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  "title": "सूरत में भीषण बारिश के बीच दर्दनाक हादसा: छठ पूजा के गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत",
  "summary": "सूरत के सचिन जीआईडीसी क्षेत्र में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो बच्चियों की मौत हो गई। दक्षिण गुजरात में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है, जिसके चलते पिछले दो दिनों में कुल पांच लोगों ने अपनी जान गंवाई है।",
  "content": "सूरत के सचिन जीआईडीसी स्थित महावीर सोसाइटी में मंगलवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। छठ पूजा के आयोजन के लिए तैयार किए गए एक गड्ढे में भारी बारिश का पानी जमा हो गया था, जिसमें गिरकर दो मासूम बच्चियों, श्रेया और कृष्णा, की डूबने से मृत्यु हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों के शव पानी से बाहर निकाले जा सके। राहत कार्य के दौरान लिंबायत थाने के पुलिस अधिकारी और कॉन्स्टेबल स्वयं पानी में उतरकर शवों की तलाश करते हुए देखे गए।\n\nसोसायटी परिसर में हुआ हादसा\nप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ये दोनों बच्चियां मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे से ही सोसायटी परिसर में जमा बारिश के पानी में खेल रही थीं और नहा रही थीं। खेलते-खेलते वे अचानक गहरे पानी में चली गईं और डूब गईं। इस हादसे की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने फौरन मौके पर पहुंचकर बच्चियों को गड्ढे से बाहर निकालने के तमाम प्रयास किए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों की जान जा चुकी थी।\n\nसूरत में बारिश से पांच लोगों की मौत\nमंगलवार को दक्षिणी गुजरात के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। सूरत जिले में हालात सबसे अधिक चिंताजनक रहे, जहाँ बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। रिकॉर्ड के अनुसार, सूरत के कामरेज तालुका में मंगलवार शाम चार बजे तक के पिछले 10 घंटों में 305 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 2100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।\n\nशैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी और सुरक्षा इंतजाम\nलगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए सूरत और नवसारी जिले में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया था। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़ी त्रासदियों में पांच लोगों की जान गई है। इनमें से मंगलवार को बिजली का करंट लगने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि एक अन्य व्यक्ति की मृत्यु कामरेज क्षेत्र में हुई। इससे पूर्व, सोमवार को सूरत के रांदेर इलाके में भी बिजली के करंट की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी।\n\nNDRF और SDRF की तैनाती\nसूरत में बारिश के कारण बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। राहत एवं बचाव कार्यों में मदद के लिए NDRF की एक टीम और SDRF की तीन टीमों को तैनात किया गया है। पांडेसरा, नागसेन नगर और मीठी खाड़ी जैसे गंभीर रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। शहर और जिले के कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश के कारण उत्पन्न जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में: भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों, खुले गड्ढों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।\n\nसूरत में: जलभराव वाले इलाकों के निवासी प्रशासन की सलाह का पालन करें और जलभराव वाले गड्ढों या नालों से दूर रहें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सूरत में यह हादसा कैसे हुआ?\nयह हादसा तब हुआ जब दो बच्चियां छठ पूजा के लिए खोदे गए एक गड्ढे में गिर गईं, जो भारी बारिश के कारण पानी से भर गया था।\n\n2. घटना में कितनी मौतें हुई हैं?\nइस विशेष घटना में दो बच्चियों की मौत हुई है, जबकि सूरत जिले में पिछले दो दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कुल पांच लोगों ने जान गंवाई है।\n\n3. सूरत में बचाव कार्य के लिए कौन सी टीमें तैनात हैं?\nराहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF की एक टीम और SDRF की तीन टीमों को तैनात किया गया है।\n\n4. सूरत और नवसारी में स्कूलों का क्या हाल है?\nभारी बारिश के कारण सूरत और नवसारी जिले में सभी शैक्षणिक संस्थानों को मंगलवार को बंद रखा गया था।",
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  "category": "गुजरात",
  "publishedAt": "2026-07-08",
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    "सूरत बारिश",
    "हादसा",
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  "site": "TrendKia"
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