# फरीदाबाद में अब कलेक्टर रेट तय करेगा घर का टैक्स, पड़ोस बदलते ही चुकानी पड़ेगी अलग रकम

> फरीदाबाद में अब प्रॉपर्टी टैक्स तय करने में कलेक्टर रेट की भी भूमिका होगी, जिससे एक जैसे साइज के मकानों का टैक्स अलग-अलग कॉलोनी में अलग-अलग हो सकता है. किराए पर दिए मकानों पर 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज भी लगेगा.

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-aba-kalektara-reta-taya-karega-ghara-ka-taiksa-parosa-badalate-hi-chukani-paregi-alaga-rakama-28535 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद प्रॉपर्टी टैक्स, कलेक्टर रेट, हरियाणा टैक्स नियम, फ्लोर फैक्टर, कैपिटल वैल्यू, किराए का मकान, मनीष पाराशर

फरीदाबाद में घर रखने वालों के लिए प्रॉपर्टी टैक्स का हिसाब अब पूरी तरह बदलने वाला है. अब तक जो टैक्स सिर्फ प्लॉट के आकार से तय होता था, उसमें अब कलेक्टर रेट भी जुड़ने वाला है, और इसी वजह से एक जैसे साइज के दो मकानों का टैक्स भी अलग-अलग हो सकता है, अगर दोनों अलग-अलग कॉलोनी में बने हों.

## नया फॉर्मूला कैसे काम करेगा
फरीदाबाद के एडवोकेट मनीष पाराशर के मुताबिक सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स तय करने के लिए एक नया फॉर्मूला बनाया है. इसमें सबसे पहले प्रॉपर्टी की कैपिटल वैल्यू निकाली जाएगी. यह वैल्यू तीन चीजों को गुणा करके निकलेगी, कलेक्टर रेट, प्लॉट का एरिया और फ्लोर फैक्टर. इन तीनों को आपस में गुणा करने पर जो आंकड़ा सामने आएगा, वही मकान की कैपिटल वैल्यू मानी जाएगी और इसी वैल्यू के आधार पर टैक्सेबल अमाउंट तय होगा.

## कॉलोनी बदलते ही बदल जाएगी टैक्स की रकम
मनीष पाराशर बताते हैं कि फरीदाबाद के हर सेक्टर और हर कॉलोनी का कलेक्टर रेट अलग-अलग है. चूंकि नए फॉर्मूले में यही कलेक्टर रेट सबसे अहम हिस्सा है, इसलिए दो मकानों का साइज एक जैसा होने पर भी उनका टैक्स एक जैसा नहीं रहेगा. जिस कॉलोनी या सेक्टर का कलेक्टर रेट ज्यादा होगा, वहां मकान मालिकों को टैक्स भी उतना ही ज्यादा चुकाना पड़ सकता है. यानी अब सिर्फ मकान का साइज नहीं, बल्कि वह किस इलाके में बना है, यह भी तय करेगा कि टैक्स कितना बनेगा.

## मंजिल बढ़ने के साथ बढ़ेगा फ्लोर फैक्टर
नए नियम में मकान की मंजिलों का भी पूरा ध्यान रखा गया है. अगर किसी मकान में सिर्फ ग्राउंड फ्लोर बना है, तो उसका फ्लोर फैक्टर एक माना जाएगा. इसके बाद जैसे-जैसे मकान में ऊपर की मंजिलें जुड़ती जाएंगी, फ्लोर फैक्टर की वैल्यू भी बढ़ती जाएगी. चूंकि यह फ्लोर फैक्टर कैपिटल वैल्यू की गणना में सीधे गुणा होता है, इसलिए मंजिलें बढ़ने के साथ टैक्स की रकम भी बढ़ सकती है. दो मंजिल का घर हो या तीन मंजिल का, हर एक अतिरिक्त मंजिल के साथ टैक्स का बोझ भी ऊपर जा सकता है.

## पहले सिर्फ प्लॉट एरिया से बनता था टैक्स
मनीष पाराशर के मुताबिक पुराने सिस्टम में प्रॉपर्टी टैक्स तय करने का आधार सिर्फ प्लॉट का एरिया होता था. उसमें सर्किल रेट यानी कलेक्टर रेट की कोई खास भूमिका नहीं थी. यही वजह थी कि शहर की अलग-अलग कॉलोनियों में भी बराबर साइज के मकानों पर टैक्स लगभग बराबर ही आता था, चाहे वह इलाका पॉश हो या साधारण. अब कलेक्टर रेट को आधार बनाए जाने के बाद यह बराबरी खत्म हो जाएगी, और हर कॉलोनी, हर सेक्टर का टैक्स उसके अपने कलेक्टर रेट के हिसाब से अलग-अलग बनेगा.

## किराए के मकान पर लगेगा अतिरिक्त चार्ज
नए नियम का सबसे सीधा असर मकान मालिकों पर पड़ने वाला है. जो लोग खुद अपने घर में रहते हैं, उन्हें नए फॉर्मूले के हिसाब से टैक्स चुकाना होगा. वहीं किराएदारों पर इसका सीधा बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन मकान मालिकों ने अपनी प्रॉपर्टी किराए पर दे रखी है, उनके लिए एक अलग नियम बनाया गया है. सरकार ने तय किया है कि किराए पर दिए गए मकान पर 0.25 प्रतिशत का अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा. यानी सिर्फ अपने मकान में रहने वालों के मुकाबले, मकान किराए पर उठाने वालों को थोड़ा ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ सकता है. इसी वजह से फरीदाबाद में प्रॉपर्टी रखने वाले हर व्यक्ति के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि नया टैक्स सिस्टम आखिर काम कैसे करेगा और इसका असर उनकी जेब पर कितना पड़ेगा.

## इसका आप पर असर
अगर आपके पास फरीदाबाद में मकान है या आप वहां प्रॉपर्टी किराए पर देते हैं, तो आपकी सालाना टैक्स रकम बदल सकती है.

- **भारत में:** कई राज्यों में प्रॉपर्टी टैक्स को कलेक्टर रेट या सर्किल रेट से जोड़ने की कवायद चल रही है. इससे भविष्य में दूसरे शहरों के मकान मालिकों को भी अपने इलाके का कलेक्टर रेट चेक करने की आदत डालनी पड़ सकती है.
- **फरीदाबाद में:** जिन कॉलोनियों का कलेक्टर रेट ज्यादा है, वहां मकान मालिकों का टैक्स बिल अब पहले से ज्यादा आ सकता है. अपने सेक्टर का मौजूदा कलेक्टर रेट पता कर लें ताकि नए बिल से हैरानी न हो.
- **किराए पर मकान देने वालों के लिए:** अब आपको 0.25 प्रतिशत का अतिरिक्त चार्ज चुकाना पड़ेगा. किराए से होने वाली कमाई का हिसाब लगाते समय इस अतिरिक्त खर्च को भी जोड़ लें.
- **ज्यादा मंजिल वाले मकानों के लिए:** जितनी ज्यादा मंजिलें, फ्लोर फैक्टर उतना ज्यादा और टैक्स भी उतना ज्यादा. नया निर्माण करने से पहले इस बढ़े हुए खर्च का हिसाब लगा लें.
- **प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए:** मकान खरीदने से पहले सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि उस इलाके का कलेक्टर रेट भी जांच लें, क्योंकि इसी से आने वाले सालों का टैक्स तय होगा.

## सवाल-जवाब

### 1. फरीदाबाद में प्रॉपर्टी टैक्स तय करने का नया आधार क्या है?
अब प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्टर रेट, प्लॉट एरिया और फ्लोर फैक्टर को गुणा करके निकाली गई कैपिटल वैल्यू के आधार पर तय होगा.

### 2. क्या एक जैसे साइज के दो मकानों का टैक्स अलग हो सकता है?
हां, अगर दोनों मकान अलग-अलग कॉलोनी में हैं और वहां का कलेक्टर रेट अलग है, तो टैक्स भी अलग-अलग हो सकता है.

### 3. मकान की मंजिल बढ़ने से टैक्स पर क्या असर पड़ेगा?
ग्राउंड फ्लोर का फ्लोर फैक्टर एक माना जाएगा और जैसे-जैसे मंजिलें बढ़ेंगी, फ्लोर फैक्टर बढ़ेगा, जिससे टैक्स की रकम भी बढ़ सकती है.

### 4. पुराने सिस्टम में टैक्स कैसे तय होता था?
पुराने सिस्टम में सिर्फ प्लॉट के एरिया के आधार पर टैक्स तय होता था और कलेक्टर रेट की कोई खास भूमिका नहीं थी.

### 5. क्या किराएदारों पर भी नए नियम का असर पड़ेगा?
किराएदारों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जिन मकान मालिकों ने घर किराए पर दिया है, उन्हें 0.25 प्रतिशत अतिरिक्त चार्ज देना होगा.

### 6. नया नियम किसने बताया?
फरीदाबाद के एडवोकेट मनीष पाराशर ने इस नए टैक्स फॉर्मूले के बारे में विस्तार से जानकारी दी है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._