सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई नरेंद्र मोदी की सराहना गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक 25 साल का सफर पूरा करने पर दुनिया भर के नेताओं ने नरेंद्र मोदी को बधाई दी। वैश्विक मंच पर उनके लगातार नेतृत्व और भारत की मजबूत होती स्थिति की चर्चा हुई। सार्वजनिक सत्ता के शीर्ष पर लगातार ढाई दशक का सफर पूरा करने के ऐतिहासिक मोड़ पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर के राष्ट्रप्रमुखों से बधाइयां मिली हैं। 7 अक्टूबर को सरकार के मुखिया के रूप में उनके 25 वर्ष पूरे हो गए। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री पद से शुरू हुई यह राजनीतिक यात्रा वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में उनके तीसरे कार्यकाल तक पहुंच चुकी है। इस खास अवसर पर एशिया, यूरोप, अफ्रीका और कैरेबियाई क्षेत्र के कई वैश्विक नेताओं ने उनके दीर्घकालिक नेतृत्व, भारत की आर्थिक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की सशक्त उपस्थिति की सराहना की है। जापान की प्रधानमंत्री ने बताया शानदार नेतृत्व जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर औपचारिक बधाई संदेश भेजा। उन्होंने वर्ष 2001 से गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में उनके लगातार समर्पण की सराहना की। साने ताकाइची ने रेखांकित किया कि नरेंद्र मोदी ने कई दशकों तक भारतीय समाज के कल्याण और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित किया है। उनका यह राजनीतिक सफर एक अनुकरणीय और शानदार नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही जापानी प्रधानमंत्री ने जुलाई में अपनी भारत यात्रा के दौरान मिले गर्मजोशी भरे आतिथ्य सत्कार के लिए भी नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में भारत ने न केवल व्यापक घरेलू प्रगति दर्ज की है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है। साने ताकाइची ने कहा कि वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते कद और विकास यात्रा को गति देने में नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों का वह गहरा सम्मान करती हैं। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने लगातार शासन को सराहा यूरोपीय देश बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर नरेंद्र मोदी को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने गुजरात से लेकर देश की राजधानी नई दिल्ली तक के उनके लगातार नेतृत्व को एक असाधारण यात्रा करार दिया। बार्ट डी वेवर ने कहा कि सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्षों तक लगातार राष्ट्र की सेवा करना बेहद उल्लेखनीय है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने पिछले महीने हुई अपनी भारत यात्रा की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस सफल दौरे के बाद वह भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय साझेदारी और कूटनीतिक संबंधों को और अधिक सशक्त करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उनके संदेश में दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और राजनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दिखाई दी। नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में बताया दुर्लभ कीर्तिमान अफ्रीकी महाद्वीप के प्रमुख देश नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निर्बाध कार्यकाल को आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक दुर्लभ उपलब्धि करार दिया। टीनूबू ने इस बात पर जोर दिया कि वर्ष 2001 में गुजरात की बागडोर संभालने के बाद से नरेंद्र मोदी की जनसेवा बिना किसी विराम के निरंतर जारी रही है। वर्ष 2014 से वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत हैं और अब अपने तीसरे कार्यकाल का नेतृत्व कर रहे हैं। नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने कहा कि विश्व के सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश में ढाई दशक तक लगातार लोकतांत्रिक समर्थन बनाए रखना इस बात का ठोस प्रमाण है कि भारतीय जनता का उन पर कितना अटूट भरोसा है। उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के आर्थिक विजन ने न केवल भारत की विकास दर को अभूतपूर्व तेजी दी है, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के विकासशील देशों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा का कार्य किया है। भारत और नाइजीरिया के मजबूत रणनीतिक रिश्ते राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने नवंबर 2024 में नरेंद्र मोदी की अबुजा यात्रा को विशेष रूप से याद किया। उस आधिकारिक दौरे के दौरान नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों में से एक ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर से नवाजा था। उन्होंने कहा कि उस ऐतिहासिक यात्रा ने दोनों देशों के आपसी रिश्तों को नए आयाम दिए थे। टीनूबू के अनुसार उस दौरे के बाद से भारत और नाइजीरिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार, प्रत्यक्ष निवेश, ऊर्जा, रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग की गति काफी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देश जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की सबसे सशक्त आवाजों में गिने जाते हैं। दोनों ही राष्ट्र एक अधिक न्यायपूर्ण, पारदर्शी और समावेशी वैश्विक व्यवस्था के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। अपने संदेश के अंत में उन्होंने नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर सफलता की कामना की। कैरेबियाई और पड़ोसी देशों से भी पहुंचे आत्मीय संदेश कैरेबियाई द्वीप देश डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने नरेंद्र मोदी को अपना बेहद करीबी मित्र बताते हुए इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। स्केरिट ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री पद तक सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष की लगातार सेवा पूरी करना एक असाधारण कीर्तिमान है। उन्होंने डोमिनिका और वहां के नागरिकों के प्रति नरेंद्र मोदी के निरंतर सहयोग और आत्मीय दृष्टिकोण की भी सराहना की। इसके अलावा भारत के पड़ोसी देश भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। शेरिंग टोबगे ने वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी के साथ हुई अपनी मुलाकात का स्मरण करते हुए उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि वह हमेशा उनके लिए एक बड़े भाई के समान रहेंगे। विभिन्न महाद्वीपों के नेताओं की ओर से आए इन विविध संदेशों से यह स्पष्ट होता है कि 25 वर्षों के इस लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक सफर को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर भी अत्यंत महत्वपूर्ण मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। इसका आप पर असर सार्वजनिक जीवन में लगातार 25 वर्ष तक सरकार के शीर्ष पद पर बने रहने की इस वैश्विक चर्चा का असर भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ता है। • भारत में: देश की राजनीतिक निरंतरता और दीर्घकालिक नीतियों के कारण वैश्विक निवेशकों और विदेशी सरकारों में भारत के प्रति भरोसा मजबूत होता है। इससे द्विपक्षीय व्यापार समझौतों, रणनीतिक साझेदारियों और विभिन्न विकास परियोजनाओं के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना रहती है। • ग्लोबल साउथ के लिए: विकासशील देशों के साथ भारत के रिश्ते और प्रगाढ़ होने से बहुपक्षीय मंचों पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को ज्यादा वजन मिलेगा। नाइजीरिया जैसे देशों के साथ सहयोग बढ़ने से व्यापार, ऊर्जा और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। • नागरिकों और प्रवासियों पर: विश्व के शीर्ष नेताओं द्वारा भारत के नेतृत्व की स्वीकार्यता से विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय और अंतरराष्ट्रीय कारोबार करने वाले पेशेवरों का प्रभाव बढ़ता है। मजबूत द्विपक्षीय संबंधों से वीजा नियमों, व्यापारिक प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में सुगमता आती है। • कूटनीतिक साख: जापान, बेल्जियम, अफ्रीका और कैरेबियाई देशों के नेताओं द्वारा खुले समर्थन से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति अधिक मुखर होती है। यह वैश्विक मामलों और नीति निर्माण में भारत की निर्णायक भूमिका को रेखांकित करता है। ऐसा क्यों हुआ यह घटनाक्रम 7 अक्टूबर को भारत के प्रधानमंत्री द्वारा सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे करने के अवसर पर घटित हुआ। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ यह कार्यकाल 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद तक विस्तृत रहा है। • ऐतिहासिक प्रशासनिक मील का पत्थर: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, जिसके बाद से बिना किसी व्यवधान के उनका नेतृत्व जारी रहा। 2014 में देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद वर्तमान में वे अपने तीसरे कार्यकाल में कार्यरत हैं। • वैश्विक नेताओं के व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंध: जापान, बेल्जियम और नाइजीरिया जैसे देशों के साथ हाल के महीनों में हुए उच्चस्तरीय दौरों और शिखर वार्ताओं ने इन संबंधों को मजबूत किया था। साने ताकाइची की जुलाई यात्रा, बार्ट डी वेवर की हालिया यात्रा और नवंबर 2024 में नाइजीरिया यात्रा के दौरान मिला सर्वोच्च सम्मान इन संदेशों की पृष्ठभूमि बने। • लोकतांत्रिक निरंतरता की मान्यता: दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ढाई दशक तक जनादेश बनाए रखना अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों के लिए एक दुर्लभ कीर्तिमान है। इसी कारण विभिन्न महाद्वीपों के प्रमुखों ने औपचारिक संदेश जारी कर इसे जनविश्वास की मिसाल बताया। सवाल-जवाब 1. नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के रूप में 25 साल कब पूरे किए? नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के प्रमुख के रूप में अपने 25 वर्ष पूरे किए। 2. नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रमुख के तौर पर यह यात्रा कब और कहां से शुरू हुई थी? यह यात्रा वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से शुरू हुई थी। 3. जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अपने संदेश में क्या कहा? साने ताकाइची ने 2001 से उनके शानदार नेतृत्व, भारतीय समाज के विकास में योगदान और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत स्थिति की सराहना की। 4. बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने अपने बधाई संदेश में किस बात पर जोर दिया? बार्ट डी वेवर ने गुजरात से नई दिल्ली तक लगातार 25 वर्ष के नेतृत्व की सराहना की और द्विपक्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई। 5. नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने इस उपलब्धि को क्या बताया? राष्ट्रपति बोला अहमद टीनूबू ने इसे किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के गहरे भरोसे को दर्शाने वाली एक दुर्लभ उपलब्धि बताया। 6. नाइजीरिया ने नवंबर 2024 में नरेंद्र मोदी को किस सम्मान से नवाजा था? नाइजीरिया ने अपनी राजधानी अबुजा में प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों में से एक 'ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर' प्रदान किया था। 7. भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे ने अपने संदेश में क्या कहा? शेरिंग टोबगे ने 2019 की मुलाकात को याद करते हुए उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि वे हमेशा उनके बड़े भाई रहेंगे। 8. डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने नरेंद्र मोदी के बारे में क्या कहा? रूजवेल्ट स्केरिट ने नरेंद्र मोदी को अपना करीबी दोस्त बताया और 25 साल की लगातार जनसेवा पर गर्मजोशी से बधाई दी। https://trendkia.com/gujarat/sarakara-ke-mukhiya-ke-taura-para-25-sala-pure-hone-para-antararashtriya-stara-para-hui-narendra-modi-ki-sarahana-44545 TrendKia — Har trend, sabse pehle.