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  "type": "article",
  "title": "गुजरात में प्रधानमंत्री के वीआईपी मार्ग पर बुझी रहीं बत्तियां, नगर निकाय के रोशनी प्रभारी नपे",
  "summary": "एकता नगर से लौटते समय मार्ग पर स्ट्रीट लाइट बंद पाए जाने के बाद डभोई नगरपालिका ने संबंधित प्रभारी को निलंबित कर जवाब तलब किया है।",
  "content": "नर्मदा जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस के कार्यक्रमों से लौट रहे अतिविशिष्ट काफिले के मार्ग पर गंभीर प्रशासनिक चूक सामने आने के बाद कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। वडोदरा की ओर वापसी के दौरान तय रास्ते पर कई जगहों पर सार्वजनिक बत्तियां बंद पाई गईं, जिसके चलते संबंधित निकाय प्रशासन ने रोशनी विभाग की कमान संभाल रहे प्रभारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।\n\nवीआईपी रूट पर अंधेरे की वजह से गिरी गाज\nडभोई नगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विराज शाह ने प्रकाश शाखा के दायित्वों की देखरेख कर रहे महेश वसावा पर कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया। जांच में यह बात रेखांकित की गई कि वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखकर पहले ही मरम्मत और निरीक्षण के निर्देश जारी किए जा चुके थे, किंतु उन आदेशों की अनदेखी की गई। निलंबन आदेश में यह भी दर्ज किया गया है कि उक्त कार्मिक के कामकाज और व्यवहार को लेकर पूर्व में भी निरंतर असंतोष और शिकायतें दर्ज की जा रही थीं।\n\nमार्ग के अलग-अलग हिस्सों में बंद मिलीं 14 बत्तियां\nआधिकारिक विवरण के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 30 और 31 अक्टूबर को एकता नगर में आयोजित आयोजनों में शिरकत करने पहुंचे थे। 31 अक्टूबर की शाम जब सुरक्षा काफिला वडोदरा की दिशा में आगे बढ़ रहा था, तब रास्ते के महत्वपूर्ण चौराहों पर बत्तियां गुल मिलीं। नंदोडी भागोल क्षेत्र में 2 लाइटें पूरी तरह बंद पाई गईं, जबकि शिनोर चौराहे से लेकर सरिता पुल के आसपास के दायरे में 12 बत्तियां काम नहीं कर रही थीं। इसके अतिरिक्त काफिले के आवागमन के वक्त कई अन्य खंभों की लाइटें निरंतर झपक रही थीं।\n\nऔपचारिक सुनवाई और स्पष्टीकरण की समयसीमा तय\nनिकाय के मुख्य अधिकारी विराज शाह ने मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा, \n वसावा को उनके लापरवाह रवैये के कारण निलंबित किया गया है।\n निकाय प्रमुख ने निर्देश दिया है कि संबंधित कार्मिक आगामी 6 नवंबर को सक्षम प्राधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने की सूरत में नियमों के तहत आगे की विभागीय प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।\n\nविशाल जनसमूह और कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ था कार्यक्रम\nवडोदरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को परस्पर जोड़ने वाली मुख्य सड़क डभोई शहर के बाहरी छोर से होकर गुजरती है, जहां स्थानीय निकाय की कई संपर्क सड़कें आकर मिलती हैं। एकता नगर में सरदार पटेल जयंती से जुड़े समारोहों के दौरान आयोजित रोड शो में हजारों की संख्या में नागरिक सड़कों के दोनों किनारों पर मौजूद थे। इस दौरान प्रधानमंत्री ने हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया था। ऐसे संवेदनशील और विशाल आयोजन के ठीक बाद वापसी मार्ग पर रोशनी की यह व्यवस्थागत चूक सुरक्षा दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।\n\nइसका आप पर असर\nयह घटना प्रशासनिक जवाबदेही और स्थानीय नागरिक सेवाओं की कार्यशैली पर सीधा असर डालती है।\n\n• भारत में: वीआईपी दौरों के समय सुरक्षा और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की निगरानी के नियम देश भर के नगर निकायों में और कड़े किए जा सकते हैं। इससे जिला स्तर के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की गति तेज होगी।\n• गुजरात में: वडोदरा और नर्मदा जिलों को जोड़ने वाले राजमार्गों पर स्ट्रीट लाइट और सड़क रख-रखाव की लगातार समीक्षा होगी। डभोई क्षेत्र के निवासियों को सड़कों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था और नगर पालिका स्तर पर त्वरित निगरानी का लाभ मिलेगा।\n• सरकारी कर्मचारियों के लिए: आधिकारिक निर्देशों की अनदेखी करने पर बिना देरी निलंबन और विभागीय जांच का कड़ा संदेश मिला है। संबंधित अधिकारी को 6 नवंबर को अनिवार्य रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा।\n• यात्रियों और राहगीरों के लिए: मुख्य राजमार्ग से जुड़ने वाली नगर पालिका की सड़कों पर बंद बत्तियों को ठीक करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। रात के वक्त यात्रा करने वाले वाहन चालकों को अंधेरे और टिमटिमाती लाइटों से होने वाली असुविधा से राहत मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nप्रधानमंत्री के काफिले के गुजरते समय स्ट्रीट लाइट बंद होने और टिमटिमाने के कारण प्रशासनिक स्तर पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।\n\n• सीधा कारण: वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान नंदोडी भागोल में 2 तथा शिनोर चौराहे और सरिता पुल के निकट 12 स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं, जबकि कुछ अन्य लाइटें टिमटिमा रही थीं।\n• प्रशासनिक लापरवाही: डभोई नगरपालिका कार्यालय द्वारा पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए जाने के उपरांत भी समय रहते मरम्मत और जांच का कार्य पूरा नहीं किया गया था।\n• पूर्व आचरण: संबंधित प्रभारी महेश वसावा के कार्य रवैये को लेकर पहले से ही बार-बार शिकायतें मिल रही थीं, जिससे सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया।\n• अगला कदम: मामले में स्थिति स्पष्ट करने के लिए निलंबित अधिकारी को 6 नवंबर को औपचारिक सुनवाई में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डभोई नगरपालिका ने किस अधिकारी को निलंबित किया है?\nनगरपालिका के प्रकाश विभाग के प्रभारी महेश वसावा को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया है।\n\n2. काफिले के मार्ग पर कुल कितनी स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं?\nमार्ग पर कुल 14 लाइटें बंद थीं, जिनमें 2 नंदोडी भागोल में और 12 शिनोर चौराहे व सरिता पुल के पास थीं।\n\n3. यह घटना किस तारीख की शाम को सामने आई?\nयह लापरवाही 31 अक्टूबर की शाम को सामने आई, जब काफिला एकता नगर से वडोदरा लौट रहा था।\n\n4. निलंबित अधिकारी को कब तक अपना स्पष्टीकरण देना है?\nनिलंबित अधिकारी को 6 नवंबर को सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।",
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  "publishedAt": "2026-11-04",
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