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  "title": "सुधरने की नसीहत से नाराज पिता ने ली 33 वर्षीय बेटे की जान, राजकोट में पुलिस ने बाबूभाई को किया गिरफ्तार",
  "summary": "गुजरात के राजकोट में चोरी की आदत छोड़ने की सलाह देने पर पिता ने अपने 33 वर्षीय बेटे राम की हथौड़े से वार कर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।",
  "content": "गुजरात के राजकोट शहर में पारिवारिक कलह का एक अत्यंत दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। न्यू नेहरूनगर क्षेत्र में एक पिता ने अपने ही 33 वर्षीय पुत्र की हथौड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। पुलिस जांच के अनुसार, मृतक बेटा अपने पिता की चोरी करने की आदत से परेशान था और उन्हें लगातार सही रास्ते पर आने की नसीहत देता था। इसी बात से चिढ़कर पिता ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद आरोपी खुद पुलिस के समक्ष प्रस्तुत हुआ था, जिसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।\n\nचोरी की आदत और लगातार गहराता पारिवारिक विवाद\nयह घटना राजकोट के न्यू नेहरूनगर इलाके में स्थित गली नंबर 7 की है। इस स्थान पर आरोपी बाबूभाई रघाभाई सवसेटा अपने परिवार के सदस्यों के साथ निवास करता था। पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बाबूभाई और उसके 33 वर्षीय पुत्र राम के मध्य काफी समय से गहरा मनमुटाव चला आ रहा था। राम अपने पिता की चोरी करने की आदत से सख्त असहमत था। वह बार-बार अपने पिता को गलत काम त्यागने, आपराधिक प्रवृत्तियों से दूर रहने और एक सम्मानित जीवन जीने की सलाह देता रहता था। हालांकि, पिता को अपने बेटे का यह हस्तक्षेप और सीख देना अत्यंत नागवार गुजरता था। इस मुद्दे को लेकर घर के भीतर अक्सर दोनों के बीच कहासुनी और भारी विवाद की स्थिति बन जाती थी।\n\nमकान में रखे हथियार और सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता\nजांच के दौरान पुलिस को यह भी ज्ञात हुआ कि बाबूभाई ने अपने आवास में कई तरह के खतरनाक हथियार जमा करके रखे हुए थे। उसके पास लोहे का पाइप, कुल्हाड़ी और हथौड़ा जैसे औजार मौजूद थे। परिवार के अन्य सदस्य इन हथियारों की मौजूदगी को लेकर हमेशा सशंकित रहते थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के उद्देश्य से परिजन प्रायः इन हथियारों को घर के भीतर छिपाकर रखने का प्रयास करते थे। इसके बावजूद, पिता और पुत्र के बीच पनप रही कड़वाहट समय के साथ लगातार उग्र रूप धारण करती जा रही थी।\n\n13 अगस्त का घटनाक्रम और वारदात की दर्दनाक शाम\nत्रासदी वाले दिन यानी 13 अगस्त की दोपहर भी पिता और पुत्र के मध्य किसी बात पर तीखी बहस हुई थी। इसके पश्चात, शाम लगभग साढ़े सात बजे राम की माता हंसाबेन अपनी बेटी के घर चली गईं। कुछ समय बीतने के बाद हंसाबेन के दामाद राजेशभाई उन्हें वापस लाने के लिए वहां पहुंचे। इसी दौरान घर पर मौजूद बाबूभाई ने कथित रूप से परिवारजनों को यह सूचित किया कि उसने हथौड़े से वार करके राम की हत्या कर दी है। यह सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य सन्न रह गए और तुरंत मौके पर पहुंचे।\n\nकमरे का दृश्य और राम के शरीर पर गंभीर चोटें\nजब हंसाबेन और अन्य परिजन आनन-फानन में घर पहुंचे, तो अंदर का दृश्य अत्यंत भयावह था। राम घर के दूसरे कमरे में खून से पूरी तरह लथपथ अवस्था में पड़ा हुआ था। उसके सिर पर जानलेवा और गंभीर चोटों के कई निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। विशेष रूप से उसकी बाईं आंख के ठीक ऊपर एक अत्यंत गहरा और गंभीर जख्म था। इसके अतिरिक्त उसके शरीर के अन्य हिस्सों पर भी प्रहार किए जाने के निशान मौजूद थे और पूरे कमरे में खून फैला हुआ था। राम की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी।\n\nपुलिस को भ्रमित करने का प्रयास और बाद में कबूलनामा\nवारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी पिता बाबूभाई खुद पुलिस स्टेशन पहुंच गया। हालांकि, शुरुआती दौर में उसने पुलिसकर्मियों को गुमराह करने की नीयत से मनगढ़ंत कहानी सुनाई। उसने पुलिस को बताया कि उसका बेटा बहुत बीमार है और उसे तत्काल चिकित्सा सहायता हेतु अस्पताल ले जाने की आवश्यकता है। परंतु, उसके बयानों में मौजूद विषमताओं के कारण पुलिस को तुरंत संदेह हो गया। जब अधिकारियों ने उससे गहनता से पूछताछ की, तो वह टूट गया और उसने स्वीकार किया कि उसने ही हथौड़े से हमला करके अपने बेटे राम की हत्या की है।\n\nभारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज और आगे की कार्रवाई\nघटना की पुष्टि होते ही पुलिस की टीम तुरंत न्यू नेहरूनगर स्थित घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक जांच हेतु जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की मां हंसाबेन द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी बाबूभाई रघाभाई सवसेटा के विरुद्ध विधिवत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), धारा 223 और गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135(1) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में ले लिया है और अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि हत्या का यह कृत्य तात्कालिक आवेश का परिणाम था अथवा इसे किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत अंजाम दिया गया था।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: पारिवारिक विवादों और घरेलू हिंसा से निपटने के लिए कानूनी मध्यस्थता और परामर्श सहायता के प्रति जागरूकता जरूरी है।\n\nराजकोट में: न्यू नेहरूनगर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने इलाके में सुरक्षा जांच और गश्त बढ़ा दी है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. राजकोट में हत्या की यह घटना किस स्थान पर हुई?\nयह घटना गुजरात के राजकोट शहर के न्यू नेहरूनगर इलाके की गली नंबर 7 में हुई।\n\n2. पिता और बेटे के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या थी?\nमृतक बेटा राम अपने पिता बाबूभाई को चोरी की आदत छोड़ने और सुधरने की सलाह देता था, जिससे पिता नाराज रहता था।\n\n3. वारदात में किस हथियार का इस्तेमाल किया गया था?\nआरोपी पिता ने अपने बेटे की हत्या करने के लिए लोहे के हथौड़े का इस्तेमाल किया।\n\n4. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किन धाराओं में मामला दर्ज किया है?\nपुलिस ने आरोपी बाबूभाई के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), धारा 223 और गुजरात पुलिस एक्ट की धारा 135(1) के तहत मामला दर्ज किया है।",
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  "category": "गुजरात",
  "publishedAt": "2026-08-15",
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    "राजकोट हत्या",
    "गुजरात समाचार",
    "पारिवारिक विवाद",
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