फरीदाबाद में साइकिल लेकर निकले स्कूली बच्चे पर पिटबुल का खूनी हमला, 16 जगह नोचने के बाद गंभीर हालत में रेफर हरियाणा के फरीदाबाद में दोस्त से बातचीत कर रहे सातवीं कक्षा के छात्र ग्रंथ पर एक पालतू पिटबुल ने अचानक हमला कर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एनआईटी-3 इलाके में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक स्कूली छात्र पर खूंखार पिटबुल कुत्ते ने अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। हमले के वक्त बच्चा अपनी साइकिल लेकर घर से बाहर निकला हुआ था और रास्ते में एक मकान के बाहर खड़े होकर अपने साथी से बातचीत कर रहा था। उसी दौरान घर से बाहर निकले पालतू कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में 16 जगह गहरे घाव कर दिए। बुरी तरह जख्मी हालत में बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया है। साइकिल लेकर निकला था सातवीं का छात्र ग्रंथ एनआईटी-3 नंबर के बी ब्लॉक में रहने वाले जितेंद्र, जो स्थानीय बीके चौक के पास बिरयानी का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, का बेटा ग्रंथ सातवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। शनिवार शाम करीब के समय ग्रंथ अपनी साइकिल लेकर रोजमर्रा की तरह गली में निकला था। घर से कुछ दूरी पर स्थित एक रिहायशी मकान के बाहर रुककर वह अपने दोस्त के साथ खड़ा होकर बातचीत में मशगूल था। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि पलक झपकते ही सामने वाले घर से मौत बनकर कुत्ता बाहर निकल आएगा। घर से बाहर निकलते ही कुत्ते ने बोला हमला पीड़ित पिता की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, ग्रंथ जिस मकान के सामने खड़ा था, वह ओम नामक व्यक्ति का है। जैसे ही मकान का दरवाजा खुला, अंदर मौजूद पिटबुल कुत्ता तेजी से बाहर दौड़ा और उसने सीधे ग्रंथ को अपना निशाना बना लिया। कुत्ते ने बच्चे को जमीन पर गिरा दिया और लगातार उसके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों को अपने जबड़ों से नोचने लगा। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और डरा-सहमा बच्चा दर्द से चीखने-चिल्लाने लगा। मालिक पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप, भीड़ ने छुड़ाया जितेंद्र ने अपनी औपचारिक शिकायत में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमले के दौरान कुत्ते के मालिक ने उनके बेटे को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया और वह केवल देखता रहा। बच्चे की तेज चीख-पुकार सुनकर आसपास के घरों में रहने वाले लोग और राहगीर तुरंत मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुटने के बाद काफी मशक्कत करके किसी तरह खूंखार कुत्ते को बच्चे के ऊपर से अलग किया गया और उसे काबू में किया जा सका। छुड़ाए जाने तक कुत्ता मासूम के बदन पर 16 जगह गहरे दांत गड़ा चुका था। गंभीर हालत के चलते बड़े अस्पताल रेफर, पुलिस जांच में जुटी घटना के तुरंत बाद परिजन लहुलूहान ग्रंथ को आनन-फानन में बीके अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने देखा कि बच्चे के हाथ और पैरों पर काटने के गहरे जख्म हैं और अत्यधिक खून बह चुका है। प्राथमिक चिकित्सा के बाद बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए बीके अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे तत्काल एक बड़े उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर करने का फैसला लिया, जहाँ वर्तमान में उसका गहन इलाज चल रहा है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित पिता ने एनआईटी-3 नंबर पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। चौकी प्रभारी मनोज ने पुष्टि की है कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस टीम अब घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य जुटाने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने तथा कुत्ते के मालिक की आपराधिक लापरवाही की भूमिका की बारीक जांच कर रही है। हरियाणा में एक हफ्ते के भीतर दूसरा बड़ा मामला हरियाणा के भीतर पालतू पिटबुल द्वारा इंसानों पर इस तरह का हिंसक हमला कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक एक सप्ताह पहले राज्य के सोनीपत जिले में भी एक बेहद भयावह वाकया सामने आया था, जहाँ गली में अपनी बुआ की गोद में मौजूद महज छह महीने के मासूम बच्चे पर भी एक पिटबुल ने हमला कर दिया था। उस घटना की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब फरीदाबाद की इस ताजा वारदात ने रिहायशी कॉलोनियों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों को बिना सुरक्षा मानकों के पालने पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसका आप पर असर यह घटना रिहायशी इलाकों में खतरनाक नस्ल के पालतू कुत्तों की निगरानी और बच्चों की बाहरी सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताएं पैदा करती है। • भारत में: देश भर की रिहायशी कॉलोनियों में आक्रामक नस्ल के कुत्तों को बिना लीश या मजल के बाहर निकालने पर सुरक्षा नियमों को सख्त करने की मांग तेज होगी। पालतू जानवरों के मालिकों पर सुरक्षा चूक होने की स्थिति में सख्त कानूनी उत्तरदायित्व और जुर्माने का जोखिम बढ़ सकता है। • फरीदाबाद में: स्थानीय नगर निगम और पुलिस प्रशासन एनआईटी क्षेत्र में खतरनाक नस्लों के पंजीकरण और निगरानी के लिए औचक जांच अभियान शुरू कर सकते हैं। अभिभावकों को शाम के समय गलियों में बच्चों को अकेले साइकिल चलाने या खेलने भेजने से पहले आसपास के पालतू कुत्तों की उपस्थिति को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। • अस्पताल और उपचार: गंभीर रूप से घायल छात्र के परिवार पर बीके अस्पताल से रेफरल के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र में विशेषज्ञ सर्जरी और रेबीज रोकथाम का अचानक बड़ा खर्च आ सकता है। पीड़ित बच्चे को शारीरिक घावों के साथ-साथ लंबे समय तक ट्रॉमा और डर से उबारने के लिए मानसिक सहयोग की जरूरत पड़ेगी। • कानूनी कार्रवाई: पीड़ित परिवार द्वारा दर्ज शिकायत के बाद कुत्ते के मालिक ओम के खिलाफ लापरवाही और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप में कानूनी कार्रवाई तय होगी। इसके चलते रिहायशी क्षेत्रों में बिना बाउंड्री वाले मकानों में ऐसे कुत्ते रखने पर पड़ोसियों की शिकायतें बढ़ेंगी। ऐसा क्यों हुआ यह घटना तब घटी जब एक रिहायशी मकान का दरवाजा खुला होने के कारण आक्रामक नस्ल का पालतू कुत्ता बिना किसी रोक-टोक के गली में निकल आया। • सीधा कारण: मकान मालिक ओम का पिटबुल कुत्ता घर से बाहर निकला और उसने सड़क पर साइकिल के साथ खड़े मासूम छात्र पर बिना किसी उकसावे के सीधा हमला बोल दिया। कुत्ता खुला हुआ था और उस पर न तो कोई पट्टा बंधा था और न ही मुंह पर जाली (मजल) लगाई गई थी। • मालिक की लापरवाही: पीड़ित पिता के आरोपों के अनुसार, हमले के वक्त कुत्ते का मालिक पास मौजूद होने के बावजूद उसने जानवर को पीछे खींचने या बच्चे को बचाने का कोई सक्रिय प्रयास नहीं किया। रिहायशी गली में आक्रामक जानवर को सुरक्षित बाड़े या जंजीर में न रखना इस हादसे का मुख्य आधार बना। • पिछली घटनाएं: हरियाणा में पालतू पिटबुल द्वारा इंसानों पर हमला करने का यह पहला वाकया नहीं है; ठीक एक हफ्ते पहले सोनीपत में भी छह महीने के एक बच्चे पर पिटबुल ने जानलेवा हमला किया था। पूर्व में हुई ऐसी कई घटनाओं के बावजूद स्थानीय स्तर पर खतरनाक नस्लों के रखरखाव को लेकर कड़े नियमों का अभाव देखा गया है। • आगामी कदम: एनआईटी-3 पुलिस चौकी के अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि मालिक के पास कुत्ते के वैध दस्तावेज थे या नहीं और घटना के समय किसकी आपराधिक लापरवाही रही। इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कुत्ते के मालिक के खिलाफ कानूनी धाराएं तय की जाएंगी। सवाल-जवाब 1. यह घटना फरीदाबाद में कहाँ और कब हुई? यह घटना शनिवार शाम फरीदाबाद के एनआईटी-3 नंबर इलाके के बी ब्लॉक में घटी, जहाँ छात्र अपनी साइकिल लेकर घर के पास निकला था। 2. हमले में घायल हुए छात्र का क्या नाम है और वह किस कक्षा में पढ़ता है? घायल छात्र का नाम ग्रंथ है और वह सातवीं कक्षा में पढ़ाई करता है। 3. छात्र पर कुत्ते ने कितनी जगह काटा और उसकी हालत कैसी है? पिटबुल कुत्ते ने छात्र के हाथ, पैर और शरीर पर 16 जगहों पर काटा है, जिसके चलते गंभीर हालत में उसे बड़े अस्पताल रेफर किया गया है। 4. कुत्ते के मालिक पर पीड़ित परिवार ने क्या आरोप लगाए हैं? पीड़ित के पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया कि मकान मालिक ओम के कुत्ते ने अचानक हमला किया और मालिक ने बच्चे को बचाने की कोई कोशिश नहीं की। 5. इस मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है? एनआईटी-3 नंबर पुलिस चौकी प्रभारी मनोज के अनुसार शिकायत दर्ज कर ली गई है और तथ्यों तथा मालिक की भूमिका की जांच की जा रही है। 6. हरियाणा में हाल ही में पिटबुल के हमले का दूसरा मामला कहाँ सामने आया था? इससे एक हफ्ते पहले हरियाणा के सोनीपत में भी एक छह माह के बच्चे पर पिटबुल द्वारा हमला करने का मामला सामने आया था। https://trendkia.com/haryana/faridabad-men-saikila-lekara-nikale-skuli-bachche-para-pitbull-ka-khuni-hamala-16-jagaha-nochane-ke-bada-gnbhira-halata-men-rephar-35544 TrendKia — Har trend, sabse pehle.