दक्षिण हरियाणा में 555 करोड़ से बनेगी नई 4 लेन सड़क, सात प्रमुख हाईवे आपस में जुड़ेंगे हरियाणा सरकार ने होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना परियोजना के तहत 71 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने और फ्लाईओवर निर्माण को स्वीकृति दी है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी। दक्षिण हरियाणा के परिवहन ढांचे को मजबूती देने के लिए होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। सरकार की ओर से स्वीकृत इस विस्तृत योजना के निर्माण पर कुल 555 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस इंफ्रास्ट्रक्चर पहल के धरातल पर उतरने से न केवल क्षेत्रीय आवागमन सुगम होगा, बल्कि प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक गलियारों के बीच सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी भी स्थापित हो सकेगी। दो चरणों में पूरा होगा निर्माण कार्य इस पूरी परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना तैयार की गई है। पहले चरण के अंतर्गत होडल से लेकर बिलासपुर तक लगभग 71 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके उपरांत, दूसरे चरण में बिलासपुर से कुलाना तक सड़क के चौड़ीकरण का कार्य हाथ में लिया जाएगा। दूसरे चरण के तहत ही पटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाने की प्रशासनिक मंजूरी भी दे दी गई है, जिससे यातायात को बिना किसी अवरोध के निकाला जा सके। सात प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव यह नया सड़क गलियारा क्षेत्र के कई बड़े परिवहन मार्गों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा। इस फोरलेन मार्ग के तैयार होने से कुल सात महत्वपूर्ण मार्गों के बीच सीधा और बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इनमें दिल्ली-आगरा हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे, गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी मार्ग, रेवाड़ी-रोहतक हाईवे, गुरुग्राम-नूंह मार्ग तथा गुरुग्राम-सोहना-तावड़ू-भिवाड़ी मार्ग शामिल हैं। इन प्रमुख मार्गों के आपस में जुड़ने से विभिन्न जिलों और राज्यों के बीच माल ढुलाई तथा दैनिक यात्रा काफी आसान हो जाएगी। जाम से मुक्ति और औद्योगिक विकास को रफ्तार फोरलेन मार्ग बनने से वाहनों की गति बढ़ेगी और सफर के समय में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जाएगी। बेहतर सड़क सुविधा मिलने से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। भविष्य के यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए ही दूसरे चरण की मंजूरी दी गई है, क्योंकि यदि कुलाना तक का हिस्सा संकरा रह जाता तो वहां वाहनों की भारी भीड़ जमा होने लगती। इसके अलावा, पटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर बनने से भारी और लंबी दूरी के वाहन शहरों के आंतरिक बाजारों में प्रवेश किए बिना ऊपर से गुजर सकेंगे, जिससे स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों को दैनिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसका आप पर असर इस फोरलेन परियोजना और नए फ्लाईओवर के निर्माण से दक्षिण हरियाणा में दैनिक यात्रा और माल ढुलाई का समय काफी घट जाएगा। • हरियाणा में: पटौदी, हेलीमंडी, बिलासपुर और होडल के निवासियों को रोजाना लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। स्थानीय बाजारों में भारी वाहनों का प्रवेश बंद होने से सड़कों पर सुरक्षा बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी। • औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र: दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी और भिवाड़ी के बीच माल ले जाने वाले ट्रकों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यात्रा का समय कम होने से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। • लंबी दूरी के मुसाफिर: सात प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ने से यात्रियों को शहरों के अंदर फंसे बिना सीधा वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों का सफर अधिक सुगम हो जाएगा। • स्थानीय ग्रामीण इलाके: बिलासपुर से कुलाना और होडल तक के ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य वाणिज्यिक केंद्रों से सीधा हो जाएगा। इससे ग्रामीणों के लिए मंडियों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचना आसान होगा। ऐसा क्यों हुआ यह परियोजना दक्षिण हरियाणा के पुराने सड़क नेटवर्क पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और प्रमुख औद्योगिक गलियारों को सीधे जोड़ने के उद्देश्य से मंजूर की गई है। • यातायात का भारी दबाव: मौजूदा दो लेन के संकरे मार्गों पर भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के एक साथ चलने से लगातार जाम की स्थिति बन रही थी। विशेष रूप से पटौदी और हेलीमंडी के शहरी इलाकों में लंबी दूरी के ट्रकों के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। • अधूरे विस्तार से चोकपॉइंट का खतरा: योजना में पहले फेज के साथ दूसरे फेज को मंजूरी इसलिए दी गई ताकि बिलासपुर के बाद कुलाना तक सड़क संकरी न रह जाए। यदि आगे का हिस्सा दो लेन का ही छूट जाता तो वहां वाहनों का जमावड़ा लग जाता और पूरी परियोजना का लाभ सीमित हो जाता। • औद्योगिक केंद्रों का बढ़ता दायरा: गुरुग्राम, सोहना, नूंह, रेवाड़ी और भिवाड़ी के औद्योगिक विस्तार के चलते एक ऐसे मजबूत संपर्क मार्ग की आवश्यकता थी जो विभिन्न एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ सके। 555 करोड़ रुपये की इस योजना के जरिए इसी रणनीतिक परिवहन तंत्र को साकार किया जा रहा है। सवाल-जवाब 1. इस सड़क परियोजना पर कुल कितनी लागत आएगी? इस पूरी परियोजना के निर्माण पर कुल 555 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2. परियोजना के पहले चरण में कितनी लंबी सड़क का निर्माण होगा? पहले चरण के तहत होडल से बिलासपुर तक लगभग 71 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। 3. एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण किन इलाकों में किया जाएगा? प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में पटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाया जाएगा। 4. यह फोरलेन सड़क किन प्रमुख एक्सप्रेसवे और हाईवे को जोड़ेगी? यह मार्ग दिल्ली-आगरा हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे और रेवाड़ी-रोहतक हाईवे समेत सात बड़े मार्गों को जोड़ेगा। 5. दूसरे चरण में सड़क का विस्तार कहां से कहां तक होगा? दूसरे चरण के तहत बिलासपुर से कुलाना तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। https://trendkia.com/haryana/dakshina-haryana-men-555-karora-se-banegi-nai-4-lena-saraka-sata-pramukha-haive-apasa-men-jurenge-54738 TrendKia — Har trend, sabse pehle.