डेटिंग ऐप के जरिए ब्लैकमेल करने वाले मां-बेटी गिरोह का फरीदाबाद में पर्दाफाश फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच बड़खल ने टिंडर ऐप पर लोगों को फंसाकर लूटपाट और ब्लैकमेल करने वाली मां-बेटी को गिरफ्तार किया है, जो अंडमान, सूरत और दिल्ली-एनसीआर तक ठगी कर चुकी हैं। हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पुलिस ने ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर लूटने और ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई के तहत पुलिस की क्राइम ब्रांच बड़खल टीम ने दो महिला आरोपियों को हिरासत में लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार की गई दोनों महिलाएं आपस में मां-बेटी हैं। यह गिरोह ऑनलाइन ऐप के जरिए लोगों से संपर्क साधता था और फिर उनसे लाखों रुपये हड़पने का काम करता था। होटल बुलाकर नशीला पदार्थ देने और ब्लैकमेल की साजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मां-बेटी की जोड़ी लोकप्रिय डेटिंग ऐप टिंडर पर सक्रिय थी। वे ऐप पर ऐसे पुरुषों की तलाश करती थीं जिनकी प्रोफाइल से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नजर आती थी। एक बार निशाना तय हो जाने के बाद, आरोपी महिलाएं उनसे बातचीत शुरू करती थीं और धीरे-धीरे दोस्ती का नाटक कर विश्वास हासिल कर लेती थीं। इसके बाद पीड़ितों को मिलने के बहाने किसी होटल में बुलाया जाता था। होटल के कमरे में मुलाकात के दौरान आरोपी महिलाएं पीड़ितों के पेय पदार्थ में चुपके से नशीला पदार्थ मिला देती थीं। जैसे ही पीड़ित बेहोश या बेसुध होता था, दोनों महिलाएं उसके पास मौजूद नकदी, गहने और कीमती सामान समेटकर मौके से रफूचक्कर हो जाती थीं। इसके अलावा, जिन मामलों में वे मौके पर लूटपाट नहीं करती थीं या अतिरिक्त पैसे ऐंठना चाहती थीं, वहां पीड़ितों को बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी। इस गंभीर मामले की धमकी देकर आरोपी महिलाएं पीड़ितों को डराती थीं और डर के मारे पीड़ित उनसे अवैध वसूली की भारी रकम दे बैठते थे। अंडमान, सूरत और दिल्ली-एनसीआर तक फैले थे गिरोह के तार क्राइम ब्रांच बड़खल द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह की आपराधिक गतिविधियां केवल एक शहर तक सीमित नहीं थीं। यह एक अंतरराज्यीय गिरोह है जिसके तार देश के कई हिस्सों से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला है कि ये महिलाएं इससे पहले अंडमान, सूरत और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों में भी इसी तरह से भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना चुकी हैं। फिलहाल फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम दोनों महिलाओं से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस गिरोह में शामिल अन्य साथियों का पता लगाना और उनके द्वारा अंजाम दी गई पुरानी वारदातों की पूरी जानकारी जुटाना है। पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे हो सकते हैं। सुरक्षा को लेकर फरीदाबाद पुलिस की जरूरी सलाह इस घटना के सामने आने के बाद फरीदाबाद पुलिस ने आम जनता के लिए सतर्कता बरतने की अपील जारी की है। पुलिस प्रशासन ने चेतावनी दी है कि डेटिंग ऐप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात लोगों से दोस्ती करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। अनजान लोगों के बहकावे में आकर एकांत स्थानों या होटलों में मिलने जाने से बचें। इसके साथ ही पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार की किसी ब्लैकमेलिंग, झूठे मुकदमे की धमकी या अवैध वसूली का शिकार बनता है, तो वह बिना डरे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या क्राइम ब्रांच को सूचित करे, ताकि अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकें। इसका आप पर असर यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन डेटिंग और सोशल मीडिया पर किसी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा करना कितना जोखिम भरा हो सकता है। • भारत में: देश भर में ऑनलाइन डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अनजान यूजर प्रोफाइल के प्रति बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी ऑनलाइन दोस्त से अकेले या निजी स्थान पर मिलने से पहले उसकी पूरी पहचान सत्यापित कर लें। • फरीदाबाद में: फरीदाबाद और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के निवासी यदि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग, नशीले पदार्थ देकर लूटपाट या फर्जी मुकदमों की धमकी का शिकार होते हैं, तो वे तुरंत स्थानीय फरीदाबाद पुलिस या क्राइम ब्रांच बड़खल से संपर्क कर सकते हैं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से वित्तीय नुकसान और कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा उपायों की कमी और पीड़ितों के सामाजिक संकोच का फायदा उठाकर यह आपराधिक गिरोह संचालित हो रहा था। • आर्थिक पृष्ठभूमि को निशाना बनाना: आरोपी महिलाएं डेटिंग ऐप पर मजबूत आर्थिक स्थिति वाले लोगों को चिन्हित करती थीं, जिससे उनसे आसानी से मोटी रकम वसूली जा सके। • विश्वास जीतकर झांसे में लेना: बातचीत के माध्यम से पीड़ित का विश्वास जीता जाता था और फिर उन्हें मिलने के बहाने होटल के कमरे में बुलाया जाता था। • नशीले पदार्थ और झूठे मुकदमे का डर: नशीला पदार्थ पिलाकर संपत्ति लूट ली जाती थी और बदनामी के डर से पीड़ितों को झूठे बलात्कार केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था। • कई राज्यों में स्थान बदलना: गिरोह ने अंडमान, सूरत और दिल्ली-एनसीआर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश की। सवाल-जवाब 1. फरीदाबाद में पुलिस ने किन लोगों को गिरफ्तार किया है? फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच बड़खल ने ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को लूटने और ब्लैकमेल करने वाली मां-बेटी की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। 2. आरोपी महिलाएं किस ऐप के जरिए पीड़ितों को निशाना बनाती थीं? आरोपी महिलाएं टिंडर ऐप के जरिए मजबूत आर्थिक स्थिति वाले पुरुषों को चिन्हित कर उनसे संपर्क साधती थीं। 3. यह गिरोह किस तरह से वारदातों को अंजाम देता था? महिलाएं पीड़ितों को होटल बुलाकर पेय पदार्थ में नशीला पदार्थ मिला देती थीं और बेहोश होने पर लूटपाट कर भाग जाती थीं या फिर झूठे बलात्कार केस की धमकी देकर ब्लैकमेल करती थीं। 4. इस गिरोह ने किन-किन क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम दिया है? पुलिस की शुरुआती पूछताछ के अनुसार, यह गिरोह अंडमान, सूरत और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में भी ऐसी वारदातें कर चुका है। 5. घटना के बाद पुलिस ने जनता को क्या सलाह दी है? पुलिस ने लोगों को अनजान ऑनलाइन व्यक्तियों से मिलने में अत्यधिक सतर्कता बरतने और किसी भी ब्लैकमेलिंग या धमकी की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करने की सलाह दी है। https://trendkia.com/haryana/detinga-aipa-ke-jarie-blaikamela-karane-vale-man-beti-giroha-ka-faridabad-men-pardaphasha-57893 TrendKia — Har trend, sabse pehle.