# फरीदाबाद के दयालपुर में जर्जर खंभे पर टिका ट्रांसफार्मर, खुले तारों से गांव में दहशत

> फरीदाबाद के दयालपुर गांव में तीखे मोड़ पर जर्जर खंभे और खुले तारों के साथ लगा बिजली ट्रांसफार्मर ग्रामीणों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा जोखिम बना हुआ है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-ke-dayalpur-men-jarjara-khnbhe-para-tika-transapharmara-khule-taron-se-ganva-men-dahashata-37652 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद, दयालपुर गांव, बिजली विभाग, ट्रांसफार्मर हादसा, जर्जर खंभा, खुले बिजली तार, हरियाणा समाचार

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित दयालपुर गांव के बाशिंदे इन दिनों एक बेहद गंभीर और जानलेवा बुनियादी खतरे के साए में जीने को मजबूर हैं। गांव के एक व्यस्त रास्ते के ठीक मोड़ पर लगा हुआ बिजली का ट्रांसफार्मर बेहद खस्ताहाल स्थिति में पहुंच चुका है, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। आसपास के कई इलाकों में बिजली वितरण निगम ने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करते हुए पुराने खंभों को बदल दिया है, मगर दयालपुर गांव में इस संवेदनशील जगह पर स्थित क्षतिग्रस्त खंभे को जस का तस छोड़ दिया गया है। ट्रांसफार्मर से निकले खुले और नंगे बिजली के तार जमीन और रास्ते के बिल्कुल करीब लटक रहे हैं, जिससे राहगीरों, बच्चों और मवेशियों पर लगातार खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार बिजली निगम को आगाह करने के बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

## तीखे मोड़ पर लगा ढांचा बन रहा हादसों का सबब
गांव के मुख्य रास्ते के बिल्कुल कोने और मोड़ पर इस भारी-भरकम बिजली ढांचे के लगे होने से रोजमर्रा का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मोड़ पर दृश्यता बाधित होने के कारण सामने से आने वाले वाहनों को अचानक मुड़ने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार वाहन चालकों को अनियंत्रित होने का खतरा रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस उपकरण को यहां से हटाकर किसी खुली और सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित नहीं किया गया, तो भविष्य में होने वाले किसी भी जान-माल के नुकसान की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खुले तारों से फैलने वाले करंट के कारण पहले भी कई मूक पशु इसकी जद में आ चुके हैं। स्थानीय निवासी जगदीप हुड्डा के अनुसार ट्रांसफार्मर के खुले तारों से रिसते करंट की चपेट में आने से कई बच्चे बाल-बाल बचे हैं और उन्हें झटके लग चुके हैं। इतना ही नहीं, करंट लगने से एक बेजुबान कुत्ते की मौके पर ही मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि व्यस्त मोड़ पर इस तरह का खुला ढांचा लगाना पूरी तरह से गलत योजना का परिणाम है और इसे तत्काल यहां से हटाया जाना चाहिए।

## शिकायतों के बाद भी महकमे ने नहीं ली सुध
बिजली निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों को औपचारिक तौर पर ज्ञापन सौंपने के बावजूद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जगदीप हुड्डा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस गंभीर संकट को लेकर बिजली विभाग के संबंधित एसडीओ को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। हालांकि, लंबे समय के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि चंदावली से आगे गांव अटाली तक तो बिजली के पुराने और कमजोर खंभों को व्यवस्थित रूप से हटाकर नए खंभे लगा दिए गए, लेकिन दयालपुर गांव के इस टूटे हुए खंभे को बदलने की जहमत नहीं उठाई गई।

जिस खंभे पर ट्रांसफार्मर का पूरा वजन टिका है, वह नीचे से पूरी तरह दरक चुका है और किसी भी तेज आंधी या मामूली टक्कर में गिर सकता है। स्थानीय निवासी नानक सिंह हुड्डा ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि ट्रांसफार्मर के तार पूरी तरह नंगे पड़े हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में हर पल डर का माहौल बना रहता है। उन्होंने जोर दिया कि बिजली विभाग को किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना फौरन इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

## सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की उठ रही मांग
गांव के अन्य निवासियों ने भी व्यवस्था की इस अनदेखी पर भारी रोष जताया है। स्थानीय निवासी अजय सिंह का कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास नंगे तारों का जाल फैला हुआ है और आधार बना खंभा भी क्षतिग्रस्त है। अगर बरसात या सामान्य दिनों में भी इसमें शॉर्ट सर्किट होता है या खंभा धराशायी होता है, तो आसपास मौजूद आबादी पर इसका सीधा असर पड़ेगा। ग्रामीण एकजुट होकर यह मांग कर रहे हैं कि आबादी और रास्ते की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसे आबादी से दूर किसी सुरक्षित स्थल पर स्थापित किया जाए।

वहीं, स्थानीय नागरिक रोहतास ने बताया कि ट्रांसफार्मर की गलत लोकेशन ही सारी परेशानियों की मुख्य जड़ है। संकरे रास्ते के अंतिम छोर और मोड़ पर होने की वजह से यहां चौबीसों घंटे गाड़ियां, ट्रैक्टर और दोपहिया वाहन गुजरते रहते हैं। ऐसे में हमेशा वाहनों के खंभे से टकराने या तारों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से त्वरित हस्तक्षेप की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि जनहित में इस ट्रांसफार्मर को तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाना बेहद जरूरी है।

## इसका आप पर असर
दयालपुर गांव में मोड़ पर लगे जर्जर ट्रांसफार्मर और खुले तारों से स्थानीय निवासियों और राहगीरों की जान को सीधा खतरा बना हुआ है।

- **फरीदाबाद में:** दयालपुर और आसपास के गांवों में आवागमन करने वाले वाहन चालकों को मोड़ पर अंधा मोड़ होने और खंभा टूटने के कारण वाहन दुर्घटना का गंभीर खतरा झेलना पड़ रहा है। सड़क से गुजरते समय विशेषकर रात के समय वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
- **पैदल यात्रियों और पशुपालकों पर प्रभाव:** ट्रांसफार्मर के तार खुले लटके होने से राहगीरों, बच्चों और मवेशियों को करंट लगने का जानलेवा जोखिम बना हुआ है। ग्रामीणों को अपने मवेशियों और छोटे बच्चों को उस मोड़ के पास जाने से सख्ती से रोकना पड़ रहा है।
- **प्रशासनिक जवाबदेही:** बिजली विभाग के एसडीओ को शिकायत सौंपे जाने के बाद भी काम न होने से विभागीय लापरवाही उजागर हुई है। यदि ग्रामीण सामूहिक रूप से उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाते हैं, तो बुनियादी ढांचे को जल्द ठीक कराया जा सकता है।
- **आपातकालीन सावधानी:** आंधी, बारिश या खराब मौसम के दौरान जर्जर खंभे के गिरने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में स्थानीय लोगों को उस संकरे रास्ते के बजाय वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
दयालपुर गांव में ट्रांसफार्मर का जानलेवा बनना बुनियादी ढांचे के रख-रखाव में विभागीय उपेक्षा और अनुचित स्थान चयन का सीधा परिणाम है।

- **गलत स्थान चयन:** ट्रांसफार्मर को संकरे रास्ते के ठीक मोड़ और कोने पर स्थापित किया गया है। तीखा मोड़ होने की वजह से भारी वाहनों के मुड़ने के दौरान इससे टकराने की संभावना बढ़ जाती है और सामने से आने वाले वाहनों की दृश्यता बाधित होती है।
- **रख-रखाव में पक्षपातपूर्ण उपेक्षा:** बिजली विभाग ने चंदावली से अटाली गांव तक तो जर्जर खंभों को बदलने का काम पूरा कर लिया, लेकिन दयालपुर गांव के इस नाजुक बिंदु को बिना किसी मरम्मत के छोड़ दिया। इसी अनदेखी के चलते खंभा और अधिक टूटकर कमजोर हो गया।
- **शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का अभाव:** ग्रामीणों द्वारा सब-डिवीजनल ऑफिसर (एसडीओ) को औपचारिक आवेदन देने के बावजूद निरीक्षण और बजट आवंटन में देरी हुई। जमीनी स्तर पर प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण तारों को समय पर कवर या सुरक्षित नहीं किया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. दयालपुर गांव में बिजली के ट्रांसफार्मर को लेकर क्या मुख्य समस्या है?
ट्रांसफार्मर एक तीखे मोड़ पर जर्जर व टूटे हुए खंभे पर टिका है और उसके बिजली के तार खुले पड़े हैं, जिससे लगातार हादसों की आशंका बनी हुई है।

### 2. क्या इस ट्रांसफार्मर की वजह से पहले कोई दुर्घटना हुई है?
हां, करंट लगने से कई बच्चों को बिजली के झटके लग चुके हैं और एक कुत्ते की मौके पर ही मौत हो चुकी है।

### 3. क्या बिजली विभाग को इस खतरे के बारे में सूचित किया गया था?
हां, स्थानीय निवासी जगदीप हुड्डा ने बिजली विभाग के एसडीओ को औपचारिक प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

### 4. ग्रामीण बिजली विभाग से क्या मांग कर रहे हैं?
ग्रामीणों की मांग है कि इस ट्रांसफार्मर और जर्जर खंभे को व्यस्त मोड़ से हटाकर किसी सुरक्षित और आबादी से दूर स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

### 5. आसपास के किन क्षेत्रों में बिजली विभाग ने खंभे बदले हैं?
बिजली विभाग ने चंदावली से आगे गांव अटाली तक पुराने खंभों को हटा दिया है, लेकिन दयालपुर गांव में इस क्षतिग्रस्त खंभे को नहीं बदला।

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