# गुजरात विश्वविद्यालय के समरस हॉस्टल में खाने में निकले कीड़े, छात्राओं के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने दी 10 दिन की लिखित गारंटी

> अहमदाबाद के समरस हॉस्टल में परोसे गए भोजन में कीड़े और कनखजूरे मिलने पर छात्राओं ने एनएसयूआई के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने 14 मांगों को पूरा करने का लिखित भरोसा दिया है।

**Type:** article · **Category:** गुजरात · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/gujarat/gujarat-university-ke-samras-hostel-men-khane-men-nikale-kire-chhatraon-ke-pradarshana-ke-bada-prashasana-ne-di-10-dina-ki-likhita-41065 · **Language:** Hindi
**Tags:** अहमदाबाद, गुजरात विश्वविद्यालय, समरस हॉस्टल, एनएसयूआई, छात्र प्रदर्शन, हॉस्टल मेस, खाद्य सुरक्षा

अहमदाबाद स्थित गुजरात विश्वविद्यालय के समरस गर्ल्स हॉस्टल में भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा है। मेस में परोसे गए खाने में दोबारा कीड़े और कनखजूरे मिलने की घटना सामने आने के बाद परिसर में तनाव फैल गया। स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर खतरे के खिलाफ एनएसयूआई के नेतृत्व में छात्रों ने सुबह 10 बजे से हॉस्टल परिसर के गेट पर अनशन और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

## सुबह से दोपहर तक चला जोरदार धरना और नारेबाजी
हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बड़ी संख्या में छात्राएं धरना स्थल पर जमी रहीं और हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्राओं का कहना था कि वे विभिन्न जिलों, तालुकों और शहरों से उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अहमदाबाद आई हैं, लेकिन उन्हें रोज बुनियादी पोषण और सुरक्षित भोजन के लिए जूझना पड़ रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद रसोई की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ था।

## प्रशासन की लिखित गारंटी और 14 मांगों पर सहमति
छात्राओं के उग्र रुख और लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए समरस गर्ल्स हॉस्टल का वरिष्ठ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। छात्राओं और छात्र प्रतिनिधियों के साथ चली लंबी बातचीत के बाद प्रशासन ने करीब 14 मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें स्वीकार कर लिया। हॉस्टल प्रबंधन ने एक लिखित दस्तावेज सौंपकर वादा किया कि अगले 10 दिनों की समयसीमा में इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित कर दिया जाएगा। इस समझौते में यह कड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया कि यदि निर्धारित 10 दिनों में इन मांगों पर ठोस अमल नहीं हुआ, तो हॉस्टल के तीन जिम्मेदार अधिकारी स्वेच्छा से अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।

## मेस ठेकेदार को बदलने की मांग और आगे का अल्टीमेटम
प्रशासन की ओर से समयबद्ध लिखित आश्वासन मिलने के बाद एनएसयूआई ने शाम 4:15 बजे अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, छात्र नेताओं ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि दी गई समयसीमा के भीतर व्यवस्था पूरी तरह नहीं सुधरी, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से मांग रखी है कि मौजूदा भोजन ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और एक नया व जवाबदेह कैटरिंग अनुबंध लागू किया जाए, ताकि मेस के खाने की स्वच्छता और गुणवत्ता हमेशा बनी रहे।

## इसका आप पर असर
विश्वविद्यालयों और सरकारी छात्रावासों में मेस की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर जवाबदेही तय करने का एक कड़ा नजीर सामने आया है।

- **भारत में:** देशभर के कॉलेज व यूनिवर्सिटी हॉस्टलों में रहने वाले छात्र अपने मेस अनुबंध और खाद्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की मांग उठा सकते हैं। छात्र परिषदों को ठेकेदारों की निगरानी और समयबद्ध समाधान के लिए लिखित समझौते का कानूनी आधार समझने में मदद मिलेगी।
- **अहमदाबाद में:** गुजरात विश्वविद्यालय के समरस हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को अगले 10 दिनों में बेहतर खानपान और स्वच्छता का प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। यदि तय समय में 14 मांगों का निस्तारण नहीं हुआ तो छात्रावास प्रबंधन के तीन प्रमुख अधिकारियों को अपना पद छोड़ना पड़ेगा।
- **छात्रों के अधिकार:** हॉस्टल में दूषित भोजन मिलने पर छात्र सामूहिक रूप से प्रशासनिक जवाबदेही और लिखित समयसीमा की मांग दर्ज करा सकते हैं। इससे मेस कमेटी और अधिकारियों पर नियमों का पालन करने का निरंतर दबाव बना रहेगा।
- **भोजन ठेकेदारों पर असर:** शैक्षणिक संस्थानों के मेस व कैटरिंग वेंडरों पर स्वच्छता मानकों में लापरवाही बरतने पर अनुबंध रद्द होने का सीधा खतरा रहेगा। प्रशासन अब शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।

## ऐसा क्यों हुआ
समरस गर्ल्स हॉस्टल में परोसे जाने वाले भोजन में बार-बार कीड़े और कनखजूरे मिलने तथा शिकायतों पर कोई कार्रवाई न होने से यह आंदोलन भड़का।

- **बार-बार दूषित भोजन मिलना:** छात्राओं की मेस की थाली में एक बार फिर कीड़े और कनखजूरे पाए गए, जिससे स्वास्थ्य के प्रति गंभीर खतरा पैदा हो गया। छात्राओं ने पहले भी कई बार खराब गुणवत्ता की शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन कोई ठोस सुधार नहीं किया गया था।
- **छात्र संगठनों का हस्तक्षेप:** बुनियादी शिकायतों की निरंतर अनदेखी के विरोध में एनएसयूआई ने छात्राओं के साथ मिलकर सुबह 10 बजे से भूख हड़ताल और धरना शुरू कर दिया। दोपहर तक बड़ी संख्या में छात्राओं के जुटने से परिसर में प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ।
- **प्रशासनिक दबाव और समाधान:** उग्र विरोध को शांत करने के लिए मौके पर पहुंचे अधिकारियों को लिखित गारंटी देनी पड़ी कि 10 दिनों में सभी 14 मांगें पूरी की जाएंगी। इस लिखित वादे में अधिकारियों के इस्तीफे की शर्त शामिल होने के बाद ही शाम को प्रदर्शन समाप्त हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. समरस गर्ल्स हॉस्टल में छात्राएं किस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही थीं?
हॉस्टल की मेस में परोसे जाने वाले भोजन में दोबारा कीड़े और कनखजूरे मिलने तथा पूर्व शिकायतों पर कार्रवाई न होने के विरोध में छात्राएं प्रदर्शन कर रही थीं।

### 2. भूख हड़ताल कब शुरू हुई और इसे कब समाप्त किया गया?
एनएसयूआई और छात्राओं ने सुबह 10 बजे भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे प्रशासन से लिखित आश्वासन मिलने के बाद शाम 4:15 बजे समाप्त किया गया।

### 3. प्रशासन ने छात्राओं की कितनी मांगों को स्वीकार किया है?
हॉस्टल प्रशासन ने छात्राओं की लगभग 14 जायज मांगों को स्वीकार करते हुए उन्हें पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है।

### 4. मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को कितने दिनों का समय मिला है?
प्रशासन ने लिखित रूप में वादा किया है कि आगामी 10 दिनों के भीतर सभी 14 मांगों का स्थायी समाधान कर दिया जाएगा।

### 5. यदि 10 दिनों में मांगें पूरी नहीं हुईं तो क्या कार्रवाई होगी?
लिखित आश्वासन के अनुसार, तय समयसीमा में मांगें पूरी न होने पर समरस गर्ल्स हॉस्टल के तीन जिम्मेदार अधिकारी अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे।

### 6. छात्राओं की भोजन ठेकेदार को लेकर क्या मुख्य मांग है?
छात्राओं ने मेस में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुधारने के लिए मौजूदा भोजन ठेकेदार को तत्काल बदलने की मांग की है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._