पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने गांधी जयंती पर चलाया सफाई अभियान, 3000 किमी ट्रैक किया दुरुस्त महात्मा गांधी जयंती पर अहमदाबाद मंडल में 10,000 से अधिक कर्मियों ने हिस्सा लेकर 140 स्टेशनों और लगभग 3,000 किलोमीटर रेल ट्रैक पर व्यापक स्वच्छता अभियान पूरा किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देशभर में स्वच्छता से जुड़े कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पश्चिम रेलवे के तहत आने वाले अहमदाबाद मंडल में बड़े स्तर पर ‘स्वच्छ ट्रैक मेगा अभियान’ का संचालन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश की अगुवाई में यह विशाल सफाई कार्य मंडल के सभी मुख्य स्टेशनों और रेलवे परिसरों में एक साथ शुरू किया गया, जिसमें 10,000 से अधिक रेल कर्मचारियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगी समूहों ने अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। कश्मीर से कन्याकुमारी जितनी लंबी दूरी की सफाई इस विशेष अभियान का दायरा कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल एक ही दिन के भीतर लगभग 3,000 किलोमीटर रेल पटरियों को पूरी तरह साफ किया गया। यह फासला भौगोलिक रूप से लगभग कन्याकुमारी से कश्मीर तक की कुल दूरी के समान बैठता है। मंडल के अलग-अलग रेल खंडों में एक ही समय पर चलाई गई इस संगठित मुहिम ने साफ-सफाई को केवल एक सरकारी औपचारिकता न रखकर सामूहिक उत्तरदायित्व और बड़े जनसहयोग का रूप दे दिया। शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुआ श्रमदान इस बड़े अभियान का आगाज अधिकारियों, रेल कर्मियों, स्वच्छता प्रहरियों और स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवकों को स्वच्छता की औपचारिक शपथ दिलाकर किया गया। संकल्प लेने के तुरंत बाद सभी टीमों ने मैदान संभाला। विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर तैनात स्टेशन मास्टरों, पर्यवेक्षकों, सफाई कर्मियों और अन्य रेल कर्मचारियों ने अपने-अपने मूल स्टेशन से लेकर अगले स्टेशन तक फैले ट्रैक और प्लेटफॉर्म परिसरों को साफ करने में बढ़-चढ़कर श्रमदान किया। मंडल के 140 स्टेशनों और रेल कॉलोनियों का कायाकल्प इस विशेष स्वच्छता अभियान के तहत अहमदाबाद मंडल के करीब 140 स्टेशनों, उनके रेल यार्डों, आवासीय रेलवे कॉलोनियों, स्वास्थ्य इकाइयों और पटरियों के दोनों ओर के हिस्सों को पूरी तरह साफ किया गया। जिन प्रमुख केंद्रों में यह व्यापक काम हुआ उनमें अहमदाबाद, साबरमती, वीरमगाम, मालिया मियाणा, राधनपुर, ध्रांगध्रा, महेसाणा, पालनपुर, भुज, गांधीधाम, असारवा और हिम्मतनगर शामिल हैं। इन सभी जगहों पर एक साथ सफाई का सघन कार्य संचालित किया गया। सुरक्षा मानकों के तहत सहयोगी संगठनों की भागीदारी पटरियों पर काम करते समय सुरक्षा सबसे अहम पहलू रहा। रेलवे सुरक्षा बल, स्काउट एवं गाइड, रेल कर्मचारियों के परिजनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सहयोगी समूहों ने रेलवे के तकनीकी अमले के साथ मिलकर श्रमदान किया। ट्रेनों के संचालन में कोई बाधा न आए और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे, इसके लिए सभी तय परिचालन सावधानियों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए ट्रैकसाइड क्षेत्रों को कचरा मुक्त बनाया गया। वर्ष भर निरंतर स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने हाल ही में भारतीय रेलवे के सभी जोनों, मंडलों और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिया था कि स्वच्छता को केवल किसी औपचारिक पखवाड़े तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे सालभर चलने वाले जनअभियान के रूप में विकसित किया जाए। अहमदाबाद मंडल का यह वृहद अभियान इसी दूरगामी सोच को जमीन पर उतारने की एक ठोस कोशिश है, जो ‘स्वच्छ रेल, स्वच्छ ट्रैक, स्वच्छ भारत’ के राष्ट्रीय संदेश को मजबूत आधार प्रदान करता है। इसका आप पर असर अहमदाबाद मंडल के 140 स्टेशनों और 3,000 किलोमीटर ट्रैक की व्यापक सफाई से दैनिक रेल यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। • भारत में: पूरे देश में रेलवे परिसरों को स्वच्छ बनाए रखने का यह मॉडल अन्य रेल मंडलों के लिए भी मानक स्थापित करता है। यात्रियों को लंबी दूरी के सफर के दौरान स्टेशनों और ट्रैक के आसपास गंदगी से राहत मिलेगी। • गुजरात और अहमदाबाद मंडल में: अहमदाबाद, भुज, गांधीधाम और पालनपुर जैसे स्टेशनों पर आने-जाने वाले यात्रियों को अधिक स्वच्छ प्लेटफॉर्म और बदबू मुक्त ट्रैक क्षेत्र का अनुभव मिलेगा। रेल परिसरों, स्वास्थ्य इकाइयों और आवासीय कॉलोनियों में स्वच्छता बेहतर होने से स्थानीय पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार होगा। • यात्रियों की जिम्मेदारी: रेल ट्रैक और प्लेटफॉर्म साफ रहने से यात्रा का अनुभव बेहतर होगा। आम जनता और यात्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे चलती ट्रेनों या प्लेटफॉर्म से कचरा पटरियों पर न फेंकें। • सुरक्षा और परिचालन: ट्रैकसाइड से प्लास्टिक और कचरा हटने से रेल पटरियों का रखरखाव आसान होता है। इससे सिग्नलिंग और पटरियों के तकनीकी निरीक्षण में कर्मचारियों को सहूलियत मिलती है। ऐसा क्यों हुआ यह बड़ा सफाई अभियान महात्मा गांधी जयंती के राष्ट्रीय पर्व और रेल मंत्रालय द्वारा जारी किए गए विशेष निर्देशों के तहत आयोजित किया गया। • गांधी जयंती का अवसर: महात्मा गांधी के स्वच्छता संदेश को समर्पित राष्ट्रीय कार्यक्रमों के तहत भारतीय रेलवे प्रतिवर्ष विशेष स्वच्छता पहलों का आयोजन करता है। इसी उपलक्ष्य में अहमदाबाद मंडल ने श्रमदान का यह विशाल आयोजन तैयार किया। • मंत्रालय के नए निर्देश: रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने सभी जोनों को निर्देश दिया था कि स्वच्छता को केवल 15 दिनों के पखवाड़े तक सीमित न रखकर वर्षभर चलने वाला अभियान बनाया जाए। मंडल प्रशासन ने इसी नीतिगत आह्वान को लागू करने के लिए यह पहल की। • सामूहिक श्रमदान की योजना: ट्रैक और स्टेशन परिसरों में लंबे समय से जमा कचरे को हटाने के लिए अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी संगठनों को मिलाकर 10,000 लोगों की संयुक्त टीम बनाकर एक ही दिन में पूरे नेटवर्क को कवर करने की योजना बनाई गई। सवाल-जवाब 1. अहमदाबाद मंडल में यह विशेष स्वच्छता अभियान किस अवसर पर चलाया गया? यह अभियान महात्मा गांधी जयंती के उपलक्ष्य में देशभर में चल रहे स्वच्छता कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया। 2. एक दिन में कितने किलोमीटर लंबे रेल ट्रैक की सफाई की गई? इस अभियान के दौरान एक ही दिन में लगभग 3,000 किलोमीटर रेल ट्रैक की सफाई की गई, जो कन्याकुमारी से कश्मीर की दूरी के बराबर है। 3. इस सफाई अभियान में कितने लोगों ने हिस्सा लिया? मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश के नेतृत्व में 10,000 से अधिक रेल कर्मचारियों, अधिकारियों और सहयोगी समूहों ने इसमें सक्रिय भागीदारी की। 4. मंडल के कितने रेलवे स्टेशन इस अभियान में शामिल थे? अहमदाबाद, साबरमती, महेसाणा, पालनपुर, भुज और गांधीधाम समेत मंडल के लगभग 140 स्टेशनों पर यह अभियान चलाया गया। 5. रेल मंत्रालय का स्वच्छता को लेकर क्या आह्वान था? केंद्रीय रेल मंत्री ने स्वच्छता को केवल एक पखवाड़े तक सीमित न रखते हुए इसे पूरे वर्ष चलने वाला व्यापक जनभागीदारी अभियान बनाने का निर्देश दिया था। 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