# फरीदाबाद में बारिश से बिछी धान की फसल, गेहूं के बाद भारी नुकसान झेलने को मजबूर हुए किसान

> हरियाणा के फरीदाबाद में लगातार हो रही बेमौसम बारिश के कारण धान की तैयार फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-barisha-se-bichhi-dhana-ki-phasala-gehun-ke-bada-bhari-nukasana-jhelane-ko-majabura-hue-kisana-32500 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद, हरियाणा, धान की फसल, किसान नुकसान, बेमौसम बारिश, फसल बर्बादी

हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बेमौसम और लगातार हो रही बारिश ने अन्नदाताओं के सामने गहरा संकट खड़ा कर दिया है। खेतों में कटाई के लिए पूरी तरह तैयार खड़ी धान की फसल पानी के प्रहार से पूरी तरह बर्बाद हो रही है। इस साल गेहूं की फसल में भारी नुकसान उठाने के बाद, अब धान के भी चौपट होने से किसानों की आर्थिक कमर टूट चुकी है। लगातार हो रही इस बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो गया है, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी पानी में डूब गई है।

## गेहूं के बाद अब धान की फसल पर कुदरत का दोहरा प्रहार
फरीदाबाद के किसानों को इस साल मौसम की दोहरी मार झेलनी पड़ी है। इससे पहले जब गेहूं की फसल पककर तैयार होने वाली थी, तब अचानक हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया था। उस समय किसानों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। अब ठीक वैसा ही संकट धान की फसल पर भी मंडरा रहा है। पकने के आखिरी चरण में पहुंच चुकी धान की फसल तेज हवा और भारी पानी के दबाव के कारण खेतों में बिछ गई है, जिससे फसलों के सड़ने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

## डीग गांव के पट्टाधारक किसानों की बढ़ी मुश्किलें
डीग गांव के किसान कुंवरपाल के खेतों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कुंवरपाल ने यह जमीन पट्टे यानी किराए पर लेकर खेती की थी, जिससे उन पर कर्ज और खर्च का दोहरा दबाव है। पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को फसल हो या न हो, जमीन मालिक को तय किराया देना ही पड़ता है। उनके खेत में खड़ी एक एकड़ धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है, जिससे उन्हें करीब 50 फीसदी का सीधा नुकसान हुआ है। गेहूं के सीजन में लाखों की चोट खाने के बाद, अब किराए की जमीन पर धान की बर्बादी ने उनके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा कर दिया है।

## लागत की मार और पानी में सड़ती धान की फसल
एक अन्य स्थानीय किसान रामबाबू ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि खेतों में पानी जमा होने से फसल सड़ने लगी है। दरअसल, लगभग 15 दिन पहले भी इलाके में मूसलाधार बारिश हुई थी, जिससे खेतों में भारी जलभराव हो गया था। उसके बाद से लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को और ज्यादा बिगाड़ दिया है। खेतों से पानी की निकासी न होने के कारण फसल का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूबे रहने से सड़ चुका है और अब इस स्थिति में फसल को संभालना पूरी तरह नामुमकिन हो गया है।

रामबाबू के अनुसार, उन्होंने इस बार अपने खेतों में धान की प्रसिद्ध 1509 वैरायटी लगाई थी। एक एकड़ खेत में धान की फसल तैयार करने में बीज, खाद, जुताई, कीटनाशक और सिंचाई मिलाकर लगभग 33,000 रुपये का भारी-भरकम खर्च आता है। इस भारी लागत के बावजूद उनकी करीब आधी फसल बर्बाद हो चुकी है और एक एकड़ की फसल पूरी तरह अनुपयोगी हो गई है। खेती में लगातार बढ़ रही इनपुट लागत और मौसम के बदलते अनिश्चित मिजाज ने किसानों के लिए जीवनयापन करना बेहद कठिन बना दिया है।

## इसका आप पर असर
हरियाणा में फसल को हुए भारी नुकसान से आने वाले दिनों में चावल की कीमतों में तेजी आने और किसानों पर कर्ज का संकट गहराने की आशंका है।

- **भारत में:** धान की 1509 जैसी शुरुआती वैरायटी की बर्बादी से बाजारों में चावल की आवक कम होगी। इसके परिणामस्वरूप आगामी त्योहारों के सीजन में आम उपभोक्ताओं को चावल के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
- **हरियाणा में:** लगातार दो फसलों के खराब होने से स्थानीय किसानों को भारी नकदी संकट का सामना करना पड़ेगा। इससे किसानों के लिए आगामी रबी सीजन की बुवाई के लिए खाद और बीज का इंतजाम करना मुश्किल हो जाएगा।
- **पट्टाधारकों के लिए:** फरीदाबाद में पट्टे पर खेती करने वाले किसान सीधे तौर पर कर्ज के जाल में फंस सकते हैं। आय शून्य होने के बावजूद जमीन का किराया चुकाने के लिए उन्हें ऊंची ब्याज दरों पर साहूकारों से कर्ज लेना पड़ सकता है।
- **बाजार आपूर्ति पर:** जलभराव और सड़न के कारण बाजार में पहुंचने वाले अनाज की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। अच्छी गुणवत्ता वाले साफ अनाज के लिए खरीदारों को काफी प्रीमियम दाम चुकाने होंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
फरीदाबाद में धान की फसल को हुआ यह भारी नुकसान सीधे तौर पर बेमौसम और अत्यधिक बारिश का परिणाम है। फसल पकने के संवेदनशील चरण के दौरान लगातार हुई बारिश और खेतों में जलभराव ने इस तबाही को जन्म दिया है।

- **बेमौसम भारी बारिश:** धान की कटाई से ठीक पहले क्षेत्र में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। अंतिम चरण में पानी के इस भारी दबाव के कारण पौधे अपनी जगह खड़े नहीं रह सके और खेतों में बिछ गए।
- **खेतों में लगातार जलभराव:** करीब 15 दिन पहले हुई तेज बारिश के कारण खेतों की मिट्टी पहले ही पानी सोख चुकी थी और पानी जमा था। उचित जल निकासी व्यवस्था न होने से यह पानी खेतों में ही ठहरा रहा, जिससे फसल सड़ गई।
- **संवेदनशील फसल वैरायटी:** किसानों द्वारा उगाई गई धान की 1509 वैरायटी पकने के दौरान अत्यधिक पानी के प्रति काफी संवेदनशील होती है। पानी में डूबे रहने के कारण इस वैरायटी के दाने और डंठल बहुत तेजी से गलने लगते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. हाल ही में फरीदाबाद में किस फसल को भारी नुकसान पहुंचा है?
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

### 2. इससे पहले इस साल किसानों को किस फसल में नुकसान उठाना पड़ा था?
इससे पहले गेहूं की फसल पकने के समय हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ था।

### 3. प्रभावित किसानों ने इस सीजन में धान की कौन सी वैरायटी बोई थी?
किसानों ने इस सीजन में खेतों में धान की प्रसिद्ध 1509 वैरायटी लगाई थी।

### 4. एक एकड़ धान की फसल तैयार करने में कितनी लागत आती है?
एक एकड़ धान की फसल को तैयार करने में लगभग 33,000 रुपये का खर्च आता है।

### 5. खेतों में धान की फसल सड़ने का मुख्य कारण क्या है?
करीब 15 दिन पहले हुई बारिश के बाद खेतों में पानी जमा हो गया था, और लगातार बारिश के कारण जल निकासी न होने से फसल सड़ गई।

### 6. किसानों के अनुसार फसल को लगभग कितने प्रतिशत नुकसान हुआ है?
किसान कुंवरपाल और रामबाबू के अनुसार उनकी फसल को लगभग 50 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है और एक-एक एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

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