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  "title": "दयालपुर खेल स्टेडियम का कायाकल्प शुरू, मैदान की सफाई के साथ ट्रैक और गेट दुरुस्त करने में जुटे ग्रामीण",
  "summary": "फरीदाबाद के दयालपुर गांव में खेल स्टेडियम की बदहाली दूर करने के लिए सफाई और मरम्मत कार्य शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामीणों में नई उम्मीद जगी है।",
  "content": "फरीदाबाद जिले के दयालपुर गांव में बने खेल स्टेडियम की दशा सुधारने की कवायद तेज हो गई है। गांव के खिलाड़ियों की उपलब्धियों के कारण विशेष पहचान रखने वाले इस मैदान में कुछ समय पहले तक चारों तरफ अव्यवस्था फैली हुई थी। जगह-जगह बेतरतीब उगी बड़ी घास और गंदगी के चलते अभ्यास करने आने वाले युवाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। अब परिसर में व्यापक सफाई अभियान छेड़ा गया है, जिसके तहत मैदान की घास काटी जा रही है, टूटे मुख्य द्वार की मरम्मत कराई जा रही है और एथलेटिक्स ट्रैक को बेहतर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही कबड्डी खिलाड़ियों के लिए एक अलग कोर्ट तैयार करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।\n\nग्रामीणों और सामाजिक संस्था के सहयोग से बदला जा रहा स्वरूप\nकरीब 10 दिन पहले स्टेडियम की उपेक्षित हालत खुलकर सामने आई थी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाने लगे। गांव के निवासी दीपक का कहना है कि चलाए जा रहे सफाई अभियान का असर साफ नजर आने लगा है। मैदान व्यवस्थित होने से न केवल सुबह-शाम पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास में सहूलियत मिलेगी, बल्कि सुबह की सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को भी स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। उनका यह भी मानना है कि मैदान को भविष्य में भी साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए ग्राम पंचायत के साथ-साथ पूरे गांव के लोगों को अपनी साझी जिम्मेदारी निभानी होगी।\n\nराष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमक चुके हैं गांव के खिलाड़ी\nगांव के निवासी पदम सिंह ने बताया कि स्टेडियम की स्थिति उजागर होने के बाद व्यवस्था में सुधार शुरू हुआ है। उनका कहना है कि दयालपुर के युवाओं ने खेल जगत में असाधारण प्रदर्शन किया है, लेकिन उस अनुपात में यहां बुनियादी सुविधाओं का हमेशा अभाव रहा है। दयालपुर ने देश को जूडो, तीरंदाजी और कबड्डी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने वाले कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने वर्तमान सरपंच द्वारा की गई पहल का स्वागत करते हुए कहा कि खेल सुविधाओं को आधुनिक स्वरूप देने के लिए शासन से पर्याप्त सरकारी बजट और ग्रांट मिलना बेहद जरूरी है।\n\nसीमित संसाधनों के बीच बेहतर बुनियादी ढांचे की तैयारी\nसरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह के मुताबिक, ग्राम पंचायत के पास बजट सीमित है, लेकिन ग्रामीणों और 'प्रयास' नाम की सामाजिक संस्था के साझा सहयोग से मैदान की सफाई का बीड़ा उठाया गया है। मुख्य गेट को ठीक कराने के साथ-साथ रनिंग ट्रैक को धावकों की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप ढालने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय निवासी बबलू हुड्डा का कहना है कि गांव में बुनियादी विकास कार्यों का वास्तविक प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए, जिसके लिए काम में पूरी ईमानदारी और सामूहिक जिम्मेदारी का होना अनिवार्य है।\n\nअंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की नर्सरी में और सुविधाओं की दरकार\nभारतीय रेलवे में चीफ जूडो कोच के पद पर कार्यरत परविंदर हुड्डा भी इसी गांव के रहने वाले हैं। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2006 में एशियन गेम्स और उसके बाद वर्ल्ड कप में भाग लिया था और अपने खेल जीवन के शुरुआती दौर में वह इसी मैदान में अभ्यास किया करते थे। दयालपुर के होनहार खिलाड़ी वर्षों से पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन करते आ रहे हैं और वर्तमान में भी इस ग्राउंड में एक छोटी खेल अकादमी संचालित हो रही है। उनका मानना है कि यदि इस स्टेडियम में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो गांव के नन्हे बच्चों और उभरते एथलीटों को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।\n\nइसका आप पर असर\nफरीदाबाद के दयालपुर गांव में खेल स्टेडियम की बहाली से स्थानीय खिलाड़ियों, युवाओं और आम निवासियों को सीधा दैनिक लाभ मिलेगा।\n\n• भारत में: ग्रामीण स्तर पर खेल बुनियादी ढांचे के पुनरुद्धार से राष्ट्रीय खेलों के लिए नई प्रतिभाओं को तैयार करने में मदद मिलती है। इससे कस्बों और गांवों से उभरने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास का अनुकूल माहौल मिलता है।\n• फरीदाबाद में: दयालपुर और आसपास के गांवों के धावकों, जूडो और कबड्डी खिलाड़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ अभ्यास मैदान उपलब्ध होगा। सुबह-शाम टहलने आने वाले स्थानीय बुजुर्गों और महिलाओं को भी साफ ट्रैक और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।\n• बुनियादी ढांचे में सुधार: मैदान का टूटा मुख्य द्वार ठीक होने और कबड्डी के लिए अलग कोर्ट बनने से अभ्यास सत्र अधिक व्यवस्थित होंगे। इससे स्थानीय खेल अकादमियों में प्रशिक्षण ले रहे बच्चों को अभ्यास में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।\n• ग्राम पंचायत और समुदाय की भागीदारी: ग्रामीणों और सामाजिक संस्था के सहयोग से साफ-सफाई बनाए रखने की व्यवस्था दीर्घकालिक रख-रखाव सुनिश्चित करेगी। इससे खेल मैदान को दोबारा बदहाल होने से रोकने में मदद मिलेगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nदयालपुर खेल स्टेडियम में सफाई और मरम्मत की पहल लंबे समय से उपेक्षित पड़े मैदान की बदहाली उजागर होने के बाद शुरू हुई। पर्याप्त नियमित देखरेख न होने के कारण मैदान झाड़ियों से भर गया था और अभ्यास बाधित हो रहा था।\n\n• सीमित सरकारी बजट: ग्राम पंचायत को खेल सुविधाओं के रखरखाव के लिए सीमित वित्तीय ग्रांट मिलती है। इसके चलते मैदान की नियमित सफाई, गेट की मरम्मत और ट्रैक का रखरखाव समय पर नहीं हो पा रहा था।\n• मैदान की उपेक्षा: उचित देखरेख के अभाव में मैदान में बड़ी घास उग आई थी और प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हो गया था। इस अव्यवस्था से अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ सैर करने वाले ग्रामीणों को भी असुविधा हो रही थी।\n• सार्वजनिक ध्यान और जनसहयोग: बदहाली की स्थिति सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद ग्राम पंचायत, ग्रामीणों और स्थानीय संस्था प्रयास ने मिलकर सफाई और पुनर्निर्माण का काम शुरू कराया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फरीदाबाद के दयालपुर खेल स्टेडियम में क्या काम कराया जा रहा है?\nस्टेडियम में उगी घास की कटाई, सफाई, टूटे मुख्य द्वार की मरम्मत और ट्रैक को सुधारने का काम चल रहा है, साथ ही कबड्डी के लिए अलग मैदान बनाने की तैयारी है।\n\n2. स्टेडियम की सफाई और जीर्णोद्धार में कौन सहयोग कर रहा है?\nसीमित सरकारी ग्रांट के बीच दयालपुर की ग्राम पंचायत, स्थानीय ग्रामीण और सामाजिक संस्था प्रयास मिलकर यह काम करवा रहे हैं।\n\n3. दयालपुर गांव से किन खेलों के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे हैं?\nदयालपुर गांव से जूडो, तीरंदाजी और कबड्डी के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है।\n\n4. चीफ जूडो कोच परविंदर हुड्डा का इस मैदान से क्या संबंध है?\nपरविंदर हुड्डा इसी गांव के निवासी हैं, जिन्होंने 2006 एशियन गेम्स और वर्ल्ड कप खेला था और शुरुआती दिनों में इसी मैदान पर अभ्यास किया था।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-12",
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