{
  "type": "article",
  "title": "फरीदाबाद में फैमिली आईडी और पेंशन की अड़चन से बुजुर्ग बेहाल, दफ्तरों के फेरे लगाने को मजबूर",
  "summary": "हरियाणा में स्वचालित पेंशन के सरकारी दावों के बावजूद फरीदाबाद में फैमिली आईडी की गलतियों और कागजी फेरबदल से बुजुर्गों व दिहाड़ी मजदूरों के जरूरी काम ठप पड़े हैं।",
  "content": "हरियाणा सरकार की ओर से बुजुर्गों के लिए ऑटोमेटिक पेंशन प्रक्रिया शुरू करने के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन फरीदाबाद के जमीनी हालात इन दावों से बिल्कुल उलट तस्वीर बयां कर रहे हैं। यहां बड़ी संख्या में लोग फैमिली आईडी यानी परिवार पहचान पत्र में दर्ज गड़बड़ियों और पेंशन नहीं बन पाने के कारण भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। कई पात्र बुजुर्ग उम्र पूरी हो जाने के बाद भी अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन से वंचित हैं। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र में जरूरत से ज्यादा आय दर्ज हो जाने की वजह से आम परिवारों के तमाम जरूरी काम बीच में ही अटक गए हैं।\n\nसीएससी और सरकारी कार्यालयों के बीच झूलते जरूरतमंद\nअपनी समस्याओं को दुरुस्त कराने के लिए नागरिक लगातार सरकारी दफ्तरों और सीएससी सेंटरों के चक्कर काटने को विवश हैं। तकनीकी विसंगतियों का असर न केवल बुजुर्गों पर पड़ रहा है, बल्कि बच्चों के स्कूल दाखिलों तक पर इसका बुरा असर देखा जा रहा है। फरीदाबाद के पल्ला इलाके में रहने वाले 72 वर्षीय देव सिंह बताते हैं कि उनकी उम्र पात्रता से कहीं अधिक हो चुकी है और उनके सारे जरूरी दस्तावेज पूरी तरह तैयार हैं, फिर भी उनकी पेंशन अब तक शुरू नहीं हो पाई है। वे दफ्तरों में बार-बार आते हैं और निराश होकर लौट जाते हैं। उनसे कभी कल आने के लिए कहा जाता है तो कभी परसों की तारीख दे दी जाती है, जिससे वे मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद परेशान हो चुके हैं।\n\nदिहाड़ी छोड़कर महीनों से भटक रहे कामगार\nइसी तरह की पीड़ा फरीदाबाद में मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने वाले राम मनेश भी झेल रहे हैं। वे पिछले 6 से 7 महीने से अपनी फैमिली आईडी से जुड़ी विसंगतियों को सुधारने की जद्दोजहद में जुटे हैं। उन्हें बार-बार सेक्टर 11 स्थित सरकारी कार्यालय से सीएससी सेंटर और वहां से दोबारा दफ्तर का रुख करने के लिए कहा जाता है। इस अंतहीन भागदौड़ के चलते उन्हें अपनी रोजमर्रा की मजदूरी छोड़नी पड़ती है, जिससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। इतना ही नहीं, परिवार पहचान पत्र की त्रुटियों की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ रही है और उनके बच्चे की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।\n\nआय विवरण की त्रुटियों से बच्चों की पढ़ाई पर गहरा संकट\nस्थानीय नागरिकों का कहना है कि फैमिली आईडी में गलत दर्ज हुई आय को ठीक कराने के लिए लोगों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस पोर्टल में आय अधिक दर्ज होने के कारण कई परिवारों के बच्चों को स्कूलों से निकाले जाने तक की नौबत आ गई है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। पेंशन से वंचित बुजुर्गों और अन्य प्रभावित लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान निकाले, ताकि बुजुर्गों को उनका हक मिल सके और लोगों के रोजमर्रा के रुके हुए काम सुचारू रूप से पूरे हो सकें।\n\nइसका आप पर असर\nहरियाणा के फरीदाबाद में फैमिली आईडी और पेंशन की दिक्कतों से बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा और बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।\n\n• हरियाणा में: यदि आपके परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय अधिक दर्ज है, तो कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ रुक सकता है। इसके समाधान के लिए सीएससी केंद्र या संबंधित पोर्टल पर समय रहते सुधार के लिए आवेदन करें।\n• फरीदाबाद में: बुजुर्गों की पेंशन अटकने और बच्चों के दाखिले बाधित होने के कारण लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सेक्टर 11 कार्यालय या स्थानीय सीएससी केंद्र पर जाकर अपने दस्तावेजों की स्थिति की तुरंत पुष्टि करें।\n• कामकाजी वर्ग पर: बार-बार दफ्तरों के फेरे लगाने से दिहाड़ी मजदूरों को अपनी रोज की कमाई का नुकसान उठाना पड़ रहा है। नागरिक पोर्टल के जरिए स्थिति की जांच कर अतिरिक्त फेरों से बचने की कोशिश करें।\n• छात्रों के लिए: पहचान पत्र में गड़बड़ी की वजह से स्कूल में पढ़ाई और दाखिला प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। अभिभावकों को स्कूल प्रशासन से बात कर आवश्यक समय सीमा तय करानी चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nहरियाणा सरकार द्वारा पेंशन को ऑटोमेटिक प्रक्रिया से जोड़ने के बावजूद फरीदाबाद में फैमिली आईडी में दर्ज गलत डेटा और जटिल सत्यापन व्यवस्था के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।\n\n• तकनीकी और डेटा त्रुटियां: परिवार पहचान पत्र पोर्टल में लोगों की आय वास्तविक आय से कहीं अधिक दर्ज हो गई है। इसी गलत रिकॉर्ड के कारण स्वचालित प्रणाली पात्र बुजुर्गों और परिवारों को अपात्र घोषित कर देती है।\n• विभागों के बीच समन्वय की कमी: स्थानीय नागरिकों को सीएससी सेंटरों और सेक्टर 11 स्थित प्रशासनिक कार्यालयों के बीच बिना स्पष्ट समाधान के लगातार भेजा जाता है। इस विभागीय ढिलाई की वजह से शिकायतों के निस्तारण में 6 से 7 महीने तक का वक्त लग रहा है।\n• प्रशासनिक समाधान की मांग: नागरिकों की लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर इन डेटा विसंगतियों को दुरुस्त करने के लिए त्वरित कैंप और सुगम व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. फरीदाबाद में बुजुर्गों की पेंशन क्यों अटकी हुई है?\nफैमिली आईडी में दर्ज गलत जानकारी, विशेषकर अधिक आय दर्ज होने और कागजी फेरबदल के कारण पात्र बुजुर्गों की पेंशन नहीं बन पा रही है।\n\n2. देव सिंह को पेंशन के लिए क्या समस्या आ रही है?\nफरीदाबाद के पल्ला निवासी 72 वर्षीय देव सिंह के सभी दस्तावेज तैयार हैं, लेकिन उन्हें दफ्तरों से बार-बार कल या परसों आने के लिए कहकर लौटा दिया जाता है।\n\n3. राम मनेश कितने समय से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं?\nराम मनेश पिछले 6 से 7 महीने से अपनी फैमिली आईडी की समस्या ठीक कराने के लिए सेक्टर 11 कार्यालय और सीएससी सेंटरों के चक्कर लगा रहे हैं।\n\n4. फैमिली आईडी में गलत आय दर्ज होने से परिवारों पर क्या असर पड़ रहा है?\nगलत आय की वजह से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है और कई बच्चों को स्कूल से निकाले जाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।",
  "url": "https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-family-id-aura-penshana-ki-arachana-se-bujurga-behala-daphtaron-ke-phere-lagane-ko-majabura-45563",
  "category": "हरियाणा",
  "publishedAt": "2026-10-09",
  "tags": [
    "फरीदाबाद",
    "पेंशन",
    "फैमिली आईडी",
    "हरियाणा",
    "बुजुर्ग कल्याण",
    "सरकारी योजना"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}