वडोदरा में गरबा से लौट रहे युवक पर जानलेवा हमला, सुपारी देकर हत्या कराने वाले चार लोग पकड़े गए वडोदरा के सोमातलाव में निलेश वणजारा की पुरानी रंजिश के चलते चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने साजिश रचने वाले और हमलावर सहित चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। वडोदरा शहर के सोमातलाव क्षेत्र में हुई निलेश वणजारा की हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। कपूराई पुलिस स्टेशन की टीम ने मामले की विस्तृत पड़ताल की, जिसमें आपसी बदले और पुरानी दुश्मनी की बात सामने आई है। डीसीपी अभिषेक गुप्ता ने इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। बदले की भावना और सुपारी का बड़ा सौदा जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विक्रम वणजारा ने अपने परिवार से जुड़े एक पुराने विवाद का बदला लेने के लिए इस हत्याकांड का ताना-बाना बुना था। विक्रम ने निलेश को रास्ते से हटाने के लिए पूनम वणजारा को अनुबंधित किया। इस काम के एवज में पूनम को 30 लाख रुपये नकद देने के साथ ही राजस्थान में एक आलीशान बंगला देने का वादा किया गया था। इस लालच में आकर उसने योजना को अमल में लाने की जिम्मेदारी उठाई। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पहले से हथियार जुटाए थे। साजिशकर्ताओं ने जाम्बुवा पुल के निकट स्थित एक होटल के पास से दो बड़े चाकू खरीदे। नवरात्रि पर्व के दौरान आरोपी लगातार निलेश की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे और उसकी पूरी रेकी कर रहे थे। जैसे ही जानकारी मिली कि निलेश गरबा खेलने के बाद बाहर निकला है, पूनम मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचा और उसने चाकू से कई प्रहार करके निलेश को मौत के घाट उतार दिया। तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला और गिरफ्तारी हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन किया। तकनीकी निगरानी और सुरागों के आधार पर जांच दल ने मुख्य हमलावर पूनम अमरसिंह वंजारा को महीसागर जिले से धर दबोचा। इसके अतिरिक्त वारदात के वक्त उसका सहयोग करने वाले सतीश उर्फ कल्लू को भी कानून के शिकंजे में ले लिया गया है। षड्यंत्र में शामिल विक्रम गोर्धनभाई वंजारा सहित कुल चार आरोपियों को पुलिस हिरासत में ले चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पकड़े गए आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस आपराधिक साजिश के अन्य पहलुओं और इस्तेमाल किए गए साधनों के बारे में और गहराई से पड़ताल की जा सके। पुरानी रंजिश और जेल में बंद भाई की पृष्ठभूमि इस हत्याकांड की जड़ें पूर्व में हुई एक अन्य हत्या से जुड़ी हुई हैं। मृतक निलेश के भाई अजय ने पहले विक्रम के भाई का कत्ल कर दिया था। उस मामले में अजय दोषी ठहराए जाने के बाद वर्तमान में वडोदरा सेंट्रल जेल में अपनी सजा काट रहा है। उसी हत्याकांड का प्रतिशोध लेने की आग में विक्रम झुलस रहा था और उसने निलेश को खत्म करने की योजना बनाई। इसी रंजिश के चलते विक्रम ने पूनम को बड़ी रकम और संपत्ति का लालच देकर तैयार किया। पुलिस का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच चल रहा यह खूनी संघर्ष लंबे समय से तनाव का कारण बना हुआ था, जिसके चलते अंततः इस सुनियोजित कत्ल को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। इसका आप पर असर सार्वजनिक उत्सवों के दौरान आपसी रंजिश के ऐसे घातक अपराध नागरिकों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। • भारत में: त्योहारों और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और पुलिस गश्त बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित होती है। आम नागरिकों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देनी चाहिए। • वडोदरा में: सोमातलाव और कपूराई जैसे इलाकों में पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि पुरानी रंजिश वाले गिरोहों पर लगाम लगाई जा सके। शहर के स्थानीय निवासी देर रात गरबा या अन्य आयोजनों से लौटते समय सतर्क रहें और पुलिस हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास रखें। • न्यायिक प्रक्रिया: मामले के सभी चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर अदालत में पेश किया जाएगा। इससे स्पष्ट होता है कि सुपारी देकर की जाने वाली हत्याओं में शामिल किसी भी पक्ष को कानून से राहत नहीं मिलेगी। • नागरिक सुरक्षा: व्यक्तिगत विवादों और पुरानी दुश्मनी की सूचना यदि समय रहते पुलिस को दी जाए तो ऐसे अपराधों को टाला जा सकता है। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों को संदिग्ध रेकी करने वालों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ यह हत्याकांड दो परिवारों के बीच चली आ रही पुरानी दुश्मनी और पूर्व में हुए एक कत्ल का बदला लेने के इरादे से अंजाम दिया गया था। • सीधा कारण: विक्रम गोर्धनभाई वंजारा अपने भाई की हत्या का बदला लेना चाहता था, जिसकी हत्या मृतक निलेश के भाई अजय ने की थी। अजय फिलहाल वडोदरा सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है, इसलिए विक्रम ने निलेश को निशाना बनाया। • सुपारी और साजिश: बदले की भावना में विक्रम ने पूनम वणजारा को 30 लाख रुपये नकद और राजस्थान में बंगला देने का प्रलोभन देकर हत्या की सुपारी दी। पूनम और उसके साथी सतीश ने जाम्बुवा पुल के पास से चाकू खरीदे और योजना तैयार की। • योजनाबद्ध रेकी: आरोपियों ने नवरात्रि के दौरान निलेश की लगातार रेकी की और गरबा खेलकर बाहर निकलते ही उस पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया। सवाल-जवाब 1. वडोदरा में निलेश वणजारा की हत्या किस इलाके में हुई थी? यह वारदात वडोदरा शहर के सोमातलाव इलाके में हुई थी, जहां निलेश पर गरबा खेलने के बाद चाकू से हमला किया गया। 2. हत्या की साजिश के लिए क्या सुपारी तय की गई थी? आरोपी विक्रम ने हमलावर पूनम को 30 लाख रुपये नकद और राजस्थान में एक बंगला देने का लालच देकर सुपारी दी थी। 3. पुलिस ने मुख्य आरोपी पूनम वणजारा को कहां से गिरफ्तार किया? तकनीकी जांच और छानबीन के बाद पुलिस ने पूनम वणजारा को महीसागर जिले से गिरफ्तार किया। 4. वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू कहां से खरीदे गए थे? आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने के लिए जाम्बुवा पुल के पास स्थित एक होटल से दो चाकू खरीदे थे। 5. इस हत्याकांड के पीछे पुरानी दुश्मनी की क्या वजह थी? मृतक निलेश के भाई अजय ने पहले आरोपी विक्रम के भाई की हत्या की थी, जिसकी सजा वह वडोदरा सेंट्रल जेल में काट रहा है। https://trendkia.com/gujarat/vadodara-men-garaba-se-lauta-rahe-yuvaka-para-janaleva-hamala-supari-dekara-hatya-karane-vale-chara-loga-pakare-gae-53142 TrendKia — Har trend, sabse pehle.