द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने मजदूरों को कुचला, उत्तर प्रदेश के दो लोगों की मौत हरियाणा के गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर श्रीराम चौक के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। हरियाणा के गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को एक भयानक सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के रहने वाले दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट के पास खड़े मजदूरों पर चढ़ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। श्रीराम चौक के पास बेकाबू हुई कार यह दुर्घटना द्वारका एक्सप्रेसवे के श्रीराम चौक के समीप हुई। दिल्ली की दिशा से आ रही कार चला रहे 20 वर्षीय छात्र की पहचान वेदान खन्ना के रूप में हुई है। टक्कर के दौरान कार चालक भी गंभीर रूप से चोटिल हो गया। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद छात्र वेदान खन्ना की हालत गंभीर देखते हुए उसे फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे के शिकार लोगों की पहचान हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के निवासी थे, जिनकी पहचान बिजेंद्र और पप्पू सिंह के रूप में की गई है। वहीं दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए दो अन्य मजदूरों की पहचान सतीश चंद और राम कुमार के तौर पर हुई है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचना दे दी है। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने हादसे की जगह की जांच की और मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि व्यस्त एक्सप्रेसवे पर काम के दौरान सुरक्षा और बैरिकेडिंग के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। ग्रीन बेल्ट के पास बिना किसी चेतावनी बोर्ड, लाइट या सुरक्षा घेरे के मजदूर काम कर रहे थे, जिसने इस दुर्घटना में लापरवाही की ओर इशारा किया है। इसका आप पर असर इस हादसे से एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों और सड़क किनारे काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। • भारत में: राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर काम करने वाले मजदूरों के लिए कड़े सुरक्षा दिशानिर्देश अनिवार्य किए जा सकते हैं। इससे निर्माण स्थलों पर चेतावनी बोर्ड और बैरिकेडिंग लगाने के नियमों का सख्ती से पालन होगा। • गुरुग्राम में: द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास पुलिस गश्त और स्पीड मॉनिटरिंग बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा निर्माण एजेंसियों को ग्रीन बेल्ट में काम करने के दौरान रात और दिन दोनों समय उचित लाइटिंग व सुरक्षा घेरा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा क्यों हुआ द्वारका एक्सप्रेसवे पर हुआ यह दर्दनाक हादसा तेज रफ्तार और काम के दौरान सुरक्षा मानकों की कमी का मिला-जुला नतीजा था। • तेज रफ्तार व नियंत्रण खोना: दिल्ली की तरफ से आ रही कार अत्यधिक गति में थी, जिसके कारण 20 वर्षीय चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार ग्रीन बेल्ट की तरफ मुड़ गई। • सुरक्षा बैरिकेडिंग का अभाव: ग्रीन बेल्ट के समीप काम कर रहे श्रमिकों के चारों ओर कोई चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया था। इसके चलते तेज रफ्तार कार सीधे मजदूरों से जा टकराई। • जांच और आगे की प्रक्रिया: पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि कार की रफ्तार कितनी थी और क्या कार्यस्थल पर सुरक्षा लापरवाही के लिए ठेकेदार जिम्मेदार थे। सवाल-जवाब 1. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई? हादसे में उत्तर प्रदेश निवासी दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई। 2. दुर्घटना में घायल मजदूरों की क्या स्थिति है? घायल दो मजदूरों, सतीश चंद और राम कुमार का अस्पताल में इलाज चल रहा है। 3. कार चालक कौन था और वह कहाँ भर्ती है? कार 20 वर्षीय छात्र वेदान खन्ना चला रहा था, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया। 4. हादसा द्वारका एक्सप्रेसवे पर कहाँ हुआ? यह सड़क दुर्घटना द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित श्रीराम चौक के पास ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में हुई। 5. पुलिस जांच में सुरक्षा की क्या खामियां पाई गईं? शुरुआती जांच में पाया गया कि व्यस्त एक्सप्रेसवे पर काम के दौरान कोई सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। https://trendkia.com/haryana/dwarka-expressway-speeding-car-rams-laborers-gurugram-two-dead-32925 TrendKia — Har trend, sabse pehle.