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  "type": "article",
  "title": "फरीदाबाद के साहूपुरा में आवारा और पाले गए कुत्तों की दहशत, दो मासूम बच्चियों पर हमला और ग्रामीणों को दी जा रही धमकियां",
  "summary": "हरियाणा के फरीदाबाद स्थित साहूपुरा गांव में पिछले दो सालों से कुत्तों का आतंक मचा हुआ है, जहां हाल ही में ट्यूशन से लौट रही दो मासूम बच्चियों पर हमला हुआ है और शिकायत करने पर ग्रामीणों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी जा रही हैं।",
  "content": "हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित साहूपुरा गांव के निवासी पिछले दो वर्षों से आवारा और बेलगाम कुत्तों के खौफ में जीने को मजबूर हैं। गांव की गलियों में हर समय बने रहने वाले इस खतरे के कारण बच्चों का घर से अकेले बाहर निकलना, स्कूल जाना या ट्यूशन से लौटना बेहद मुश्किल हो चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या केवल कुत्तों के घूमने तक सीमित नहीं है, बल्कि जब भी कोई इस संबंध में आवाज उठाता है तो उसे धमकियों और शारीरिक हमले का सामना करना पड़ता है। हाल ही में घटी एक दुखद घटना और उसके बाद पैदा हुए तनाव ने पूरे गांव में भय का माहौल बना दिया है।\n\nट्यूशन से लौट रही दो मासूम बहनों पर जानलेवा हमला\nगांव में हाल ही में घटी एक घटना ने सभी निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। ट्यूशन पढ़कर अपने घर वापस लौट रही पांच साल की दो मासूम बहनें अचानक कुत्तों के निशाने पर आ गईं। कुत्तों को अपनी ओर बढ़ता देख दोनों बच्चियां डर के मारे एक-दूसरे का हाथ कसकर थामे भागने लगीं। हालांकि, दो आक्रामक कुत्तों ने उन्हें आगे और पीछे दोनों तरफ से घेर लिया। किसी तरह एक बच्ची अपने घर के ढलान यानी रैंप पर चढ़ने में कामयाब रही और अपनी जान बचाई। इसके बावजूद कुत्तों के नोचने और पंजों के वार से दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस दिल दहला देने वाली वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में भारी रोष व्याप्त है।\n\nएक ही महिला पर कई कुत्ते पालने और लापरवाही का आरोप\nसाहूपुरा की रहने वाली चमन देवी ने बताया कि गांव के लोग बीते दो वर्षों से इस भारी मुसीबत का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने विभिन्न नस्लों के करीब दस से बारह कुत्ते पाल रखे हैं। आरोप है कि यह महिला इन सभी कुत्तों को बिना किसी सुरक्षा या जंजीर के खुलेआम गलियों में छोड़ देती है। चमन देवी ने यह भी खुलासा किया कि इन हिंसक कुत्तों ने कई बार उनके मवेशियों पर हमला बोला है और उनकी भैंसों को भी नुकसान पहुंचाया है। जब गांव वाले इसकी शिकायत करने जाते हैं तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है।\n\nइसी गांव की रितिका यादव का कहना है कि पिछले दो सालों से लगातार बना यह आतंक अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका है। लगभग 10 से 12 कुत्तों का जमावड़ा हर समय गली में घूमता रहता है, जिससे हर पल किसी न किसी अनहोनी का डर बना रहता है।\n\nमासूमों पर हमले और अपहरण की धमकी से सहमे ग्रामीण\nगांव की महिला गीता ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने अपने बच्चों पर हुए हमले का विरोध किया तो कुत्ते पालने वाली महिला उनके घर तक आ पहुंची और उनके बच्चे का अपहरण करवाने तक की खुली धमकी दे डाली। गीता के अनुसार उनके बच्चे जब ट्यूशन से लौट रहे थे, उसी समय उन पर कुत्तों ने हमला किया था। इस गंभीर मामले में गीता ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जहां से उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।\n\nएक अन्य ग्रामीण वर्षा ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि लगभग चार महीने पहले उनकी अपनी बेटी को भी इसी महिला के कुत्ते ने बुरी तरह काट लिया था। वर्षा के पास इस घटना की मेडिकल रिपोर्ट भी मौजूद है। उनका कहना है कि पिछले दो साल से उनका पूरा परिवार इस खौफ में जी रहा है और शिकायत करने पर महिला खुलेआम अंजाम भुगतने की चेतावनियां देती है।\n\nछात्रों पर लाठियों से हमला और जान से मारने की धमकी\nकुत्तों के इस विवाद ने उस वक्त एक खतरनाक मोड़ ले लिया जब दो युवा भाइयों पर नकाबपोश बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र जतिन ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपने भाई के साथ ट्यूशन पढ़कर लौट रहा था। फरीदाबाद के तिगांव पुल के पास प्रवेश द्वार से लगभग 100 से 150 मीटर आगे पहुंचते ही पीछे से एक अनियंत्रित कार आई। कार में तीन लोग सवार थे, जिन्होंने अपने चेहरों को कपड़े से पूरी तरह ढक रखा था।\n\nजतिन और उसके भाई हितेश पर उन अज्ञात लोगों ने डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। दोनों भाई मोटरसाइकिल पर सवार थे और किसी तरह अपनी जान बचाकर अपनी मौसी के घर पहुंचे। भागते समय हमलावरों ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। पीड़ित हितेश ने बताया कि इस हिंसक हमले के बाद उन्होंने अपना मेडिकल परीक्षण करवाया है।\n\nप्रशासनिक रुख और पुलिस की जांच\nगांव के बुजुर्ग तेजपाल और रोहताश ने बताया कि कुत्ते पालने वाली महिला एक गैर-सरकारी संगठन यानी एनजीओ में कार्यरत है। जब भी कोई ग्रामीण शिकायत लेकर उसके दरवाजे पर जाता है, तो उसके साथ गाली-गलौज की जाती है। इन कुत्तों ने न केवल बच्चों को निशाना बनाया है बल्कि ग्रामीणों की भैंसों और अन्य पशुओं को भी लहूलुहान किया है। स्थानीय निवासी उद्यम सारंग का कहना है कि गली में स्थिति इतनी खतरनाक हो चुकी है कि छोटे बच्चों का अकेले बाहर निकलना पूरी तरह बंद हो गया है।\n\nइस पूरे मामले पर सदर थाने के जांच अधिकारी अनिल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि निवासियों की तरफ से शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की गहराई से जांच कर रही है और कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने यह भी जोड़ा कि दूसरे पक्ष का बयान दर्ज होने के बाद स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया जाएगा।\n\nइसका आप पर असर\nफरीदाबाद के साहूपुरा गांव में रहने वाले लोगों के लिए यह खबर सुरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।\n\n• भारत में: देश भर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आवारा व बिना निगरानी वाले पालतू कुत्तों की बढ़ती समस्या पर प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ेगा। इससे आरडब्ल्यूए और स्थानीय निकायों को पालतू जानवर रखने के कड़े नियम लागू करने के संकेत मिलते हैं।\n• फरीदाबाद में: साहूपुरा और आसपास के इलाकों के निवासियों को अपने बच्चों को स्कूल या ट्यूशन भेजते समय सतर्क रहना होगा। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और नगर निगम द्वारा आवारा व खुले घूम रहे कुत्तों के खिलाफ अभियान चलाए जाने की संभावना है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसाहूपुरा में यह संकट आवासीय क्षेत्र में बिना जंजीर या बाड़े के कई कुत्तों को रखने और ग्रामीणों की शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने की वजह से गहराया है।\n\n• लापरवाह ढंग से कुत्ते पालना: एक ही स्थान पर 10 से 12 कुत्तों को बिना सुरक्षा और नियंत्रण के खुला छोड़ देने से वे आक्रामक हो गए और राहगीरों व बच्चों को निशाना बनाने लगे।\n• प्रारंभिक शिकायतों की अनदेखी: पिछले दो वर्षों से मवेशियों पर हमले और बच्चों को काटने की घटनाओं के बावजूद समय पर प्रभावी कदम न उठाए जाने से विवाद बढ़ता चला गया।\n• धमकी और संवादहीनता: जब ग्रामीणों ने समस्या के समाधान का प्रयास किया तो संवाद के बजाय धमकियां और मारपीट की घटनाएं हुईं, जिससे स्थिति कानूनी और सुरक्षा संकट में बदल गई।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. साहूपुरा गांव में हाल ही में क्या घटना घटी?\nट्यूशन से लौट रही दो पांच साल की मासूम बहनों पर कुत्तों ने हमला कर दिया, जिससे दोनों बच्चियां घायल हो गईं और इस घटना का वीडियो वायरल हो गया।\n\n2. ग्रामीणों का कुत्ते पालने वाली महिला पर क्या आरोप है?\nग्रामीणों का आरोप है कि एनजीओ में काम करने वाली महिला ने 10 से 12 कुत्ते पाल रखे हैं, जिन्हें वह खुला छोड़ देती है और विरोध करने पर अपहरण व जान से मारने की धमकियां देती है।\n\n3. छात्रों पर हमले का मामला क्या है?\n12वीं के छात्र जतिन और उसके भाई हितेश पर तिगांव पुल के पास कार सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने लाठियों से हमला किया और पुलिस में जाने पर जान से मारने की धमकी दी।\n\n4. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?\nसदर थाने के जांच अधिकारी अनिल के अनुसार ग्रामीणों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।",
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  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-09-14",
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    "साहूपुरा फरीदाबाद",
    "कुत्तों का आतंक",
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