# फरीदाबाद में मंदिर के पास नशा करने का विरोध करने पर पुजारी की बेरहमी से हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

> फरीदाबाद के सेक्टर-30 बाईपास रोड पर मंदिर के नजदीक नशा करने से टोकने पर 65 वर्षीय पुजारी की पत्थर के सिल-बट्टे से सिर कूचकर जान ले ली गई। क्राइम ब्रांच ने दो ऑटो चालकों को दबोच लिया है।

**Type:** article · **Category:** हरियाणा · **Published:** 2026-09-29 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-mndira-ke-pasa-nasha-karane-ka-virodha-karane-para-pujari-ki-berahami-se-hatya-do-aropi-giraphtara-40066 · **Language:** Hindi
**Tags:** फरीदाबाद, पुजारी हत्या, हरियाणा पुलिस, अपराध शाखा, सेक्टर 30, क्राइम ब्रांच

हरियाणा के फरीदाबाद में सेक्टर-30 बाईपास रोड पर नहर के पास बने एक मंदिर के 65 वर्षीय पुजारी की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। क्राइम ब्रांच डीएलएफ की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मंदिर परिसर के समीप बैठकर नशा करने से मना करने पर आरोपियों ने बुजुर्ग पुजारी पर जानलेवा हमला कर दिया था और भारी पत्थर के सिल-बट्टे से उनके सिर पर वार करके उनकी जान ले ली थी।

## सुनसान जगह पर बने मंदिर के पास हुई थी खौफनाक वारदात
इस सनसनीखेज घटना की आधिकारिक जानकारी देते हुए सहायक पुलिस आयुक्त अपराध अमन यादव ने बताया कि 30 और 31 अगस्त की दरमियानी रात यह खूनी संघर्ष हुआ था। सेक्टर-30 बाईपास रोड के पास नहर किनारे एक सुनसान स्थल पर मंदिर स्थित है, जहां 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश सेवा और पूजा-अर्चना करते थे। देर रात आरोपियों ने सिर पर घातक चोटें पहुंचाकर उनकी हत्या कर दी।

घटना के बाद मृतक पुजारी के चाचा के लड़के अशोक कुमार, जो ओल्ड फरीदाबाद के अहीरवाड़ा के निवासी हैं, ने पुलिस प्रशासन से संपर्क साधा। उनकी लिखित शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-31 में हत्या की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद पुलिस ने जांच का जिम्मा अपराध शाखा डीएलएफ को सौंपा था।

## नशा करने से मना करने पर उपजा था जानलेवा विवाद
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दी हैं। पुलिस विवरण के अनुसार, दोनों गिरफ्तार अभियुक्त गहरे दोस्त हैं और एक ही मोहल्ले में रहते हैं। वे दोनों नशे की गंभीर लत के शिकार हैं। 30 अगस्त की रात ये दोनों अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सेक्टर-30 बाईपास रोड कट के पास नहर किनारे स्थित मंदिर के पास बैठे हुए थे और वहां नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे थे।

उसी वक्त बुजुर्ग पुजारी ओमप्रकाश वहां पहुंचे और उन्होंने धार्मिक स्थल के समीप नशा करने पर कड़ा ऐतराज जताया। पुजारी ने उन्हें डांटते हुए वहां से तुरंत चले जाने को कहा। इस टोकने से चारों युवक आगबबूला हो गए और उनका पुजारी से तीखा विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि चारों ने मिलकर बुजुर्ग पुजारी के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और पास में रखे पत्थर के सिल-बट्टे से उनके सिर को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं।

## गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय आशिफ उर्फ टीटी और 34 वर्षीय आशिफ उर्फ कालिया के रूप में हुई है। आशिफ उर्फ टीटी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी आशिफ उर्फ कालिया राजस्थान के भरतपुर जिले का निवासी है। ये दोनों वर्तमान में फरीदाबाद की किसान मजदूर कॉलोनी में किराये पर रह रहे थे और अपनी आजीविका चलाने के लिए ऑटो रिक्शा चलाते थे।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी आशिफ उर्फ टीटी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी अवैध हथियार रखने के मामले में आर्म्स एक्ट और चोरी जैसी गंभीर धाराओं में तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

## बाकी दो फरार साथियों की तलाश और रिमांड की तैयारी
सहायक पुलिस आयुक्त अमन यादव ने स्पष्ट किया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने वारदात के वक्त साथ मौजूद अपने दो अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा कर दिया है। पुलिस ने फरार आरोपियों की शिनाख्त पूरी कर ली है और उनकी धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पकड़े गए अभियुक्तों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड अवधि के दौरान हत्या में प्रयुक्त पत्थर के सिल-बट्टे, मौके से गायब या लूटे गए सामान की बरामदगी की जाएगी और वारदात से जुड़े सभी कड़ियों व सबूतों को जुटाया जाएगा।

## इसका आप पर असर
यह घटना सुनसान सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक परिसरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था तथा नशाखोरी के खतरों को सीधे उजागर करती है।

- **भारत में:** सार्वजनिक और सुनसान इलाकों में नशेड़ियों का जमावड़ा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। नागरिकों को ऐसे तत्वों से सीधे उलझने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना देने की आवश्यकता है।
- **फरीदाबाद में:** बाईपास रोड और नहर किनारे के एकांत इलाकों में रात्रिकालीन पुलिस गश्त और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कड़ी करने की मांग बढ़ रही है। स्थानीय निवासियों और मंदिर समितियों को सुनसान परिसरों में सुरक्षा गार्ड या निगरानी कैमरे लगाने पर विचार करना होगा।
- **सुरक्षा प्रोटोकॉल:** असामाजिक तत्वों द्वारा नशा करने या उत्पात मचाने पर बुजुर्गों और अकेले व्यक्तियों को सीधे हस्तक्षेप से बचना चाहिए। ऐसी स्थिति दिखने पर सुरक्षित दूरी बनाकर आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
- **ऑटो चालकों का सत्यापन:** किराएदारों और वाणिज्यिक वाहन चालकों के आपराधिक इतिहास के सत्यापन की प्रक्रिया को और कड़ा किया जा सकता है। शहर में बिना पुलिस सत्यापन रह रहे संदिग्ध प्रवासियों पर प्रशासन की सख्ती बढ़ेगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यह जघन्य हत्याकांड मंदिर के पास बैठकर नशा कर रहे युवकों को रोके जाने पर उपजे अचानक विवाद और अनियंत्रित आक्रोश के कारण घटित हुआ।

- **सीधा कारण:** 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश ने धार्मिक स्थल के पास नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे चार युवकों को फटकार लगाई और उन्हें वहां से जाने को कहा। इस टोकने से आरोपी भड़क गए और उन्होंने पत्थर के भारी सिल-बट्टे से सिर पर वार कर दिया।
- **परिस्थितिजन्य परिस्थितियां:** वारदात सेक्टर-30 बाईपास रोड के पास नहर किनारे एक सुनसान जगह पर देर रात हुई। एकांत स्थान होने के कारण आरोपियों को वहां बैठकर नशा करने का मौका मिला और हमले के दौरान मौके पर कोई अन्य प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था।
- **अपराधिक पृष्ठभूमि:** गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक पहले से ही चोरी और आर्म्स एक्ट के मुकदमों में शामिल आदतन अपराधी रहा है। नशे की लत और आपराधिक मानसिकता के चलते छोटी सी बहस ने खूनी वारदात का रूप ले लिया।
- **वर्तमान स्थिति:** पुलिस ने त्वरित तफ्तीश कर दो नामजद आरोपियों को दबोच लिया है। वारदात में शामिल रहे बाकी दो अन्य साथियों की गिरफ्तारी और हत्या में इस्तेमाल सिल-बट्टे की बरामदगी के लिए दबिश जारी है।

## सवाल-जवाब

### 1. फरीदाबाद में पुजारी की हत्या किस स्थान पर हुई?
यह वारदात फरीदाबाद में सेक्टर-30 बाईपास रोड पर नहर किनारे स्थित एक मंदिर के पास हुई।

### 2. मृतक पुजारी की पहचान क्या है?
मृतक की पहचान 65 वर्षीय पुजारी ओमप्रकाश के रूप में हुई है।

### 3. पुजारी की हत्या का मुख्य कारण क्या था?
पुजारी ने मंदिर के पास युवकों को बैठकर नशा करने से रोका था और चले जाने को कहा था, जिस पर गुस्साए आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।

### 4. हमलावरों ने हत्या के लिए किस चीज का इस्तेमाल किया?
हमलावरों ने पत्थर के सिल-बट्टे से पुजारी के सिर पर घातक वार करके उनकी हत्या कर दी।

### 5. पुलिस ने मामले में किन आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
पुलिस ने आशिफ उर्फ टीटी (20 वर्ष, निवासी मथुरा) और आशिफ उर्फ कालिया (34 वर्ष, निवासी भरतपुर) को गिरफ्तार किया है।

### 6. गिरफ्तार आरोपी वर्तमान में कहां रहते थे और क्या काम करते थे?
वे फरीदाबाद की किसान मजदूर कॉलोनी में रहते थे और आजीविका के लिए ऑटो रिक्शा चलाते थे।

### 7. मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई क्या है?
पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर हथियार बरामद करेगी और वारदात में शामिल दो अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

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