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  "title": "गुजरात पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को लिखित परीक्षा से राहत, डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की घोषणा",
  "summary": "गुजरात सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती की परीक्षा से छूट देने का निर्णय लिया है, जिससे चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सीधे लाभ मिलेगा।",
  "content": "गुजरात सरकार ने रक्षा बलों में अपनी सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के हित में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। राज्य के पुलिस विभाग में भर्ती होने के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों को अब चयन परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आधिकारिक रूप से यह रियायत देने की घोषणा की है, जिससे चार साल बाद सेना से लौटने वाले नौजवानों को नागरिक सुरक्षा व्यवस्था में करियर बनाने का सीधा अवसर मिल सकेगा।\n\nशारीरिक दक्षता छूट और कोटे के बाद नया फैसला\nलिखित परीक्षा से मुक्ति दिए जाने से पहले भी राज्य सरकार ने इन पूर्व सैनिकों के लिए कई रियायतों की घोषणा की थी। पूर्व अग्निवीरों को पहले ही पुलिस बहाली की शारीरिक परीक्षा से छूट दी जा चुकी है और उनकी अधिकतम उम्र सीमा में भी ढील का नियम बनाया गया है। इसके अतिरिक्त, गुजरात पुलिस, कारागार विभाग और वन विभाग की विशिष्ट रिक्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था पहले से निर्धारित की गई है। इस नई घोषणा के जुड़ने से भर्ती प्रक्रिया उनके लिए बेहद सुगम हो जाएगी।\n\nअग्निपथ योजना की रूपरेखा और सेवा शर्तें\nभारत सरकार अपनी महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना के तहत युवाओं का चयन भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के अल्पकालिक कार्यकाल के लिए करती है। इस प्रक्रिया से चुने गए सैनिकों को अग्निवीर नाम दिया गया है। योजना के नियमों के अनुसार केवल 17.5 से 21 वर्ष के बीच के युवा ही इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने के पात्र होते हैं। चार साल का सैन्य कार्यकाल पूरा होने पर कुल दल के 25 प्रतिशत सर्वश्रेष्ठ सैनिकों को सेना में नियमित और स्थायी सेवा प्रदान की जाती है, जबकि शेष 75 प्रतिशत जवानों को एकमुश्त विदाई देकर सेवामुक्त कर दिया जाता है।\n\nचार साल के कार्यकाल का मासिक वेतन ढांचा\nसैन्य सेवा के दौरान अग्निवीरों के वेतन का स्तर साल दर साल बढ़ता रहता है। पहले वर्ष में प्रत्येक अग्निवीर को 30 हजार रुपये का मासिक मानदेय और नियमानुसार अन्य भत्ते मिलते हैं। दूसरे वर्ष में यह मासिक वेतन बढ़कर 33 हजार रुपये और साथ में भत्ते हो जाता है। तीसरे साल में जवानों को प्रतिमाह 36 हजार 500 रुपये के साथ भत्तों का भुगतान किया जाता है। सेवा के अंतिम यानी चौथे वर्ष में मानदेय की राशि 40 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच जाती है, जिसके साथ सभी लागू भत्ते भी दिए जाते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nचार साल की सैन्य सेवा पूरी करके लौटने वाले नौजवानों के लिए गुजरात में सरकारी रोजगार हासिल करना अब काफी आसान हो जाएगा।\n\n• गुजरात में: राज्य के पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में न तो शारीरिक परीक्षा देनी होगी और न ही चयन परीक्षा लिखनी पड़ेगी। वे 20 प्रतिशत आरक्षित पदों पर उम्र सीमा में छूट का लाभ लेकर सीधे आवेदन कर सकेंगे।\n• भारत में: यह निर्णय अन्य राज्यों के उन युवाओं के लिए भी एक मिसाल पेश करता है जो अग्निपथ योजना से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। रक्षा बलों से बाहर आने के बाद राज्य स्तर की सरकारी सेवाओं में पुनर्वास के रास्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।\n• वेतन सुरक्षा: चार साल की सेवा के दौरान 30 हजार से 40 हजार रुपये तक का मासिक मानदेय सुरक्षित रहता है। इसके बाद नागरिक पुलिस और वन सेवाओं में स्थायी आजीविका का ठोस विकल्प सामने होगा।\n• प्रतियोगी तैयारी का दबाव: इन युवाओं को सेवा समाप्ति के बाद कठिन लिखित परीक्षाओं की अलग से तैयारी करने का मानसिक तनाव नहीं झेलना पड़ेगा। सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण के आधार पर उनकी सीधी बहाली का मार्ग प्रशस्त होगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nचार साल की सैन्य सेवा के उपरांत 75 प्रतिशत अग्निवीरों के नागरिक समाज में लौटने के नियम के कारण उनके पुनर्वास का प्रबंध करना आवश्यक था।\n\n• पुनर्वास की जरूरत: अग्निपथ योजना के तहत केवल 25 प्रतिशत जवान ही सेना में स्थायी होते हैं, जबकि 75 प्रतिशत युवा सेवामुक्त कर दिए जाते हैं। इन प्रशिक्षित जवानों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराना केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकताओं में शामिल है।\n• पूर्व रियायतों का विस्तार: गुजरात सरकार पहले ही आयु सीमा में छूट, फिजिकल टेस्ट से छूट और 20 फीसदी पद आरक्षित कर चुकी थी। लिखित परीक्षा में छूट देकर प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा प्रशिक्षित जवान सेवा में आ सकें।\n• दक्ष कार्यबल का उपयोग: सेना में चार वर्ष तक अनुशासित और हथियार संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवा कानून व्यवस्था संभालने के लिए पहले से तैयार होते हैं। उन्हें दोबारा बुनियादी चयन प्रक्रियाओं में उलझाने के बजाय सीधे तैनात करना प्रशासनिक दृष्टि से व्यावहारिक माना गया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में क्या नई छूट मिली है?\nडिप्टी सीएम हर्ष संघवी के अनुसार पूर्व अग्निवीरों को अब गुजरात पुलिस भर्ती की चयन परीक्षा से पूरी तरह छूट दी जाएगी।\n\n2. पूर्व अग्निवीरों को पहले से कौन सी सुविधाएं मिल रही थीं?\nउन्हें शारीरिक परीक्षा से छूट, उम्र सीमा में रियायत और पुलिस, जेल तथा वन विभाग में 20 फीसदी आरक्षण पहले ही दिया जा चुका है।\n\n3. अग्निपथ योजना में युवाओं की आयु सीमा क्या तय है?\nइस योजना के तहत 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच की आयु वाले युवा भर्ती के लिए पात्र होते हैं।\n\n4. चार साल की सेवा के बाद कितने अग्निवीरों को स्थायी किया जाता है?\nकुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को स्थायी सेवा मिलती है, जबकि 75 प्रतिशत सेवामुक्त हो जाते हैं।\n\n5. अग्निवीरों को पहले और चौथे साल में कितना मासिक वेतन मिलता है?\nपहले साल में 30 हजार रुपये प्रतिमाह और चौथे साल में 40 हजार रुपये प्रतिमाह के साथ लागू भत्ते दिए जाते हैं।",
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  "category": "गुजरात",
  "publishedAt": "2026-10-10",
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