। मितुल ने अपने भाई विपुल के सहयोग से नायलॉन की मजबूत डोरी का इस्तेमाल कर अरुणाबेन के निष्प्राण देह को खिड़की की ग्रिल से बांधकर लटका दिया। आरोपियों को भरोसा था कि फंदे से झूलती देह को देखकर पुलिस इसे सामान्य आत्महत्या मानकर फाइल बंद कर देगी, परंतु चिकित्सकीय साक्ष्यों ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उजागर हुआ सच सत्रह अक्टूबर के सबेरे महुधा पुलिस थाने को अरुणाबेन के फंदे से लटकने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस दल जब कपरापुर गांव पहुंचा, तब मायके पक्ष ने प्रथम दृष्टया ही हत्या किए जाने का गंभीर अंदेशा व्यक्त किया। चिकित्सकों के विशेषज्ञ पैनल द्वारा किए गए शव परीक्षण में साफ हुआ कि गर्दन पर मौजूद फंदे के निशान सांस रुकने के बाद बनाए गए थे। इसके अतिरिक्त आंतरिक अंगों में घातक यूरिया रसायन की मौजूदगी पाई गई। पेट में पहुंचकर यूरिया ने अमोनिया गैस का निर्माण किया, जिसने श्वसन तंत्र तथा महत्वपूर्ण आंतरिक अंगों को पूरी तरह विफल कर दिया था। दो आरोपी हिरासत में, फरार महिलाओं की तलाश जारी फोरेंसिक नतीजों, साइबर सेल की तकनीकी पड़ताल और मोबाइल सर्च हिस्ट्री के आधार पर महुधा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त मितुल सोढ़ा तथा उसके भाई विपुल को गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल से पुलिस ने नायलॉन की डोरी, प्रयुक्त ब्लेड और आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। इस जघन्य वारदात में बराबर की भागीदार सास और जेठानी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। समान प्रकृति का पूर्व मामला गर्भस्थ महिलाओं के प्रति ऐसे निर्मम अपराधों की पूर्व में भी घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे पहले पंजाब राज्य के मानसा क्षेत्र में एक शख्स ने चरित्र पर संदेह के चलते अपनी आठ माह की गर्भवती जीवनसंगिनी पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी जान ले ली थी। उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में महिला के गर्भ में पल रहे जुड़वां शिशुओं की भी मृत्यु हो गई थी। इसका आप पर असर यह घटना घरेलू हिंसा के मामलों में फोरेंसिक विज्ञान और डिजिटल साक्ष्यों की सतर्कता को दर्शाती है। • गुजरात में: खेड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में संदिग्ध मौतों की जांच में पुलिस अब रासायनिक विषाक्तता और डिजिटल साक्ष्यों पर कड़ी निगरानी रख रही है। स्थानीय स्तर पर संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की त्वरित सूचना देने की अपील की गई है। • भारत में: डिजिटल गतिविधियों और सर्च हिस्ट्री को अब अदालतों में हत्या की पूर्व-नियोजित साजिश के अकाट्य प्रमाण के तौर पर देखा जा रहा है। इंटरनेट पर कानून से बचने के रास्ते खोजना किसी भी आरोपी को सजा से नहीं बचा सकता। • कानूनी अधिकार: दहेज या घरेलू प्रताड़ना की स्थिति में पीड़िता के मायके पक्ष की लिखित शिकायत पर पुलिस को तत्काल हत्या की धारा में जांच शुरू करनी होती है। किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का अधिकार परिजनों के पास सुरक्षित है। • सुरक्षा उपाय: गंभीर वैवाहिक विवाद या धमकियों की स्थिति में महिलाएं तुरंत महिला हेल्पलाइन 181 या आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क कर सकती हैं। संकट के समय समय रहते कानूनी या चिकित्सकीय मदद लेना अनहोनी से बचा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह हत्याकांड वैवाहिक अविश्वास, चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर हुए तीखे विवाद और कानूनी दंड से बचने की आपराधिक मानसिकता का परिणाम था। • अविश्वास और विवाद: दोनों पति-पत्नी के बीच लंबे समय से एक-दूसरे के चरित्र को लेकर परस्पर अविश्वास था, जिसने गंभीर तनाव पैदा कर रखा था। घटना की रात जब अस्वस्थ गर्भवती पत्नी ने अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, तो पति ने जाने से इनकार कर दिया, जिससे कलह भड़क गई। • कानूनी बचाव की साजिश: पत्नी द्वारा क्षोभ में कहे गए शब्दों के बाद आरोपी ने सर्च इंजन पर यह जांचा कि पत्नी की खुदकुशी पर पति पर क्या कार्रवाई होती है। कानूनी पचड़े से बचने का रास्ता समझकर आरोपी ने यूरिया देकर हत्या करने और फिर उसे फंदे से लटकाने की साजिश रची। • परिवार का सहयोग: हत्या की योजना में परिवार के अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया, जिससे अकेले पीड़ित महिला के लिए स्वयं की रक्षा कर पाना संभव नहीं रहा। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस स्थान पर हुई? यह वारदात गुजरात राज्य के खेड़ा जिले स्थित महुधा तालुका के कपरापुर गांव में हुई। 2. पीड़िता की पहचान क्या है और वह कितने समय से गर्भवती थीं? पीड़िता का नाम अरुणाबेन सोढ़ा था और वह तेरह सप्ताह की गर्भवती थीं। 3. हत्या के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया गया? आरोपियों ने अरुणाबेन को जबरन पांच सौ मिलीलीटर नैनो यूरिया तरल पिलाकर उनकी हत्या की। 4. वारदात से पहले पति ने इंटरनेट पर क्या खोजा था? पति मितुल ने गूगल पर सर्च किया था कि यदि पत्नी आत्महत्या कर ले, तो क्या पति कानूनी रूप से जिम्मेदार होता है। 5. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का क्या कारण सामने आया? रिपोर्ट के अनुसार पेट में गए यूरिया से अमोनिया गैस बनी, जिससे श्वसन तंत्र और आंतरिक अंगों ने काम करना बंद कर दिया, जबकि गले पर फंदे के निशान मृत्यु के बाद के थे। 6. पुलिस ने इस मामले में किसे गिरफ्तार किया है? महुधा पुलिस ने मुख्य आरोपी पति मितुल सोढ़ा और उसके भाई विपुल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास और जेठानी की तलाश जारी है। https://trendkia.com/gujarat/gujarat-ke-kheda-men-garbhavati-patni-ko-nano-urea-pilakara-mara-internet-para-khoja-tha-kanuni-danvapencha-53141 TrendKia — Har trend, sabse pehle.