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  "type": "article",
  "title": "मलक्का जलडमरूमध्य के पास भारत और थाईलैंड का संयुक्त सैन्य अभ्यास, 15वें मैत्री संस्करण का आगाज",
  "summary": "भारत और थाईलैंड की सेनाओं ने सूरतथानी में 15वें 'मैत्री' संयुक्त सैन्य अभ्यास का शुभारंभ किया है, जिसमें जंगल और शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।",
  "content": "भारत और थाईलैंड की सेनाओं ने अपने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को अधिक प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'मैत्री' के 15वें संस्करण का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। भारतीय सेना का एक विशेष सैन्य दल सोमवार को इस महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड के लिए रवाना हुआ। 18 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलने वाला यह 14 दिवसीय द्विपक्षीय प्रशिक्षण कार्यक्रम थाईलैंड के सूरतथानी में स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है।\n\nसैन्य टुकड़ियों का गठन और जवानों की भागीदारी\nइस संयुक्त युद्धाभ्यास में दोनों देशों की ओर से कुल 170 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। भारतीय सेना और थाई शाही सेना, दोनों पक्षों से 85-85 जवानों की बराबरी की तैनाती की गई है। भारतीय दल का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से प्रसिद्ध 9 गोरखा राइफल्स के अनुभवी सैनिकों द्वारा किया जा रहा है। वहीं मेजबान देश थाईलैंड की ओर से थाई शाही सेना की 5वीं डिवीजन के अंतर्गत आने वाली 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के जवानों को इस सैन्य प्रशिक्षण में शामिल किया गया है।\n\nजंगल और शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी रणनीतियों पर ध्यान\nकंपनी स्तर के इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास को मुख्य रूप से घने जंगलों और अर्ध-शहरी इलाकों में उग्रवाद विरोधी तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। यह पूरा युद्धाभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 7 के तहत दिए गए अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियां क्षेत्र अभ्यास, सामरिक चर्चाएं, व्याख्यान, तकनीकी प्रदर्शन और एक अंतिम सत्यापन अभ्यास में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही दोनों बल आधुनिक हथियारों तथा सैन्य तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए आपस में परिचालन अनुभवों का आदान-प्रदान भी करेंगे।\n\nरणनीतिक महत्व और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि\nभौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से यह अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि थाईलैंड का सूरतथानी क्षेत्र मलक्का जलडमरूमध्य के करीब स्थित है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। वर्ष 2006 में शुरू हुए 'मैत्री' अभ्यास का 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के मेघालय राज्य में उमरोई स्थित सैन्य अड्डे पर आयोजित किया गया था। इस निरंतर जारी रहने वाले सैन्य संवाद से दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी समझ, अंतर-संचालन क्षमता और दीर्घकालिक सुरक्षा संबंध मजबूत होते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: इस द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास से भारत की हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशिया में सुरक्षा तथा रक्षा साझेदारियां मजबूत होती हैं।\n\nक्षेत्रीय स्तर पर: मलक्का जलडमरूमध्य के निकट सैन्य तालमेल बढ़ने से समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में दोनों देशों की संयुक्त क्षमता में सुधार आता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. मैत्री युद्धाभ्यास क्या है?\nमैत्री अभ्यास भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच वर्ष 2006 से आयोजित होने वाला एक वार्षिक संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास है।\n\n2. 15वां मैत्री अभ्यास कहां और कब आयोजित हो रहा है?\nयह 15वां संस्करण 18 अगस्त से 31 अगस्त तक थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावादी रंगसिट कैंप में आयोजित किया जा रहा है।\n\n3. इसमें भारत और थाईलैंड की ओर से कौन सी सैन्य इकाइयां शामिल हैं?\nभारत की ओर से 9 गोरखा राइफल्स के 85 जवान और थाईलैंड की ओर से 5वीं डिवीजन की 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के 85 जवान भाग ले रहे हैं।\n\n4. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?\nयह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय 7 के तहत जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद तथा उग्रवाद से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है।\n\n5. मैत्री अभ्यास का पिछला संस्करण कब और कहां हुआ था?\nमैत्री का 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के मेघालय राज्य स्थित उमरोई में आयोजित किया गया था।",
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  "category": "गुजरात",
  "publishedAt": "2026-08-17",
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    "मैत्री अभ्यास",
    "भारतीय सेना",
    "थाईलैंड",
    "सैन्य अभ्यास",
    "मलक्का जलडमरूमध्य",
    "रक्षा समाचार"
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  "site": "TrendKia"
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