# फरीदाबाद के साहुपुरा में खस्ताहाल सड़क से बीस गांवों के लोग त्रस्त, बारिश और अंधेरे में हादसों का जोखिम बढ़ा

> हरियाणा के फरीदाबाद स्थित साहुपुरा गांव में टूटी सड़क और गहरे गड्ढों से आवागमन जोखिम भरा हो गया है। करीब 20 गांवों और पलवल मार्ग को जोड़ने वाले इस रास्ते पर लंबे समय से मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भारी रोष है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-ke-sahupura-men-khastahala-saraka-se-bisa-ganvon-ke-loga-trasta-barisha-aura-andhere-men-hadason-ka-jokhima-barha-43216 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद सड़क, साहुपुरा गांव, हरियाणा सड़क समस्या, जलभराव और गड्ढे, पलवल मार्ग, ग्रामीण सड़क मरम्मत

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थित साहुपुरा गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है। सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह संपर्क मार्ग लगभग 20 गांवों को आपस में जोड़ता है और पलवल की तरफ आने-जाने वाले मुसाफिर भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। मार्ग पर बिखरी गिट्टी, गहरे गड्ढों और जमा पानी के कारण प्रतिदिन आवागमन करने वालों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। साहुपुरा निवासी धर्मवती ने बताया कि सड़क जगह-जगह से उधड़ चुकी है और गांव के लोग बहुत दिनों से इस मुसीबत को झेलने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मरम्मत की गुहार लगाई, क्योंकि बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जिससे पैदल चलना तक दूभर हो जाता है।

## बरसात में जलभराव और दो-तीन वर्षों से उपेक्षा का दंश
गांव की निवासी सविता ने साझा किया कि इस मार्ग की हालत बीते दो से तीन साल से लगातार खराब बनी हुई है। सड़क के टूटने के बाद से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश होते ही मार्ग पर भारी मात्रा में पानी भर जाता है, जिसके चलते पानी में डूबे गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और हर समय दुर्घटना की आशंका मंडराती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन जल्द से जल्द सड़क का पुनर्निर्माण कराए ताकि आम जनजीवन को राहत मिल सके। वहीं वसीम अली ने बताया कि साहुपुरा का यह संपर्क मार्ग कई वर्षों से उपेक्षित है। बारिश के दिनों में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है और गहरे गड्ढे पूरी तरह छिप जाते हैं। मार्ग पर स्ट्रीट लाइट और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण रात के वक्त अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं पड़ते, जिससे वाहनों के पहिए अचानक गड्ढों में जा गिरते हैं और लोग चोटिल हो जाते हैं।

## पलवल की ओर आवागमन करने वाले हजारों मुसाफिरों पर असर
राजवती ने बताया कि यह मार्ग केवल साहुपुरा गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के अनेक गांवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से होते हुए पलवल की दिशा में यात्रा करते हैं। सड़क की दुर्दशा के कारण रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, किसानों और विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मानसूनी बारिश के दौरान पानी भरने से यह समस्या कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीण अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि पिछले चार-पांच साल से सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। बारिश में जलभराव के बीच रात के अंधेरे में गड्ढों का पता न चलने से कई बार राहगीर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी नाली में गिर जाते हैं। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क को मजबूत आधार के साथ दोबारा नहीं बनाया जाता, तब तक यह खतरा टलने वाला नहीं है।

## धूल, गंदगी और जलभराव से स्थानीय कारोबार भी प्रभावित
टूटी सड़क का दुष्प्रभाव सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। प्रिया ने बताया कि सड़क टूटने के साथ-साथ इलाके में गंदगी और जलभराव की गंभीर समस्या भी खड़ी हो गई है। दुकानों के ठीक सामने सड़क गड्ढों और कीचड़ से पटी होने के कारण वहां बैठना तक मुश्किल हो जाता है। जब भारी वाहन इस टूटे रास्ते से गुजरते हैं, तो दिनभर भारी मात्रा में धूल, मिट्टी और रेत उड़ती रहती है। इस उड़ती धूल और दुर्गंध के कारण दुकानों पर ग्राहकों का आना कम हो गया है, जिससे दैनिक कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। सड़क पर वाहनों का निरंतर दबाव रहता है, जिससे उड़ती रेत आसपास रहने वाले परिवारों और दुकानदारों के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा रही है। साहुपुरा गांव के सभी निवासियों ने संबंधित विभाग से पुरजोर मांग की है कि इस मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए, साथ ही साफ-सफाई और जल निकासी का स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए।

## इसका आप पर असर
साहुपुरा की इस जर्जर सड़क से करीब बीस ग्रामीण बस्तियों के हजारों दैनिक यात्रियों, स्कूली बच्चों और दुकानदारों की सुरक्षा तथा आजीविका प्रभावित हो रही है।

- **हरियाणा में:** फरीदाबाद और पलवल क्षेत्र के बीच यात्रा करने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक सुरक्षित मार्गों का चयन करना पड़ सकता है। इस प्रमुख ग्रामीण संपर्क मार्ग पर गड्ढों के कारण यात्रा का समय और वाहनों का मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है।
- **साहुपुरा में:** सड़क किनारे दुकान चलाने वाले व्यापारियों की ग्राहकी कम हो गई है और धूल से सामान खराब हो रहा है। स्थानीय निवासियों को रात में अंधेरे और बारिश में नाली में गिरने से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
- **दैनिक मुसाफिरों पर:** दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए रात के समय अचानक गड्ढों में पहिया गिरने से दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। जब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं होता, तब तक रात में इस मार्ग पर धीमी गति से चलना जरूरी है।
- **जल निकासी और स्वच्छता:** बारिश के समय जलभराव और गंदगी के चलते संक्रमण तथा कीचड़ की समस्या गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों को प्रशासनिक विभागों पर त्वरित नाली सफाई और पैचवर्क के लिए दबाव बनाना पड़ रहा है।

## ऐसा क्यों हुआ
साहुपुरा मुख्य मार्ग की यह बदहाली पिछले कई वर्षों से लगातार रखरखाव न होने, भारी यातायात के दबाव और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण पैदा हुई है।

- **रखरखाव का अभाव:** स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार पिछले चार से पांच वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। लंबे समय तक बुनियादी पैचवर्क न होने से सड़क की ऊपरी परत उखड़ गई और गहरे गड्ढे बन गए।
- **भारी वाहनों का आवागमन:** यह मार्ग करीब 20 गांवों और पलवल को जोड़ता है, जिससे यहां दिनभर वाहनों की निरंतर आवाजाही बनी रहती है। अत्यधिक ट्रैफिक दबाव के कारण कमजोर हो चुकी सड़क तेजी से टूटती चली गई।
- **जल निकासी और रोशनी की कमी:** सड़क के किनारे जलनिकासी का उचित प्रबंध न होने से बारिश का पानी मार्ग पर जमा हो जाता है, जो डामर को नष्ट कर देता है। इसके साथ ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने से गड्ढे नजर नहीं आते और नाली के खुले हिस्से दुर्घटनाओं का सबब बनते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. साहुपुरा गांव की सड़क कितने समय से खराब है?
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क पिछले दो से तीन साल और कुछ निवासियों के मुताबिक करीब चार-पांच साल से बेहद जर्जर हालत में है।

### 2. इस सड़क के खराब होने से कितने गांवों पर असर पड़ रहा है?
यह मुख्य रास्ता लगभग 20 गांवों को आपस में जोड़ता है और पलवल जाने वाले मुसाफिर भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं।

### 3. रात के समय इस मार्ग पर क्या मुख्य परेशानी होती है?
रास्ते पर पर्याप्त रोशनी न होने से अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे गाड़ियों के पहिए गड्ढों में फंस जाते हैं और लोग नाली में गिर जाते हैं।

### 4. सड़क की हालत से स्थानीय दुकानदारों को क्या नुकसान हो रहा है?
सड़क टूटने से दिनभर धूल और रेत उड़ती रहती है तथा पानी भरने से दुकानों पर ग्राहकों का आना कम हो गया है।

### 5. ग्रामीणों की प्रशासन से क्या प्रमुख मांग है?
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मुख्य सड़क की जल्द मरम्मत कराने, सफाई व्यवस्था सुधारने और जलभराव की समस्या का समाधान करने की मांग की है।

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