द्वारका एक्सप्रेसवे बना गुरुग्राम का नया लग्जरी हब, 5 सालों में 135% बढ़े प्रॉपर्टी के दाम गुरुग्राम में रियल एस्टेट की तस्वीर बदल रही है। दो दशकों तक गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ का दबदबा रहने के बाद अब 27 किलोमीटर लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे एनसीआर का सबसे प्रीमियम रेजिडेंशियल कॉरिडोर बनकर उभरा है। गुरुग्राम के रियल एस्टेट बाजार में पिछले दो दशकों से चला आ रहा पुराना दबदबा अब तेजी से बदल रहा है। लंबे समय तक शहर के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित पते के रूप में गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ फेज-5 जैसे इलाकों की गिनती होती थी, जहाँ शहर का संभ्रांत वर्ग निवास करता था। हालांकि, बुनियादी ढांचे में हुए व्यापक बदलावों ने अब खरीदारों और निवेशकों की पसंद को नया मोड़ दे दिया है। 27 किलोमीटर लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे महज कुछ ही वर्षों में एक निर्माणाधीन पट्टी से विकसित होकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का सबसे प्रमुख और प्रीमियम रियल एस्टेट कॉरिडोर बन चुका है। प्रॉपर्टी की कीमतों में 135 प्रतिशत का बड़ा उछाल रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक के हालिया बाजार आंकड़ों के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम के स्थापित लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट को सीधी टक्कर दे रहा है। आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि बीते पांच वर्षों के दौरान इस पूरे कॉरिडोर के आसपास आवासीय संपत्तियों के मूल्यों में 135 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, इस इलाके में नए लॉन्च होने वाले प्रोजेक्ट्स में बड़े आकार और उच्च लग्जरी वाले फ्लैटों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। 27 किलोमीटर लंबे 8-लेन कॉरिडोर की खासियतें दिल्ली के महिपालपुर को गुरुग्राम के खेड़की दौला से जोड़ने वाला यह 8-लेन और 27 किलोमीटर लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे लगभग एक दशक से अधिक समय के निर्माण कार्य के बाद पूर्ण रूप से तैयार हुआ है। इसके अलग-अलग हिस्सों के चरणबद्ध तरीके से चालू होने और अंतिम रूप से पूरा होने से इस क्षेत्र का परिदृश्य बदल गया है। पुराने दिल्ली-गुरुग्राम मार्ग यानी एनएच-8 पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से यह एक्सप्रेसवे सीधी राहत प्रदान करता है। इतना ही नहीं, इस कॉरिडोर से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और एरोसिटी की दूरी काफी कम हो जाती है। इसके पास स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर यानी यशोभूमि, डिप्लोमैटिक एन्क्लेव-2 और प्रस्तावित मेट्रो विस्तार योजनाओं ने इस पूरे क्षेत्र की व्यावसायिक और रिहायशी उपयोगिता को कई गुना बढ़ा दिया है। आधुनिक मास्टर प्लान और विश्वस्तरीय सुविधाएं गुरुग्राम के पुराने और समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हुए सेक्टर्स की तुलना में द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को एक आधुनिक मास्टर प्लान के तहत डिजाइन किया गया है। यहाँ चौड़ी सड़कें, निर्बाध आवाजाही के लिए अंडरपास, फ्लाईओवर और हरित बफर जोन का विशेष ध्यान रखा गया है। देश के प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स ने इस मार्ग पर अपने फ्लैगशिप लग्जरी प्रोजेक्ट्स उतारे हैं। यहाँ खरीदारों को आधुनिक लेआउट, सस्टेनेबल आर्किटेक्चर और ऐसी लाइफस्टाइल सुविधाएं मिल रही हैं जिन्हें पुराने स्थापित सेक्टर्स में जगह की कमी के कारण शामिल करना संभव नहीं है। पुराने बनाम नए इलाकों में निवेश का संतुलन पुराने और स्थापित इलाकों में जमीन की उपलब्धता सीमित होने के कारण नई परियोजनाओं की गुंजाइश कम बची है, जिससे वहां संपत्तियों के दामों में वृद्धि की रफ्तार धीमी हो चुकी है। इसके विपरीत, द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य, नए प्रोजेक्ट्स की उपलब्धता और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण पूंजी की वृद्धि तेजी से हो रही है। शुरुआती दौर में निवेश करने वाले खरीदारों को इसका बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। अब घर खरीदारों के पास पुरानी साख और नई अत्याधुनिक जीवनशैली के बीच सही संतुलन चुनने का अवसर है। उद्योग जगत के दिग्गजों की राय रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर आने वाले समय में और मजबूत स्थिति हासिल करेगा। हीरो रियल्टी के सीईओ रोहित किशोर ने कहा कि इस कॉरिडोर की रणनीतिक स्थिति और हवाई अड्डे व यशोभूमि से निकटता इसे एक पसंदीदा लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन बनाती है। उनके अनुसार, यहाँ आधुनिक और लग्जरी प्रोजेक्ट्स के विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर-स्ट्रैटेजी सुदीप भट्ट का कहना है कि आज का लग्जरी खरीदार सिर्फ जगह नहीं, बल्कि बड़े स्पेस और वेलनेस-केंद्रित जीवनशैली चाहता है, जिसे ध्यान में रखकर ही नए प्रोजेक्ट्स डिजाइन किए जा रहे हैं। वहीं, रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि घरेलू आय में बढ़ोतरी और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते इस माइक्रो-मार्केट में मांग में जोरदार उछाल देखा जा रहा है। बीपीटीपी के सीईओ और प्रेसिडेंट मानिक मलिक ने जानकारी दी कि हवाई अड्डे और कमर्शियल सेंटर्स तक सीधी पहुंच के कारण खरीदारों की रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी एमस्टोरिया वर्टी ग्रीन्स और गाया रेजिडेंसेस जैसे वेलनेस-फोकस्ड प्रोजेक्ट्स के माध्यम से इस कॉरिडोर के दीर्घकालिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसका आप पर असर द्वारका एक्सप्रेसवे के तेजी से विकास और प्रॉपर्टी के दामों में उछाल का असर राष्ट्रीय स्तर के निवेशकों और स्थानीय निवासियों दोनों पर पड़ रहा है। • भारत भर के निवेशकों के लिए: राष्ट्रीय स्तर पर रियल एस्टेट निवेशक अब पारंपरिक दिल्ली-गुरुग्राम पॉकेट के बजाय नए सुनियोजित कॉरिडोर्स में पूंजी लगा रहे हैं। पांच वर्षों में 135 प्रतिशत का रिटर्न उच्च पूंजी बढ़त की संभावनाओं को दर्शाता है। • गुरुग्राम और एनसीआर में: दैनिक यात्रियों और स्थानीय खरीदारों को पुराने एनएच-8 के ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिली है। आईजीआई एयरपोर्ट और एरोसिटी तक कम समय में पहुंच से कामकाजी पेशेवरों और उद्योगपतियों का जीवन आसान हुआ है। ऐसा क्यों हुआ द्वारका एक्सप्रेसवे क्षेत्र में रियल एस्टेट मूल्यों और मांग में इस भारी उछाल के पीछे प्रमुख बुनियादी ढांचागत और रणनीतिक कारक जिम्मेदार हैं। • एक्सप्रेसवे का पूरा होना: 27 किलोमीटर लंबे और 8-लेन वाले इस एक्सप्रेसवे के पूर्ण संचालन से दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। • प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से निकटता: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव-2 से निकटता ने इसकी व्यावसायिक क्षमता बढ़ाई है। • आधुनिक मास्टर प्लानिंग: पुराने सेक्टर्स के मुकाबले चौड़ी सड़कें, फ्लाईओवर, अंडरपास और वेलनेस-फोकस्ड बड़े लग्जरी प्रोजेक्ट्स की उपलब्धता खरीदारों को आकर्षित कर रही है। सवाल-जवाब 1. पिछले 5 वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रॉपर्टी की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है? एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में द्वारका एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आसपास आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों में 135 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2. द्वारका एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई और लेन कितनी हैं? द्वारका एक्सप्रेसवे 27 किलोमीटर लंबा और 8-लेन वाला एक आधुनिक एक्सप्रेसवे कॉरिडोर है। 3. यह एक्सप्रेसवे किन दो प्रमुख स्थानों को जोड़ता है? यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के महिपालपुर को गुरुग्राम के खेड़की दौला से सीधा जोड़ता है। 4. द्वारका एक्सप्रेसवे के पास कौन सी प्रमुख परियोजनाएं स्थित हैं? इसके पास इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एरोसिटी, यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर) और डिप्लोमैटिक एन्क्लेव-2 स्थित हैं। 5. गुरुग्राम के पुराने लग्जरी इलाकों में कौन से क्षेत्र शामिल हैं? गोल्फ कोर्स रोड और डीएलएफ फेज-5 गुरुग्राम के पुराने और स्थापित लग्जरी रेजिडेंशियल इलाके माने जाते हैं। https://trendkia.com/haryana/dwarka-expressway-bana-gurugram-ka-naya-lagjari-haba-5-salon-men-135-barhe-proparti-ke-dama-32423 TrendKia — Har trend, sabse pehle.