बोर्ड परीक्षाओं को लेकर गुरुग्राम में 1 से 24 अक्टूबर तक धारा 163 लागू, फोटोकॉपी की दुकानों और साइबर कैफे पर भी पाबंदी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए गुरुग्राम में 1 से 24 अक्टूबर तक धारा 163 लागू कर दी गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास साइबर कैफे और फोटोस्टेट की दुकानें परीक्षा अवधि में पूरी तरह बंद रहेंगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं को पूरी निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न कराने के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने पूरे जिले में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा के दौरान नकल माफिया की किसी भी साजिश को नाकाम करने के मकसद से गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। यह पाबंदी 1 अक्टूबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर तक जिले के सभी निर्धारित परीक्षा केंद्रों के आसपास प्रभावी रहेगी। कई पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं एक साथ जिले में गुरुवार से सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्तर की नियमित अकादमिक परीक्षाओं के अलावा ओपन बुक परीक्षाएं भी शुरू हो रही हैं। इसके साथ ही शिक्षा संकाय में डिप्लोमा यानी डीएड के प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं भी इसी समयावधि में आयोजित की जा रही हैं। परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार का व्यवधान, हंगामा या असामाजिक तत्वों की दखलंदाजी रोकने के लिए केंद्रों के इर्द-गिर्द लोगों के अवांछित जमावड़े पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी नकल रोकने की रणनीति के तहत परीक्षा केंद्रों के पास स्थित व्यावसायिक गतिविधियों पर भी सख्त पाबंदियां तय की गई हैं। डिप्टी कमिश्नर द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के आसपास संचालित होने वाली सभी फोटोस्टेट और जेरॉक्स की दुकानें, साइबर कैफे तथा इसी तरह के अन्य प्रतिष्ठान परीक्षा शुरू होने से ठीक डेढ़ घंटे पहले बंद करा दिए जाएंगे। यह सभी दुकानें संबंधित परीक्षा समाप्त होने के बाद ही दोबारा खुल सकेंगी। इसके अतिरिक्त परीक्षा स्थल से 500 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का हथियार, लाठी-डंडा या धारदार वस्तु लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। केंद्रों के भीतर भी केवल वैध पहचान पत्र रखने वाले अधिकृत व्यक्तियों, परीक्षार्थियों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी। नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या छात्र इन निषेधाज्ञा आदेशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 223 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों से कानून व्यवस्था बनाए रखने, केंद्रों के निकट अनावश्यक भीड़ न जुटाने और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने में सहयोग देने का आग्रह किया है। इसका आप पर असर गुरुग्राम में 1 से 24 अक्टूबर तक बोर्ड परीक्षाओं के चलते परीक्षा केंद्रों के पास आम गतिविधियों और दुकानों पर कड़े प्रतिबंध लागू रहेंगे। • गुरुग्राम में: परीक्षा केंद्रों के आसपास रहने वाले लोगों को 1 से 24 अक्टूबर तक अनावश्यक आवाजाही और भीड़ जुटाने से बचना होगा। परीक्षा समय में केंद्रों के आसपास के जेरॉक्स और साइबर कैफे बंद रहेंगे, इसलिए दस्तावेज प्रिंटिंग जैसे जरूरी काम पहले ही निपटा लें। • परीक्षार्थियों के लिए: केंद्रों पर पहुंचने वाले छात्रों और शिक्षकों को हर समय अपना वैध पहचान पत्र अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। बिना अधिकृत पहचान पत्र के केंद्र के अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा और अनुशासन तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई होगी। • भारत में: नई आपराधिक संहिताओं बीएनएस और बीएनएसएस के तहत परीक्षा सुरक्षा और निषेधाज्ञा के कड़े कानूनी प्रावधानों का इस्तेमाल अब बड़े पैमाने पर दिखने लगा है। अन्य राज्यों और जिलों में भी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान इसी तरह के सख्त प्रशासनिक मॉडल अपनाए जा रहे हैं। • व्यापारियों के लिए: परीक्षा केंद्रों के पास स्थित फोटोस्टेट और कैफे संचालकों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले अनिवार्य रूप से दुकानें बंद करनी होंगी। आदेश की अनदेखी करने पर बीएनएस की धारा 223 के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ गुरुग्राम प्रशासन द्वारा यह आदेश हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की विभिन्न परीक्षाओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए दिया गया है। • नकल पर सीधी रोकथाम: बोर्ड और डिप्लोमा परीक्षाओं में पर्चियां बांटने और संगठित नकल के प्रयासों को खत्म करने के लिए केंद्रों के निकट फोटोस्टेट और इंटरनेट सेवाओं को बंद कराया गया है। परीक्षा समय से 90 मिनट पहले दुकानें बंद करा देने से सामग्री तैयार करने या प्रसारित करने का रास्ता रुक जाता है। • अवांछित भीड़ और दबाव नियंत्रण: पूर्व में परीक्षा केंद्रों के बाहर परिजनों और उपद्रवियों की भारी भीड़ जमा होने से परीक्षा की शुचिता और कानून व्यवस्था पर असर पड़ता रहा है। केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में हथियार प्रतिबंधित करने और भीड़ रोकने से शांतिपूर्ण परीक्षा वातावरण तैयार होता है। • कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करना: नई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत पहले ही चेतावनी जारी करके प्रशासन उपद्रवियों को सख्त कानूनी परिणाम भुगतने के लिए आगाह कर रहा है। नियम उल्लंघन पर सीधे बीएनएस की धारा 223 में कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है ताकि आदेश का शत-प्रतिशत पालन हो। सवाल-जवाब 1. गुरुग्राम में धारा 163 कब से कब तक लागू रहेगी? यह निषेधाज्ञा 1 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी। 2. यह आदेश किस अधिकारी द्वारा जारी किया गया है? यह आदेश गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर उत्तम सिंह द्वारा जारी किया गया है। 3. परीक्षा केंद्रों के पास फोटोस्टेट की दुकानें कब बंद कराई जाएंगी? सभी फोटोस्टेट की दुकानें और साइबर कैफे परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले बंद कर दिए जाएंगे और परीक्षा खत्म होने तक बंद रहेंगे। 4. परीक्षा केंद्र के कितने दायरे में हथियार ले जाने पर रोक है? परीक्षा केंद्र के 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का हथियार ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। 5. इस अवधि में कौन-कौन सी परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं? इस दौरान सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी (अकादमिक और ओपन बुक) और शिक्षा में डिप्लोमा (डीएड) के प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। 6. आदेश का उल्लंघन करने पर किस कानूनी धारा के तहत कार्रवाई होगी? उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। https://trendkia.com/haryana/borda-parikshaon-ko-lekara-gurugram-men-1-se-24-aktubara-taka-dhara-163-lagu-photokopi-ki-dukanon-aura-saibara-kaiphe-para-bhi-pab-41297 TrendKia — Har trend, sabse pehle.