# बहादुरगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में एनसीआर नहर में डूबे तीन दोस्त

> हरियाणा के बहादुरगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान रोहद के पास एनसीआर नहर में तीन युवक डूब गए, जिनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं और तीसरे की तलाश जारी है.

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/bahadurgarh-men-ganesha-visarjana-ke-daurana-bara-hadasa-eka-dusare-ko-bachane-ke-chakkara-men-ncr-nahara-men-dube-tina-dosta-38876 · **Language:** Hindi
**Tags:** बहादुरगढ़ हादसा, गणेश विसर्जन, एनसीआर नहर, झज्जर न्यूज, डूबने से मौत, हरियाणा समाचार

हरियाणा के बहादुरगढ़ में त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रोहद गांव के पास से बहने वाली एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान तीन युवक डूब गए. हादसे का शिकार हुए तीनों युवक रोहद की एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में काम करते थे. मूर्ति विसर्जन के दौरान एक दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो दोस्त भी गहरे पानी में समा गए. राहत और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों के शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि तीसरे की तलाश अब भी जारी है.

## कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, रोहद स्थित टेक फूड प्रोडक्ट कंपनी में काम करने वाले कुछ कर्मचारी भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के लिए एनसीआर नहर पहुंचे थे. विसर्जन के समय 24 वर्षीय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के कारण डूबने लगा. उसे संकट में देखकर उसके साथ काम करने वाले दो अन्य साथियों, शिवकांत और नीतेश ने उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे नहर में छलांग लगा दी. हालांकि, पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण तीनों खुद को संभाल नहीं पाए और बहाव में बह गए.

## बचाव अभियान और प्रशासनिक तत्परता
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी. आसौदा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की. घटना की गंभीरता को देखते हुए SDM अभिनव सिवाच ने भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने अजय और नीतेश के शवों को नहर से बाहर निकाल लिया है. हालांकि, शिवकांत का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिसकी तलाश के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है.

## नहरों पर हादसों का बढ़ता सिलसिला
त्योहारी सीजन के दौरान क्षेत्र की नहरों में डूबने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले 18 सितंबर को भी इसी एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान चार छात्र गहरे पानी में डूबने लगे थे, जिनमें से तीन को स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया गया था. ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अब जलाशयों और नहरों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और त्योहारों के दौरान विसर्जन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

## इसका आप पर असर
यह दर्दनाक घटना त्योहारों के दौरान जलाशयों के पास बरती जाने वाली सुरक्षा को लेकर परिवारों और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है.

- **भारत में:** त्योहारों के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवारों और पूजा समितियों को केवल सरकार द्वारा घोषित सुरक्षित विसर्जन स्थलों का ही उपयोग करना चाहिए. प्राकृतिक नदियों और नहरों के बजाय कृत्रिम तालाबों का उपयोग करने से डूबने के खतरों को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है.
- **हरियाणा में:** झज्जर और बहादुरगढ़ के निवासियों को किसी भी परिस्थिति में नहरों के गहरे पानी में उतरने से पूरी तरह बचना चाहिए. स्थानीय प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वे आगामी त्योहारों के दौरान हादसों को रोकने के लिए खतरनाक जलाशयों के आसपास पुलिस गश्त और बैरिकेडिंग को और सख्त करेंगे.

## ऐसा क्यों हुआ
यह दर्दनाक हादसा मुख्य रूप से नहर के तेज बहाव और विसर्जन स्थल पर बुनियादी सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण हुआ. जब पहला युवक गहरे पानी में डूबने लगा, तो उसके दोस्तों ने बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उसे बचाने की कोशिश की, जिससे तीनों तेज बहाव की चपेट में आ गए.

- **नहर का तेज बहाव:** त्योहारी सीजन के दौरान एनसीआर नहर में पानी का बहाव बेहद तेज था, जिससे पानी में उतरने वालों के लिए खुद को संभालना मुश्किल हो गया. इसी तेज धारा ने पहले युवक को गहरे पानी की तरफ खींच लिया.
- **बिना सुरक्षा उपकरणों के बचाव का प्रयास:** साथी को डूबता देख अन्य दोनों युवकों ने घबराहट में बिना लाइफ जैकेट या रस्सी के नहर में छलांग लगा दी. सुरक्षात्मक उपकरणों के अभाव में वे खुद भी तेज बहाव का मुकाबला नहीं कर सके.
- **सुरक्षा घेरे और गोताखोरों की कमी:** विसर्जन स्थल पर कोई सुरक्षा घेरा (बैरिकेडिंग), चेतावनी बोर्ड या प्रशिक्षित गोताखोर तैनात नहीं थे. इस प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर तैयारियों की कमी के कारण लोगों को गहरे पानी के खतरों का अंदाजा नहीं हो सका.

## सवाल-जवाब

### 1. बहादुरगढ़ में डूबने की यह घटना कहाँ हुई?
यह हादसा बहादुरगढ़ के रोहद गांव के पास से गुजरने वाली एनसीआर नहर में हुआ.

### 2. हादसे का शिकार हुए युवक कौन थे?
हादसे का शिकार हुए युवक अजय (24 वर्ष), नीतेश और शिवकांत थे, जो रोहद की टेक फूड प्रोडक्ट कंपनी में काम करते थे.

### 3. अब तक कितने शव बरामद किए गए हैं?
राहत दल ने अजय और नीतेश के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि शिवकांत की तलाश अभी भी की जा रही है.

### 4. इसी नहर में पहले कौन सी सुरक्षा संबंधी घटना हुई थी?
इससे पहले 18 सितंबर को इसी नहर में गणेश विसर्जन के दौरान चार छात्र डूबने लगे थे, जिनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया था.

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