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  "type": "article",
  "title": "छठ और दिवाली पर घर जाने की आस टूटी, फरीदाबाद से बिहार जाने वाले यात्रियों को नहीं मिल रहे ट्रेन टिकट",
  "summary": "दिवाली और छठ पूजा के लिए बिहार जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जहां बल्लभगढ़ स्टेशन पर रात दो बजे से कतारों में लगने के बाद भी लोगों को टिकट नहीं मिल पा रहे हैं।",
  "content": "त्योहारों का सीजन आते ही अपने परिवार के बीच पहुँचने की चाहत हर किसी के मन में हिलोरे लेने लगती है। दीपावली और छठ महापर्व जैसे बड़े अवसरों पर घर लौटने की यह बेताबी फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों में साफ देखी जा सकती है। लेकिन इस साल घर जाने का उनका यह सफर किसी बड़े इम्तिहान से कम साबित नहीं हो रहा है। लोग त्योहार से दो महीने पहले ही ट्रेन में अपनी सीट पक्की करने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। विडंबना यह है कि जैसे ही रेलवे का रिजर्वेशन सिस्टम खुलता है, वैसे ही चंद मिनटों के भीतर सारी सीटें बुक हो जाती हैं। स्थिति इस कदर बेकाबू हो चुकी है कि रेलवे स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर रात के दो बजे से ही लोग कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। सुबह आठ बजे जब काउंटर खुलते हैं, तो कुछ ही पलों में उम्मीदों पर पानी फिर जाता है और लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।\n\nरात से ही कतारों में लगकर भी नहीं मिल रहा कंफर्म टिकट\nबल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन पर टिकट की बुकिंग खिड़की के बाहर दिन-प्रतिदिन लोगों की हताशा गहरी होती जा रही है। अपनी बुकिंग के प्रयास में लगातार नाकाम हो रहे देवेंद्र मिश्रा ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि वह लगातार चार दिनों से रिजर्वेशन काउंटर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल मायूसी ही हाथ लग रही है। देवेंद्र का आरोप है कि टिकट काटने वाले कर्मी हर पांच मिनट में सिस्टम से हट जाते हैं, जिससे कतार आगे नहीं बढ़ पाती। वह नकद पैसे और UPI दोनों ही माध्यमों से भुगतान करने के लिए पूरी तरह तैयार होकर तड़के चार बजे से लाइन में खड़े हो जाते हैं, फिर भी टिकट हासिल करने में विफल रहे हैं। सरकार द्वारा छठ के मद्देनजर कुछ विशेष ट्रेनें चलाने की घोषणा के बावजूद आम यात्रियों को इसका कोई फायदा मिलता नहीं दिख रहा है।\n\nवैष्णो देवी और अन्य रूटों का भी यही हाल\nटिकटों की यह भीषण किल्लत केवल बिहार जाने वाले मार्गों तक ही सीमित नहीं है। लखन वर्मा नामक एक अन्य यात्री ने बताया कि वे माता वैष्णो देवी की यात्रा के लिए टिकट कंफर्म कराने आए थे, लेकिन उन्हें भी खाली हाथ वापस जाना पड़ा। इसी प्रकार, बीरबल कुमार को आगामी 11 नवंबर को बिहार के लिए प्रस्थान करना था, परंतु स्टेशन पर घंटों लंबी कतार में खड़े रहने के बाद भी वे अपनी यात्रा के लिए सीट सुरक्षित नहीं कर सके। बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशन परिसर में रिक्शा चलाने वाले बलराम यादव इस दर्दनाक मंजर के रोज चश्मदीद बनते हैं। उनका कहना है कि वे रोजाना रात दो बजे से ही मजबूर मजदूरों और कामकाजी लोगों को काउंटर के बाहर कतारबद्ध होते देखते हैं, जो अंततः निराशा के साथ अपने कमरों की ओर लौट जाते हैं।\n\nसीधी ट्रेनों की कमी और पुराना दौर याद कर रहे यात्री\nबिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले मंटून यादव हर साल छठ पूजा के पावन अवसर पर अपने गृहराज्य जाते हैं। उनका कहना है कि उनके गंतव्य के लिए जमुई और बरियारपुर नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन बल्लभगढ़ से बिहार की दिशा में सीधे जाने वाली ट्रेनों का भारी अभाव है। यात्रियों को आनंद विहार या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है, जो अपने आप में एक बेहद थकाऊ और खर्चीला काम है। मुंगेर रूट पर चलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर, दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को विवश हैं। मंटून ने पुरानी व्यवस्था को याद करते हुए बताया कि पहले बल्लभगढ़ से तूफान एक्सप्रेस ट्रेन चलती थी, जिससे यात्रियों को काफी राहत रहती थी, मगर अब वह सेवा भी बंद कर दी गई है। उन्होंने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय रेलवे की व्यवस्थाएं काफी बेहतर थीं और यात्रियों को घर जाने के लिए इस तरह की असहनीय परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता था।\n\nइसका आप पर असर\nट्रेनों में टिकटों की इस भारी किल्लत से आगामी त्योहारों पर घर जाने वाले लाखों यात्रियों का सफर प्रभावित हो रहा है।\n\n• भारत में: त्योहारी सीजन के दौरान देश भर में रेल यात्रियों को बुकिंग में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि लोगों को बहुत पहले या फिर वैकल्पिक साधनों से यात्रा की योजना बनानी होगी।\n• फरीदाबाद में: फरीदाबाद और बल्लभगढ़ में रहने वाले बिहार के प्रवासियों को अपनी यात्रा के लिए दिल्ली के स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। सीधे साधनों की कमी से उनका यात्रा खर्च और समय दोनों बढ़ जाएंगे।\n\nऐसा क्यों हुआ\nत्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या में अचानक होने वाली अत्यधिक वृद्धि और सीमित रेल सेवाओं के कारण यह संकट खड़ा हुआ है।\n\n• सीमित सीधी ट्रेनें: बल्लभगढ़ से बिहार की ओर सीधी जाने वाली ट्रेनों की भारी कमी है। इसके कारण यात्रियों को दिल्ली के आनंद विहार या नई दिल्ली स्टेशनों का रुख करना पड़ता है, जिससे वहां भी दबाव बढ़ जाता है।\n• पुरानी सेवाओं का बंद होना: पहले बल्लभगढ़ से चलने वाली तूफान एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों को बंद किए जाने से विकल्प और सीमित हो गए हैं। इससे बचे हुए रूटों जैसे विक्रमशिला एक्सप्रेस पर यात्रियों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है।\n• मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर: दिवाली और छठ जैसे पर्वों पर एक साथ लाखों लोग यात्रा करते हैं। रेलवे द्वारा चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनें इस भारी भीड़ को संभालने के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यात्री बल्लभगढ़ स्टेशन पर टिकट काउंटर पर कब से लाइन लगा रहे हैं?\nयात्री कंफर्म टिकट पाने की उम्मीद में रात 2:00 बजे और तड़के 4:00 बजे से ही कतारों में लग रहे हैं।\n\n2. रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन टिकट काउंटर किस समय खुलते हैं?\nरेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर सुबह 8:00 बजे खुलते हैं, लेकिन कुछ ही मिनटों में सारी सीटें फुल हो जाती हैं।\n\n3. बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बल्लभगढ़ से कौन सी मुख्य ट्रेन बंद कर दी गई है?\nयात्रियों के अनुसार पहले बल्लभगढ़ से तूफान एक्सप्रेस चलती थी, जो अब बंद कर दी गई है।\n\n4. बल्लभगढ़ से बिहार के लिए सीधी ट्रेनें न होने पर यात्रियों को क्या करना पड़ता है?\nयात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली के आनंद विहार या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है।\n\n5. क्या टिकटों की यह किल्लत केवल बिहार जाने वाले मार्गों पर ही है?\nनहीं, वैष्णो देवी जैसे अन्य लोकप्रिय रूटों के लिए भी यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहे हैं।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-09-16",
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    "फरीदाबाद न्यूज़",
    "ट्रेन टिकट बुकिंग",
    "छठ पूजा विशेष",
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    "दिवाली 2024"
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