निरमा यूनिवर्सिटी में छात्र का कॉलर पकड़ने पर बवाल, एबीवीपी ने कुलपति के खिलाफ खोला मोर्चा अहमदाबाद की निरमा यूनिवर्सिटी में कॉलेज फेस्ट के दौरान एक छात्र का कॉलर पकड़ने और धमकी देने वाले प्रोफेसर के खिलाफ एबीवीपी ने कैंपस में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अहमदाबाद स्थित निरमा यूनिवर्सिटी परिसर में एक शिक्षक द्वारा मंच पर विद्यार्थी के साथ की गई बदसलूकी के बाद माहौल गरमा गया है। कॉलेज के एक कार्यक्रम के दौरान छात्र का सरेआम कॉलर पकड़ने की घटना की वीडियो क्लिप सार्वजनिक होने के बाद छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। संगठन के सदस्य बड़ी तादाद में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे और प्रशासनिक विंग के बाहर जमकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के ढुलमुल रवैये पर सवाल खड़े करते हुए कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों ने परिसर में बैठकर 'रामधुन' गाई और प्रोफेसर के बर्ताव को पूरी तरह तानाशाही करार दिया। उनका कहना था कि शैक्षणिक संस्थान में किसी शिक्षक द्वारा विद्यार्थी को इस तरह शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना और मंच पर बेइज्जत करना पूरी तरह अस्वीकार्य है। छात्र संगठन की सख्त मांगें और प्रशासन का रुख विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने डटे प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में अपनी मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि छात्र को मंच पर अपमानित करने और गंभीर धमकियां देने वाले शिक्षक के विरुद्ध तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पीड़ित विद्यार्थी से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की शर्त भी रखी गई। बढ़ते सियासी और छात्र आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने स्थिति की संवेदनशीलता को स्वीकार किया। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक जांच समिति का गठन कर दिया, जिसे पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। कॉलेज फेस्ट के मंच पर क्या हुआ था यह पूरा विवाद 18 से 20 सितंबर 2026 के दौरान आयोजित संस्थान के वार्षिक तकनीकी एवं सांस्कृतिक उत्सव 'टेक्नोफ्रा 2026' के मंच पर उपजा। इस फेस्ट का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विभाग के अंतर्गत किया गया था। जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त मंच पर स्टैंड-अप कॉमेडियन रजत सूद का कार्यक्रम चल रहा था। उसी सत्र के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. हिमांशु के. पटेल मंच से दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। उसी भाषण के बीच ऑडिटोरियम में बैठे एक छात्र ने बॉलीवुड फिल्म 'गोलमाल 3' का मशहूर संवाद 'जल्दी बोल, कल सुबह पनवेल निकलना है' जोर से बोल दिया। इस टिप्पणी पर शिक्षक अपना आपा खो बैठे और उन्होंने उस छात्र को तुरंत स्टेज पर बुला लिया। मंच पर कॉलर पकड़ा और दी कैंपस से बेदखल करने की धमकी मंच पर छात्र के आते ही प्रोफेसर ने आपा खोते हुए सबके सामने उसका कॉलर पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो में साफ दिखाई दिया कि शिक्षक बेहद आक्रामक अंदाज में छात्र को धमका रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्थान के किसी भी फैकल्टी सदस्य का अनादर बर्दाश्त नहीं होगा और इसके लिए वे किसी भी सीमा तक जा सकते हैं। शिक्षक ने छात्र को यह चेतावनी भी दी कि इस हरकत के बदले उसे विश्वविद्यालय से हमेशा के लिए गायब और निष्कासित किया जा सकता है। यह पूरा वाकया रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसके बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच शिक्षक के आचरण को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिली। इसका आप पर असर यह घटना शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों के अनुशासन, छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा पर सीधे असर डालती है। • अहमदाबाद में: निरमा यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए कैंपस की निगरानी और अनुशासन से जुड़े नियम कड़े हो सकते हैं। प्रशासन द्वारा गठित जांच कमेटी के निष्कर्ष आने तक शैक्षणिक माहौल में तनाव और सुरक्षा समीक्षा का असर दिखेगा। • भारत में: देशभर के विश्वविद्यालयों में फैकल्टी आचरण और छात्रों की अभिव्यक्ति की सीमा पर बहस तेज होगी। कॉलेज प्रशासन और छात्र संघों के बीच तालमेल तथा फेस्ट के दौरान मंच संचालन की मानक कार्यप्रणाली को नए सिरे से तय किया जा सकता है। • छात्रों के अधिकार: किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में अनुशासनहीनता से निपटने के लिए शिक्षकों द्वारा शारीरिक बल प्रयोग पर रोक के नियम कड़े हो सकते हैं। पीड़ित छात्र ऐसे मामलों में संस्थागत शिकायत प्रकोष्ठ या कानूनी सहायता का सहारा ले सकते हैं। • अभिभावकों के लिए: उच्च शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों के पेशेवर व्यवहार को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। वे विश्वविद्यालयों से निष्पक्ष जांच और पारदर्शी माहौल की मांग कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह विवाद कॉलेज के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान एक छात्र द्वारा बोले गए फिल्मी डायलॉग और उस पर शिक्षक की तीखी प्रतिक्रिया के कारण पैदा हुआ। • सीधा कारण: कार्यक्रम के दौरान मंच से बोल रहे विभाग प्रमुख के भाषण के बीच छात्र ने फिल्म गोलमाल 3 का डायलॉग बोल दिया। इस टिप्पणी को शिक्षक ने अपना और फैकल्टी का अपमान माना और छात्र का कॉलर पकड़ लिया। • मंच पर धमकी: शिक्षक ने गुस्से में छात्र को मंच पर बुलाकर शारीरिक रूप से पकड़ा और कैंपस से बेदखल करने की धमकी दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से आक्रोश फैल गया। • छात्र संगठनों का दखल: सार्वजनिक बेइज्जती और धमकी के खिलाफ एबीवीपी ने परिसर में धरना शुरू किया। इसके बाद प्रशासन को मामले में आधिकारिक जांच समिति बैठानी पड़ी। सवाल-जवाब 1. यह घटना किस संस्थान और शहर की है? यह घटना गुजरात के अहमदाबाद स्थित निरमा यूनिवर्सिटी की है। 2. विवाद किस कार्यक्रम के दौरान हुआ? यह विवाद 18 से 20 सितंबर 2026 के बीच आयोजित तकनीकी और सांस्कृतिक उत्सव 'टेक्नोफ्रा 2026' के दौरान हुआ। 3. छात्र पर भड़कने वाले प्रोफेसर कौन हैं? छात्र का कॉलर पकड़ने वाले शिक्षक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख डॉ. हिमांशु के. पटेल हैं। 4. छात्र ने ऐसा क्या कहा था जिससे प्रोफेसर नाराज हुए? छात्र ने भाषण के बीच फिल्म 'गोलमाल 3' का मशहूर संवाद 'जल्दी बोल, कल सुबह पनवेल निकलना है' कह दिया था। 5. एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन से क्या मांगें रखी हैं? एबीवीपी ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्र से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। 6. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाया है? यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की जांच के लिए एक आधिकारिक जांच समिति गठित की है। https://trendkia.com/gujarat/nirma-university-men-chhatra-ka-kolara-pakarane-para-bavala-abvp-ne-vc-ke-khilapha-khola-morcha-38575 TrendKia — Har trend, sabse pehle.