सूरत में सस्ते गहनों के नाम पर धोखाधड़ी, सफेद सोने की अंगूठी में नहीं मिला सोना और चांदी भी निकली मिलावटी सूरत में सोशल मीडिया विज्ञापन देखकर खरीदे गए आभूषणों की लैब जांच में भारी गड़बड़ी सामने आई है। 9 कैरेट सफेद सोने के दावे वाली अंगूठी में 1 प्रतिशत सोना भी नहीं मिला, जबकि चांदी के आभूषण में भी मिलावट का आरोप है। गुजरात के सूरत शहर से आभूषणों की शुद्धता और सस्ते दाम के नाम पर कथित धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वराछा क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन देखकर एक स्थानीय शोरूम से सोने और चांदी के गहने खरीदे थे। ग्राहक का आरोप है कि जब इन गहनों की अधिकृत केंद्रों पर प्रयोगशाला जांच कराई गई, तो 9 कैरेट सफेद सोने के नाम पर दी गई अंगूठी में 1 प्रतिशत भी सोना नहीं निकला। वहीं 92.5 प्रतिशत स्टर्लिंग सिल्वर बताकर बेची गई महंगी कंधोरा में चांदी की मात्रा सिर्फ 51 प्रतिशत पाई गई। इस मामले में पुलिस ने शोरूम मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन देखकर शोरूम पहुंची थी ग्राहक सूरत के वराछा इलाके की निवासी 19 वर्षीय जैस्मीन कथिरिया ने इंटरनेट मीडिया पर बेहद कम दामों में 9 कैरेट सोने के आभूषण बेचने का प्रचार देखा था। इस लुभावने ऑफर से आकर्षित होकर उन्होंने सूरत में स्थित सूरत जेम्स एंड ज्वैलरी नामक शोरूम का रुख किया। शोरूम के कर्मचारियों ने उन्हें एक सफेद रंग की अंगूठी दिखाई और दावा किया कि यह पूरी तरह से 9 कैरेट सफेद सोने से तैयार की गई है। इस अंगूठी के बदले ग्राहक से ₹3,296 का भुगतान लिया गया। खरीदारी के समय अंगूठी देखने में आकर्षक और सोने जैसी चमक वाली प्रतीत हो रही थी, लेकिन घर लाने के बाद ग्राहक को उसकी बनावट और शुद्धता पर संदेह होने लगा। हॉलमार्किंग केंद्र की जांच में शून्य के करीब निकला सोना संदेह गहराने पर जैस्मीन कथिरिया ने इस अंगूठी की गुणवत्ता परखने का निर्णय लिया और इसे परीक्षण के लिए एक अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्र की प्रयोगशाला में भेजा। शिकायत में दी गई जानकारी के अनुसार, जब लैब की रिपोर्ट सामने आई तो वह हैरान करने वाली थी। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि अंगूठी के भीतर 1 प्रतिशत भी सोना मौजूद नहीं था। जिस वस्तु को 9 कैरेट सफेद सोना बताकर वैध बिल के साथ बेचा गया था, उसमें सोने की मौजूदगी लगभग नदारद पाई गई। इस खुलासे के बाद ग्राहक को अहसास हुआ कि उनके साथ आभूषण के नाम पर बड़ा छल हुआ है। ₹92,700 की कंधोरा में भी भारी मिलावट का आरोप अंगूठी की रिपोर्ट में धोखाधड़ी सामने आने के बाद ग्राहक ने उसी प्रतिष्ठान से खरीदे गए एक अन्य भारी आभूषण की शुद्धता जांचने का फैसला किया। यह एक कमरबंद यानी कंधोरा थी, जिसे शोरूम द्वारा 92.5 प्रतिशत शुद्धता वाली स्टर्लिंग सिल्वर का बताकर बेचा गया था। इस चांदी की कंधोरा के लिए युवती से ₹92,700 की बड़ी रकम वसूली गई थी। जब इस आभूषण का परीक्षण अधिकृत हॉलमार्किंग सेंटर में कराया गया, तो जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि इसमें केवल 51 प्रतिशत चांदी मौजूद है। इसका सीधा मतलब यह था कि शुद्धता के तय मानकों से करीब आधी चांदी गायब थी और बाकी हिस्से में सस्ती धातुओं का मिश्रण किया गया था। दो अलग-अलग प्रयोगशालाओं में कराई गई थी जांच गहनों की गुणवत्ता को लेकर किसी भी भ्रम से बचने के लिए शिकायतकर्ता ने दो अलग-अलग अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्रों पर परीक्षण करवाया। शिकायत के मुताबिक, दोनों ही प्रतिष्ठित केंद्रों से मिली जांच रिपोर्टों में धातु के स्तर पर गंभीर अनियमितताएं दर्ज की गईं। दोनों रिपोर्टों ने इस बात की पुष्टि की कि आभूषणों में तय अनुपात के विपरीत भारी मात्रा में घटिया और अन्य धातुओं की मिलावट की गई थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी रिपोर्टों और दावों की कानूनी रूप से अंतिम पुष्टि पूरी आधिकारिक जांच के बाद ही तय होगी। चांदी के भाव में पत्थरों का वजन जोड़ने की भी शिकायत इस पूरे मामले में केवल धातु की शुद्धता घटाने का ही आरोप नहीं है, बल्कि आभूषण के कुल वजन को लेकर भी गंभीर धांधली की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कंधोरा की बनावट में कई तरह के सजावटी पत्थर जड़े हुए थे। बिल बनाते समय शोरूम ने इन पत्थरों का वजन अलग से घटाने के बजाय पूरे आभूषण को चांदी का मानकर कुल वजन के आधार पर बिल तैयार किया। आरोप है कि ग्राहक से पत्थरों के वजन पर भी चांदी की तय दर से पैसे वसूले गए। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है, तो यह मिलावट के साथ-साथ वजन में हेराफेरी कर अवैध मुनाफा कमाने का स्पष्ट मामला साबित होगा। वराछा पुलिस ने शोरूम मैनेजर के खिलाफ दर्ज किया मामला अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी के सभी साक्ष्य जुटाने के बाद जैस्मीन कथिरिया ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वराछा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शोरूम मैनेजर जिगर मानिया के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कर तफ्तीश का दायरा बढ़ा दिया है। जांच अधिकारी अब खरीद के मूल बिल, सोशल मीडिया पर चलाए गए विज्ञापनों के स्क्रीनशॉट, शोरूम द्वारा ग्राहकों को दिए गए वादों और हॉलमार्किंग केंद्रों की लैब रिपोर्टों को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर रहे हैं। पुलिस इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि क्या इसी शोरूम से अन्य ग्राहकों को भी सस्ते सोने-चांदी के नाम पर ऐसा ही नकली माल बेचा गया है। सस्ते आभूषणों की खरीदारी में बरतें ये जरूरी सावधानियां सूरत की यह घटना उन तमाम उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा सबक है जो सोशल मीडिया विज्ञापनों पर मिलने वाली अवास्तविक छूट देखकर खरीदारी करने पहुंच जाते हैं। बाजार में किसी भी तरह के आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को कुछ बुनियादी सावधानियों पर हमेशा ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले सोने या चांदी का सटीक वजन अलग से कांटे पर चेक करें। यदि आभूषण में कोई नगीना या पत्थर लगा है, तो यह सुनिश्चित करें कि बिलिंग के समय पत्थर का वजन कुल धातु के वजन से घटाया गया हो। इसके अलावा पक्के बिल पर धातु की शुद्धता का कैरेट अथवा प्रतिशत स्पष्ट लिखा होना चाहिए। विक्रेता द्वारा विज्ञापनों में किए गए दावों की तुलना बिल पर लिखी शर्तों से जरूर करें। फिलहाल सूरत मामले में सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है। इसका आप पर असर यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले भारी डिस्काउंट वाले आभूषणों में मिलावट का गंभीर जोखिम हो सकता है, जिससे खरीदारों को सतर्क रहने की जरूरत है। • सूरत में: वराछा स्थित संबंधित शोरूम से हाल ही में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अपने गहनों की शुद्धता जांचने की आवश्यकता पड़ सकती है। यदि बिलिंग में विसंगतियां हैं, तो खरीदार स्थानीय पुलिस या उपभोक्ता फोरम से संपर्क कर सकते हैं। • भारत में: देश भर के आभूषण खरीदारों को सोशल मीडिया विज्ञापनों पर अत्यधिक सस्ते सोने-चांदी के दावों से सावधान रहना चाहिए। किसी भी आभूषण को खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता का स्पष्ट उल्लेख पक्के बिल पर जरूर दर्ज करवाएं। • पत्थरों का वजन: गहने खरीदते समय यह जांचना अनिवार्य है कि बिल में पत्थरों का वजन सोने या चांदी के कुल वजन से अलग किया गया है या नहीं। यदि ऐसा नहीं किया गया है, तो ग्राहक से सामान्य पत्थरों के लिए भी कीमती धातु की दर वसूली जा सकती है। • लैब जांच का विकल्प: यदि किसी आभूषण की शुद्धता पर संदेह हो, तो ग्राहक बीआईएस अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्र पर जाकर मामूली शुल्क में शुद्धता का परीक्षण करा सकते हैं। किसी भी विसंगति की स्थिति में लैब रिपोर्ट कानूनी शिकायत के लिए प्राथमिक प्रमाण बनती है। ऐसा क्यों हुआ यह मामला सोशल मीडिया पर अत्यधिक सस्ते दामों में कीमती आभूषण बेचने के दावों और उनके सत्यापन के बाद सामने आया। ग्राहक द्वारा अधिकृत केंद्रों पर कराई गई जांच से शुद्धता के बड़े अंतर का खुलासा हुआ। • लुभावने विज्ञापन: 19 वर्षीय युवती ने सोशल मीडिया पर 9 कैरेट सोने के आभूषण बेहद कम दाम में मिलने का प्रचार देखकर शोरूम से खरीदारी की थी। शोरूम ने अंगूठी को 9 कैरेट सफेद सोना और कंधोरा को 92.5 प्रतिशत स्टर्लिंग सिल्वर बताकर बेचा था। • संदेह और जांच: आभूषणों की बनावट पर संदेह होने के बाद ग्राहक ने उन्हें अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्रों की लैब में जांच के लिए भेजा। जांच में अंगूठी में 1 प्रतिशत सोना भी नहीं मिला और कंधोरा में केवल 51 प्रतिशत चांदी पाई गई। • अनुचित बिलिंग का आरोप: शिकायत में यह भी सामने आया कि चांदी की कंधोरा में लगे पत्थरों का वजन अलग किए बिना पूरे वजन पर चांदी की कीमत जोड़ी गई थी। इन गंभीर विसंगतियों के चलते ग्राहक ने वराछा पुलिस स्टेशन में कानूनी शिकायत दर्ज कराई। • जांच की स्थिति: पुलिस ने शोरूम मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर विज्ञापनों, खरीद बिलों और दोनों हॉलमार्किंग केंद्रों की रिपोर्टों की जांच शुरू की है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सवाल-जवाब 1. सूरत में आभूषण धोखाधड़ी का यह मामला कहां का है? यह मामला गुजरात के सूरत शहर के वराछा इलाके का है, जहां सूरत जेम्स एंड ज्वैलरी नामक शोरूम से आभूषण खरीदे गए थे। 2. सफेद सोने की अंगूठी के लिए ग्राहक ने कितने रुपये चुकाए थे? ग्राहक ने 9 कैरेट सफेद सोने के दावे वाली अंगूठी के लिए शोरूम को ₹3,296 का भुगतान किया था। 3. लैब परीक्षण में अंगूठी में कितना सोना पाया गया? अधिकृत हॉलमार्किंग केंद्र की लैब रिपोर्ट के अनुसार अंगूठी में 1 प्रतिशत भी सोना नहीं पाया गया। 4. चांदी की कंधोरा की कीमत और उसमें चांदी की कितनी मात्रा निकली? कंधोरा के लिए ₹92,700 लिए गए थे और जांच में 92.5 प्रतिशत के दावे के मुकाबले केवल 51 प्रतिशत चांदी पाई गई। 5. मामले में पुलिस ने किसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है? वराछा पुलिस ने जैस्मीन कथिरिया की शिकायत पर शोरूम मैनेजर जिगर मानिया के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की है। 6. शिकायत में आभूषण के वजन को लेकर क्या आरोप लगाया गया है? शिकायतकर्ता का आरोप है कि कंधोरा में जड़े पत्थरों का वजन अलग किए बिना उसे कुल चांदी के वजन में जोड़कर बिल बनाया गया था। https://trendkia.com/gujarat/surat-men-saste-gahanon-ke-nama-para-dhokhadhari-sapheda-sone-ki-anguthi-men-nahin-mila-sona-aura-chandi-bhi-nikali-milavati-38339 TrendKia — Har trend, sabse pehle.