# मऊ में बुनियादी ढांचे के कायाकल्प की तैयारी, चित्रकूट के नए नगर पंचायत क्षेत्र में खर्च होंगे 8 करोड़ रुपये

> चित्रकूट जिले के मऊ कस्बे में नगर पंचायत बनने के बाद करीब 8 करोड़ रुपये के विकास कार्य शुरू किए जा रहे हैं, जबकि 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग भी भेजी गई है।

**Type:** article · **Category:** गुजरात · **Published:** 2026-10-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/gujarat/mau-men-buniyadi-dhanche-ke-kayakalpa-ki-taiyari-chitrakoot-ke-nae-nagara-pnchayata-kshetra-men-kharcha-honge-8-karora-rupaye-49340 · **Language:** Hindi
**Tags:** चित्रकूट, मऊ नगर पंचायत, बुंदेलखंड विकास, अमित कुमार द्विवेदी, योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचा

बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में स्थित मऊ कस्बा अब ग्रामीण व्यवस्था से निकलकर शहरी विकास की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। करीब दो वर्ष पहले तक मऊ का कामकाज ग्राम पंचायत के अधीन संचालित होता था, जहां बुनियादी जरूरतों के लिए स्थानीय निवासियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था और प्रशासनिक फैसले ग्राम प्रधान चुनावों तक सीमित थे। शासन द्वारा इसे नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने के बाद अब इलाके की सूरत संवारने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण और सुंदरीकरण की योजनाएं जमीन पर उतारी जा रही हैं।

## 8 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का खाका तैयार
शहरी निकाय का दर्जा मिलने के बाद स्थानीय नागरिकों में बेहतर बुनियादी ढांचे को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं। कस्बे को व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप देने के उद्देश्य से लगभग 8 करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है। इस बजट के माध्यम से नागरिकों से सीधे जुड़ी बुनियादी सुविधाओं पर काम किया जा रहा है। योजना के मुख्य घटकों में कस्बे के हर वार्ड में पक्की सड़कों का निर्माण, शहीद पार्क की स्थापना, युवाओं के लिए एक व्यवस्थित खेल मैदान का विकास और एक आधुनिक श्मशान घाट का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थल मां आनंदी माता मंदिर परिसर का सुंदरीकरण भी इसी वित्तीय आवंटन से कराया जा रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

## अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये की मांग और आगामी योजनाएं
कस्बे में चल रहे इन निर्माण कार्यों को लेकर नगर पंचायत मऊ के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी ने बताया कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आनंदी माता मंदिर के सुंदरीकरण, नए पार्कों के निर्माण और सभी वार्डों में पक्की सड़कों के निर्माण पर 8 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इन पर काम भी प्रगति पर है। इसके साथ ही विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव रखा गया है।

## शहरी सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान
अध्यक्ष के अनुसार यदि प्रस्तावित 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत हो जाती है, तो कस्बे में युवाओं के लिए जिम सेंटर, व्यापक स्तर पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था और निर्बाध पेयजल आपूर्ति जैसी जरूरी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। नगर प्रशासन का दावा है कि इन सभी परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने के बाद आने वाले कुछ ही महीनों में मऊ एक स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त शहरी केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा।

## इसका आप पर असर
इस प्रशासनिक और बुनियादी ढांचे के बदलाव से मऊ कस्बे के निवासियों को सीधे तौर पर बेहतर नागरिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी परिवेश मिलेगा।

- **चित्रकूट और मऊ में:** कस्बे के हर वार्ड में पक्की सड़कों के बनने से दैनिक आवागमन सुगम होगा और कीचड़ व जलभराव की समस्या खत्म होगी। खेल मैदान, शहीद पार्क और व्यवस्थित श्मशान घाट बनने से आम नागरिकों को सामाजिक और खेल गतिविधियों के लिए बेहतर जगह मिलेगी।
- **नागरिक सुविधाओं के स्तर पर:** अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये मिलने पर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित होगी। युवाओं के लिए जिम सेंटर जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से जीवनशैली में सुधार आएगा।
- **धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार:** मां आनंदी माता मंदिर के सुंदरीकरण से दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे मंदिर के आसपास के स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों के कामकाज में वृद्धि होगी।
- **उत्तर प्रदेश के अन्य कस्बों के लिए:** ग्रामीण से नगर निकाय में बदले अन्य क्षेत्रों के लिए मऊ की यह विकास योजना बुनियादी ढांचे के उन्नयन का एक व्यावहारिक मॉडल पेश करती है। समयबद्ध बजट आवंटन से छोटे कस्बों में शहरी पलायन को थामने में मदद मिलती है।

## ऐसा क्यों हुआ
मऊ में यह व्यापक विकास कार्य इसलिए शुरू हुआ है क्योंकि इसे करीब दो वर्ष पूर्व ग्रामीण पंचायत व्यवस्था से हटाकर नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था। ग्रामीण ढांचे में सीमित बजट के कारण यह कस्बा आधुनिक शहरी सुविधाओं से वंचित था, जिसके बाद नगर निकाय के माध्यम से बड़ा बजट जुटाया गया।

- **प्रशासनिक दर्जे में परिवर्तन:** लगभग दो वर्ष पहले मऊ को ग्राम पंचायत से अपग्रेड करके नगर पंचायत घोषित किया गया था। इस नए निकाय गठन के बाद क्षेत्र को शहरी विकास मदों के तहत आठ करोड़ रुपये की वित्तीय योजना प्राप्त करने की पात्रता मिली।
- **नागरिक सुविधाओं का अभाव:** ग्रामीण प्रधान व्यवस्था के दौरान आबादी बढ़ने के बावजूद पक्की सड़कें, पार्क और व्यवस्थित श्मशान घाट जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं बन पा रही थीं। नागरिकों की बढ़ती जरूरतों और मांगों के कारण एक केंद्रीकृत शहरी पुनर्विकास योजना तैयार करनी पड़ी।
- **अतिरिक्त शहरी परियोजनाओं की जरूरत:** मौजूदा आठ करोड़ रुपये की योजना सड़क, पार्क और मंदिर सुंदरीकरण तक सीमित थी। कस्बे को संपूर्ण शहरी सुविधाएं देने के लिए जिम, स्ट्रीट लाइट और जलापूर्ति हेतु मुख्यमंत्री से अतिरिक्त 12 करोड़ रुपये का अनुरोध किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. चित्रकूट के मऊ कस्बे में कुल कितने रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं?
मऊ नगर पंचायत में विकास और सुंदरीकरण के विभिन्न कार्यों के लिए करीब 8 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।

### 2. 8 करोड़ रुपये के बजट से कौन-कौन से मुख्य कार्य कराए जा रहे हैं?
इस राशि से हर वार्ड में पक्की सड़कें, शहीद पार्क, खेल मैदान, श्मशान घाट और मां आनंदी माता मंदिर का सुंदरीकरण किया जा रहा है।

### 3. मऊ को ग्राम पंचायत से नगर पंचायत का दर्जा कब मिला था?
मऊ को करीब दो साल पहले ग्राम पंचायत से अपग्रेड करके नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था।

### 4. मुख्यमंत्री से 12 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग क्यों की गई है?
अतिरिक्त धनराशि मिलने पर कस्बे में सार्वजनिक जिम सेंटर, आधुनिक रोशनी व्यवस्था और निर्बाध जलापूर्ति के काम कराए जाएंगे।

### 5. मऊ नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
मऊ नगर पंचायत के अध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी हैं।

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