# अंबाला में तैयार हो रहे भविष्य के जिम्नास्ट, जानिए फ्रांस के आधुनिक उपकरणों के बीच बच्चों को कैसे मिल रही अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग

> अंबाला छावनी के स्टेडियम में फ्रांस से मंगाए गए आधुनिक उपकरणों के साथ 50 बच्चे हर सुबह जिम्नास्टिक की बारीकियां सीख रहे हैं। कोच सतपाल छाबड़ा ने बताया कि 5 से 6 वर्ष की उम्र में शुरुआत करने से कैसे यह खेल शानदार करियर बना सकता है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-12 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/ambala-men-taiyara-ho-rahe-bhavishya-ke-jimnasta-janie-france-ke-adhunika-upakaranon-ke-bicha-bachchon-ko-kaise-mila-rahi-antarara-46939 · **Language:** Hindi
**Tags:** अंबाला, जिम्नास्टिक, सतपाल छाबड़ा, हरियाणा खेल, अर्जुन अवार्ड, स्पोर्ट्स ट्रेनिंग

खेल की दुनिया में अपने बच्चों का उज्ज्वल भविष्य तलाश रहे अभिभावकों के लिए जिम्नास्टिक एक शानदार विकल्प बनकर उभर रहा है। सही उम्र में मिली वैज्ञानिक ट्रेनिंग और कड़े अनुशासन के बल पर नन्हे खिलाड़ी राज्य स्तर से लेकर वैश्विक मंचों तक अपनी धाक जमा सकते हैं। हरियाणा के अंबाला छावनी स्थित खेल स्टेडियम में इस समय आधुनिक खेल सुविधाओं का एक मजबूत ढांचा तैयार हो चुका है, जहां न केवल स्थानीय बच्चे बल्कि आसपास के अन्य क्षेत्रों के उभरते खिलाड़ी भी खेल के गुर सीख रहे हैं।

## फ्रांस से पहुंचे ओलंपिक स्तर के उपकरण
अंबाला छावनी के खेल परिसर में स्थापित जिम्नास्टिक हॉल उत्तर भारत के सबसे समृद्ध प्रशिक्षण केंद्रों में गिना जाने लगा है। इस हॉल की सबसे बड़ी खासियत यहां मौजूद खेल संसाधन हैं, जिन्हें विशेष रूप से फ्रांस से मंगवाया गया है। यह साजोसामान सीधे ओलंपिक मानकों के अनुरूप है, जिससे बच्चों को शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल में अभ्यास करने का अवसर मिलता है। हर सुबह 5:30 बजे करीब 50 नन्हे खिलाड़ी अपनी ट्रेनिंग के लिए स्टेडियम पहुंच जाते हैं और कड़े अभ्यास सत्र में पसीना बहाते हैं।

## ट्रेनिंग शुरू करने की सही उम्र और 10 साल की तपस्या
जिम्नास्टिक कोच सतपाल छाबड़ा के अनुसार इस खेल में शीर्ष स्तर पर पहुंचने के लिए प्रारंभिक चरण बेहद अहम होता है। उनका स्पष्ट मानना है कि अगर बच्चे को 5 से 6 साल की उम्र में इस खेल से जोड़ दिया जाए, तो उसके शरीर का लचीलापन और संतुलन बहुत तेजी से विकसित होता है। जिम्नास्टिक कोई ऐसा खेल नहीं है जिसमें दो या तीन साल की ट्रेनिंग के बाद अंतरराष्ट्रीय पदक की उम्मीद की जा सके। शारीरिक मजबूती, संतुलन और जटिल तकनीकी कौशल को पूरी तरह साधने में लगभग 10 साल का समय लग जाता है। यदि कोई नन्हा एथलीट पांच वर्ष की आयु से नियमित अभ्यास शुरू करता है, तो 20 वर्ष का होते-होते वह दुनिया की शीर्ष प्रतियोगिताओं में मुकाबला करने की स्थिति में पहुंच जाता है।

## पढ़ाई और खेल के बीच तालमेल जरूरी
अक्सर अभिभावकों को यह चिंता सताती है कि गंभीर खेल अभ्यास से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। कोच छाबड़ा ने स्पष्ट किया कि सुबह के समय लगभग एक घंटे का नियमित अभ्यास दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्कूल की पढ़ाई को भी बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकता है। शुरुआती दिनों में बच्चों की लगन बनाए रखने के लिए माता-पिता और प्रशिक्षक दोनों की संयुक्त प्रेरणा जरूरी होती है। एक बार जब खेल के प्रति बच्चों की रुचि और अनुशासन स्थापित हो जाता है, तो वे स्वयं सुबह मैदान में आने के लिए उत्साहित रहते हैं।

## अंबाला की समृद्ध विरासत और करियर की संभावनाएं
अंबाला की धरती ने जिम्नास्टिक को कई बड़े नाम दिए हैं। इस केंद्र से जुड़ी अंजू दुआ और सुनीता शर्मा को देश के प्रतिष्ठित अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा योगेश्वर भी राष्ट्रीय चैंपियन रहने के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिन्हें सतपाल छाबड़ा ने स्वयं कोचिंग दी थी।

इस खेल में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवाओं के लिए आगे चलकर रोजगार के कई मजबूत अवसर खुलते हैं। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ी खेल कोटे के जरिए सरकारी नौकरियों के हकदार बनते हैं। इसके अलावा हरियाणा में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के रहने के लिए स्पोर्ट्स हॉस्टल और उचित खान-पान से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे खिलाड़ी बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रख सकें।

## इसका आप पर असर
अंबाला और हरियाणा के परिवारों के लिए बच्चों को वैश्विक स्तर की जिम्नास्टिक ट्रेनिंग दिलाने का यह एक सुलभ और किफायती जरिया बनता जा रहा है।

- **हरियाणा में:** अंबाला छावनी के स्टेडियम में फ्रांस से मंगाए गए ओलंपिक स्तर के उपकरणों पर ट्रेनिंग उपलब्ध है। आसपास के जिलों के बच्चे भी यहां आकर सुबह 5:30 बजे से आधुनिक कोचिंग का लाभ उठा सकते हैं।
- **भारत में:** कम उम्र से जिम्नास्टिक शुरू करने वाले बच्चों के लिए खेल कोटे से सरकारी नौकरियों के अवसर खुलते हैं। राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता एथलीटों को सरकारी विभागों में सीधी नियुक्ति और छात्रवृत्तियों का लाभ मिलता है।
- **अभिभावकों के लिए:** सुबह केवल एक घंटे के अभ्यास से बच्चों की नियमित पढ़ाई पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ता। माता-पिता 5 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों को खेल से जोड़कर उनका शारीरिक संतुलन और भविष्य दोनों संवार सकते हैं।
- **सुविधाओं की उपलब्धता:** राज्य सरकार द्वारा योग्य युवा खिलाड़ियों को हॉस्टल और पोषण आहार की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इससे सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवारों के बच्चों को भी बिना भारी खर्च के खेल में आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

## ऐसा क्यों हुआ
अंबाला में विश्वस्तरीय जिम्नास्टिक ट्रेनिंग का विस्तार आधुनिक आधारभूत ढांचे और जिले की पुरानी खेल परंपरा के संयोजन से संभव हुआ है।

- **आधुनिक उपकरणों की स्थापना:** स्टेडियम के जिम्नास्टिक हॉल में फ्रांस से ओलंपिक स्तर के उपकरण मंगाए गए हैं। विश्वस्तरीय तकनीकी साजोसामान उपलब्ध होने से युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षित करना संभव हुआ है।
- **जिले की ऐतिहासिक खेल परंपरा:** अंबाला पहले भी अंजू दुआ और सुनीता शर्मा जैसी अर्जुन अवार्डी और योगेश्वर जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दे चुका है। इस स्थापित प्रतिष्ठा के कारण नई पीढ़ी के अभिभावकों में जिम्नास्टिक के प्रति भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।
- **वैज्ञानिक कोचिंग दृष्टिकोण:** कोच सतपाल छाबड़ा जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा 5 से 6 वर्ष की उम्र में शुरुआती प्रशिक्षण और 10 साल की दीर्घकालिक योजना पर काम किया जा रहा है। यह व्यवस्थित तरीका बच्चों को उम्र के अनुसार सही शारीरिक क्षमता विकसित करने में मदद करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. जिम्नास्टिक की ट्रेनिंग किस उम्र से शुरू करनी चाहिए?
कोच सतपाल छाबड़ा के अनुसार बच्चों को 5 से 6 वर्ष की उम्र में ही जिम्नास्टिक का बुनियादी अभ्यास शुरू कर देना चाहिए।

### 2. अंबाला के जिम्नास्टिक हॉल में उपकरण कहां से मंगाए गए हैं?
अंबाला छावनी स्टेडियम के जिम्नास्टिक हॉल में ओलंपिक स्तर के उपकरण फ्रांस से मंगवाए गए हैं।

### 3. एक शीर्ष जिम्नास्ट तैयार होने में कितना समय लगता है?
जिम्नास्टिक में तकनीक, लचीलापन और शारीरिक क्षमता विकसित करने में लगभग 10 वर्ष का नियमित अभ्यास लगता है।

### 4. क्या खेल के अभ्यास से बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है?
नहीं, सुबह लगभग एक घंटे के अभ्यास के बाद बच्चे नियमित रूप से अपने स्कूल और पढ़ाई को जारी रख सकते हैं।

### 5. अंबाला से किन प्रमुख खिलाड़ियों को अर्जुन अवार्ड मिल चुका है?
अंबाला से जुड़ी जिम्नास्ट अंजू दुआ और सुनीता शर्मा को अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

### 6. जिम्नास्टिक में बेहतर प्रदर्शन करने पर क्या लाभ मिलते हैं?
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ी खेल कोटे से सरकारी नौकरियों और सरकारी हॉस्टल व खान-पान की सुविधाओं के पात्र बनते हैं।

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